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Every Study –“Har din 1% better bano success khud mil jayegi ”

18/06/2026
15/06/2026

प्राचीन काल में जब देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन किया, तो सबसे पहले कालकूट (हलाहल) नामक भयंकर विष निकला। उस विष की अग्नि इतनी तीव्र थी कि समस्त ब्रह्मांड जलने लगा। सृष्टि को बचाने के लिए भगवान शिव ने उस विष को पी लिया। उन्होंने विष को अपने कंठ (गले) में ही रोक लिया, जिससे उनका गला नीला पड़ गया और वे 'नीलकंठ' कहलाए।
विष को धारण करने के बाद, उसकी ऊष्मा और प्रभाव इतना अधिक था कि महादेव का शरीर तपने लगा। शिव जी ने विष के प्रभाव को शांत करने के लिए बहुत प्रयास किए, लेकिन हलाहल की शक्ति अपरंपार थी। शिव जी अचेत (बेहोश) होने लगे और उनका शरीर नीला पड़ने लगा। पूरा ब्रह्मांड शिव की इस स्थिति को देख कर भयभीत हो गया, क्योंकि यदि शिव को कुछ होता, तो सृष्टि का अंत निश्चित था।
उस समय आदि पराशक्ति ने 'तारा' के रूप में अवतार लिया। माँ तारा का यह स्वरूप मातृत्व और शक्ति का अद्भुत संगम था। माँ तारा ने एक विशाल रूप धारण किया और भगवान शिव को, जो उस समय विष के प्रभाव से बालक के समान असहाय महसूस कर रहे थे, अपनी गोद में उठा लिया।
माँ तारा ने शिव जी को अपने स्तन का दूध (अमृत तुल्य दुग्ध) पिलाया। माँ का दूध उस हलाहल विष की काट था। जैसे ही महादेव ने देवी के दुग्ध का पान किया, विष की जलन शांत हो गई और वे पुन: चेतना में लौट आए। माँ तारा ने अपनी ममता से महादेव के भीतर की उस भयंकर अग्नि को सोख लिया।
चूंकि देवी ने महादेव को मृत्यु के मुख से बाहर निकाला और उन्हें 'तारा' (तारने वाली या संकट से उबारने वाली), इसलिए उन्हें 'माँ तारा' कहा गया। इस घटना के बाद, शिव जी ने भी माँ तारा की स्तुति की और उन्हें ब्रह्मांड की रक्षक के रूप में स्वीकार किया।
माँ तारा के स्वरूप का महत्व
भय का नाश: माँ तारा को मुख्य रूप से 'तारिणी' कहा जाता है, जो संसार के कठिन सागर से अपने भक्तों को पार लगाती हैं।
नील सरस्वती: इन्हें ज्ञान की देवी का स्वरूप भी माना जाता है, जो अज्ञान के अंधेरे को दूर करती हैं।
साधना: तंत्र शास्त्र में माँ तारा की साधना अत्यंत फलदायी मानी गई है। विशेषकर शत्रुओं पर विजय, वाक्-सिद्धि और गंभीर रोगों से मुक्ति के लिए उनकी पूजा की जाती है।
पश्चिम बंगाल के तारापीठ और हिमाचल प्रदेश के तारा देवी मंदिर में इस कथा की गहरी मान्यता है।
यह कहानी हमें सिखाती है कि जब साक्षात ईश्वर (शिव) भी संकट में होते हैं, तो पराशक्ति अपनी ममता और शक्ति से उनका उद्धार करती हैं। माँ तारा केवल एक देवी नहीं, बल्कि वह शक्ति हैं जो असंभव को संभव बनाती हैं।
प्राचीन काल में जब देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन किया, तो सबसे पहले कालकूट (हलाहल) नामक भयंकर विष निकला। उस विष की अग्नि इतनी तीव्र थी कि समस्त ब्रह्मांड जलने लगा। सृष्टि को बचाने के लिए भगवान शिव ने उस विष को पी लिया। उन्होंने विष को अपने कंठ (गले) में ही रोक लिया, जिससे उनका गला नीला पड़ गया और वे 'नीलकंठ' कहलाए।

15/06/2026

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15/06/2026

Photos from Every Study's post 13/06/2026

दिन में तीन विशेष समय माने गए हैं—प्रातःकाल, जब रात समाप्त होकर दिन का आरंभ होता है; मध्याह्न, जब सुबह से दोपहर की ओर समय बढ़ता है; और सायंकाल, जब दिन ढलकर रात की ओर बढ़ता है। इन तीनों समयों में भगवान का स्मरण, नाम-जप और धर्मग्रंथों का अध्ययन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

जो लोग घर पर रहते हैं, वे यथासंभव इन समयों में स्नान करके पूजा-पाठ करें। यदि किसी कारणवश स्नान करना संभव न हो, तो श्रद्धा के साथ माँ गंगा का स्मरण कर अपने मन को पवित्र करें और भगवान का ध्यान करें। जो लोग नौकरी या अन्य कार्यों में व्यस्त रहते हैं, वे भी अपने कार्य करते हुए मन ही मन प्रभु का नाम जप सकते हैं।

प्रतिदिन श्रीमद्भागवत का पाठ करने, सात्विक एवं शाकाहारी जीवन अपनाने तथा "माधव" नाम का स्मरण करने से मन को शांति और जीवन में मंगल की प्राप्ति होती है।

13/06/2026

एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) की शेयर बाजार में बंपर लिस्टिंग के बाद एलन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर (खरबपति) बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के अनुसार, मस्क की कुल संपत्ति अब 1.1 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गई है।
भारतीय अरबपतियों से तुलना करें तो मस्क की दौलत में बड़ा फासला आ गया है। 115 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ गौतम अडानी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 17वें नंबर पर हैं, जबकि 85.7 बिलियन डॉलर के साथ मुकेश अंबानी 23वें स्थान पर हैं। आंकड़ों के अनुसार, मस्क की दौलत अडानी से करीब 9 गुना और अंबानी से 10 गुना ज्यादा हो चुकी है।
टेक इंडेक्स नैस्डैक (Nasdaq) पर स्पेसएक्स के शेयरों ने 23% की उछाल के साथ शानदार शुरुआत की और कंपनी ने 75 अरब डॉलर की भारी-भरकम पूंजी जुटाई। एलन मस्क के मुताबिक, इस नए फंड का इस्तेमाल सैटेलाइट प्रोजेक्ट्स, स्पेस डेटा सेंटर स्थापित करने और मंगल ग्रह पर मानव बस्ती बसाने जैसी भविष्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं में किया जाएगा।

13/06/2026

स्पेसएक्स (SpaceX) के आईपीओ के बाद एलन मस्क आधिकारिक तौर पर दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए हैं। उनकी कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच गई है।
यह रकम इतनी विशाल है कि यदि एक ट्रिलियन डॉलर के नकद नोटों को एक लाइन में जमीन पर फैलाया जाए, तो यह कतार लगभग 15.6 करोड़ किलोमीटर लंबी होगी। यह धरती से सूर्य के बीच की दूरी से भी ज्यादा है। इस कतार की लंबाई से धरती से चंद्रमा तक 200 से अधिक चक्कर लगाए जा सकते हैं।
1 ट्रिलियन डॉलर से और क्या-क्या किया जा सकता है, इसके कुछ रोचक तथ्य:
सबको नकद: अगर इसे दुनिया की 8.2 बिलियन (820 करोड़) आबादी में बराबर बांटा जाए, तो धरती के हर इंसान को लगभग 10,300 रुपये ($122) मिलेंगे।
रियल एस्टेट: इससे अमेरिका में औसत कीमत वाले करीब 25 लाख आलीशान घर सीधे खरीदे जा सकते हैं।
ईंधन: इस रकम से 243 अरब गैलन से ज्यादा पेट्रोल/ईंधन खरीदा जा सकता है।
वर्तमान में दुनिया के केवल 21 देशों की अर्थव्यवस्था (GDP) ही मस्क की इस 1 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति से अधिक है।

13/06/2026

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के बसभरिया पुरैना गांव में एक गाय द्वारा लगातार 7 दिनों तक एक ही खेत का चक्कर लगाने का मामला सामने आया। गाय के इस असामान्य व्यवहार को देखकर ग्रामीणों ने इसे दैवीय चमत्कार मान लिया। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोग उस खेत में पहुंचकर गाय की पूजा-अर्चना और परिक्रमा करने लगे।
स्थिति को देखते हुए 8वें दिन पुलिस ने हस्तक्षेप किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और गाय को सुरक्षित उसके मालिक को सौंप दिया। इसके बाद, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में पशु विभाग की टीम ने गाय की स्वास्थ्य जांच की।
पशु चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि यह कोई दैवीय चमत्कार नहीं है, बल्कि गाय 'सर्रा' (हाइपोग्लाइसीमिया) नामक एक बीमारी से पीड़ित है। इसी बीमारी के कारण गाय लगातार गोल-गोल घूमने जैसा व्यवहार कर रही थी। फिलहाल गाय का इलाज शुरू कर दिया गया है और डॉक्टरों ने दावा किया है कि वह जल्द ही स्वस्थ होकर सामान्य व्यवहार करने लगेगी।

11/06/2026

11/06/2026

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