Rangeela Rajasthan
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एक मोहल्ले में किचन के सामान की रेहड़ी आती है, गली की औरतें अक्सर उससे सामान खरीदती हैं.
रेहड़ी वाला बड़ा ही सीधा है, कभी नाम नहीं पूछता.... मारवाड़ी में उधार लिखता है.
चूँकि मुझे मारवाड़ी आती है... तो मैंने उसकी कॉपी पढ़ ली.
देखो कैसे लिखता है उधार....
50 रूपये = लंबोडी
70 रुपये = कालकी
100 रुपये = चितकबरी
20 रुपये = चलाकन
80 रुपये = फूटरोडी
35 रुपये = लड़ाकी
50 रुपये = पतलोड़ी
20 रुपये = चश्मे आली
30 रुपये = मोटकी
120 रुपये = कुत्ते आली
45 रुपये = गाड़ी आली
55 रुपए = बांदरी जिसी
😂😂😂😂
```कोहरे की वजह से आज एक बहुत बड़ा हादसा.,😌😌😌
दिल्ली में तीन सेहलिया ATM लाईन में लगी, जब नम्बर आया तब पता चला ।😮😮😮😮
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लाईन बैंक की नही शराब के ठेके की है 👽👽😬😬😬😬```
पप्पू ने एक माचिस ली और एक तीली जलाई
पर वो नही जली
,
,
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दुसरी तीली जलाई पर वो भी नही जली
,
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,
तीसरी तीली जलाई पर वो जल गई तो
पप्पू ने जल्दी से बुझा दी और
बोला
ये काम की है इसे रख लेता हुं
😁😁😁😆😆😆😛😛😜😜😜
शिक्षक छात्र से....
गुरूजी : "बताओ घरबार किसे कहते हैं, एक पति के जीवन में इसके महत्व की विवेचना कीजिये ।"
छात्र : गुरु जी घरबार का एक पति के जीवन में बड़ा महत्व है । घर में पत्नी द्वारा उत्पन्न किये गए तनाव से मुक्त होने हेतु पति घर से बार में चला जाता है और बार में ज्यादा चढ़ जाने पर बार से घर आ जाता है । घर और बार के इस चक्र को ही घर बार कहते हैं ।
गुरु जी छात्र का नाम राष्ट्रपति पुरष्कार के लिए भेज कर सुबह से बार में बैठे हैं ।
मुँह पर कड़वा बोलने वाले लोग
कभी धोखा नहीं देते ,डरना तो...
मीठा बोलने वालों से चाहिए जो दिल में नफरत पालते हैं
और वक़्त के साथ बदल जाते हैं
शीशा कमज़ोर बहुत होता है
मगर सच दिखाने से घबराता नहीं है
जिन्दगी एक जंग है,
जबतक बीवी संग है.😝.😜😜😜😄😄😄😄
सीता से प्यार किया तो राम बन गये
राधा से प्यार किया तो श्याम बन गये
😍😜जबरदस्ती प्यार किया तो आशाराम......बन गये. ,. और
😇😜 चुपके चुपके प्यार किया तो बाबा राम रहीम बन गए
😊😊
कीसी से प्यार नहीं किया तो बाबा रामदेव बन गए.......प्यार किया पर रास्ते में छोड़दिया तो......PM बन गये
😜😜😜
🐮 *मांस का मूल्य* 💰
मगध सम्राट बिंन्दुसार ने एक बार अपनी सभा मे पूछा :
देश की खाद्य समस्या को सुलझाने के लिए
*सबसे सस्ती वस्तु क्या है ?*
मंत्री परिषद् तथा अन्य सदस्य सोच में पड़ गये ! चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा आदि तो बहुत श्रम के बाद मिलते हैं और वह भी तब, जब प्रकृति का प्रकोप न हो, ऎसी हालत में अन्न तो सस्ता हो ही नहीं सकता !
तब शिकार का शौक पालने वाले एक सामंत ने कहा :
राजन,
*सबसे सस्ता खाद्य पदार्थ मांस है,*
इसे पाने मे मेहनत कम लगती है और पौष्टिक वस्तु खाने को मिल जाती है । सभी ने इस बात का समर्थन किया, लेकिन प्रधान मंत्री चाणक्य चुप थे ।
तब सम्राट ने उनसे पूछा :
आपका इस बारे में क्या मत है ?
चाणक्य ने कहा : मैं अपने विचार कल आपके समक्ष रखूंगा !
रात होने पर प्रधानमंत्री उस सामंत के महल पहुंचे, सामन्त ने द्वार खोला, इतनी रात गये प्रधानमंत्री को देखकर घबरा गया ।
प्रधानमंत्री ने कहा :
शाम को महाराज एकाएक बीमार हो गये हैं, राजवैद्य ने कहा है कि किसी बड़े आदमी के हृदय का दो तोला मांस मिल जाए तो राजा के प्राण बच सकते हैं, इसलिए मैं आपके पास आपके हृदय 💓 का सिर्फ दो तोला मांस लेने आया हूं । इसके लिए आप एक लाख स्वर्ण मुद्रायें ले लें ।
यह सुनते ही सामंत के चेहरे का रंग उड़ गया, उसने प्रधानमंत्री के पैर पकड़ कर माफी मांगी और
*उल्टे एक लाख स्वर्ण मुद्रायें देकर कहा कि इस धन से वह किसी और सामन्त के हृदय का मांस खरीद लें ।*
प्रधानमंत्री बारी-बारी सभी सामंतों, सेनाधिकारियों के यहां पहुंचे और
*सभी से उनके हृदय का दो तोला मांस मांगा, लेकिन कोई भी राजी न हुआ, उल्टे सभी ने अपने बचाव के लिये प्रधानमंत्री को एक लाख, दो लाख, पांच लाख तक स्वर्ण मुद्रायें दीं ।*
इस प्रकार करीब दो करोड़ स्वर्ण मुद्राओं का संग्रह कर प्रधानमंत्री सवेरा होने से पहले वापस अपने महल पहुंचे और समय पर राजसभा में प्रधानमंत्री ने राजा के समक्ष दो करोड़ स्वर्ण मुद्रायें रख दीं ।
सम्राट ने पूछा :
यह सब क्या है ? तब प्रधानमंत्री ने बताया कि दो तोला मांस खरिदने के लिए
*इतनी धनराशि इकट्ठी हो गई फिर भी दो तोला मांस नही मिला ।*
राजन ! अब आप स्वयं विचार करें कि मांस कितना सस्ता है ?
जीवन अमूल्य है, हम यह न भूलें कि जिस तरह हमें अपनी जान प्यारी है, उसी तरह सभी जीवों को भी अपनी जान उतनी ही प्यारी है। लेकिन वो अपना जान बचाने मे असमर्थ है।
और मनुष्य अपने प्राण बचाने हेतु हर सम्भव प्रयास कर सकता है । बोलकर, रिझाकर, डराकर, रिश्वत देकर आदि आदि ।
*पशु न तो बोल सकते हैं, न ही अपनी व्यथा बता सकते हैं ।*
*तो क्या बस इसी कारण उनस जीने का अधिकार छीन लिया जाय ।*
*शुद्ध आहार, शाकाहार !*
*मानव आहार, शाकाहार !*
अगर ये लेख आपको अच्छा लगे तो हर व्यक्ति तक जरुर भेजे।
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🎀👏"मारवाड़ी" भच्चीड़👏🎀
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एक बार महाराष्ट्र का एक गुरूजी की नौकरी राजस्थान में लग गई..
राजस्थान में रहते हुऐ गुरूजी को कई साल हो गये..
और गुरूजी को मारवाड़ी भाषा का काफी ज्ञान हो गया
और बे टाबरां ने केंवता की मने पूरी मारवाड़ी आवे लागी है
छोरा बोल्या - गुरूजी मारवाड़ी तो म्हाने भी पूरी कोनी आवे तो थे कठेऊ सीख गया..?
गुरूजी बोल्या - मने तो पूरी आवे है ..थे कीं पूछ सको हो..
छोरा - लगाओ 500 की शर्त.........
गुरूजी शर्त लगा ली..
एक दिन गुरूजी सुबह सुबह जंगळ जा कर आया
टूंटी पर हाथ धोवा हा कि टींगर बोल्या
गुरूजी दियाया भचीड़..?
गुरूजी सोच्यो फ्रेश होर आणा न ही भचीड़ केवे है..बे बोल्या-
"हाँ भाई दियायो भचीड़"
बात आई गई हूगी
दोपारां बोर्डिंग मेस में खीर बनाई..
एक कानी गुरूजी.. दूसरी कानी छोरा बैठा जीमण ने
गुरूजी बोल्या - भाई खीर की खुशबू तो घणी सांतरी आवे है ..लागे है खीर जोरदार बनी है
छोरा बोल्या - "पछ देखो काई हो गुरूजी..दयो भचीड़"
गुरूजी सोच्यो खीर खाने ने भी भचीड़ ही केवे है शायद
शाम को मैदान में रस्सा कसी को खेल चाल रियो हो
गुरूजी एक छोर रस्से को पकङकर उभा हा
बठीनू छोरा आया और बोल्या कांई करो गुरूजी..?
गुरूजी--भाई रस्सा खेंच प्रतियोगिता चालू है
छोरा--पछे देखो कांई हो गुरूजी..
दयो भचीड़
गुरूजी रस्से ने खींची..तो बा टूट गी और गुरूजी क लागी खोपड़ी म।
.......छोरा बोल्या - "गुरूजी खा लियो न भचीड़"
गुरूजी बोल्या.. "सुबह से हर बात म एक ही बात ..भचीड़ भचीड़ भचीड़ "
छोरा बोल्या गुरूजी म्हे पेली ही आपने कियो कि
मारवाड़ी भाषा ने कोई नई समझ सक है तो देवो 500 रिप्या ..
गुरूजी दुखी मन स दिया.
छोरा फेर बोल्या। तो आ है मारवाड़ी गुरूजी.. लाग ग्यो न 500 को भचीड़ ..
😬😬😬😬😬😬😁😁😁😁😁😁😁😁😡😡😡😡😡
😂गुरूजी बेहोश है😂
👉मार दो आगलै ग्रुप म भच्चीड़😅
🐪🐪Mharo Rajasthan 🐪...
23/12/2016
हम अपनी आँगन की *तुलसी* को संभाल नहीं पाए,..
इसलिए
शायद हमारे बच्चे *क्रिसमस ट्री* के दिवाने होते जा रहे है...
जय श्री कृष्ण🙏🏼
😄😜😜😜
हर भारतीय पत्नी अपने पति को ये उलाहना जरूर देती है...
""भगवान् का शुक्र करो कि मेरी जैसी सीधी-सादी पल्ले पड़ी है....
कोई तेज-तर्रार मिलती ना..
अक्कल ठिकाने आ जाती""
इसके बाद पति बेचारा पूरा दिन इसी डरावनी कल्पना में निकाल देता है कि अगर ये सीधी-सादी
है तो फिर तेज-तर्रार कैसी होती होगी
😄😄😄😄😄😄😄😄
अपशब्द मन पर गहरा
प्रभाव डालते हैं,
शरीर के जख्म भर जाते हैं पर
मन के घाव चिरंतर बने रहते हैं,
इसलिये जहां तक हो सके,
कृपया मारपीट कर के मामला निपटा लें 😂
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