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अधिमान्य पत्रकार महासंघ
*देश का चौथा स्थम्भ*

31/12/2020
15/05/2018

कर्नाटक में वोटों की गिनती शुरू: भाजपा करेगी वापसी या कांग्रेस लगातार दूसरी बार बनाएगी सरकार

कर्नाटक विधानसभा की 224 में से 222 सीटों के नतीजे मंगलवार को आएंगे। मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है। भाजपा के लिए यह चुनाव दक्षिण में एक बार फिर अपनी नई शुरुआत के लिए अहम है तो कांग्रेस के लिए ये उसके अस्तित्व की लड़ाई। कर्नाटक को छोड़कर कांग्रेस की सरकार पंजाब, मिजोरम और पुडुचेरी में बची है। वहीं, भाजपा 31 राज्यों में से 20 में सत्ता में है। कर्नाटक के गठन के 46 साल बाद इस बार सबसे ज्यादा 72.13% वोटिंग हुई। 2008 (65.1%) के मुकाबले 2013 (71.45%) में करीब 6% वोटिंग ज्यादा हुई थी। तब सरकार बदल गई थी और भाजपा ने पहली बार राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई थी।

किसने चुनी सरकार?

- कुल सीटें:224,बहुमत: 113
- कुल उम्मीदवार:2655
- कुल वोटर:4.96 करोड़, राज्य की जनसंख्या 6.4 करोड़

- 2 सीटों पर चुनाव टाले गए:राजराजेश्वरी, जयनगर

अगर कांग्रेस जीती तो 33 साल बाद लगातार दूसरी बार किसी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी

- कर्नाटक में 1983 और 1985 में जनता पार्टी की सरकार बनी थी। दोनों साल जनता पार्टी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी थी। दोनों बार रामकृष्ण हेगड़े मुख्यमंत्री बने। इसके बाद किसी चुनाव में ऐसा नहीं हुआ जब लगातार दूसरी बार किसी दल को सबसे ज्यादा सीटें मिली हों।

- कांग्रेस की बात करें तो 1999 में एसएम कृष्णा और 2004 में धरम सिंह मुख्यमंत्री बने। लेकिन इन दोनों मौकों पर कांग्रेस सबसे ज्यादा सीटें लाने वाली पार्टी नहीं थी। 1999 में कांग्रेस को जहां साफ बहुमत था, वहीं 2004 में उसने सबसे बड़ी पार्टी जनता दल सेक्युलर की मदद से धरम सिंह को सीएम बनाया।

भाजपा, कांग्रेस और जेडीएस की सीटें और वोट शेयर

पार्टी 2013 मेंविधानसभा चुनाव सीट वोट शेयर 2014 में लोकसभा सीट 2014 में विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त वोट शेयर
कांग्रेस 122 36.6% 09 75 41.2%
जेडीएस 40 20.2% 02 12 11.1%
भाजपा 40 19.9% 17 134 43.4%
अन्य 20 23.3% 00 3 4.6%
इस चुनाव पर नजर क्यों थी? 5 वजहें

1) नरेंद्र मोदी:किसी प्रधानमंत्री ने पहली बार कर्नाटक में करीब 215 सीटों को कवर करने के लिए 21 रैलियां कीं। भाजपा की 20 राज्यों में सरकार है। इनमें से 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने 14 राज्यों में चुनाव जीते।

2) राहुल गांधी:2017 में कांग्रेस अध्यक्ष बने। त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड चुनाव के बाद दूसरी बार इस भूमिका में। अभी पंजाब, मिजोरम और पुडुचेरी में सरकार है। 2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने कर्नाटक से सबसे ज्यादा 9 सीटें जीती थीं। तब वह कुल 44 सीटें जीती थी। अब यह बढ़कर 48 हो गई हैं।

3)सिद्धारमैया:40 साल में 5 साल कार्यकाल पूरा करने वाले राज्य के दूसरे मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले डी देवराज उर्स (1972 से 1977) ने अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा किया था। कर्नाटक राज्य का गठन 1968 में हुआ था। उससे पहले मैसूर स्टेट में एस निजलिंगप्पा (1962-1968) ने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया था।

4)येदियुरप्पा:पिछले चुनाव मेंयेदियुरप्पा ने भाजपा से अलग होकर नई पार्टी बनाई थी। नतीजन पार्टी को सत्ता गंवानी पड़ी। अब उन्हीं की अगुआई में वापसी की उम्मीद है। वह इसलिए कि 2014 लोकसभा में इनकी वापसी के बाद पार्टी को 17 सीटें मिली थीं।

5) एचडी कुमारस्वामी: जेडीएस के चीफ कुमारस्वामी सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं।बसपा ने 1996 के बाद पहली बार चुनाव से पहले किसी दल के साथ गठबंधन किया है।कांग्रेस और भाजपा का वोट काटने के लिए एनसीपी, टीआरएस औरएआईएमआईएम ने भी जेडीएस को समर्थन दिया है।

पांच बड़ी सीटें, एक मौजूदा और दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की साख दांव पर
1) चामुंडेश्वरी:मुकाबला- सिद्धारमैया (कांग्रेस) vs जीटी देवेगौड़ा (जेडीएस)
2) बादामी:मुकाबला- सिद्धारमैया (कांग्रेस) vs बी श्रीरामुलु (भाजपा)
3) शिकारीपुरा:मुकाबला- बीएस येदियुरप्पा (भाजपा) vs एचटी बालिगर (जेडीएस) vs जीबी मालातेशा (कांग्रेस)
4) रामनगर:मुकाबला- एचडी कुमारस्वामी (जेडीएस) vs एच लीलावती (भाजपा) vs इकबाल हुसैन (कांग्रेस)
5) चन्नापाटना:मुकाबला- एचडी कुमारस्वामी (जेडीएस) vs सीपी योगेश्वर (भाजपा)
35 साल में कर्नाटक में कांग्रेस को कभी भाजपा से कम वोट नहीं मिले
- कर्नाटक में पिछले 35 साल में यानी जब से भाजपा राज्य में चुनाव लड़ रही है, तब से कभी भी कांग्रेस को भाजपा से कम वोट नहीं मिले हैं। यहां तक कि 2008 में जब भाजपा की राज्य में पहली बार सरकार बनी थी, तब भी कांग्रेस को भाजपा से करीब 1% ज्यादा वोट मिले थे। 2008 विस चुनाव में भाजपा को 33.86% वोट और 110 सीटें मिलीं थीं। वहीं, कांग्रेस को 34.76% वोट और 80 सीटें मिली थीं।

किस जाति का कितना दबदबा?

- दलित: 19%,

- मुस्लिम: 16%

- ओबीसी: 16%

- लिंगायत: 17%

- वोक्कालिगा: 11%

- अन्य: 21%

कर्नाटक एग्जिट पोल 2018

-कर्नाटक में विधानसभा चुनाव की वोटिंग 12 मई कोखत्म होने के बाद एग्जिट पोल के नतीजे आए। 8 में से 5 एग्जिट पोल में भाजपा बहुमत के करीब नजर आ रही है और 3 अनुमानों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

हादसा: ईयरफोन लगाया था ड्राइवर नहीं सुनी ट्रेन की आवाज 02/05/2018

हादसा: ईयरफोन लगाया था ड्राइवर नहीं सुनी ट्रेन की आवाज कुशीनगर के दुदही रेलवे क्रासिंग पर स्कूल वैन ट्रेन की चपेट में आ गई. इस हादसे में 13 बच्‍चों…

Photos from Anokha Desh News's post 30/04/2018
17/04/2018

*नंदकुमार सिंह चौहान का भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्‍तीफा*

भोपाल। कुछ दिनों से लगाए जा रहे कयास के बीच मध्य प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने इस्तीफा दे दिया है। अलबत्ता, इस बदलाव के संकेत खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दे दिए थे।

मंगलवार सुबह एक चैनल को दिए बयान में सीएम ने कहा था कि बुधवार तक नए प्रदेशाध्यक्ष की तस्वीर साफ हो जाएगी। दोपहर बाद उन्होंने फिर एक बयान दिया और कहा कि प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने उन्हें इस्तीफे की पेशकश की है।

पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के साथ ही शाम को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बंगले पर भी कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह और रामपाल सिंह के साथ बैठकों का दौर चलता रहा। बैठक के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि बैठक में संगठन के बारे में कुछ तय नहीं हुआ है। उन्‍होंने कहा कि बैठक प्रदेश अध्‍यक्ष तय करने के लिए नहीं थी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान देर शाम कोर कमेटी की बैठक में शामिल होने प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए समय कम बचा है, इसलिए मैंने इस्तीफा केंद्रीय संगठन को भेज दिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री को सूचित कर दिया है। अब मैं अपने क्षेत्र पर ध्यान दूंगा।

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