Itityagi
Author l Social Entrepreneur l Culture Revivalist l Nari Shakti Award Winner 2019 Founder, Craft Village l India Craft Week l International Craft Awards
क़ुतुब मीनार के पड़ोसी “राजों की बाओली “ की अनसुनी कहानियाँ और राज। कौन सो आवाज़ें इसके खंडहरों से आतीं है और किसके लिए बनी ये बाओली
क्या लड़की का जन्म पाप है? | मंथन एपिसोड 06
'मंथन' की यह सीरीज़ हमारी परंपराओं और नैतिक मूल्यों पर गहराई से सोचने-समझने का एक प्रयास है; आइए, इति त्यागी के साथ मिलकर समाज के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करें और खुद से सवाल पूछें। इस एपिसोड में हम बात करेंगे कि हम एक जेंडर (लिंग) के प्रति क्यों नाकाम रहे हैं और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा आज भी क्यों मौजूद है।
पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ और ३००० वर्षा पूर्व के बर्तन क्या क्या है पुराना क़िला में
हुमायूँ का दीनपनाह आज भी दिल्ली की शान है ।
इंद्रप्रस्थ से पुराना क़िला तक का सफ़र
दिल्ली ने देखे रंग और मिज़ाज सबसे प्रखर
Social Conditioning of girls l लड़कियों की सामाजिक कंडीशनिंग l Manthan episode 05
मंथन' की यह सीरीज़ हमारे रीति-रिवाजों और नैतिक मूल्यों पर विचारों का गहरा मंथन है; आइए, इति त्यागी के साथ मिलकर समाज पर नज़र डालें, खुद से सवाल करें और कई मुद्दों पर चर्चा करें। इस एपिसोड में हम बात करेंगे कि कैसे हमने लड़कियों की सामाजिक सोच को ढाला है और शादी से लेकर उनके व्यवहार और ज़िम्मेदारियों तक, उनके आस-पास लगभग अदृश्य दीवारें खड़ी कर दी हैं। हम अपनी लड़कियों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे हैं, और इससे हमारी परवरिश के तरीकों पर भी सवाल उठते हैं।
लौह स्तंभ-इसका निर्माण गुप्त वंश के प्रतापी सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) (लगभग 375-415 ईस्वी) के शासनकाल में हुआ था।मूल स्थान: इसे मूल रूप से मध्य प्रदेश के उदयगिरि या मथुरा के पास विष्णु पद पर स्थापित किया गया था, जिसे बाद में तोमर राजा अनंगपाल द्वारा दिल्ली लाया गया।आकार: यह ज़मीन से लगभग 7.21 मीटर (23 फीट 8 इंच) ऊंचा है और इसका व्यास नीचे 41 सेंटीमीटर है।
शिलालेख: इस पर ब्राह्मी लिपि में संस्कृत का एक प्राचीन लेख खुदा है, जिससे पता चलता है कि इसे भगवान विष्णु के ध्वज स्तंभ (विष्णुध्वज) के रूप में लगाया गया था।(source: www.textbook.com)
ऐ क़ुतुब-मीनार ऐ भारत की अज़्मत के निशाँ
हर घड़ी साया-फ़गन रहता है तुझ पर आसमाँ
तेरे हर इक संग में पिन्हाँ है तेरी दास्ताँ
दीदा-ए-हैरत से तकते हैं तुझे अहल-ए-जहाँ-Rehbar Jaunpuri
Secrets of Qutub Minar | Episode 5
In the series of Delhi's Gems, let us unlock the 5th episode with Qutub Minar in Delhi.
05/08/2026
साम l दाम l दंड l भेद
कौटिल्य या विष्णुगुप्त या यूँ कहें की चाणक्य 🚩
Category
Contact the public figure
Address
Delhi
Alerts
Be the first to know and let us send you an email when Itityagi posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.