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15/01/2026
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पत्नी को गुजारा भत्ता दिए जाने को लेकर स्थिति साफ की है। हाल के दिनों में तलाक के मामलों में गुजारा भत्ता का मामला खासा गरमया दिखा। कई मामलों में पत्नी की ओर से गुजारा भत्ता के तौर पर बड़ी रकम की डिमांड सामने आई। इन मामलों में कोर्ट को भी सख्त रुख दिखाना पड़ा। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के क्रम में कहा है कि पत्नी को पति की कमाई का 25 फीसदी तक गुजारा भत्ता के तौर पर पाने का अधिकार है।
15/01/2026
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31/03/2025
अब भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के लिये "अभियोजन की मंजूरी" अनिवार्य नहीं है,
31/03/2025
Landmark judgment
31/03/2025
अन्तरिम भरण-पोषण से संबंधित दिल्ली उच्च न्यायालय का लेटेस्ट जजमेंट
जिसमे कहा गया है कि "एक शिक्षित पत्नी निष्क्रिय रहकर अंतरिम भरण-पोषण की मांग नहीं कर सकती है।" मतलब एक पढ़ी-लिखी स्वस्थ महिला अंतरिम भरण-पोषण नहीं ले सकती है .......
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13/04/2024
आरोप लगाने वाले हर व्यक्ति को जेल में नहीं डाल सकते
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को एक यूट्यूबर की जमानत बहाल करते ते हुए हुए कहा कि सोशल शल मीडिया पर आरोप लगाने वाले हर व्यक्ति को जेल में नहीं डाला जा सकता है। यूट्यूबर पर 2021 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है। न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी से कहा, "अगर चुनाव से पहले हम यूट्यूब पर आरोप लगाने वाले हर व्यक्ति को सलाखों के पीछे डालना शुरू कर देंगे, तो कल्पना कीजिए कि कितने लोग जेल में होंगे?' पीठ ने आरोपी ए. दुरइमुरुगन सत्तई की जमानत रद्द करने के आदेश को निरस्त कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि आरोपी ने विरोध और अपने विचार व्यक्त करके अपनी अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग नहीं किया। अदालत ने राज्य सरकार के उस अनुरोध को भी खारिज कर दिया, जिसमें सत्तई पर जमानत के दौरान निंदनीय टिप्पणी करने से परहेज की शर्त लगाने की मांग की गई थी। पीठ मद्रास उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती देने वाली सत्तई की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने उनकी जमानत रद्द कर दी थी क्योंकि उन्होंने अदालत को दिए गए हलफनामे का उल्लंघन करते हुए स्टालिन के खिलाफ कुछ अपमानजनक टिप्पणियां की थीं।
13/01/2024
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