Rangeelo Maro Rajasthan

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I love my Rajasthan

05/01/2025

खो गईं वो चिठ्ठियाँ जिसमें “लिखने के सलीके” छुपे होते थे “कुशलता” की कामना से शुरू होते थे। बडों के “चरण स्पर्श” पर खत्म होते थे...!!

“और बीच में लिखी होती थी “जिंदगी”

नन्हें के आने की “खबर”
“माँ” की तबियत का दर्द
और पैसे भेजने का “अनुनय”
“फसलों” के खराब होने की वजह...!!

कितना कुछ सिमट जाता था एक
“नीले से कागज में”...

जिसे नवयौवना भाग कर “सीने” से लगाती
और “अकेले” में आंखो से आंसू बहाती !

“माँ” की आस थी “पिता” का संबल थी
बच्चों का भविष्य थी और
गाँव का गौरव थी ये “चिठ्ठियां”

“डाकिया चिठ्ठी” लायेगा कोई बाँच कर सुनायेगा
देख-देख चिठ्ठी को कई-कई बार छू कर चिठ्ठी को अनपढ भी “एहसासों” को पढ़ लेते थे...!!

अब तो “स्क्रीन” पर अंगूठा दौडता हैं
और अक्सर ही दिल तोड़ता है
“मोबाइल” का स्पेस भर जाए तो
सब कुछ दो मिनट में “डिलीट” होता है...

सब कुछ “सिमट” गया है 6 इंच में
जैसे “मकान” सिमट गए फ्लैटों में
जज्बात सिमट गए “मैसेजों” में
“चूल्हे” सिमट गए गैसों में

और इंसान सिमट गए पैसों में 🙏

20/09/2024

Rajasthan

12/12/2023

राजस्थान से बाहर राजस्थानी रेस्टॉरेंट्स ने राजस्थानी खाने का कचूमर बना रखा है. आपको अच्छा साउथ इंडियन मिल जाएगा अब हर शहर में, लेकिन अच्छा राजस्थानी अभी भी दूर की कौड़ी है. या तो दाल बाटी चूरमा होगा या फिर फैंसी रेस्टॉरेंट्स जिनमे खाने से ज्यादा फ़ोकस होता है पगड़ी और माला पहनाने में.

राजस्थानी खाना राजस्थान में ही अच्छा मिलता है. मे बी बाहर की मिर्चियों में वह टेस्ट नहीं होता या मे बी वह मसाले नहीं मिलते.

लहसुन की चटनी, मिर्ची के तपौरे, सेंव टमाटर की सब्ज़ी, मेथी की भुजिया, बेसन फ़्राइड दही, तली हुई मिर्च के साथ बाजरे की और मक्का की रोटी - राजस्थानी भोजन अपने आप में एक अलग दुनिया है.

राजस्थानी फ़ूड इंजॉय करना है तो राजस्थान आइये. पधारो म्हारे देश.

21/02/2023
Piya Deora | JODHPUR on Instagram: "रेगिस्तान की शान 🐪 . . . #rajasthan #rajasthani #rajasthandiaries #thardesert #desertvibes #camel #camels #rajasthantour #incrediblerajasthan #rajasthani_culture #incredibleindia #des 22/01/2023

राजस्थान की शान

Piya Deora | JODHPUR on Instagram: "रेगिस्तान की शान 🐪 . . . #rajasthan #rajasthani #rajasthandiaries #thardesert #desertvibes #camel #camels #rajasthantour #incrediblerajasthan #rajasthani_culture #incredibleindia #des Piya Deora | JODHPUR shared a post on Instagram: "रेगिस्तान की शान 🐪 . . . 🌵 ". Follow their a...

RAJASTHANI BANJARE 🐪❤️ on Instagram: "📍 HaldiGhati, Rajsamand (Rajasthan) ❤️😍 . . . . . #maharanapratap #rajputana #rajput #rajasthan #maharana #banna #udaipur #rajasthaniculture #india #mewar #rajasthani #baisa #marwad #kshatriya #h 22/01/2023

प्रिय महाराणा प्रताप।

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13/01/2023

हमारे जमाने में साइकिल तीन चरणों में सीखी जाती थी ,
पहला चरण - कैंची
दूसरा चरण - डंडा
तीसरा चरण - गद्दी ...
*तब साइकिल की ऊंचाई 24 इंच हुआ करती थी जो खड़े होने पर हमारे कंधे के बराबर आती थी ऐसी साइकिल से गद्दी चलाना मुनासिब नहीं होता था।*
*"कैंची" वो कला होती थी जहां हम साइकिल के फ़्रेम में बने त्रिकोण के बीच घुस कर दोनो पैरों को दोनो पैडल पर रख कर चलाते थे*।
और जब हम ऐसे चलाते थे तो अपना सीना तान कर टेढ़ा होकर हैंडिल के पीछे से चेहरा बाहर निकाल लेते थे, और *"क्लींङ क्लींङ" करके घंटी इसलिए बजाते थे ताकी लोग बाग़ देख सकें की लड़का साईकिल दौड़ा रहा है* ।
*आज की पीढ़ी इस "एडवेंचर" से महरूम है उन्हे नही पता की आठ दस साल की उमर में 24 इंच की साइकिल चलाना "जहाज" उड़ाने जैसा होता था*।
हमने ना जाने कितने दफे अपने *घुटने और मुंह तोड़वाए है* और गज़ब की बात ये है कि *तब दर्द भी नही होता था,* गिरने के बाद चारो तरफ देख कर चुपचाप खड़े हो जाते थे अपना हाफ कच्छा पोंछते हुए।
अब तकनीकी ने बहुत तरक्क़ी कर ली है पांच साल के होते ही बच्चे साइकिल चलाने लगते हैं वो भी बिना गिरे। दो दो फिट की साइकिल आ गयी है, और *अमीरों के बच्चे तो अब सीधे गाड़ी चलाते हैं छोटी छोटी बाइक उपलब्ध हैं बाज़ार में* ।
मगर आज के बच्चे कभी नहीं समझ पाएंगे कि उस छोटी सी उम्र में बड़ी साइकिल पर संतुलन बनाना जीवन की पहली सीख होती थी! *"जिम्मेदारियों" की पहली कड़ी होती थी जहां आपको यह जिम्मेदारी दे दी जाती थी कि अब आप गेहूं पिसाने लायक हो गये हैं* ।
*इधर से चक्की तक साइकिल ढुगराते हुए जाइए और उधर से कैंची चलाते हुए घर वापस आइए* !
और यकीन मानिए इस जिम्मेदारी को निभाने में खुशियां भी बड़ी गजब की होती थी।
और ये भी सच है की *हमारे बाद "कैंची" प्रथा विलुप्त हो गयी* ।
हम लोग की दुनिया की आखिरी पीढ़ी हैं जिसने साइकिल चलाना तीन चरणों में सीखा !
*पहला चरण कैंची*
*दूसरा चरण डंडा*
*तीसरा चरण गद्दी।*
● *हम वो आखरी पीढ़ी हैं*, जिन्होंने कई-कई बार मिटटी के घरों में बैठ कर परियों और राजाओं की कहानियां सुनीं, जमीन पर बैठ कर खाना खाया है, प्लेट में चाय पी है।
● *हम वो आखरी लोग हैं*, जिन्होंने बचपन में मोहल्ले के मैदानों में अपने दोस्तों के साथ पम्परागत खेल, गिल्ली-डंडा, छुपा-छिपी, खो-खो, कबड्डी, कंचे जैसे खेल खेले हैं l

बाबा केदारनाथ दर्शन। #reels #short #india #shorts #youtubeshorts #mahakal #mahadev #kedarnath #like 25/11/2022

जय हो बाबा केदारनाथ। जय महाकाल ।

बाबा केदारनाथ दर्शन। #reels #short #india #shorts #youtubeshorts #mahakal #mahadev #kedarnath #like

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