Target Defence Academy

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Nation first, braveness, unity & discipline. Love about India and Indian army & Indian par

Target Defence Academy is the visionary leadership of volunteers that has enabled them to establish "TDA" organization. It is voluntary organization established to train the youths and make them responding to any disaster anywhere in the country. It is visionary leadership of Harish B.Rathod, that has enabled establishment of TDA. It is a voluntary organization prepared to trained and ready for responding to any search & rescue mission anywhere in the country......................!

08/10/2023

Director Harishchandra Badrinath Rathod and All Ranks of the convey best wishes to All Ranks and Families of Indian Air Force on the occasion of .

Photos from Rajput's Of INDIA's post 14/03/2023
05/08/2022

● ब्रिगेडियर भवानी सिंह जी जैसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं है दुनिया मे !

अरबों - खरबों की संम्पत्ति होने के बाबजूद भी मातृभूमि की रक्षा के लिए इन्होंने सेना को ज्वाईन किया था ! और जीबन भर तनख्वाह के नाम पर सिर्फ 1 रुपया महीना लिया .

● ब्रिगेडियर महाराजा सवाई भवानी सिंह जी जयपुर के कुशवाहा ( कच्छवाहा ) राजवंश के महाराजा थे जिन्होंने भारत पाक युद्ध में सन 1971 ई० में बाग्लादेश युद्ध में अपनी वीरता का परिचय देते हुए सन 1972 ई० में सम्मान स्वरूप महावीर चक्र से सम्मानित हुए थे !

● पाकिस्तान की सीमा में सैकड़ों किलोमीटर दूर तक दूश्मन के हौसले पस्त कर देने और कई शहरों को कब्जे में कर लेने के बाद छुट्टी मनाने जब जयपुर के पुर्व नरेश सवाई भवानी सिंह जब जयपुर लौटे तब सारा शहर उन्हें धन्यवाद देने के लिए खड़ा हो गया था ! पहुचने के बाद इन्होंने पहला काम शिलादेवी के मंदिर में धन्य प्रार्थना कर आशिर्वाद प्राप्त किया था ! जैसा कुशवाहा क्षत्रियों की परम्परा रही है !

● वे तब लैफ्टिनेंट कर्नल पद पर थे ! वर्ष 1971 में भारत ने पुर्वी पाकिस्तान ( आज के बाग्लादेश ) को स्वतंत्र कराने में अभुतपूर्व सैन्य सहायता प्रदान कर विश्व को चौंका दिया था ! पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान ने पंजाब तथा राजस्थान के कई राज्यों में आक्रमण किए जिनका माकुम जाबाब देकर उन्हें ध्वस्त किया ! भारतीय सेना दूश्मन के इलाकों में घुसती गई !

● बहुत कम लोगों को पता होगा कि पाँच महिनों से रेगिस्तानी क्षेत्रों में हवाई जहाजो से छताधारी लड़ाकू यौद्धाओं ( पैरा ट्रुपर सैनिक )को कुदाया जा रहा था और ऐसे प्रशिक्षण दिए जा रहे थे की वे अंधेरे में पाकिस्तान के इलाकों में कब्जा कर ले ! भवानी सिंह तब भारतीय सेना के दशवीं पैरा रेजीमेंट के शिर्ष अधिकारी थे और इस प्रशिक्षण का नैतृत्व कर रहे थे !

● सेना प्रमुख एस. एच. एफ जे. मानकशा कि अगुवाई में इन्होंने छताधारी सैनिकों कि अगुवाई कर उस( डेजर्ट आपरेशन ) की अगुवाई की और पाकिस्तान की सीमा में छाछरो नामक नगर पर आधी रात में ही कब्जा कर लिया "एल्फा" और "चारली" नमक दो अलग अलग तुकडियों के जमीन पर कुदते ही सेना की ''जौंगा" जीपें" खड़ी मिलती जिनमें गोला बारूद एवं खाने का सामान रखना था ! पाँच दिन में इन सभी ने छाछरो के बाद वीरावाह , स्लामकोट , नगरपारक और अन्त में लुनियों नामक नगरों पर तिरंगा झंडा फहराया था ! यह इलाके बाडमेर के दक्षिण पश्चिम में थे और करिब 60 - 90 किलोमीटर की दूरी पर इस करवाई में पाक के 36 सैनिक मारे गए और 22 को युद्ध बन्दी बनाया गया !

● वीरोचित सम्मान देने के लिए पुरा देश ऊन दिनों युद्ध से लौटने वाले सैनिकों के लिए पलकें बिछाए हुए था ! जयपुर में लैफ्टीनैंट कर्नल भवानी सिंह को दोह तरफा आदर मिला एक तो वे यहाँ के महाराजा थे ! दूसरे एक ऐसे सैन्य अधिकारी जिन्होंने छताधारी सैनिकों का नेतृत्व किया था और पाकिस्तान के कई शहरों को फतह किया था !

● स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सवाई भवानी सिंह ही एक मात्र नरेश थे जिन्होंने भारतीय सेना में सेकेंड लैफ्टीनैंट के पद से सेवा आरम्भ की और बटालियन के कमाण्डर पद से स्वतः सेवानिवृत्ति प्राप्त की ! इस लडाई में शौर्य प्राक्रम एवं नेतृत्व की श्रेष्ठता के लिए इन्हें सरकार ने महावीर चक्र से सुशोभित किया 22 अक्टूबर 1931 को जन्मे इस पैराट्रू पर फौजी अफसर को ब्रिगेडियर का ओहदा भी सरकार ने प्रदान किया ! इनका देहान्त 17 अप्रैल 2011 को हुआ !!

22/07/2022

22nd July has a special significance as it was on this day in 1947 that our National Flag was adopted.

Celebrating 75 years of India's Independence with , let's unfurl the National Flag at our homes from 13th to 15th August.

|🇮🇳

09/12/2021

Salute to the supreme sacrifice for the motherland while working in the service of the nation.
राष्ट्र सेवा में कार्य करते हुए मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान को शत शत नमन

Salute to the supreme sacrifice for the motherland while working in the service of the nation.

राष्ट्र सेवा में कार्य करते हुए मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान को शत-शत नमन।

08/12/2021

मातृभूमि की सेवा में अपना सब कुछ अर्पण करने वाले वीर योद्धा को शत-शत नमन।

08/10/2021

अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प से देश की सेवा करने वाले हमारे वायु सेना के जवानों को एवम सभी देशवासियों को भारतीय वायुसेना स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

28/09/2021

23/09/2021
23/09/2021

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