Sfi Rohtak
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Long Live SFI ☆
22/03/2026
शहीद भगत सिंह,राजगुरु ,सुखदेव के 95वें शहादत दिवस की याद में SFI एमडीयू व सभी छात्रों के द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी शहीदों को समर्पित "इंकलाबी मशाल जुलूस"
23 मार्च 2026
📌 बॉयज़ हॉस्टल से क्रांति चौक (MDU)
⏰ शाम 6:00 PM
आयोजक:- SFI MDU
8813882346
18/03/2026
SFI bihar
18/03/2026
18/03/2026
आज महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के अंदर एस.एफ.आई. एमडीयू यूनिट ने शहीद राजगुरु,सुखदेव,भगत सिंह के 95वें शहादत दिवस के मौके पर तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत पोस्टर प्रदर्शनी व बुक स्टाल लगायी।
पहले दिन साहित्यिक बुक स्टॉल व पोस्टर प्रदर्शनी में मुख्य अतिथि के रूप में एमडीयू नॉन टीचिंग के पूर्व प्रधान रणधीर सिंह कटारिया ने स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी लोन में बुक स्टॉल पर पहुंचकर शहीदों को पुष्प अर्पित करते हुए छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में हमारे स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को जानते हुए उनके कदमों पर चलते हुए ही छात्र और युवा कामयाब हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज भगत सिंह और उनके साथियों को नई पीढ़ी के युवा भूलने लगे हैं लेकिन उनकी विरासत को भूलाया नहीं जा सकता। इसके लिए एस.एफ.आई. अपनी स्थापना दिवस से ही उनके विचारों पर चलकर छात्र और समाज हित में कार्य करता है।
एस.एफ.आई. जिला सचिव रोहतक अमित पिलाना ने कहा कि आज वर्तमान दौर में पहले से कहीं ज्यादा शहीद भगत सिंह के विचारों की जरूरत छात्र और नौजवानों को है उनके रास्ते पर चलते हुए छात्र और नौजवान देश के अच्छे नागरिक बन सकते हैं।
एमडीयू यूनिट के सचिव उज्जवल व यूनिट प्रेसिडेंट शुभम मुख्य रूप से मौजूद रहे। उज्ज्वल ने कहा की आज बुक स्टॉल पर हजारों छात्रों ने विजिट किया और स्वतंत्रता संग्राम के शहीद साथियों का साहित्य खरीदा जो की दिखता है आज डिजिटल युग में भी जो छात्र युवा देश की क्रांतिकारी साहित्य को लेकर रूचि रखते हैं। उज्ज्वल ने कहा आगे भी हमारी यूनिट ऐसे-ऐसे कार्यक्रम विश्वविद्यालय के अंदर करती रहेगी।यूनिट प्रेसिडेंट शुभम ने कहा कि हमारा छात्र संगठन हमेशा शहीदों की विरासत को अपनाकर चलने वाला है हम आगे भी ऐसे ही देश के महान क्रांतिकारी और विभूतियों के दिवस को कैंपस में मनाएंगे। आज बुक स्टॉल और पोस्टर प्रदर्शनी के दौरान लक्ष्य,नीलम,रविंद्र,रोहित,राज,शुभम,हर्ष,पायल,दृष्टि, भारत,विक्रम,नीरज,रवि,अनिल,बिजेंदर तथा अमित पिलाना मौजूद रहे।
एस.एफ.आई.
एम.डी.यू. यूनिट
02/03/2026
प्रैस विज्ञप्ति
28/02/2026
क्रांतिकारी बधाई..
27/02/2026
आज SFI (MDU), रोहतक की यूनिट कॉंफ़्रेंस सफ़लतापूर्वक सम्पन्न हुई। 15 मेंबर्स की कमेटी का गठन हुआ। यूनिट सचिव पद पर उज्ज्वल कुंडू तथा अध्यक्ष पद दोबारा से शुभम को चुना गया। उपाध्यक्ष विक्रम,प्रांजल तथा सह-सचिव राज व नीरज को चुना गया। यूनिट कांफ्रेंस में राज्य कमेटी की ओर से राज्य सचिव सुखदेव बूरा शामिल रहे। जिन्होंने संगठन पर बात रखते हुए वर्तमान में छात्र संगठन की जरूरत पर बात रखी। राज्य उपाध्यक्ष अमित पिलाना ने MDU, रोहतक की वर्तमान स्थिति पर बात रखते हुए। छात्रों के हक-अधिकारों की आवाज को मजबूती के साथ उठाने वाला संबोधन दिया।
11/02/2026
12 फरवरी 2026 की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के अंदर जरूर से जरूर शामिल हो
28/01/2026
एसएफआई ने उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव पर यूजीसी की हालिया रिपोर्ट को स्वीकार किया है और विश्वविद्यालयों में सामाजिक न्याय की मांग की है। इस नियम के शीर्षक में रोहित वेमुला का नाम होना चाहिए, जो इसके निर्माण के ऐतिहासिक संदर्भ को दर्शाता है।
एसएफआई जाति, धर्म, लिंग,नस्ल,जन्म स्थान या विकलांगता के आधार पर भेदभाव से मुक्त परिसर बनाने के लिए रोहित अधिनियम को लागू करने की मांग में अग्रणी रहा है। हालांकि, हम यह मानते हैं कि ये नियम रोहित वेमुला की संस्थागत हत्या के दस साल बाद आए हैं, जिन्होंने अपने जन्म को अपनी "घातक दुर्घटना" बताया था। इस दशक में जातिगत भेदभाव की शिकायतों में 118% की वृद्धि देखी गई है (यूजीसी के आंकड़े) और संकाय सदस्यों में अनुसूचित जाति के नामांकन (14%) के घटकर मात्र 6% रह जाने की समस्या भी लगातार बनी हुई है (एआईएसएचई)। इसलिए ये दिशानिर्देश कोई वरदान नहीं, बल्कि लंबे बलिदान और दबाव का परिणाम हैं। वास्तविकता यह है कि ईओसी और एससी/एसटी प्रकोष्ठों जैसे निकायों की स्वायत्तता की कमी ने शिकायतों के समाधान को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। कड़े प्रशासनिक नियंत्रण ने इन निकायों की निष्पक्षता से समझौता किया है।
मुख्य मांग है:
1. विश्वविद्यालय प्रशासन से स्वतंत्र, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व वाली एक बाहरी, वैधानिक समिति।
2. आपराधिक कृत्यों की एक विशिष्ट सूची (सामाजिक बहिष्कार, अलगाव, आत्महत्या के लिए उकसाना) जो अस्पष्ट परिभाषाओं की जगह लेगी।
3. अपराधियों के लिए भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक अभियोजन और लापरवाह प्रशासकों के लिए आपराधिक लापरवाही के आरोप।
4. देशपांडे समिति की सिफारिश के अनुसार, साक्ष्य प्रस्तुत करने का भार संस्थानों पर स्थानांतरित करना।
5. यूजीसी की सलाहकार समिति से परे, स्वतः संज्ञान लेने की जांच शक्तियों वाला एक राष्ट्रीय निगरानी आयोग।
26/01/2026
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में एसएफआई ने 77वाँ गणतंत्र दिवस मनाते हुए डॉ.अंबेडकर के स्टैचू पर पुष्प अर्पित करते हुए भारतीय संविधान की प्रस्तावना को पढ़ा गया।
24/01/2026
Google Meet पर 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया(SFI) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ़ इंडिया(DYFI) के द्वारा 12 फरवरी 2026 को होने वाली किसान-मजदूर की राष्ट्रव्यापी हड़ताल और छात्र-नौजवानों की भूमिका पर वेबीनार...
वक्ता:- डॉ. विक्रम सिंह
पूर्व राष्ट्रीय महासचिव (SFI)
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय,रोहतक में बिना पढाये पेपर लेने पर यू.आई.ई.टी विभाग के बीटेक मैकेनिकल सेकंड ईयर थर्ड से सेमेस्टर के छात्रों ने निकाला विरोध प्रदर्शन।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय,रोहतक के यू.आई.ई.टी विभाग के बीटेक मैकेनिकल सेकंड ईयर थर्ड से सेमेस्टर के छात्रों ने बिना पढ़ाये इंजीनियरिंग मैकेनिक्स पेपर को न देने की मांग को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन का विरोध करते हुए डीन ऑफ एकेडमिक्स डॉ.एस.सी.मलिक सर को पेपर पोस्टपोन करवाने के लिए सौपा ज्ञापन।
एसएफआई मदवि कि ओर से बात रखते हुए अमित पिलाना ने कहा की महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के यूआईईटी विभाग के बीटेक मैकेनिकल सेकंड ईयर थर्ड सेमेस्टर के छात्रों को बिना पढ़ाये विभाग के द्वारा पेपर लिया जा रहा था। जिसका विरोध सैकड़ो छात्रों ने एक साथ किया और छात्रों ने बहुमत के साथ बिना पढ़ाये पेपर न देने की मांग विभाग के निदेशक के सामने रखी लेकिन संतुष्टि ना मिलने पर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को घेरने के लिए यूआईईटी विभाग से लेकर वाइस चांसलर ऑफिस तक विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ "छात्र एकता जिंदाबाद" व "विना पढ़ाई पेपर नहीं चलेगा" जैसे नारों के साथ मार्च निकालते प्रदर्शन किया इसके अंदर सैकड़ो छात्र और छात्राओं ने हिस्सा लिया।
छात्रों ने बात रखी की इंजीनियरिंग मैकेनिक्स विषय के अंदर हमें सुचारू रूप से पढ़ाया नहीं गया जिसके कारण सभी छात्रों के अंदर फेल होने का है असंतोष बना हुआ था। छात्रों ने कहा किविश्वविद्यालय प्रशासन प्रत्येक वर्ष 10% के हिसाब से रिचेकिंग, री-अपियर तथा अन्य प्रकार की फीस बढ़ा रहा हैं। अगर हम इस विषय में फेल होते हैं तो हमारे परिवार के ऊपर भी आर्थिक रूप से बोझ पड़ेगा इसलिए हम सभी मांग करते हैं कि हमें अलग से समय देते हुए पेपर को दोबारा करवाया जाए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों से बात करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से डीन आफ एकेडमिक्स डॉ. एस.सी. मलिक ज्ञापन लेने वी.सी. ऑफिस के बाहर आए। उन्होंने छात्रों की बात सुनते हुए स्पष्ट रूप से आश्वासन देते हुए कहा कि हम किसी भी छात्र के साथ भेदभाव ना करते हुए इंजीनियरिंग मैकेनिक्स के पेपर को छात्रों की सुविधा के अनुसार एक माह से डेढ़ माह समय देते हुए पेपर बाद में करवाने का कार्य करेंगे
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