Law Point

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Document from Durga Prasad Shukla.pdf 14/02/2026

सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा है कि जो आरोपी जानबूझकर फरार होकर ट्रायल से बचता है, वह केवल इस आधार पर अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) का दावा नहीं कर सकता कि सह-आरोपियों को मुकदमे में बरी कर दिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि “समानता के सिद्धांत (Principle of Parity)” का लाभ ऐसे फरार आरोपी को नहीं दिया जा सकता।

Document from Durga Prasad Shukla.pdf

06/10/2025

सीजेआई पर जूता फेंकने की घटना के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने वकील राकेश किशोर का किया लाइसेंस रद्द ।

Photos from Law Point's post 22/02/2025

#अधिवक्ता एकता ज़िंदाबाद

Photos from Law Point's post 19/02/2025

सरकार द्वारा लाए जाने वाला यह काला बिल (एडवोकेट अमेंडमेंट बिल -2025 ) अधिवक्ताओं की हत्या करने जैसा है ।यह सरकार तो अंग्रेजों से बत्तर है जो न्यायपालिका और उसके ढाँचे को भी स्वतंत्र नहीं रहने देना चाहती है ।दूसरी तरफ़ हमारे अग्रज आदरणीय मनन मिश्रा जैसे लोग राज्यसभा का लॉलीपॉप चाटने में लगें है .इन जैसे लोगों की वजह से ही सरकार ऐसी दमन कारी बिल लाने की जुर्रत उठा पाती है । आज हम सब को एक होकर इसका विरोध करने की ज़रूरत है और साथ ही साथ ऐसे लॉलीपॉप नेताओं को दूर भगाने की ज़रूरत है ।

31/10/2024

The SC Bar Association strongly condemns the inhumane and violent act of police on advocates inside court premises in Ghaziabad, UP, under the direction of Anil Kumar-X .

03/09/2024

The detailed schedule for conducting this examination is as follow:

https://aibexix.register.smartexams.in/home

BAR COUNCIL OF INDIA Bar council of Uttar Pradesh@followers

12/08/2024

माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश गौरव कुमार बनाम यूनियन ऑफ़ इडिया एंड अदर्स पर आए निर्णय के बाद बार काउंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश ने निर्धारित की उक्त आदेशानुसार रजिस्ट्रेशन फ़ीस व नियम

BAR COUNCIL OF INDIABar council of Uttar Pradesh

10/07/2024

Photos from Law Point's post 10/03/2024

Important facts about Police FIR ?

30/10/2023

अपूर्ण व भ्रामक !
Bar council of Uttar Pradesh Kanpur Bar Association Lucknow Bar Association, Lucknow BAR COUNCIL OF INDIA

24/09/2023

सेवा में
जन सूचना अधिकारी
कार्यालय पुलिस अधीक्षक
जनपद -हापुड़

विषय : सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1)के अंतर्गत सूचना अभिप्राप्त करने के लिए अनुरोध |

धारा 1 - यह कि जिला हापुड़ में दिंनाक 29/08/2023 को अधिवक्ताओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज का आदेश किस कार्यपालक मजिस्ट्रेट /पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी /उपनिरीकक्षक /अन्य अधिकारी द्वारा दिया गया है उसका नाम / पदनाम उपलब्ध कराएं ?

धारा 2- यह कि जिला हापुड़ में दिंनाक 29/08/2023 को अधिवक्ताओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के क्या कारण थे ?

धारा 3 -यह कि जिला हापुड़ में दिंनाक 29/08/2023 को अधिवक्ताओं द्वारा क्या किसी तरह की लोक संपत्ति को क्षति पंहुचाई गई है ?

धारा 4- यह कि जिला हापुड़ थाना हापुरनगर में दिंनाक 6/09/23 को दर्ज अपराध संख्या 641/2023 की विवेचना किस पुलिस अधिकारी द्वारा की जा रही है उसका नाम/ पदनाम उपलब्ध कराए ?

धारा 5 -यह कि जिला हापुड़ थाना हापुरनगर में दर्ज उक्त अपराध संख्या 641/2023 में अब -तक नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी क्यों नही की गई है कारण स्पष्ट करें ?

धारा 6- यह कि उक्त प्रथम सूचना रिपोर्ट 641/2023 में नामजद अभियुक्त पुलिस कर्मचारियों / अधिकारियों पर उत्तर प्रदेश पुलिस विनियम व पुलिस अधिनियम 1861 के अंतर्गत अब तक क्या कार्यवाही की गई है सूचना उपलब्ध कराएं ?

धारा 7 - यह कि पुलिस अधिनियम 1861 की धारा 2 के अंतर्गत भर्ती पुलिस कांस्टेबल / पुलिस हेड कांस्टेबल / पुलिस निरीक्षक /उप पुलिस निरीक्षक या उक्त अधिनियम की धारा 2 के अंतर्गत अन्य पुलिस स्थापन के ख़िलाफ़ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने पर उत्तर प्रदेश पुलिस विनियम के अंतर्गत क्या कार्यवाही की जाती है अवगत कराए
?
धारा 8- यह कि उपरोक्त धाराओं पर समय -सीमा के अंदर सूचना उपलब्ध कराएँ अगर सम्बन्धित जानकारी आप के डिपार्टमेंट से नहीं आती तो अधिनियम की धारा 6(3)के अतर्गत मेरा आवेदन /प्रार्थना -पत्र सम्बन्धित डिपार्टमेंट के पास 5 दिनों के अंदर स्थानांतरित करने की कृपा करें |

आरटीआई- यूपी सरकार 48 घंटे की समयसीमा के भीतर व्यक्ति के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की जानकारी 17/08/2023

आरटीआई- यूपी सरकार 48 घंटे की समयसीमा के भीतर व्यक्ति के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की जानकारी देने में पूरी तरह नाकामः वकील ने एसआईसी को लिखा

एडवोकेट हैदर ने सरकार से 2015 के आरटीआई नियमों में संशोधन करने का भी आग्रह किया ऐसा तंत्र विकसित किया जाए, जहां 48 घंटे के भीतर जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर ऐसे मामलों/अपीलों पर शीघ्रता से निर्णय लिया जा सके।

यह ध्यान दिया जा सकता है कि आरटीआई अधिनियम की धारा 7 में आरटीआई आवेदन का जवाब देने के लिए लोक सूचना अधिकारी के लिए 30 दिनों की अवधि निर्धारित है। प्रावधान में एक प्रोविजो शामिल है, जो सामान्य नियम का एक अपवाद है, जो किसी भी व्यक्ति के जीवन और स्वतंत्रता के बारे में 48 घंटों के भीतर जानकारी प्राप्त करने के लिए एक नागरिक के अधिकार को देता है

आरटीआई- यूपी सरकार 48 घंटे की समयसीमा के भीतर व्यक्ति के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की जानकारी लखनऊ के एक वकील सैयद मोहम्मद हैदर रिज़वी ने राज्य सूचना आयोग और यूपी सचिवालय के समक्ष एक अभ्यावेदन दायर कर राज्य क.....

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