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14/06/2026
वंदे भारत के दौर में भी '2006' में जी रहा आम रेल यात्री, खचाखच भरी ट्रेनों में सुरक्षा भगवान भरोसे
देश में बुलेट ट्रेन और वंदे भारत जैसी आधुनिक और प्रीमियम ट्रेनों का जाल बिछाया जा रहा है, लेकिन भारतीय रेलवे की असली रीढ़ कहे जाने वाले आम यात्रियों का सफर आज भी किसी बुरे सपने जैसा है। साल 2006 से 2026 आ गया, तकनीक बदल गई, पर आम जनता के हिस्से में आने वाले जेनरल और स्लीपर क्लास की सूरत आज तक नहीं सुधरी। आज भी ऐसा महसूस होता है कि आम यात्री दो दशक पुरानी व्यवस्था में जीने को मजबूर है। विशेष रूप से दिल्ली से बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली ट्रेनों में स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। इन रूट्स पर चलने वाली ट्रेनों में स्लीपर और जेनरल कोच का अंतर पूरी तरह समाप्त हो चुका है। महीनों पहले कन्फर्म टिकट लेने वाले यात्री भी अपनी सीटों पर बैठने के लिए तरस रहे हैं। कोचों के अंदर पैर रखने तक की जगह नहीं है, शौचालयों के पास से लेकर सीटों के बीच के रास्तों में लोग भेड़-बकरियों की तरह ठुंसकर सफर करने को मजबूर हैं। यात्रियों का आरोप है कि इस पूरी अव्यवस्था के पीछे कुछ रेल कर्मियों और टिकट चेकिंग स्टाफ TTE की मिलीभगत है। चंद रुपयों की अवैध वसूली के चक्कर में बिना रिजर्वेशन वाले यात्रियों को स्लीपर कोचों में घुसा दिया जाता है। इसके कारण वैध टिकट धारकों का हक तो मारा ही जाता है, साथ ही यात्रा के दौरान आए दिन विवाद और मारपीट की नौबत आ जाती है। जानकारों का कहना है कि रेलवे द्वारा पिछले कुछ समय में ट्रेनों से जनरल और स्लीपर कोचों की संख्या कम करके AC कोचों को बढ़ाया गया है। इस फैसले ने इस संकट को और ज्यादा गहरा कर दिया है। कम आय वर्ग और मजदूर तबके के यात्रियों के लिए अब ट्रेन में पैर रखने की जगह भी नहीं बची है। खचाखच भरे इन डिब्बों में सफ़र करना न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि किसी बड़ी दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है। आम जनता का सवाल है कि क्या रेलवे का आधुनिकीकरण सिर्फ प्रीमियम क्लास के लिए है ? क्या करोड़ों आम रेल यात्रियों को कभी एक सुरक्षित, सम्मानजनक और आरामदायक सफर का अधिकार मिल पाएगा ? बचपन में जिस भीड़ का सामना करते थे, आज जवानी में भी वही देख रहे हैं। बदलाव सिर्फ दावों में हुआ है, ट्रेनों की जमीनी हकीकत आज भी 20 साल पुरानी ही है । स्लीपर क्लास के पैसे देकर भी हमें जनरल से बदतर स्थिति में यात्रा करनी पड़ती है । Ministry of Railways, Government of India Ashwini Vaishnaw Narendra Modi
02/06/2026
फॉरबिसगंज ट्रांसफॉर्मर रिपेयरिंग फैक्ट्री में सुरक्षा ताक पर, नंगे पैर भारी उपकरणों के बीच काम करने को मजबूर कर्मचारी
फॉरबिसगंज (अररिया) स्थानीय शहर में स्थित विद्युत विभाग से संबद्ध ट्रांसफॉर्मर रिपेयरिंग फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। फैक्ट्री में काम करने वाले तकनीकी कर्मचारियों को बुनियादी सुरक्षा उपकरण (PPE) तक मुहैया नहीं कराए गए हैं, जिससे यहाँ कभी भी कोई बड़ा और जानलेवा हादसा घटित हो सकता है। हाल ही में सामने आई एक तस्वीर विभाग और ठेकेदार की इस घोर लापरवाही को पूरी तरह उजागर करती है। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि एक कर्मचारी बिना हेलमेट, सुरक्षा चश्मा, दस्ताने (ग्लव्स) और बिना सेफ्टी शूज के, अत्यंत जोखिम भरे माहौल में काम कर रहा है। हद तो तब हो गई जब कर्मचारी को बेहद भारी-भरकम ट्रांसफॉर्मर के ऊपर, चेन पुली ब्लॉक के सहारे नंगे पैर खड़े होकर विद्युतीय और मैकेनिकल कार्य करते हुए पाया गया। विद्युत सब-स्टेशनों और फैक्ट्रियों में भारी उपकरणों की लिफ्टिंग और रिपेयरिंग के दौरान सेफ्टी वेस्ट, इंसुलेटेड ग्लव्स और सुरक्षा जूते पहनना अनिवार्य है, ताकि अर्थिंग, करंट या किसी भारी चीज के गिरने पर जान माल का नुकसान न हो। लेकिन इस फैक्ट्री में लेबर लॉ (श्रम कानूनों) और बिजली विभाग के सुरक्षा नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। स्थानीय नागरिकों ने इस पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है। यदि समय रहते इस लापरवाही पर रोक नहीं लगाई गई और कर्मचारियों को सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराई गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और संबंधित प्रबंधन की होगी। नागरिकों ने बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी (BSPHCL), जिला प्रशासन अररिया और श्रम संसाधन विभाग से मांग की है कि इस फैक्ट्री का तुरंत औचक निरीक्षण किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए । Energy Department, Bihar Bihar State Power Holding Company Limited Bijendra Pd. Yadav, Minister Of Bihar Govt. CMO Bihar Samrat Choudhary Ministry of Rural Development, Government of India Panchayati Raj Department, Government of Bihar
22/05/2026
सिवान के होटलों में ग्राहकों से खुली ठगी, पानी की बोतल पर MRP से अधिक वसूल रहे पैसे
सिवान शहर के प्रतिष्ठित होटलों और रेस्टोरेंटों में इन दिनों ग्राहकों की जेब पर सरेआम डाका डाला जा रहा है। खाने-पीने के सामानों के अलावा पैक्ड वस्तुओं पर भी प्रिंटेड अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक पैसे वसूलने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। ऐसा ही एक ताजा मामला ( होटल द सिवान इंटरनेशनल ) स्थित रेस्टोरेंट में सामने आया है, जहां ₹20 की मिनरल वाटर की बोतल के लिए ग्राहक से ₹25 वसूले गए । मामले का खुलासा तब हुआ जब एक जागरूक उपभोक्ता ने रेस्टोरेंट के टैक्स इनवॉइस (बिल संख्या: MR/26-27/1402) में इस गड़बड़ी को पकड़ा। बिल के मुताबिक, ग्राहक से दो पानी की बोतलों के लिए ₹50 चार्ज किए गए। यहाँ पटना के होटलों से भी ज्यादा मंहगा प्राईस रखा गया है, उपभोक्ता का कहना है कि यह सीधे तौर पर 'लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट' और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। दिनभर में लाखों की अवैध कमाई का अंदेशा स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि एक रेस्टोरेंट हर ग्राहक से पानी या अन्य पैक्ड सामानों पर ₹5 से ₹10 अतिरिक्त वसूलता है, तो दिनभर में हजारों और महीने में लाखों रुपये की अवैध कमाई की जा रही है। आम जनता अनजाने में या झंझट से बचने के लिए इस ठगी का शिकार बनती जा रही है। जिला प्रशासन से जांच की मांग इस फर्जीवाड़े को लेकर जिले के जागरूक नागरिकों ने जिला पदाधिकारी (DM) और जिला आपूर्ति विभाग से सख्त कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे रेस्टोरेंटों और होटलों का औचक निरीक्षण करना चाहिए और दोषी पाए जाने वाले संचालकों पर भारी जुर्माना लगाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी संस्थान आम जनता से ठगी न कर सके । District Administration, SIWAN Mangal Pandey Vijaylakshmi Devi Office of MP, Siwan Department of Consumer Affairs, Government of India Ramesh Singh Kushwaha Siwan Police Food & Consumer Protection Dept., Govt. of Bihar
19/05/2026
सिवान में नेशनल हाईवे पर निजी स्कूल की मनमानी, बीच सड़क पर बैरिकेड लगाकर आवागमन किया बाधित
जिला प्रशासन, सिवान पुलिस और NHAI के सड़क सुरक्षा दावों को ठेंगा दिखाते हुए एक निजी स्कूल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्थानीय राष्ट्रीय राजमार्ग सिवान-गोपालगंज पर एक निजी वातायन स्कूल द्वारा बीच सड़क पर अवैध रूप से बड़े-बड़े लोहे के बैरिकेड्स और बोर्ड लगाकर मुख्य मार्ग को आधा ब्लॉक कर दिया गया है। तेज रफ्तार वाले इस हाईवे पर स्कूल प्रबंधन की इस मनमानी से कभी भी कोई बड़ी और जानलेवा दुर्घटना घटित हो सकती है । राहगीरों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की रफ्तार काफी तेज होती है। ऐसे में बिना किसी आधिकारिक चेतावनी या सरकारी निर्देश के, बीच सड़क पर अचानक लोहे के भारी-भरकम बैरिकेड्स खड़े कर देना सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ है। नियमों के मुताबिक, हाईवे पर गति सीमा तय करने या सुरक्षा बोर्ड लगाने का अधिकार सिर्फ NHAI और ट्रैफिक पुलिस को है। किसी भी निजी संस्थान को मुख्य मार्ग पर खुद से रास्ता रोकने या अवरोध खड़ा करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। इस मामले को लेकर जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन और सिवान पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का पूछना है कि क्या उक्त निजी स्कूल प्रबंधन ने नेशनल हाईवे जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह रास्ता बाधित करने के लिए जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस या NHAI से कोई लिखित अनुमति ली है ? यदि अनुमति नहीं ली गई है, तो स्थानीय थाना पुलिस और हाईवे अथॉरिटी अब तक इस पर खामोश क्यों हैं ? आक्रोशित लोगों का कहना है कि नए सत्र में री-एडमिशन, किताबों और मोटी फीस को लेकर मनमानी करने वाले निजी स्कूल प्रबंधन अब अपनी ब्रांडिंग और निजी स्वार्थ के लिए आम जनता की सुरक्षा को ताक पर रख रहे हैं। इस मार्ग से रोजाना हजारों गाड़ियां और एम्बुलेंस गुजरती हैं, जिन्हें इस अवैध बैरिकेडिंग के कारण अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है या अपनी लेन बदलनी पड़ती है, जो बेहद खतरनाक है। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने सिवान के माननीय जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और NHAI के वरीय अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया जाए। जनहित और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नेशनल हाईवे से इस अवैध अवरोध को तुरंत हटवाया जाए और बिना अनुमति के मुख्य मार्ग को बाधित करने वाले स्कूल प्रबंधन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को समय रहते टाला जा सके । District Administration, SIWAN Office of MP, Siwan National Highways Authority of India - NHAI Samrat Choudhary Bihar Police Mangal Pandey Vijaylakshmi Devi Ramesh Singh Kushwaha Siwan Police CMO Bihar
07/05/2026
सिवान जंक्शन के पास शराबबंदी की खुली पोल, कचरे के ढेर में मिलीं शराब की खाली बोतलें
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है। ताजा मामला सिवान जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास स्थित टेंपो स्टैंड का है, जहाँ नाले के समीप भारी मात्रा में शराब की खाली बोतलें और टेट्रा पैक 8PM आदि का अंबार लगा हुआ है। यह नज़ारा चीख-चीख कर गवाही दे रहा है कि शहर के मुख्य इलाकों में न सिर्फ शराब की उपलब्धता आसान है, बल्कि लोग बेखौफ होकर सार्वजनिक स्थानों के पास इसका सेवन भी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि स्टेशन जैसे सुरक्षित क्षेत्र के पास इस तरह का नजारा प्रशासन की चौकसी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इतनी बड़ी संख्या में एक ही जगह कचरा मिलना 'होम डिलीवरी' सिंडिकेट की सक्रियता की ओर इशारा करता है। सिवान जंक्शन और ऑटो स्टैंड के पास शराबियों के जमावड़े से यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बना रहता है। स्टेशन के पास होने के बावजूद पुलिस और मद्य निषेध विभाग की नजर इन गतिविधियों पर क्यों नहीं पड़ती, यह जांच का विषय है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और SP से मांग की है कि इस क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और उन ठिकानों पर छापेमारी की जाए जहाँ से शराब की आपूर्ति हो रही है। यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्थान असामाजिक तत्वों का गढ़ बन जाएगा। नगर परिषद के वार्ड पार्षद से लेकर विधायक और सांसद तक की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र में हो रही अवैध गतिविधियों पर नजर रखें और अधिकारियों पर दबाव बनाएं। उनकी चुप्पी भी इस व्यवस्था को बढ़ावा देती है। नाले के पास कचरे का इस तरह अंबार लगा होना नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की नाकामी है। कचरे का नियमित उठान न होना ऐसे स्थानों को असामाजिक तत्वों का अड्डा बना देता है। प्रशासन के साथ-साथ समाज के वे लोग भी जिम्मेदार हैं जो कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। जब तक लोग खुद इस अवैध कारोबार को संरक्षण देंगे या चुप रहेंगे, तब तक इसे पूरी तरह खत्म करना मुश्किल होगा। यह तस्वीर बताती है कि नियम सिर्फ कागजों पर सख्त हैं, जबकि धरातल पर Implementation की भारी कमी है। District Administration, SIWAN Office of MP, Siwan Mangal Pandey Vijaylakshmi Devi Siwan Police Prohibition,Excise & Registration Department, Bihar CMO Bihar Samrat Choudhary Ramesh Singh Kushwaha Bihar Police
01/05/2026
पूर्व सांसद डॉ० मोहम्मद शहाबुद्दीन की 5वीं पुण्यतिथि पर सिवान टाउन हॉल में उमड़ा जनसैलाब
पूर्व सांसद मरहूम डॉ० मोहम्मद शहाबुद्दीन साहब की 5वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार को स्थानीय टाउन हॉल में एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजद (RJD) के दिग्गज नेताओं सहित जिले के कोने-कोने से आए हजारों समर्थकों ने शिरकत की और अपने चहेते नेता को नम आंखों से याद किया। सभा की शुरुआत में डॉ० शहाबुद्दीन के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ नेताओं ने उनके राजनीतिक जीवन और सिवान के विकास में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि डॉ० शहाबुद्दीन केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि गरीबों के मसीहा थे, जिनकी कमी आज भी सिवान की राजनीति में महसूस की जाती है। इस अवसर पर सिवान राजद के लगभग सभी प्रमुख चेहरे मंच पर एक साथ नजर आए। नेताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि साहब के बताए गए रास्तों और सामाजिक न्याय की विचारधारा को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सभा में टाउन हॉल का परिसर पूरी तरह भरा रहा, जो उनकी स्थायी लोकप्रियता का प्रमाण है। राजद के वर्तमान व पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष, और भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे, श्रद्धांजलि सभा के समापन पर दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई ।
20/04/2026
सिवान के खेल प्रेमियों की मांग बड़े मैदान और जुनून के बावजूद सिवान को क्यों नहीं मिलता आईपीएल फैन पार्क का मौका ?
दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिकेट लीग 'आईपीएल' (IPL) का खुमार पूरे देश के सिर चढ़कर बोल रहा है। बीसीसीआई द्वारा देश के कोने-कोने में 'फैन पार्क' के जरिए स्टेडियम जैसा अनुभव पहुँचाया जा रहा है, लेकिन अफ़सोस की बात यह है कि 18 साल बीत जाने के बाद भी सिवान को अब तक एक बार भी आईपीएल फैन पार्क की मेजबानी का मौका नहीं मिला है। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि सिवान में संसाधनों या मैदानों की कोई कमी नहीं है। शहर के बीचों-बीच स्थित राजेंद्र स्टेडियम और गांधी मैदान जैसे विशाल मैदान किसी भी बड़े आयोजन के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं। इसके अलावा VMH हाई स्कूल, दरोगा राय कॉलेज और DAV कॉलेज के मैदानों में भी पर्याप्त जगह और सुरक्षा के इंतजाम किए जा सकते हैं। क्रिकेट फैंस ने नाराजगी जताते हुए कहा कि गांधी मैदान और फतेहपुर बाईपास जैसे इलाकों में हर एक-दो महीने पर डिज्नीलैंड मेला, सर्कस या जलपरी मेला जैसे आयोजन होते रहते हैं। इन आयोजनों के लिए प्रशासन और जमीन आसानी से उपलब्ध हो जाती है, लेकिन जब बात युवाओं के पसंदीदा खेल और बीसीसीआई के आधिकारिक इवेंट की आती है, तो सिवान को नजरअंदाज कर दिया जाता है। सिवान एक प्रमुख जंक्शन है और आसपास के गोपालगंज व अन्य क्षेत्रों से बेहतर तरीके से जुड़ा हुआ है। यदि यहाँ फैन पार्क का आयोजन होता है, तो हजारों की संख्या में दर्शकों का जुटना तय है। स्थानीय युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन और बीसीसीआई से मांग की है कि अगले सीजन में सिवान को भी फैन पार्क की सूची में शामिल किया जाए। हमें स्टेडियम जैसा माहौल चाहिए। जब छोटे शहरों में फैन पार्क बन सकते हैं, तो सिवान के साथ यह भेदभाव क्यों? यहाँ का क्रिकेट प्रेम जगजाहिर है। इतने सारे बड़े मैदानों के नाम सुनकर यह साफ है कि सिवान में जगह की तो बिल्कुल कमी नहीं है। राजेंद्र स्टेडियम और गांधी मैदान जैसे बड़े वेन्यू तो किसी भी बड़े इवेंट को होस्ट करने के लिए पर्याप्त हैं। खासकर राजेंद्र स्टेडियम, जहाँ पहले से ही क्रिकेट टूर्नामेंट्स होते रहते हैं, वहां तो फैन पार्क का सेटअप बहुत शानदार लगेगा । IPL - Indian Premier League District Administration, SIWAN IPL FAN PARK Ramesh Singh Kushwaha Samrat Choudhary Office of MP, Siwan Mangal Pandey BCCI Domestic Indian Cricket Team
18/04/2026
इकरा पब्लिक स्कूल की बस का कहर: हादसे में एक की मौत, एक गंभीर, प्रबंधन की लापरवाही पर भड़के लोग
हसनपुरा- सिवान मुख्य मार्ग पर शनिवार को पेट्रोल पंप के समीप इकरा पब्लिक स्कूल की बस की चपेट में आने से एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है। मृतक की पहचान हसनपुरा प्रखंड के बघौनी निवासी राजन यादव के रूप में हुई है। वहीं घायल विशाल यादव को प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक स्थिति में पटना रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि उक्त स्कूल की बस से पूर्व में भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने कभी भी चालक पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि प्रबंधन की इसी शह के कारण बस चालक सड़क पर बेलगाम होकर वाहन चलाते हैं, जिसका खामियाजा आज एक परिवार को अपना चिराग खोकर भुगतना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। लोगों का कहना है कि स्कूल बसों के लिए निर्धारित गति सीमा और सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल ड्राइवर ही नहीं, बल्कि उन स्कूल संचालकों पर भी प्राथमिकी दर्ज हो जो बार-बार हो रही गलतियों के बावजूद लापरवाह ड्राइवरों को हटाते नहीं हैं। राजन यादव की मौत की खबर मिलते ही बघौनी गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने पर प्रबंधन और चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बार-बार एक ही स्कूल बस द्वारा एक्सीडेंट क्यों होता है स्कूल बस के फिटनेस और ड्राइवर के लाइसेंस की उच्च स्तरीय जांच मांग कि जा रही है । District Administration, SIWAN IQRA Public School
07/04/2026
सृष्टि कुमारी की संदिग्ध मौत : क्या यह आत्महत्या है या व्यवस्था की गहरी साजिश ?
हसनपुरा प्रखंड में सहायक तकनीकी प्रबंधक के पद पर कार्यरत (सृष्टि कुमारी, वैशाली) की सिवान के लक्ष्मीपुर स्थित उनके किराए के आवास पर हुई संदिग्ध मृत्यु ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक होनहार और आत्मनिर्भर महिला अधिकारी, जिसने कड़ी मेहनत से सरकारी सेवा का मुकाम हासिल किया, उसका इस तरह से दुनिया छोड़ जाना संदेहास्पद प्रतीत होता है। जो बेटी वैशाली से आकर सिवान में सरकारी तंत्र का हिस्सा बनी और किसानों की तकनीक में मदद कर रही थी, वह अचानक इतनी कमजोर कैसे हो सकती है कि अपनी जीवन लीला समाप्त कर ले ? क्या विभाग के भीतर सृष्टि कुमारी पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव था ? क्या उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा किसी के लिए परेशानी का सबब बन रही थी ? जिस तरह से यह घटना घटी है, इसमें किसी गहरी साजिश या मानसिक उत्पीड़न की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर न रहकर, इस मामले की उच्च स्तरीय (SIT) जांच कराई जाए। सिवान सदर अस्पताल में चल रही फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट पूरी पारदर्शिता के साथ सामने आए। मृतका के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया की बारीकी से जांच हो ताकि पता चले कि मृत्यु से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थीं और क्या उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था। कृषि विभाग के भीतर के वातावरण की जांच हो ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कार्यस्थल पर उनके साथ कैसा व्यवहार हो रहा था। हम सिवान पुलिस प्रशासन और जिलाधिकारी से मांग करते हैं कि इस मामले की जांच किसी के दबाव में न की जाए। वैशाली की इस बेटी को और उसके परिवार को न्याय मिलना चाहिए। यदि यह आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला है, तो दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए। Bihar Police District Administration, SIWAN Office of MP, Siwan Samrat Choudhary Ramesh Singh Kushwaha CMO Bihar Nitish Kumar Department of Agriculture, Government of Bihar Siwan Police
27/03/2026
सिवान जिले के नगर पंचायत गोपालपुर के इलाकों में Airtel India की खराब नेटवर्क सेवा से उपभोक्ता त्रस्त हैं। ताज़ा मामला गोपालपुर का है, जहाँ पिछले कई दिनों से नेटवर्क की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। कॉल ड्रॉप और इंटरनेट की धीमी गति के कारण स्थानीय छात्रों, व्यापारियों और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में हमने एयरटेल थैंक्स ऐप के माध्यम से विधिवत शिकायत 11 मार्च को दर्ज करायी थी (Request ID: CLCNF3EST20260311071869) कंपनी की ओर से आश्वासन दिया गया था कि इस समस्या का समाधान 27 मार्च 2026, सुबह 09:44 बजे तक कर दिया जाएगा। 16 दिन इंतज़ार करने के बाद विडंबना यह है कि कंपनी द्वारा दी गई समय सीमा बीत जाने के बावजूद अभी तक नेटवर्क में कोई सुधार नहीं हुआ है और न ही कंपनी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब मिला है। डिजिटल इंडिया के दौर में ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की भारी किल्लत है, स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि कंपनी जल्द ही नेटवर्क में सुधार नहीं करती है, तो वे सामूहिक रूप से सिम पोर्ट कराने और उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराने के लिए बाध्य होंगे। Airtel Xstream Fiber Airtel DTH Airtel Cares TRAI -Telecom Regulatory Authority of India Department of Telecommunications, Government of India CMO Bihar
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