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19/03/2026

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19/03/2026

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08/03/2026

Congratulations 💐

07/03/2026

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07/03/2026

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27/02/2026

Saxenda Weight management by

27/02/2026

👉पेशाब के इस इंफेक्शन को हल्के में न लें, किडनी तक पहुंचा तो ये बीमारी ICU में पहुंचा देगी*
पायलोनेफ्राइटिस इंफेक्शन क्या होता है. इसके क्या लक्षण हैं. कौन लोग इसके ज़्यादा रिस्क पर होते हैं. कितना खतरनाक है. साथ ही जानेंगे, इससे बचाव और इलाज.

पेशाब का इंफेक्शन यानी UTI. एक बहुत ही आम समस्या. आम है, इसलिए बहुत सारे लोग इसे सीरियसली नहीं लेते. पेशाब में जलन जैसे लक्षणों को इग्नोर कर देते हैं. डॉक्टर को नहीं दिखाते. कभी शर्म के चलते. कभी ये सोचकर कि अपने आप ठीक हो जाएगा. लेकिन UTI पर ध्यान नहीं देना बहुत ख़तरनाक हो सकता है. इससे पायलोनेफ्राइटिस भी हो सकता है. ये एक सीरियस किडनी इंफेक्शन है.

👉पायलोनेफ्राइटिस क्या होता है?
ये हमें बताया डॉक्टर भानु मिश्रा ने

पायलोनेफ्राइटिस एक यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन है. UTI को लोग छोटी बीमारी के रूप में देखते हैं. पायलोनेफ्राइटिस UTI का रौद्र रूप है. पायलोनेफ्राइटिस का मतलब होता है, किडनी का डायरेक्ट इंफेक्शन.

👉पायलोनेफ्राइटिस के लक्षण
-ये एक तरह का सीवियर सेप्सिस है

-जिसमें खून के अंदर बैक्टीरियल इंफेक्शन बहुत तेज़ी से फैलता है

-इससे आपका पल्स रेट बढ़ सकता है, बीपी लो हो सकता है

-कई मरीज़ों को ICU में भर्ती होना पड़ता है
👉इलाज
ऐसी सिचुएशन में इंजेक्टेबल एंटीबायोटिक्स की ज़रूरत होती है. डायबिटिक, ओबीज़ लोगों और महिलाओं में पायलोनेफ्राइटिस ज़्यादा गंभीर रूप ले सकता है. इसे एम्फिसेमेटस पायलोनेफ्राइटिस कहते हैं. यानी गैस फॉर्मिंग ऑर्गनिज़्म, जो किडनियों के अंदर बनते हैं. यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन को हल्के में नहीं लेना चाहिए. पायलोनेफ्राइटिस पर ख़ासतौर से ध्यान देना ज़रूरी है.

👉कौन लोग ज़्यादा रिस्क पर?
-जिन्हें स्टोन हैं

-ओबेसिटी या डायबिटीज़ है

-बार-बार यूरिन इंफेक्शन हो रहा है

-ब्लैडर का इंफेक्शन हो रहा है

-छोटे इंफेक्शन हो रहे हैं

-प्रोस्टेट की बीमारी है

-इन पेशेंट्स में पायलोनेफ्राइटिस होने का रिस्क ज़्यादा है

-ऐसे पेशेंट्स को इंजेक्टेबल एंटीबायोटिक्स दिए जाते हैं

इस बीमारी में एंटीबायोटिक्स लंबे समय तक चलते हैं. बीमारी की गंभीरता को देखते हुए एंटीबायोटिक्स 14-21 दिनों के लिए दिए जाते हैं. पेशेंट के ठीक हो जाने के बाद भी कोर्स पूरा करना ज़रूरी है. एंटीबायोटिक्स का कोर्स खत्म हो जाने के बाद 12-16 हफ़्ते प्रोफिलैक्सिस चलते हैं. यानी बचाव के लिए दवा दी जाती है, ताकि इंफेक्शन दोबारा न हो.
रिस्क फैक्टर्स को समझकर उन्हें जड़ से हटाने की कोशिश करे

👉बचाव ओर उपाए
-लंबे समय तक यूरिन ना रोकें

-इंफेक्शन को पकड़ने के लिए यूरिन का रुटीन माइक्रोस्कोपी टेस्ट करवाएं

-कल्चर सेंसिटिविटी का टेस्ट भी बहुत ज़रूरी है

-डॉक्टर की सलाह से एंटीबायोटिक्स लेना शुरू करें

-दवा कितनी मात्रा में लेना है और कितने समय तक लेना है, ये डॉक्टर ओर फार्मासिस्ट आपको बताएंगे

19/02/2026

Ramadan Mubarak all Muslims friends around the world. 💐
May the holy month of Ramadan shower of love, happiness and wealth rizk. 🤲

18/02/2026

Magnesium benefits and use👍

18/02/2026

Ramadan Mubarak 😘🥰

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