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वाह मुख्यमंत्री जी वाह......
अब आपको प्रधानमंत्री बनने से कोई नहीं रोक सकता 🙋♂️🫣
05/11/2023
अयोध्या जी रेलवे स्टेशन...🙏🚩😍
अयोध्या जी रेलवे स्टेशन के इंटीरियर डिज़ाइन की एक झलक, हमारे सपनों का भारत ऐसा ही होना चाहिये...!
😍😍😍😮😮😮🚩🚩🚩💪💪💪
जय श्री राम 🙏🚩
03/11/2023
बधाई हो...🙏❣️🇮🇳✌️😍
हाथ न होते हुये भी पैरों से धनुष पकड़कर मुँह से तीर चलाकर एशियन पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली बाल प्रतिभा को हार्दिक शुभकामनाएँ बधाई...!
😍😍😍🥇🥇🥇😎😎😎❤️❤️❤️
जय हिन्द जय भारत 🙏🇮🇳
01/11/2023
ये हमारे वही जगत गुरु श्री रामभद्राचार्य जी गुरु भगवान जी हैं जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में रामलला के पक्ष में वेद पुराण के उद्धारण के साथ गवाही दी थी।
दृश्य था उच्चतम न्यायलय का भगवान श्री राम जन्मभूमि के पक्ष में वादी के रूप में उपस्थित थे धर्मचक्रवर्ती, तुलसीपीठ के संस्थापक, पद्मविभूषण, जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी जो विवादित स्थल पर श्रीराम जन्मभूमि होने के पक्ष में शास्त्रों से प्रमाण पर प्रमाण दिये जा रहे थे। न्यायाधीश की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति मुसलमान था, उसने छूटते ही चुभता सा प्रश्न किया...
आप लोग हर बात में वेदों से प्रमाण माँगते हैं तो क्या वेदों से ही प्रमाण दे सकते हैं कि भगवान श्रीराम का जन्म अयोध्या में उस स्थल पर ही हुआ था?
जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी (जो प्रज्ञाचक्षु हैं) ने बिना एक क्षण भी गँवावे कहा , "दे सकता हूँ महोदय"... और उन्होंने ऋग्वेद की जैमिनीय संहिता से उद्धरण देना शुरू किया जिसमें सरयू नदी के स्थान विशेष से दिशा और दूरी का बिल्कुल सटीक ब्यौरा देते हुये भगवान श्रीराम जन्मभूमि की स्थिति बतायी गयी है।
कोर्ट के आदेश से जैमिनीय संहिता मँगायी गयी और उसमें जगद्गुरु जी द्वारा निर्दिष्ट संख्या को खोलकर देखा गया और समस्त विवरण सही पाये गये जिस स्थान पर भगवान श्रीराम जन्मभूमि की स्थिति बतायी गयी है विवादित स्थल ठीक उसी स्थान पर है। और जगद्गुरु जी के वक्तव्य ने फैसले का रुख हिन्दुओं की तरफ मोड़ दिया।
मुसलमान जज ने स्वीकार किया आज मैंने भारतीय प्रज्ञा का चमत्कार देखा एक व्यक्ति जो भौतिक आँखों से रहित है, कैसे वेदों और शास्त्रों के विशाल वाङ्मय से उद्धरण दिये जा रहा था? यह ईश्वरीय शक्ति नहीं तो और क्या है?
केवल दो माह की उम्र में आँखों की रोशनी चली गयी, आज 22 भाषायें आती हैं, 80 ग्रन्थों की रचना कर चुके हैं।
सनातन धर्म को दुनिया का सबसे पुराना धर्म कहा जाता है। वेदों और पुराणों के अनुसार सनातन धर्म तब से है जब ये सृष्टि ईश्वर ने बनायी। जिसे बाद में साधु और संन्यासियों ने आगे बढ़ाया ऐसे ही आठवीं सदी में शंकराचार्य जी आये, जिन्होंने सनातन धर्म को आगे बढ़ाने में मदद की पद्मविभूषण रामभद्राचार्यजी एक ऐसे संन्यासी के हैं जो अपनी दिव्यांगता को हराकर जगद्गुरू बनें।
1. जगद्गुरु रामभद्राचार्य चित्रकूट में रहते हैं। उनका वास्तविक नाम गिरधर मिश्रा है...!
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जय श्री राम 🙏🚩
29/10/2023
हमारा बचपन इसी में ख़ुश हो जाता था, जैसे दीपावली बीत जाती है फिर दीयों से तराजू ⚖ बनाकर खेलते थे...⚖️😍
ऐसा कितने लोग खेले हैं...?
😍😍😍⚖️⚖️⚖️😎😎😎🥲🥲🥲
मिस्स यू बचपन 🙏⚖️😍
29/10/2023
"नेता और अभिनेता बिना विवाद का बड़ा नही होता, ये विवाद बहुत जरूरी है"
क्या समझे? वो बड़े हो रहे हैं आपस मे खेल करके और आप इसे भोजपुरी इंडस्ट्री की लड़ाई समझ रहे।
बहिष्कार करें ऐसे लोगों का, ये आपके हीरो बनने लायक नही। ये समाज मे सिर्फ अश्लीलता, ऐयाशी और आवारापन फैला रहे। हमारे समाज के विकास में इनका कोई सहयोग नही।
19/12/2021
दुनिया का पहला हवाई जहाज बनाने वाला राइट ब्रदर्स नहीं बल्कि एक भारतीय था... 🙏😎🛫
आपको बस यह पता है कि राइट ब्रदर्स ने अमेरिका के कैरोलीन तट पर 17 दिसम्बर सन् 1903 को यह कारनामा किया था, और उनका बनाया हवाई जहाज करीब 120 फीट की ऊँचायी तक उड़ कर गिर गया था। क्योंकि हमें यही पढ़ाया गया है लेकिन सच्चायी यह है कि एक भारतीय कई वर्षों पहले यह कारनामा कर चुका था। जिन्होंने सन् 1895 में बहुत बड़ा विमान बनाया था और उसे मुम्बई की चौपाटी के समुद्र तट पर उड़ाया था। यह हवाई जहाज 1500 फिट ऊपर उड़ा और तब नीचे आया था। इनका नाम “ शिवकर बापूजी तलपड़े" था ,जो मुम्बई के चिरा बाजार के रहने वाले थे और मुम्बई स्कूल ऑफ आर्ट्स के अध्यापक व वैदिक वैदिक विद्वान थे। उन्होंने महर्षि भारद्वाज द्वारा लिखे विमान शास्त्र नामक पुस्तक पढ़कर ऐसा किया था, जिसके 8 अध्याय में विमान बनाने की तकनीक का वर्णन है।
इस विमान का नाम शिवकर बापूजी तलपड़े ने 'मरुत्सखा' रखा था जिसका अर्थ 'हवा का मित्र' होता है। इस घटना को बाल गंगाधार तिलक ने अपने पंजाब केसरी के सम्पादकीय में भी जगह दी थी, साथ ही इस मौके पर दो अंग्रेज़ पत्रकार भी वहाँ मौजूद थे, और लन्दन के अखबारों में भी यह खबर छपी थी। तत्कालीन भारतीय जज महादेव गोविन्दा रानाडे और बरोडा के राज सय्याजी राव गायकवाड़ भी इस घटना के गवाह रहे थे।
18 वीं सदी से पहले पूरे विश्व में हवाई जहाज की कोई कल्पना भी नहीं थी, जब अंग्रेज़ भारत में आये तो उन्होंने हमारे धर्म ग्रन्थों को पढ़ने समझने के लिये संस्कृत सीखी।
लार्ड मकौले ने 25 वर्ष तक संस्कृत में हिन्दू ग्रन्थों का अध्यन किया। भारत को ज्ञान रूप से इतना समृद्ध देख कर उसको विश्वास हो गया कि बौद्धिक ज्ञान-विज्ञान की समृद्धि के वजह से वो लम्बे समय तक भारत को गुलाम बनाने में असफल रहेंगे.. अतः उसने हमारे धर्म ग्रन्थों में मिलावट तथा झूठी बातों का प्रचार प्रसार करना शुरू किया और राम और पुष्पक विमान को कोरी कल्पना कहना शुरू कर दिया। वो कहते कि दिखाओ कहा कुछ हवा में उड़ता है,यह रामायण काल्पनिक है।
शिवकर बापूजी तलपड़े ने इस कथित कल्पना को सत्य सिद्ध करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और अंग्रेज़ों के सामने गुलामी के काल में ही अपने संस्कृत व वेद-उपनिषद के ज्ञान से विश्व का सबसे पहला हवाई जहाज बना के दिखा दिया था।
लेकिन इस घटना के बाद वे हमेशा अंग्रेज़ों के नज़रों में खटकते रहे और उनकी साज़िशों का शिकार होकर गुमनाम हो गये...!
😍😍😍☺️☺️☺️🛫🛫🛫🚩🚩🚩
जय सनातन जय हिन्द 🙏🚩🇮🇳
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