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संघर्ष ने तपाया है,अनुभव ने निखारा है..
सागर- जिला अस्पताल में कूलर की हवा के लिए रोज झगड़ रहे है मरीजो के परिजन,वीडियो आया सामने,NEWS 24 की खबर
सागर-भीड़ का बेरहम चेहरा,अपशब्द बोलने पर मानसिक बीमार की डंडो से की पिटाई,सागर के तीनबत्ती की घटना,वीडियो आया सामने,NEWS 24 की खबर
सागर-भीड़ का बेरहम चेहरा,अपशब्द बोलने पर मानसिक बीमार की डंडो से की पिटाई,सागर के तीनबत्ती की घटना,वीडियो आया सामने
#त्राहिमाम_मीडिया
प्रसिद्ध अभिनेता आशुतोष राणा अभिनीत नाट्य "हमारे राम" का मंचन सागर के पद्माकर सभागार में 16 मई को दो शो में होगा,आशुतोष राणा सहित सागर के उनके मित्र पूर्व महापौर अभय दरे,पूर्व विधायक सुनील जैन,सुरेंद्र सुहाने,मनोज डेंगरे,रामकुमार पचौरी और अभिषेक गौर ने शहरवासियों से अपील की है कि इस अद्भुत नाट्य को अवश्य देखें,
#त्राहिमाम_मीडिया
सागर-बीना विधायक निर्मला सप्रे का बयान,अब न्यायालय में मामला है वहीं तय होगा कि मैं किस पार्टी में हूँ,बीना के लिए 3 सौ करोड़ और बीना को जिला बना दें उमंग सिंघार तो मैं उनके साथ चली जाऊंगी,देखिये NEWS 24 की खबर
सागर-तेज आंधी से नरवाई की आग पहुंची स्टेट हाइवे पर,आधे घंटे आवागमन रहा बंद,,सागर-बीना रोड का बताया जा रहा वीडियो आया सामने,NEWS24 की खबर
03/05/2026
बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण-बजट रहित सफेद हाँथी की सवारी में किसी की रुचि नही
उमेश यादव "त्राहिमाम"
राजनीतिक नियुक्तियों की इस बरसात के दौरान बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के नाम पर बादल भी दिखाई नही दे रहे है जबकि जबलपुर,विंध्य,चित्रकूट सहित अन्य प्राधिकरण में कुछ नियुक्तियां की जा चुकी है और कुछ महत्त्वपूर्ण प्राधिकरणों के लिए राय शुमारी जारी है,
बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण सफेद हाँथी की उपमा से ख्यात है कारण यह कि वर्ष 2007 में इस प्राधिकरण के गठन से लेकर आज तक महज 60 करोड़ रुपये का बजट दिया गया जिसके खर्च पर भी यदा-कदा संदेह जताया जाता रहा है,रामकृष्ण कुसमरिया जैसे नेता इसके अध्यक्ष रहे लेकिन इस BDA के लिए एक कार्यालय तक मयस्सर नही हुआ,कभी सागर के 2 नंबर रेस्ट हाउस में तो कभी कमिश्नरी के एक कमरे में प्राधिकरण का बोर्ड लटका दिखाई देता रहा है,
बहरहाल, ऐसा नही है कि इस क्षेत्र को प्राधिकरण की आवश्यकता नही है या प्राधिकरण अनुपयोगी है,सागर,पन्ना,छतरपुर,टीकमगढ़,दमोह,निवाड़ी और दतिया सहित 7 जिलो तक BDA का कार्य क्षेत्र है,विकास के अनगिनत छोटे बड़े प्रोजेक्ट चल रहे है जिनके साथ ही शहरी और ग्रामीण बुनियादी विकास के मामलों में समान और दूरगामी लक्ष्य आधारित प्लानिंग और क्रियान्वयन,संभावनाओं,शासन से समन्वय जैसी गतिविधियों के लिए यह सिंगल विंडो की तरह काम कर सकता है लेकिन सिर्फ चुनावी दृष्टि से जब गठन किया ही गया था तो इसके (BDA) के बायलॉज क्यों और कौन बनाता,
बजट रहित,कार्यालय रहित,स्टाफ रहित,बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण एक प्रमाण है कि मलाई रहित होने के कारण इसमे नेताओ की रुचि नही है,मलाई तो है ही नही और न ही इसे सार्थक बनाने के प्रयास की सोच ,यानी चुनौती स्वीकार करने और इसे (BDA) प्रभावी बनाने के लिए समय और ऊर्जा खर्च करने के लिए थोड़ी नेता राजनीति में दिन रात एक कर रहे है,
आंचलिक क्षेत्र में समान बुनियादी विकास के लिए दर्जनों एजेंसियां काम कर रही है,क्षत्रिय विकास में संतुलन हो इसके रचनात्मक प्रयास को मूर्त रूप विकास प्राधिकरण की टेबिल पर ही बेहतर दिया जा सकता है लेकिन बात फिर वही आती है कि यहां अभी तो सिर्फ काम करना है,मलाई नही है,खैर..
इस बुंदेलखंड प्राधिकरण को पुनः जीवित करने की यदि सरकार की मंशा हो तो लालबत्ती का सपना देखने वालों को नही बल्कि किसी ऐसे स्वप्नद्रष्टा को इसकी कमान दे जो इस सफेद हाँथी को विकास के रथ में जोत सके,जो इस वीर भूमि के कल्याण के लिए लालायित हो न कि अपने विकास के लिए,हालांकि भूसे में सुई ढूढ़ने जैसा टास्क है यह,प्रयोग भी किया जा सकता है,
बहरहाल,इस बुंदेलखंड क्षेत्र को विकास प्राधिकरण की महती जरूरत है,केन-बेतवा प्रोजेक्ट हो या सभी जिलों की निर्माणधीन बड़ी सिंचाई परियोजनाएं हो या बीना कैमिकल इंड्रस्टीज कॉरिडोर का क्रियान्वयन हो या फिर चौतरफा बनते हाइवे हों,बुंदेलखंड में विकास तो जारी है लेकिन कहीं बेतरतीव और असंतुलन निर्मित न हो इसलिए क्षेत्रीय केंद्रीय कार्यालय जो विकास प्राधिकरण ही हो सकता है यह जरूरी है,कोई नेता न मिले तो किसी प्रशानिक अधिकारी के हवाले ही कर दिया जाए लेकिन बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण को पुनःजीवित किया जाना इस क्षेत्र के कल्याण के में सहायक होगा
त्राहिमाम मीडिया
30/04/2026
स्वक्षता में उच्च स्थान प्राप्त करने के निकट पहुंचा सागर,नागरिको का स्वानुशासन दिला सकता है बड़ी उपलब्धि
उमेश यादव "त्राहिमाम"
सागर/ कुछ अपवाद क्षेत्र छोड़ दिये जायें तो हम पाते है कि निगम सफाई कर्मी और कचरा वाहन सतत शहर का कचरा साफ करने और शिफ्ट करने का काम समर्पण के साथ करते है,शायद ही कुछ क्षेत्र या वार्ड ऐसे हों जहां कचरे और गंदगी से जनता परेशान हो लेकिन शायद ही ऐसा होता होगा कि जनता की शिकायत पर तुरंत एक्शन न लिया जाय,वर्तमान स्थिति में शहर की लगभग सभी गालियां और नालियां पक्की बनी हुई है,कचरा घर की जगह बड़े डस्टबिन स्थापित किये जाते रहे है जिनसे कचरा कलेक्शन होता है और शहर से दूर भेजा जाता है,यानी निगम प्रशासन और अमले ने हमें अनुकूल स्थितियां उपलब्ध कराई है कि हम अपने आस पास स्वक्षता बनाये रख सकते है लेकिन जब तक स्वानुशासन-सिविक सेंस नही होगा तब तक यूँ ही डस्टबीन टूटते रहेंगे और घर का कचरा नाली में या चौराहे पर हम फेंकते रहेंगे और फिर गंदगी का ठीकरा निगम के सिर पर फोड़ते रहेंगे,
इंदौर को स्वक्षता में नंबर 1 बनाये रखने मे वहां के प्रशासन की भूमिका से बड़ी भूमिका जनता की है,सभी नागरिक स्वानुशासन का पालन करते है,कचरे का निष्पादन तय और उचित माध्यम से करते है,प्रशासन आपको साधन और वातावरण उपलब्ध कराता है बाकी फिर आप जैसे होंगे वैसे रहेंगे और आपका घर-आंगन भी वैसा ही होगा,
बहरहाल अभी स्वक्षता सर्वेक्षण 2026 के लिए शहर तैयार हो रहा है,पिछली बार हमारा सागर शहर देश के 10 स्वक्ष शहरों की श्रेणी में शामिल था इस बार सब मिलकर प्रयास करें कि कम से कम टॉप 3 में तो हम स्थान बना ही सकें इसके लिए खुद स्वानुशासन का पालन करें और दूसरों को भी टोकें,हम यह तो कर ही सकते है,
निगमायुक्त राजकुमार खत्री भी इस दिशा में लगातार नवाचार कर रहे है,अभी कबाड़ से जुगाड़ का उनका प्रोजेक्ट सच मे कमाल कर रहा है,कई चौराहों पर कबाड़ से बनी कलाकृतियां दिखाई देती है जो संदेश देने के साथ ही सुंदरता में भी इजाफा कर रही है लेकिन अब बारी जनता की है,स्वक्षता सर्वेक्षण में शहरों की रैंकिंग हेतु सर्वे कार्य शुरू हो चुका है,ऑनलाइन लिंक fyad https://cf-sbmurban-org/ के माध्यम से नागरिकों के स्वच्छता फीडबैक लिए जा रहे हैं,आगामी समय में कभी भी सर्वे टीमें आ सकती हैं इसलिए निगमायुक्त खत्री ने नगर निगम के सभी अधिकारी,कर्मचारीयो से कहा है कि इस सर्वेक्षण प्रतिस्पर्धा को जीतने में अपना सर्वश्रेष्ठ दें,अपने-अपने कार्यक्षेत्र वार्डों के नागरिकों से सतत सम्पर्क करें और फीडबैक अवश्य करायें,प्रत्येक रहवासी का फीडबैक सागर को नंबर-1 बनाने में महत्वपूर्ण है,जिस तरह निगमायुक्त राजकुमार खत्री अपनी टीम से उम्मीद कर रहे है वैसे ही हम नागरिक भी उतनी ही जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभाये तो हमारे शहर को साफ शहर का उच्च दर्जा प्राप्त होना असंभव बिल्कुल नही है,"त्राहिमाम मीडिया"
28/04/2026
जनप्रतिनिधियों ने कायम रखी कलेक्टर पद की गरिमा,कलेक्ट्रेट पहुंच कर की मुलाकात,अब कलेक्टर कसौटी पर
उमेश यादव "त्राहिमाम"
सागर/बहुत दिन हुए यह इस शिष्टाचार को देखे हुए,अब देखना सुखद रहा,ऐसा नही है कि प्रतिनिधियों का आचरण कभी कलेक्टर के प्रति शिष्ट न रहा हो लेकिन जब साहब आते ही खुद ही बंगले-बंगले चले आएंगे तो..,
खैर,इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में जितनी बड़ी जिम्मेदारी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की होती है उतना ही आदर और सम्मान IAS के प्रति आम जनमानस के मन मस्तिष्क में भी होता है,जिलाधिकारी-जनप्रतिनिधि और जिले की अवाम के बीच जब सवांद और सामंजस्य के साथ अपनी-अपनी भूमिका ईमानदारी से निभाई जाती है तब लोक कल्याणकारी प्रशासन की तस्वीर साफ होती है,
बहरहाल,संदर्भ यह है कि आज महिला त्रिशक्ति की तस्वीरें समाचार के लिए प्राप्त हुई जिसमें सागर सांसद लता वानखेड़े सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल से मिलने उनके दफ्तर पहुंची और शिष्टाचार भेंट की,वही दूसरी तस्वीर में नगर की प्रथम नागरिक यानी महापौर संगीता तिवारी नजर आयी जिन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंच कर नवागत कलेक्टर प्रतिभा पाल का स्वागत किया,
अमूमन जिले में कलेक्टर और एसपी की नई पदस्थापना के साथ ही सबसे पहले जो चर्चा जोर पकड़ती है वह यह कि इन्हें फलां भैया लेकर आये है,भैया लोग भी दरबार मे द्रष्टान्त सुना देते की हम ही तो लेकर आये है,वे तो सो रहे थे,मैंने ही उन्हें फोन कर कहा कि सागर ज्वाइन करना है आपको..!
पिछली नियुक्तियों के मामले में जो भी जिसका आदमी रहा हो,जो भी दोनों में से एक को भी लेकर आया हो तो यकीनन उन पूतों के पांव देखने के बाद अब भैया लोग भूल से भी यह दावा नही करते कि "हम ही तो लाये थे"
बहरहाल वर्तमान में भैया हरों से ज्यादा तो बहन का पॉवर दिखाई दे रहा है,
लता वानखेड़े सागर सांसद होने के साथ ही प्रदेश बीजेपी महामंत्री है,बहुत संभव है कि सागर कलेक्टर पदस्थापना को लेकर सागर सांसद की राय ली गयी होगी और एक महिला को ही कलेक्टर के रूप में सागर भेजने का निर्णय देखने के बाद यह परिलक्षित होता भी दिखाई दे रहा है क्योंकि महिला द्वारा ही महिला की रिकमंड की ज्यादा संभवना होती है,
अंत मे बस यही कामना है कि सागर की बेवस नदी का पानी पीते हुए नवागत अधिकारी कभी किसी दबाव में बेवस न हों और जैसा सागर की दोनों महिला जनप्रतिनिधियों ने आपके दफ्तर में आ कर आपका स्वागत किया वैसे ही आपके द्वारा गरिमामयी प्रतिसाद आचरण के रूप के जिले को देखने मिलेगा,
त्राहिमाम मीडिया
27/04/2026
रामकुमार यादव"मर्दानपुर" बने बीजेपी किसान मोर्चा के सागर जिलाध्यक्ष
#त्राहिमाम_मीडिया
26/04/2026
विकास के बाद व्यवस्था जरूरी है
जनप्रतिनिधि और निगम प्रशासन ने शुरू किए प्रयास
उमेश यादव "त्राहिमाम"
सागर/शहर के वार्डो की कुछ अंदरूनी सड़क-नाली को छोड़ लगभग सभी मुख्य सड़को का निर्माण,पुनःनिर्माण,सुधार काम लगातार जारी है,सरकारी कार्यालय,बाग-बगीचे,चौक-चौराहे,तालाब,संजय ड्राइव रोड का सौन्दर्यकरण और एलिवेटिट कॉरिडोर शहर की सुंदरता बड़ा रहे है लेकिन इस विकास के बाद अब बारी है व्यवस्था की,शहर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक और अतिक्रमण की है जिसके चलते इतने विकास के बाद भी आम जनमानस सरकार को कोसता है,लगता है इसी तथ्य को समझते हुए सागर के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अब शहर को व्यवस्थित करने पर ध्यान केंद्रित किया है,यही वजह है कि मुख्य शहर की गलियों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति लगातार दिखाई दे रही है,
अव्यवस्था की पहली जड़ है संकरे रास्तों के हमारे शहर का बेतरतीव ट्रैफिक,इस दुश्वारी से दो-चार होते दो दिन पहले ही विधायक शैलेन्द्र जैन की तस्वीरें सामने आई थी,भारी जाम को देखते हुए विधायक खुद व्यवस्था बनाते नजर आए थे,फिर दूसरे दिन राहतगढ़ बस स्टैंड परिसर क्षेत्र को व्यवस्थित बनाने के लिए जनप्रतिनिधि,निगम प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने मंथन कर ऑटो टैक्सी सहित हाँथ ठेलो का स्थान सुचिश्चित कर व्यवस्थित करने की योजना बनाई है,हाँथ ठेलों और रेहड़ी वालो के विस्थान की कई बार योजना बनी,प्रयास भी हुए लेकिन सफलता नही मिल सकी,कटरा मस्जिद के चारो ओर की सड़कों के हाल बदतर है,रही सही कसर ई-रिक्शा की बढ़ती तादाद ने पूरी कर दी है,इस क्षेत्र के निवासियों के चार पहिया वाहन तो पहले से ही पूरा फुटपाथ निगल चुके है वो अलग,
बहरहाल दुश्वारियां गिनने के बजाय समाधान निकालने के मूड में नजर आ रहे जिम्मेदारों के साथ अवाम को भी खड़े होना चाहिए,कुछ नही तो सलाह-सुझाव तो दे ही सकते है और जिम्मेदार नागरिक होने का प्रमाण देते हुए कम से कम खुद के द्वारा पहले से व्याप्त इन दुश्वारियों में इजाफा करते दिखाई न दे यह प्रयास भी आपको सभ्य नागरिक साबित करेगा,सागर के बीचों-बीच थोक व्यापार के चलते माल वाहकों की शहर में घुसपैठ भी व्यवस्था बिगाड़ने में अहम है,
खैर,समाधान की तरफ चलें तो विधायक शैलेन्द्र जैन,निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार और निगम आयुक्त राजकुमार खत्री सहित ट्रैफिक पुलिस अमले द्वारा इस बार शहर को व्यवस्थित करने के प्रयास गंभीर नजर आ रहे है लेकिन यह प्रयास तभी परिणाम देगा जब नागरिक सहयोग करेंगे,अब घर बैठे कोसने से शहर व्यवस्थित नही होगा,आपका वैचारिक,सलाह-सुझाव या स्व-अनुशासन के योगदान के बिना यह संभव नही होगा यह हमें याद रखना होगा,
"त्राहिमाम मीडिया"
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