SAHASH
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Society for Animal Health Agriculture Science and Humanity (SAHASH) is engaged in child protection and education, Human rights and Humanity, Rural development Health Care, Women’s empowerment, Environmental conservation, Agriculture development. Society for Animal Health Agriculture Science and Humanity (SAHASH) which is a non-profit organization is founded in 31 Jan 2006.It started with small tow
04/04/2026
किशोरियां व गर्भवती महिलाये एनीमिया से पीड़ित है इसी चुनौतियों को देखते हुए सोसाइटी फॉर एनिमल हेल्थ, एग्रीकल्चर साइंस एंड ह्यूमैनिटी सम्बद्ध मेरा युवा भारत अमेठी एवं सहायक ट्रस्ट मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से उच्च प्राथमिक विद्यालय सरायखेमा विकास खण्ड अमेठी में जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम का शुभारंभ राज सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मुंशीगंज ने किया। उन्होंने कहा कि अध्ययन में सामने आया कि करीब 31 फीसदी गर्भवती महिलाएं जिले में अनीमिया की शिकार पाई गईं। इन गर्भवतियों में हिमोग्लोबिन का स्तर सात डेसी लीटर से भी कम मिला है। सरकार हर माह 1, 9, 16, 24 तारीख को सरकारी अस्पतालों में जांच शिविर लगाती है। सुनीता सिंह प्रधानाचार्या ने कहा कि सामान्य महिला के शरीर में 12 ग्राम प्रति डेसी लीटर रक्त होना चाहिए। एस पी सिंह मास्टर ट्रेनर ने कहा कि 10 से 19 वर्ष की आयु की किशोरिया व युवतिया 887, शून्य -6 माह के 12468, 20 से 49 वर्ष की 14197 युवती और महिलाये अमेठी जनपद में मिली है जिनका हीमोग्लोबिन सामान्य से कम है। 89 फीसदी किशोरियां एनीमिया से देश भर में पीड़ित हैं। तंबाकू ,गुटखा ,शराब लोहे के अवशोषण को रोकता है। अंकुरित दाने,सहजन और लोहे की कड़ाही खाना पकाने के लिए प्रयोग करे। नंदनी सिंह ने कहा कि पीड़ित किशोरियों/ गर्भवतियों में थकान, चक्कर, सांस लेने में दिक्कत, चेहरा पीला पड़ना, सिर दर्द, दिल की धड़कन तेज होने के साथ भूख न लगना, कम वजन का और समय से पहले बच्चे का जन्म, चिड़चिड़ापन,बार-बार बीमार पड़ना और मानसिक एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मास्टर ट्रेनर श्री चन्दर पाल यादव ने जैविक पोषण वाटिका बनाने की विधि, बीजामृत और जीवामृत तैयार करने की विधि और फायदे पर विस्तार से चर्चा की। इस बीमारी से बचना है तो संतुलित आहार करे और जंक फूड से बचे। संतुलित आहार में लौह, प्रोटीन, विटामिन सी, हरी सब्जियों, चुकंदर,गाजर का प्रयोग करें। दिन में 6 से 7 ग्लास पानी पीजिए।
इस अवसर पर माधुरी श्रीवास्तव,जय प्रकाश वर्मा, पूनम वर्मा, सावित्री देवी सहित 59 से अधिक बच्चियों उपस्थित रही।
हमें यह साझा करते हुए गर्व हो रहा है कि हमें 18 मार्च से 25 मार्च 2026 तक आयोजित दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण हेतु आयोजित शिविर में अपने योगदान के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है।
हम इस सम्मान के लिए Spark Minda Foundation तथा श्री प्रवीण करन, हेड – ग्रुप सस्टेनेबिलिटी एवं CSR, के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमें इस महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान किया।
यह हमारे लिए एक अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव रहा, जिसमें हम एक समावेशी और सशक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सके। हम Spark Minda Corporation के मानवता की सेवा के प्रति निरंतर समर्पण की सराहना करते हैं।
हम भविष्य में भी ऐसे ही अवसरों के माध्यम से सहयोग कर सकारात्मक परिवर्तन लाने की आशा रखते हैं।
27/03/2026
हमें यह साझा करते हुए गर्व हो रहा है कि हमें 18 मार्च से 25 मार्च 2026 तक आयोजित दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण हेतु आयोजित शिविर में अपने योगदान के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है।
हम इस सम्मान के लिए Spark Minda Foundation तथा श्री प्रवीण करन, हेड – ग्रुप सस्टेनेबिलिटी एवं CSR, के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमें इस महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान किया।
यह हमारे लिए एक अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव रहा, जिसमें हम एक समावेशी और सशक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सके। हम Spark Minda Corporation के मानवता की सेवा के प्रति निरंतर समर्पण की सराहना करते हैं।
हम भविष्य में भी ऐसे ही अवसरों के माध्यम से सहयोग कर सकारात्मक परिवर्तन लाने की आशा रखते हैं।
19/01/2026
(भादर अमेठी) किशोरियां व गर्भवती महिलाये एनीमिया से पीड़ित है इसी चुनौतियों को देखते हुए सोसाइटी फॉर एनिमल हेल्थ, एग्रीकल्चर साइंस एंड ह्यूमैनिटी सम्बद्ध मेरा युवा भारत अमेठी एवं सहायक ट्रस्ट मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से ग्राम तकिया विकास खंड भादर अमेठी में जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में रेखा गुप्ता स्वास्थ्य सखी ने शुभारम्भ किया।
इस अभियान में रेखा गुप्ता ने कहा कि अध्ययन में सामने आया कि करीब 31 फीसदी गर्भवती महिलाएं जिले में अनीमिया की शिकार पाई गईं। इन गर्भवतियों में हिमोग्लोबिन का स्तर सात डेसी लीटर से भी कम मिला है। रेशमा बानो ने कहा कि सरकार हर माह 1, 9, 16, 24 तारीख को सरकारी अस्पतालों में जांच शिविर लगाती है। सामान्य महिला के शरीर में 12 ग्राम प्रति डेसी लीटर रक्त होना चाहिए। इंजी० लालमणि कश्यप सदस्य जिला युवा कार्यक्रम परामर्श दात्री समिति एवं संस्थापक साहस ने कहा कि 89 फीसदी किशोरियां एनीमिया से देश भर में पीड़ित हैं। तंबाकू ,गुटखा ,शराब लोहे के अवशोषण को रोकता है। अंकुरित दाने,सहजन और लोहे की कड़ाही खाना पकाने के लिए प्रयोग करे।
उन्होंने कहा कि पीड़ित किशोरियों/ गर्भवतियों में थकान, चक्कर, सांस लेने में दिक्कत, चेहरा पीला पड़ना, सिर दर्द, दिल की धड़कन तेज होने के साथ भूख न लगना, कम वजन का और समय से पहले बच्चे का जन्म, चिड़चिड़ापन,बार-बार बीमार पड़ना और मानसिक एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मास्टर ट्रेनर श्री चन्दर पाल यादव ने कहा कि 0 से 59 महीने के 2 बच्चों में से 1 बच्चा एनीमिया से पीड़ित है। 15 से 59 उम्र के 2 महिलाओ में से 1 महिला एनीमिया से पीड़ित है। जैविक पोषण वाटिका बनाने की विधि, बीजामृत और जीवामृत तैयार करने की विधि और फायदे पर विस्तार से चर्चा की। इस बीमारी से बचना है तो संतुलित आहार करे और जंक फूड से बचे। संतुलित आहार में लौह, प्रोटीन, विटामिन सी, हरी सब्जियों, चुकंदर,गाजर का प्रयोग करें। दिन में 6 से 7 ग्लास पानी पीजिए।
इस अवसर पर मो अब्बास, मंजू यादव, राजकुमारी, रीता देवी सहित 35 से अधिक बच्चियों उपथित रही।
11/01/2026
किशोरियां व गर्भवती महिलाये एनीमिया से पीड़ित है इसी चुनौतियों को देखते हुए सोसाइटी फॉर एनिमल हेल्थ, एग्रीकल्चर साइंस एंड ह्यूमैनिटी सम्बद्ध मेरा युवा भारत अमेठी एवं सहायक ट्रस्ट मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से ग्राम ठेंगहा विकास खंड संग्रामपुर अमेठी में जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रीना मिश्रा आशा बहू ने शुभारम्भ किया।
इस अभियान में रीना मिश्रा ने कहा कि अध्ययन में सामने आया कि करीब 31 फीसदी गर्भवती महिलाएं जिले में अनीमिया की शिकार पाई गईं। इन गर्भवतियों में हिमोग्लोबिन का स्तर सात डेसी लीटर से भी कम मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार हर माह 1, 9, 16, 24 तारीख को सरकारी अस्पतालों में जांच शिविर लगाती है। सामान्य महिला के शरीर में 12 ग्राम प्रति डेसी लीटर रक्त होना चाहिए। इंजी० लालमणि कश्यप सदस्य जिला युवा कार्यक्रम परामर्श दात्री समिति एवं संस्थापक साहस ने कहा कि 89 फीसदी किशोरियां एनीमिया से देश भर में पीड़ित हैं। तंबाकू ,गुटखा ,शराब लोहे के अवशोषण को रोकता है। अंकुरित दाने,सहजन और लोहे की कड़ाही खाना पकाने के लिए प्रयोग करे।
उन्होंने कहा कि पीड़ित किशोरियों/ गर्भवतियों में थकान, चक्कर, सांस लेने में दिक्कत, चेहरा पीला पड़ना, सिर दर्द, दिल की धड़कन तेज होने के साथ भूख न लगना, कम वजन का और समय से पहले बच्चे का जन्म, चिड़चिड़ापन,बार-बार बीमार पड़ना और मानसिक एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मास्टर ट्रेनर श्री चन्दर पाल यादव ने कहा कि 0 से 59 महीने के 2 बच्चों में से 1 बच्चा एनीमिया से पीड़ित है। 15 से 59 उम्र के 2 महिलाओ में से 1 महिला एनीमिया से पीड़ित है। जैविक पोषण वाटिका बनाने की विधि, बीजामृत और जीवामृत तैयार करने की विधि और फायदे पर विस्तार से चर्चा की। इस बीमारी से बचना है तो संतुलित आहार करे और जंक फूड से बचे। संतुलित आहार में लौह, प्रोटीन, विटामिन सी, हरी सब्जियों, चुकंदर,गाजर का प्रयोग करें। दिन में 6 से 7 ग्लास पानी पीजिए।
इस अवसर पर जगन्नाथ यादव, रश्मी विश्वकर्मा, शिवानी सहित 35 से अधिक बच्चियों उपथित रही।
08/01/2026
बाबा नरपति शिक्षण संस्थान इण्टर कॉलेज मुंशीगंज अमेठी में एनीमिया मुक्त अभियान का आयोजन
(अमेठी) किशोरियां व गर्भवती महिलाये एनीमिया से पीड़ित है इसी चुनौतियों को देखते हुए सोसाइटी फॉर एनिमल हेल्थ, एग्रीकल्चर साइंस एंड ह्यूमैनिटी सम्बद्ध मेरा युवा भारत अमेठी,एनीमिया फ़्री इंडिया फ़ोरम एवं सहायक ट्रस्ट मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में बाबा नरपति शिक्षण संस्थान इण्टर कॉलेज मुंशीगंज अमेठी में जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य श्री रजनीश झा ने शुभारम्भ किया।
इस अभियान में श्री रजनीश झा ने कहा कि अध्ययन में सामने आया कि करीब 31 फीसदी गर्भवती महिलाएं जिले में अनीमिया की शिकार पाई गईं। इन गर्भवतियों में हिमोग्लोबिन का स्तर सात डेसी लीटर से भी कम मिला है। श्री मती मीनाक्षी झा
ने कहा कि सरकार हर माह 9, 16, 24 तारीख को सरकारी अस्पतालों में जांच शिविर लगाती है। सामान्य महिला के शरीर में 12 ग्राम प्रति डेसी लीटर रक्त होना चाहिए। इंजी० लालमणि कश्यप सदस्य जिला युवा कार्यक्रम परामर्श दात्री समिति एवं संस्थापक साहस ने कहा कि 89 फीसदी किशोरियां एनीमिया से देश भर में पीड़ित हैं। लक्ष्मी ने कहा कि पीड़ित किशोरियों/ गर्भवतियों में थकान, चक्कर, सांस लेने में दिक्कत, चेहरा पीला पड़ना, सिर दर्द, दिल की धड़कन तेज होने के साथ भूख न लगना, कम वजन का और समय से पहले बच्चे का जन्म, चिड़चिड़ापन,बार-बार बीमार पड़ना और मानसिक एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मास्टर ट्रेनर श्री चन्दर पाल यादव ने कहा कि 0 से 59 महीने के 2 बच्चों में से 1 बच्चा एनीमिया से पीड़ित है। 15 से 59 उम्र के 2 महिलाओ में से 1 महिला एनीमिया से पीड़ित है। जैविक पोषण वाटिका बनाने की विधि, बीजामृत और जीवामृत तैयार करने की विधि और फायदे पर विस्तार से चर्चा की। इस बीमारी से बचना है तो संतुलित आहार करे और जंक फूड से बचे। श्री मती रेखा जायसवाल
संतुलित आहार में लौह, प्रोटीन, विटामिन सी, हरी सब्जियों, चुकंदर,गाजर का प्रयोग करें। दिन में 6 से 7 ग्लास पानी पीजिए।
इस अवसर पर राम पाल, उमा शकर श्रीवास्तव , महेंद्र नाथ शुक्ल सहित 40 से अधिक बच्चियों उपथित रही।
01/01/2026
“हम आप सभी को अच्छे स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि से भरे नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं।”
28/12/2025
📍 ग्राम पलिया चंदापुर, विकास खण्ड – मुसाफिरखाना (अमेठी)
किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं में बढ़ते एनीमिया (खून की कमी) की गंभीर समस्या को देखते हुए सोसाइटी फॉर एनिमल हेल्थ, एग्रीकल्चर साइंस एंड ह्यूमैनिटी से सम्बद्ध मेरा युवा भारत अमेठी, एनीमिया फ़्री इंडिया फ़ोरम एवं सहायक ट्रस्ट मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अशोक कुमार कन्नौजिया (ग्राम प्रधान, पलिया चंदापुर) एवं विशिष्ट अतिथि श्री रघुनंदन यादव (सेवा निवृत्त बीआरसी, मुसाफिरखाना) रहे। वक्ताओं ने बताया कि जनपद में लगभग 31% गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, जिनका हिमोग्लोबिन स्तर 7 ग्राम/डेसीलीटर से भी कम पाया गया।
प्रधानाचार्य शिला देवी ने बताया कि सरकार द्वारा प्रत्येक माह 9, 16 एवं 24 तारीख को सरकारी अस्पतालों में जांच शिविर लगाए जाते हैं तथा सामान्य महिला में हिमोग्लोबिन का स्तर 11 ग्राम/डेसीलीटर होना आवश्यक है।
इंजी. लालमणि कश्यप (सदस्य, जिला युवा कार्यक्रम परामर्शदात्री समिति एवं संस्थापक – साहस) ने कहा कि देश में लगभग 89% किशोरियां एनीमिया से पीड़ित हैं।
नीलम जी ने एनीमिया के लक्षणों जैसे थकान, चक्कर आना, सांस लेने में परेशानी, चेहरा पीला पड़ना, सिरदर्द, तेज दिल की धड़कन, भूख न लगना एवं मानसिक एकाग्रता की कमी पर प्रकाश डाला।
मास्टर ट्रेनर श्री चंदर पाल यादव ने संतुलित आहार अपनाने और जंक फूड से दूर रहने की सलाह दी। सर्वे में पाया गया कि केवल 26% किशोरियां ही हरी सब्जियों तथा मात्र 16.6% किशोरियां ही विटामिन C का नियमित सेवन करती हैं।
👉 एनीमिया से बचाव हेतु किशोरियों को
🥬 हरी सब्जियां (किचन गार्डन से उगी)
🥕 चुकंदर, गाजर
🍊 संतरा, अनार (विटामिन C)
🌰 खजूर, अंजीर, अखरोट, किशमिश, बादाम (आयरन)
🍛 दाल (प्रोटीन)
का नियमित सेवन करने की सलाह दी गई।
इस अवसर पर प्रेम चंद यादव, कीर्तिपाल सिंह, राम नरेश यादव (पूर्व प्रधान) सहित 35 से अधिक महिलाएं उपस्थित रहीं।
💪 #एनीमियामुक्त भारत – स्वस्थ महिला, सशक्त #समाज
🌸 हर लड़की को स्वस्थ और सशक्त बनाएं! 🌸
हम गर्व के साथ घोषणा करते हैं हमारे मासिक स्वच्छता जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम की, जो कॉलेज की छात्राओं और समुदाय की महिलाओं के लिए आयोजित किया जा रहा है।
मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, फिर भी मिथक, कलंक और जागरूकता की कमी आज भी लाखों महिलाओं को प्रभावित करती है। हमारा कार्यक्रम उद्देश्य रखता है:
✅ मासिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में सही जानकारी देना
✅ कलंक तोड़ना और खुलकर चर्चा को बढ़ावा देना
✅ सुरक्षित उपयोग, निपटान और उत्पादों की देखभाल सिखाना
✅ स्थायी और इको-फ्रेंडली उत्पादों को बढ़ावा देना
✅ युवा महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान बढ़ाना
कौन शामिल हो सकता है?
🎓 कॉलेज छात्राएं (12–24 वर्ष)
👩 समुदाय की महिलाएं (24–45 वर्ष)
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:
📚 इंटरेक्टिव वर्कशॉप्स
💡 उत्पाद डेमो और प्रशिक्षण
🤝 काउंसलिंग और सपोर्ट सेशन
🎨 जागरूकता सामग्री (ब्रॉशर, पोस्टर, वीडियो)
आइए मिलकर एक स्वस्थ, जागरूक और सशक्त पीढ़ी का निर्माण करें! 💪
04/12/2025
Menstrual hygiene is not a luxury. It’s a necessity. And supporting it is an investment in healthier, stronger, more equitable communities.
Let’s continue to advocate, educate, and innovate.
Because when we empower people during their periods, we empower them every day.
15/11/2025
🌸 विश्व भारती इंटर कॉलेज, शहमाऊ में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कार्यशाला 🌸
(तिलोई, अमेठी)
महिला माहवारी एवं स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए SAHASH एवं We The Change द्वारा, स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एक जागरूकता कार्यक्रम विश्व भारती इंटर कॉलेज, शहमाऊ में आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीमती पूनम मौर्या (सीएचओ) ने सूती व हवादार पैड/टैम्पोन के उपयोग, हर 4–6 घंटे में पैड बदलने और रात में अधिक सोखने वाले पैड के उपयोग पर विशेष जोर दिया।
श्रीमती आशा सिंह ने HPV वायरस, गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर से बचाव, HPV वैक्सीन, पैप स्मीयर टेस्ट, धूम्रपान से दूरी और स्वच्छता के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गंदे या गीले कपड़े संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
इंजी. लालमणि कश्यप, संस्थापक SAHASH, ने असामान्य लक्षणों पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की तथा आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन युक्त आहार, पानी का पर्याप्त सेवन, व्यायाम और योग के लाभ बताए।
श्री चंद्रपाल यादव ने मासिक धर्म को एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया बताया। वहीं श्री प्रदीप कुमार मौर्य ने भोजपुरी गीतों के माध्यम से बच्चियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
अंत में कार्यवाहक प्रधानाचार्य श्री गुरु प्रसाद वर्मा एवं श्रीमती पूनम मौर्या को इंजी. लालमणि कश्यप द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अध्यापिकाएँ शिवानी शुक्ला, कंचन, मानसी साहू, अर्शला नाज़ सहित 150+ बच्चियाँ उपस्थित रहीं।
🌼 हमारा प्रयास—हर बेटी तक स्वास्थ्य, स्वच्छता और जागरूकता। 🌼
#माहवारीस्वच्छता #महिलास्वास्थ्य #बेटीयोंकासशक्तिकरण
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