SDS INDIA
Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from SDS INDIA, Business service, 286 2nd FLOOR MOTIA Plaza NEAR POLICE STATION BADDI, Solan.
आज के ज़माने मैं हमे सबसे ज्यादा जरूरत पैसो की पड़ती है हम रोज 8 ,10 ,12 घंटे काम करते हैं और उसका हमे सिर्फ 10 % ही मिल पता है क्या कभी इसके बारे मैं हमने बिचार किया क्या कभी अगर किया है तो इसका नतीजा क्या निकला ----------
जिस इंसान की पास हम काम करते हैं बो क्या करता होगा इसके बारे मैं कभी बिचार किया हमने कभी
क्या बो आपकी तरह काम करता है या कुछ और काम करता है!
आज की समय मैं हम अपने लिए कभी सोच ही नहीं पाते हैं और अपने लिए समय नही निकाल पते हैं पर क्या जो इंसान अपने लिए सोचते हैं और समय निकलते हैं आज बे इंसान फाइनेंसियल फ्री हैं और जो इंसान दुसरो की लिए काम करते हैं बे इंसान केबल काम ही करते रहते हैं और कुछ सोच नहीं पाते
क्या आज की दौर मैं हमे लगता है की कुछ करना चाहिए ?
पर सवाल यही पर खड़ा हो जाता है की करे तो क्या करे कोई रास्ता नहीं दिखाई देता है!
तो ऐसे समय में हमको घबराना नहीं चाइये कोई ऐसा काम करना चाहिए जो जीवन भर हमारे साथ चले और आगे हमारे परिवार को मिल जाये
तो इसके लिए आपके पास एक लिंक भेज रहा हूँ उस लिंक पर क्लिक करना और अपने आप को रजिस्टर करने बाद मुझे कॉल करना इसमें आपको जीवन भर इनकम कमाने का जरिया मिल जायेगा
EARN FROM SMART PHONE
REGISTER YOUR SELF
http://sdsindia.net/step1.php?id=315615&pos=left
AFTER REGISTRATION CALL VIPAN KUMAR 9816612883
आप अपने आप से क्या चाहते हैं (-------------------------)
आप आने बाले समय मैं ------- या ------- साल के अंदर अपने आप को कहाँ पर देखना चाहते हैं क्या आपके पास अपने सपनो को पूरा करने के लिए कोई रास्ता है (----------------------.)
आपके द्वारा कमाई हुई इनकम से जो खर्चे आज पूरे हो रहे हैं क्या बो कल हो पाएंगे (----------------)
आप जो भी काम कर रहे हैं उसके ऊपर आपको कितना विश्वास है (-------------)
क्या आप अपने द्वारा की गई कमाई आपके सपनो को पूरा करने मैं सहायक सिद्ध हो रही है (----------------------)
क्या आप अपने आप को फाइनेंसियल फ्री देखना चाहते है(-----------------)
इसके लिए आप क्या कर रहे हैं (----------------------)
इन सारे सवालो सवालो के उत्तर आप भी जानते होंगे
ऎसा प्रेम हाेता है ...
एक फकीर बहुत दिनों तक बादशाह के साथ रहा बादशाह का बहुत प्रेम उस फकीर पर हो गया।
प्रेम भी इतना कि बादशाह रात को भी उसे अपने कमरे में सुलाता।
कोई भी काम होता, दोनों साथ-साथ ही करते।
एक दिन दोनों शिकार खेलने गए और रास्ता भटक गए।
भूखे-प्यासे एक पेड़ के नीचे पहुंचे।
पेड़ पर एक ही फल लगा था।
बादशाह ने घोड़े पर चढ़कर फल को अपने हाथ से तोड़ा।
बादशाह ने फल के छह टुकड़े किए और अपनी आदत के मुताबिक पहला टुकड़ा फकीर को दिया।
फकीर ने टुकड़ा खाया और बोला, 'बहुत स्वादिष्ट ऎसा फल कभी नहीं खाया।
एक टुकड़ा और दे दें।
दूसरा टुकड़ा भी फकीर को मिल गया।
फकीर ने एक टुकड़ा और बादशाह से मांग लिया।
इसी तरह फकीर ने पांच टुकड़े मांग कर खा लिए।
जब फकीर ने आखिरी टुकड़ा मांगा, तो बादशाह ने कहा, 'यह सीमा से बाहर है।
आखिर मैं भी तो भूखा हूं।
मेरा तुम पर प्रेम है, पर तुम मुझसे प्रेम नहीं करते।'.
और सम्राट ने फल का टुकड़ा मुंह में रख लिया।
मुंह में रखते ही राजा ने उसे थूक दिया, क्योंकि वह कड़वा था।
राजा बोला, 'तुम पागल तो नहीं, इतना कड़वा फल कैसे खा गए?'
उस फकीर का उत्तर था,
'जिन हाथों से बहुत मीठे फल खाने को मिले, एक कड़वे फल की शिकायत कैसे करूं?
सब टुकड़े इसलिए लेता गया ताकि आपको पता न चले।
जँहा प्रेम हो वँहा संदेह मत
करो
~1 मिनट लगेगा जरूर पढेँ ~
अच्छा लगे तो Share करना न भूलेँ ।
एक डॉक्टर को जैसे ही एक
urgent सर्जरी के बारे में फोन करके बताया गया.
वो जितना जल्दी वहाँ आ
सकते थे आ गए.
वो तुरंत हि कपडे बदल
कर ऑपरेशन थिएटर की और बढे.
डॉक्टर को वहाँ उस लड़के के पिता दिखाई दिए
जिसका इलाज होना था.
पिता डॉक्टर को देखते ही भड़क उठे,
और चिल्लाने लगे.. "आखिर इतनी देर तक कहाँ थे आप?
क्या आपको पता नहीं है की मेरे बच्चे की जिंदगी खतरे में है .
क्या आपकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती..
आप का कोई कर्तव्य है
या नहीं ? ”
डॉक्टर ने हलकी सी मुस्कराहट के साथ कहा- “मुझे माफ़
कीजिये, मैं
हॉस्पिटल में नहीं था.
मुझे जैसे ही पता लगा,
जितनी जल्दी हो सका मैं
आ गया..
अब आप शांत हो जाइए, गुस्से से कुछ नहीं होगा”
ये सुनकर पिता का गुस्सा और चढ़ गया.
भला अपने बेटे की इस नाजुक हालत में वो शांत कैसे रह सकते थे…
उन्होंने कहा- “ऐसे समय में दूसरों
को संयम रखने का कहना बहुत आसान है.
आपको क्या पता की मेरे मन में क्या चल रहा है.. अगर
आपका बेटा इस तरह मर रहा होता तो क्या आप
इतनी देर करते..
यदि आपका बेटा मर जाए
अभी, तो आप शांत रहेगे?
कहिये..”
डॉक्टर ने स्थिति को भांपा और कहा- “किसी की मौत और
जिंदगी ईश्वर
के हाथ में है.
हम केवल उसे बचाने का प्रयास कर सकते है.. आप ईश्वर से
प्राथना कीजिये.. और मैं अन्दर जाकर ऑपरेशन करता हूँ…” ये
कहकर डॉक्टर अंदर चले गए..
करीब 3 घंटो तक ऑपरेशन चला..
लड़के के पिता भी धीरज के साथ बाहर बैठे रहे..
ऑपरेशन के बाद जैसे
ही डाक्टर बाहर निकले..
वे मुस्कुराते हुए, सीधे पिता के पास गए..
और उन्हें कहा- “ईश्वर का बहुत ही आशीर्वाद है.
आपका बेटा अब ठीक है.. अब आपको जो
भी सवाल पूछना हो पीछे आ रही नर्स से पूछ लीजियेगा..
ये कहकर वो जल्दी में चले गए..
उनके बेटे की जान बच
गयी इसके लिए वो बहुत खुश तो हुए..
पर जैसे ही नर्स उनके पास आई.. वे बोले.. “ये कैसे डॉक्टर है..
इन्हें किस बात का गुरुर है.. इनके पास हमारे लिए
जरा भी समय नहीं है..”
तब नर्स ने उन्हें बताया..
कि ये वही डॉक्टर है जिसके
बेटे के साथ आपके बेटे का एक्सीडेँट हो गया था.....
उस दुर्घटना में इनके बेटे
की मृत्यु हो गयी..
और हमने जब उन्हें फोन किया गया..
तो वे उसके क्रियाकर्म कर
रहे थे…
और सब कुछ जानते हुए भी वो यहाँ आए और आपके बेटे का इलाज
किया...
नर्स की बाते सुनकर बाप की आँखो मेँ खामोस आँसू
बहने लगे ।
मित्रो ये होती है इन्सानियत ""
जो भी मित्र शेयर करे वो GROUP मेँ अपना नाम जरुर बताए ।।
जन्म लिया है तो सिर्फ साँसे मत लीजिये,
जीने का शौक भी रखिये..
शमशान ऐसे लोगो की राख से...
भरा पड़ा है जो शेयर नहीं करते
बहुत सुन्दर सन्देश -::ज़रूर पढ़े
किसी राजा के पास एक बकरा था ।
एक बार उसने एलान किया की जो कोई
इस बकरे को जंगल में चराकर तृप्त करेगा मैं उसे आधा राज्य दे दूंगा।
किंतु बकरे का पेट पूरा भरा है या नहीं
इसकी परीक्षा मैं खुद करूँगा।
इस एलान को सुनकर एक मनुष्य राजा के पास
आकर कहने लगा कि बकरा चराना कोई बड़ी बात नहीं है।
वह बकरे को लेकर जंगल में गया और सारे दिन
उसे घास चराता रहा,, शाम तक उसने बकरे को खूब घास खिलाई
और फिर सोचा की सारे दिन इसने इतनी घास खाई है
अब तो इसका पेट भर गया होगा तो अब इसको राजा के पास ले चलूँ,,
बकरे के साथ वह राजा के पास गया,,
राजा ने थोड़ी सी हरी घास बकरे के सामने रखी तो बकरा उसे खाने लगा।
इस पर राजा ने उस मनुष्य से कहा की तूने
उसे पेट भर खिलाया ही नहीं वर्ना वह घास क्यों खाने लगता।
बहुत जनो ने बकरे का पेट भरने का प्रयत्न किया
किंतु ज्यों ही दरबार में उसके सामने घास डाली जाती तो
वह फिर से खाने लगता।
एक विद्वान् ब्राह्मण ने सोचा इस एलान का कोई तो रहस्य है, तत्व है,,
मैं युक्ति से काम लूँगा,, वह बकरे को चराने के लिए ले गया।
जब भी बकरा घास खाने के लिए जाता तो वह उसे लकड़ी से मारता,,
सारे दिन में ऐसा कई बार हुआ,, अंत में बकरे ने सोचा की यदि
मैं घास खाने का प्रयत्न करूँगा तो मार खानी पड़ेगी।
शाम को वह ब्राह्मण बकरे को लेकर राजदरबार में लौटा,,
बकरे को तो उसने बिलकुल घास नहीं खिलाई थी
फिर भी राजा से कहा मैंने इसको भरपेट खिलाया है।
अत: यह अब बिलकुल घास नहीं खायेगा,,
लो कर लीजिये परीक्षा....
राजा ने घास डाली लेकिन उस बकरे ने उसे खाया तो क्या
देखा और सूंघा तक नहीं....
बकरे के मन में यह बात बैठ गयी थी कि अगर
घास खाऊंगा तो मार पड़ेगी....अत: उसने घास नहीं खाई....
मित्रों " यह बकरा हमारा मन ही है "
बकरे को घास चराने ले जाने वाला ब्राह्मण " आत्मा" है।
राजा "परमात्मा" है।
मन को मारो नहीं,,, मन पर अंकुश रखो....
मन सुधरेगा तो जीवन भी सुधरेगा।
अतः मन को विवेक रूपी लकड़ी से रोज पीटो..
कमाई छोटी या बड़ी हो सकती है...
पर रोटी की साईज़ लगभग सब घर में
एक जैसी ही होती है...!!
बहुत सुन्दर सन्देश -::
अगर आप किसी को छोटा देख रहे हो, तो आप उसे;
या तो "दूर" से देख रहे हो,
क्या आप करोरपति बनना चाहते हैं क्या आप अपने सपनो को पूरा करना चाहते हैं क्या फाइनेंसियल फ्रीडम हासिल करना चाहते हैं.
तो एसडीएस इंडिया आपको करोरपति बनने का अबसर दे रहा है बिजनेसमैन बनने का मौका मिल रहा है
जीवन मैं कुछ सपने होते हैं हर किसी के और हर कोई अपने सपनो को पूरा नहीं कर पाता करण यह है की हमारे सपने ज़िंदा नहीं हैं. तो इन सपनो को ज़िंदा रखने का रहस्य बताएगा एसडीएस इंडिया.
आज तक हम कमाई को खर्च मैं कन्वर्ट करने का तरीका ही जानते हैं पर खर्च को कमाई मैं कन्वर्ट करने का तरीका बताएगा आपको एसडीएस इंडिया .
अगर आप यह सब कुछ चाहते हैं तो इस नंबर पर कॉल करें आपका मित्र विपन कुमार 9816612883
मुस्कराहट का मूल्य
इसमें कुछ खर्च नहीं होता , पर इससे मिलता बहुत है। जिन्हे यह मिलती है वे समृद्ध हो जाते हैं , परन्तु जो देते हैं वे गरीब नहीं होते।
यह एक पल मैं हो जाती है और इसकी याददाश्त कई बार हमेशा कायम रहती है।
कोई भी इतना अमीर नहीं , कि इसके बिना जी सके और कोई भी इतना गरीब नहीं कि इसका लाभ ना उठा सके।
यह घर मैं सुख लाती है, और बिज़नेस मैं सदभावना भरती है और यह दोस्ती का हस्ताक्षर है।
यह थके हुओं के लिए आराम है, निराश लोगो के लिए आशा की किरण है, दुखी लोगो के लिए सूर्य की किरण और कष्टों के लिए प्रकृति की सबसे बेहतरीन दवा है।
परन्तु इसे ख़रीदा या चुराया नहीं जा सकता, उधार नहीं लिया जा सकता, यह भीख मैं नहीं मिलती क्योंकि इसका तब तक कोई मोल नहीं है जब तक इसे किसी दूसरे को नहीं दिया जाता।
कयोंकि मुस्कराहट की उसी ब्यक्ति को सबसे ज्यादा जरूरत होती है जिसके पास देने के लिए मुस्काने नहीं बची हैं।
20/05/2015
GOOD AFTERNOON ALL SDS FRIENDS
LET'S MAKE A GRATE DAY
जो आदमी पचास की उम्र में दुनिया को उसी तरह देखता है जैसा कि वो बीस में देखा करता था , ने अपने जीवन के तीस साल बर्वाद कर दिए हैं।मुझे पता है मैं कहाँ जा रहा हूँ और मुझे सच पता है, और मुझे वो नहीं होना है जो तुम चाहते हो। मैं वो होने के लिए स्वतंत्र हूँ जो मैं चाहता हूँ। YOUR FRIEND VIPAN KUMAR SDS INDIA
WORK PART TIME 1 TO 2 HOUR IN A DAY DAILY EARNING & GET INSTANT .
DAILY PAYOUT IN BANK ACCOUNT. WE NEED MORE 500 PEOPLE SO INTERESTED PEOPLE CAN CALL THIS NO 9816612883 MR. VIPAN KUMAR
TRUE 5 LINES
1-कभी उसको सॉरी मत बोलना जो आपको
पसंद करता हो।
2-कभी उसको बाय मत बोलना जिसे आपकी
ज़रुरत हो।
3-कभी उस पर शक मत करना जिसे आप पर खुद से
ज्यादा भरोसा हो।
4-कभी उसे मत भूलाना जो आपको हमेशा याद
रखता हो।
5-कभी उसको मत रुलाना जो आपको देखकर खुद
रो पड़ा हो
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the business
Telephone
Website
Address
286 2nd FLOOR MOTIA Plaza NEAR POLICE STATION BADDI
Solan
173205
Opening Hours
| Monday | 10am - 5pm |
| Tuesday | 10am - 5pm |
| Wednesday | 10am - 5pm |
| Thursday | 10am - 5pm |
| Friday | 10am - 5pm |
| Saturday | 10am - 5pm |
| Sunday | 10am - 5pm |
15/07/2015