KAVA
Karunamayi Animal Voice Association
Voice for voiceless ❤️
Turning point of life
15/02/2026
🙏
जब भगवान शिव अपने गले में सर्प धारण कर सकते हैं,
नंदी को अपना प्रिय बना सकते हैं,
हर प्राणी को समान दृष्टि से देख सकते हैं…
तो हम इंसान होकर क्यों दिल छोटा कर लेते हैं?
जिस ईश्वर ने हमें करुणा का हृदय दिया,
उसी ने उन बेजुबानों को मासूम आँखें दीं —
जो बोल नहीं पाते,
पर हर दर्द चुपचाप सह जाते हैं।
सोचिए…
जब कोई प्यासा कुत्ता सड़क किनारे बैठा होता है,
जब कोई घायल पक्षी तड़प रहा होता है,
जब कोई गाय भूखी खड़ी होती है —
तो क्या उनकी पीड़ा ईश्वर तक नहीं पहुँचती होगी?
शायद भगवान हमसे ही उम्मीद करते हैं…
कि हम उनके हाथ बनें,
उनकी दया बनें,
उनकी करुणा बनें।
आइए, आज वादा करें —
हम पत्थर दिल नहीं, इंसान बनेंगे।
हम नफरत नहीं, प्रेम चुनेंगे।
हम क्रूरता नहीं, करुणा फैलाएँगे।
क्योंकि
पशुओं से प्रेम करना केवल दया नहीं,
यह हमारी इंसानियत की पहचान है। 🐾❤️
सड़क से सुरक्षा तक: KAVA NGO की जीवन रक्षक रेस्क्यू यात्रा🐄
आज हमें सूचना मिली कि नारकंडा क्षेत्र में कुछ बेसहारा पशु सड़कों पर भटक रहे हैं…
जिन्हें मदद, सुरक्षा और सहारे की ज़रूरत थी।
सूचना मिलते ही KAVA NGO की टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुँची।
स्थिति को पूरी संवेदनशीलता के साथ समझा गया
और उन गायों को शांतिपूर्वक, सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया।
KAVA NGO के लिए रेस्क्यू
सिर्फ सड़क से पशु को उठाना नहीं होता…
यह डर, दर्द और असहायता से बाहर निकालकर
एक नई ज़िंदगी की ओर ले जाने की शुरुआत होती है।
हर गाय को विशेष व्यवस्था के साथ वाहन द्वारा
सुरक्षित गौशालाओं तक पहुँचाया जाता है,
जहाँ उन्हें समय पर भोजन, इलाज
और निरंतर देखभाल मिलती है।
आज ये पशु सैंज,
रामा–श्यामा गौसदन (राजगढ़),
कुडू–लवाणा, विकास खंड राजगढ़
और दलोघाटी जैसी विश्वसनीय गौशालाओं में
सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन जी रहे हैं।
KAVA NGO का काम सड़क पर खत्म नहीं होता—
हमारा रेस्क्यू
एक सुरक्षित, सम्मानजनक
और बेहतर भविष्य से शुरू होता है। 🐄❤️
🐄❤️
जब सवाल उठे कि “ले कहाँ जाते हो?”
तो जवाब सिर्फ शब्दों में नहीं,
हर उस सुरक्षित जगह में है
जहाँ एक बेसहारा जानवर आज सुकून से सांस ले रहा है।
शायद कुदरत ने भी हमारा साथ
तभी दिया,
जब हमने इन पशुओं को
मुसीबत से निकालकर
सुरक्षित जगह तक पहुँचाना शुरू किया।
यह सिर्फ rescue नहीं,
यह जिम्मेदारी है।
यह इंसानियत है। 🐾🤍
— KAVA NGO
जब दुनिया सोती है, कोई जिंदगी बचाता है (KAVA NGO)
पहाड़ों में बर्फ़ गिरती है…और कई ज़िंदगियाँ थम जाती हैं। न बोल पाने वाले,
न किसी से मदद माँग पाने वाले—बस इंतज़ार करते हैं… किसी अपने का। इन्हीं लम्हों में KAVA NGO उम्मीद बनकर पहुँचते हैं।यह सिर्फ़ रेस्क्यू नहीं,
यह ठंड से लड़ती संवेदना है।
यह कैमरे के सामने नहीं,
ज़मीर के सामने किया गया काम है।हर जान को बराबर समझने की सोच,हर प्राणी को अपना मानने का साहस—यही KAVA NGO की पहचान है।🙏
🙏🙏🙏 thank you so muchh really means alot
सबसे पहले दिल से विशेष आभार
फागू से आए श्याम भाई, कपिल भाई और उनकी पूरी टीम को,
जो अपनी गाड़ी लेकर आए,
ग्राउंड लेवल पर खड़े रहे,
रेस्क्यू का पूरा खर्च उठाया,
KAVA पर भरोसा किया
और हमारी टीम का हिस्सा बनकर
इस मिशन को सफल बनाया। 🙏
आज जिन पशुओं को रेस्क्यू किया गया,
उन्हें सुरक्षित रूप से राजगड़ गौशाला भेज दिया गया है।
कुडू लवाणा गौशाला का दिल से धन्यवाद,
जो इन मासूमों का सहारा बनी हुई है,
जो बिना किसी दिखावे के
इनकी देखभाल, भोजन और सुरक्षा की ज़िम्मेदारी निभा रही है।
रेस्क्यू कोई एक पल का काम नहीं होता।
हमारी टीम लगातार
बर्फ में ठिठुर रहे पशुओं के लिए सुरक्षित स्थान ढूँढने में व्यस्त रहती है।
कभी देर रात,
कभी सुबह से पहले,
जब तापमान शून्य से नीचे होता है,
तब भी हमारी टीम
हर संभव कोशिश करती है
कि कोई भी प्राणी
असहाय न रह जाए।
आज हमारी टीम
रात 3 बजे तक कड़ाके की ठंड और बर्फ में काम करती रही।
इन सभी के भी अपने परिवार हैं,
बच्चे हैं,
जो उस वक्त जागकर
बस यही दुआ कर रहे थे
कि उनके अपने सुरक्षित घर लौट आएँ।
विशेष सलाम उन महिला वर्कर्स को,
जो दिन-रात टीम के साथ खड़ी रहती हैं,
जिनकी मेहनत अक्सर कैमरे में नहीं दिखती,
लेकिन हर रेस्क्यू उन्हीं के भरोसे पूरा होता है। 🙏
हमारे एनजीओ से जुड़े ज़्यादातर लोग दिल से, निस्वार्थ भाव से और पूरी ईमानदारी के साथ काम करते हैं।
बिना किसी दिखावे के, बिना किसी उम्मीद के—सिर्फ़ बेज़ुबान जानवरों की मदद के लिए।
ऐसे सभी साथियों के लिए हम दिल से आभारी हैं। 🙏
लेकिन अफ़सोस के साथ कहना पड़ता है कि कुछ लोग इस सेवा को राजनीति और अपना बोलबाला बनाने का ज़रिया बना रहे हैं।
रेस्क्यू पूरा होने से पहले ही सोशल मीडिया पर क्रेडिट लेने की होड़ लग जाती है।
जानवरों के दर्द से ज़्यादा, कुछ लोगों को अपने नाम और लाइक्स की फ़िक्र होती है।
हम साफ़ कहना चाहते हैं—
एनिमल वेलफ़ेयर कोई स्टेज नहीं है,
रेस्क्यू कोई कंटेंट नहीं है,
और सेवा कोई प्रतियोगिता नहीं है।
अगर आप हमारे साथ जुड़ रहे हैं, तो आपका स्वागत है—
लेकिन निस्वार्थ भाव से आइए,
ईमानदारी से काम कीजिए,
और क्रेडिट से पहले ज़िम्मेदारी निभाइए।
क्योंकि असली सेवा वही है
जो कैमरे के पीछे भी उतनी ही सच्ची हो
जितनी कैमरे के सामने। 🐾✨
🙏🙏🙏ये possibal हुआ है सिर्फ और सिर्फ से आए #श्यामभाई से आए #कपिल भाई की #पूरीटीम की बदौलत 🫡 हम इनके बेहद शुक्रगुजार है कि इन्होंने आज कावा और मनीषा चौहान फाउंडेशन के साथ मिलकर बर्फ में ठिठुर रहे पशुओं को रेस्क्यू करवाया
ये स्राह्नीय काम इतनी ठंड में संभव नहीं था लेकिन हमारी टीम और स्थानीय लोगो की इंसानियत और करुणा की वजह से ये संभव हुआ
आप भी हमारे साथ जुड़िए और एक बेहतर समाज बनाइये
26/01/2026
🙏जो भी लोग Matiana,,,,भराना ,,,, भाज या साथ लगती पंचायतों से एक मुट्ठी घास या बान या मोरू की पत्तियां donate कर सकते हैं कृपया जरूर करे ,,,,क्योंकि आपका वो waste सा घास भी किसी के लिए जिंदगी बन सकता है। जो भी लोग घास देने के इच्छुक है कृपया कॉमेंट में बताए या दिए गए नंबरों पर संपर्क करें 🙏🙏🙏
Video को ज्यादा से ज्यादा SHARE करें 🙏🙏🙏
आज बर्फ़ से ढकी वादियों के बीच, जहाँ एक ओर प्रकृति की सुंदरता मन मोह लेती है,
वहीं दूसरी ओर बर्फ़ में ठिठुर रहे पशुओं की पीड़ा हमें हमारी ज़िम्मेदारी का एहसास कराती है।
🥶🥶🥶इस कड़ाके की ठंड में बेज़ुबान पशु न तो अपनी तकलीफ़ बयान कर सकते हैं और न ही अपने लिए भोजन🌾 या आश्रय🛖 ढूँढ पाते हैं।
इसी भावना को समझते हुए NGO के सहयोग से
मतियाना क्षेत्र के गढ़ाकुफरी में
#भराना गांव के संवेदनशील लोगों ने आगे बढ़कर बर्फ़ में ठिठुर रहे पशुओं के लिए घास का प्रबंध किया।
यह पहल सिर्फ एक मदद नहीं, बल्कि यह दिखाती है कि आज भी समाज में करुणा, इंसानियत और जिम्मेदारी ज़िंदा है।
जब हर ओर बर्फ़ जमी हो और भोजन के स्रोत खत्म हो जाएँ,
तब दिया गया एक-एक पुड़ा घास भी किसी जीवन के लिए वरदान बन जाता है।
भराना गांव के लोगों का यह छोटा सा प्रयास
इन पशुओं के लिए गर्मी, सुरक्षा और जीवन की उम्मीद लेकर आया।
हम मतियाना, नारकंडा और आसपास की सभी पंचायतों,
स्थानीय लोगों, संस्थाओं और NGOs से
विनम्र अपील करते हैं कि आप भी इस मानवीय कार्य में अपना योगदान दें।
👉यह ज़रूरी नहीं कि योगदान बड़ा हो—
अगर आप एक–दो पुड़े घास के भी दे पाते हैं,
तो वह भी बर्फ़ में ठिठुर रहे किसी पशु के लिए बहुत बड़ी मदद है।
आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि
इस सर्द मौसम में कोई भी बेज़ुबान भूखा, बेसहारा या ठंड से मजबूर न रहे।
आज आपका छोटा सा सहयोग
कल किसी की जान बचाने का कारण बन सकता है।
🙏 करुणा बाँटिए, मानवता बचाइए।
बर्फ़ में ठिठुर रहे पशुओं के लिए
आपका साथ ही उनका सबसे बड़ा सहारा है। 🐾❄️
नारकंडा क्षेत्र में इस समय कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी में
कई निरीह पशु खुले में ठिठुरने को मजबूर हैं।
हम नारकंडा के सभी नागरिकों और सामाजिक संगठनों (NGOs) से
विनम्र अनुरोध करते हैं कि इन पशुओं को
किसी सुरक्षित और गर्म स्थान पर अस्थायी रूप से रखा जाए।
आजकल कई सेब मंडियाँ और शेड खाली पड़े हैं,
जिनका उपयोग संकट की इस घड़ी में किया जा सकता है।
इन बेज़ुबान जीवों की देखभाल करना
हम सबका नैतिक और मानवीय दायित्व है।
आइए, मिलकर आगे आएँ और
इन मासूम पशुओं को ठंड से बचाने में सहयोग करें।
थोड़ी सी संवेदना, किसी की जान बचा सकती है। 🙏🐄❄️
22/01/2026
Thank you Nayagaon Matiana
टीम KAVA NGO बनीं महेश्वरी कप सीजन 3 में ENTER होने वाले 36वीं टीम। यह टीम महेश्वरी कप सीजन 2 मे KANDYALI नाम से खेली थी। 🎉🏆👏💪
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