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07/02/2026
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22/01/2026
कामाख्या (असम) और रोहतक (हरियाणा) के बीच शुरू होने वाली नई अमृत भारत एक्सप्रेस के बारे में है। यहाँ इस ट्रेन से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई है:
मुख्य जानकारी
ट्रेन नंबर: 15671 (कामाख्या से) / 15672 (रोहतक से)
ट्रेन का नाम: अमृत भारत एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
दूरी: लगभग 1,939 किमी
कुल समय: लगभग 40 घंटे 45 मिनट
संचालन का समय (Schedule)
कामाख्या जं. 22:00 (शुक्रवार) 12:35
न्यू जलपाईगुड़ी 05:20 04:10
बरौनी जं. 13:20 20:10
वाराणसी 23:05 12:00
प्रयागराज जं. 01:40 09:20
दिल्ली जं. 13:10 23:55
रोहतक जं. 14:45 (आगमन) 22:10 (प्रस्थान)
मार्ग और ठहराव
यह ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें शामिल हैं:
रंगिया जं., बरपेटा रोड, न्यू बोंगाईगाँव, कोकराझार, न्यू कोच बिहार, किशनगंज, बारसोई जं., कटिहार जं., नवगछिया, मानसी जं., खगड़िया जं., बेगूसराय, हाजीपुर, सोनपुर, छपरा, बलिया, गाजीपुर सिटी, औंड़िहार जं., ज्ञानपुर रोड, प्रयागराज रामबाग, गोविंदपुरी, टूंडला जं., गाजियाबाद और बहादुरगढ़।
Data based on your provided list for April-Dec 2025)
Rank Station Name Earning (in ₹)
1 Gorakhpur Jn. 4,44,70,10,423
2 Lucknow Jn. 2,30,64,50,991
3 Chhapra Jn. 1,50,41,52,447
4 Banaras 1,45,32,89,112
5 Siwan Jn. 96,77,43,372
6 Mau Jn. 78,03,47,157
7 Ballia 75,03,39,304
8 Gonda Jn. 69,38,17,906
9 Basti 67,66,11,310
10 Deoria Sadar 53,41,89,570
02/01/2026
बिहार सरकार ने वर्ष 2026 के लिए आधिकारिक अवकाश तालिका (Holiday Calendar) जारी कर दी है। इस साल सरकारी कर्मचारियों को कुल 35 दिनों की सरकारी छुट्टियां मिलेंगी। हालांकि, इनमें से 6 छुट्टियां रविवार को पड़ रही हैं, इसलिए प्रभावी रूप से 29 अतिरिक्त छुट्टियां मिलेंगी।
यहाँ बिहार की प्रमुख छुट्टियों का हिंदी सारांश दिया गया है:
📅 बिहार सरकारी छुट्टियां 2026 (प्रमुख सूची)
त्यौहार / अवसर तिथि दिन
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी सोमवार
बसंत पंचमी 23 जनवरी शुक्रवार
होली 03 - 04 मार्च मंगलवार - बुधवार
ईद-उल-फितर (ईद) 21 मार्च शनिवार
बिहार दिवस 22 मार्च रविवार
राम नवमी 27 मार्च शुक्रवार
डॉ. अंबेडकर जयंती 14 अप्रैल मंगलवार
मई दिवस / बुद्ध पूर्णिमा 01 मई शुक्रवार
ईद-उल-जोहा (बकरीद) 28 मई गुरुवार
स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त शनिवार
गांधी जयंती 02 अक्टूबर शुक्रवार
दुर्गा पूजा (दशहरा) 18 - 20 अक्टूबर रविवार - मंगलवार
दिवाली 08 नवंबर रविवार
छठ पूजा 15 - 16 नवंबर रविवार - सोमवार
क्रिसमस 25 दिसंबर शुक्रवार
01/01/2026
प्राकृतिक खेती (Natural Farming) एक ऐसी कृषि पद्धति है जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग बिल्कुल नहीं किया जाता। इसे "जीरो बजट प्राकृतिक खेती" (ZBNF) के रूप में भी जाना जाता है, जिसे भारत में श्री सुभाष पालेकर जी ने काफी प्रसिद्ध किया है।
इस पद्धति का मुख्य उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य को फिर से जीवित करना और खेती की लागत को कम करना है। आइए इसके मुख्य स्तंभों को समझते हैं:
बीजामृत (Beejamrit): बीजों को मिट्टी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए गाय के गोबर और मूत्र से उपचारित किया जाता है। 🧪
जीवामृत (Jeevamrut): यह मिट्टी के सूक्ष्मजीवों और केंचुओं को सक्रिय करने वाला एक घोल है, जिसे गोबर, गोमूत्र, गुड़ और बेसन से बनाया जाता है। 🦠
मल्चिंग या आच्छादन (Mulching): मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए उसे फसल के अवशेषों या सूखी घास से ढका जाता है। 🌾
वापसा (Whapasa): ऐसी स्थिति बनाना जहाँ मिट्टी में हवा और नमी (पानी नहीं, बल्कि वाष्प) का सही संतुलन हो। 🌬️
हम इस विषय में आगे कैसे बढ़ें? आप इनमें से किस विकल्प के बारे में अधिक जानना चाहेंगे:
मिट्टी का स्वास्थ्य: प्राकृतिक खेती कैसे बंजर जमीन को फिर से उपजाऊ बनाती है?
आर्थिक लाभ: यह किसानों के लिए 'जीरो बजट' कैसे है और लागत को कैसे कम करती है?
कीट नियंत्रण: बिना रसायनों के फसल को कीटों से बचाने के देसी तरीके (जैसे अग्निस्त्र या नीमास्त्र)।
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