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08/08/2023
भारत की सबसे भरोसेमंद पैथोलॉजी लैब मेट्रोपोलिस लैब आपके शहर मे
स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी हैं, जब हम बीमार होते हैं तो अपना हेल्थ चेक करवाते हैं, क्या हम अपने को स्वास्थ्य रखने के लिए हेल्थ का चेक नहीं करना चाहिए।
कहा गया हैं:-
"Prevention is better than cure"
एहतियात इलाज से बेहतर है।
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दुनियाभर में सितंबर महीने को ‘प्रोस्टेट कैंसर अवेयरनेस मंथ’ के रूप में मनाया जाता है। जिसमें 22 सितंबर का दिन विश्व सीएमएल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को प्रोस्टेट कैंसर के कारणों के प्रति जागरूक करना और लोगों को अपनी जीवनशैली में जरूरी बदलाव करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि जीवन के लिये घातक प्रोस्टेट कैंसर और सीएमएल रोगों से बचाव किया जा सके। तो चलिये विस्तार से जाने प्रोस्टेट कैंसर और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में।
क्या है प्रोस्टेट कैंसर
प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों को होता है। दरअसल प्रोस्टेट एक ग्रंथि होती है और ये वो द्रव्य (fluid) बनाती है, जिसमें शुक्राणु (s***m) होते है। प्रोस्टेट मूत्राशय के नीचे स्थित होता है, जिसका आकार अखरोट जैसा होता है। ये कैंसर वहीं होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दशकों में प्रोस्टेट कैंसर भारत समेत एशियाई मूल के पुरुषों में तेजी से बढ़ा है। 55 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा ज़्यादा रहता है। इस कैंसर के बारे में शुरुआती दौर में पता चल जाए, तो निश्चित रूप से ठीक किया जा सकता है।
किन पुरुषों को है प्रोस्टेट कैंसर का ख़तरा
55 साल से अधिक उम्र वाले पुरुषों को
परिवार में प्रोस्टेट कैंसर का कोई इतिहास होने पर
अश्वेत पुरुषों को अधिक जोखिम
रेड मीट, घी या दूध आदि का बहुत ज़्यादा सेवन करने वाले पुरुषों को
बहुत अधिक नशा करने वाले पुरुषों को
प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण
बार बार पेशाब आना, विशेषतौर पर रात में
पेशाब करने में समस्या होना
रुक-रुक कर पेशाब होना या पेशाब का बहाव कमज़ोर होना
पेशाब करते हुए दर्द व जलन होना
संसर्ग के समय लिंग में कठोरता ना आना
पेशाब में रक्त या सीमन आना।
कूल्हे, जांघ की हड्डियां व पीठ में लगातार दर्द होना
परीक्षण की जांच और फिर उपचार
प्रोस्टेट कैंसर की जांच के लिए डॉक्टर प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन (पीएसए) का टेस्ट कर सकता है।
Carrier lesson
1. अपने उद्देश्य मे क्लियरिटी होना
2.सही कैरियर का चुनाव
3.हमेशा कम्फर्ट जोन से निकलते रहे
4.हमेशा ये पॉइंट नोट करें की ये करियर आपके लिए सही है।
5.अपने माइंडसेट वाले लोगो के साथ रहे
6.अपने पैशन को ध्यान दे
7.अपने जीवन को खुशहाल और पूर्ण बनाये
8.यह निश्चित करें की अच्छा है और आपके पसंद क है
9.करियर ऐसा हो जो दुसरो की जररूरत को पूरा करें
10.खुद से चलेंज ले और आगे बढे।
More than half of the breathable oxygen in the world comes from where?
A
Forests
B
The ocean
C
Flowering plants
D
Clouds
Ans in comment
★★ लू लगने पर इन घरेलू उपायों को अपना कर उपचार करें
१ – इमली की गूदे को हाथ पैरों के तलवों पर मलने
से लू का असर खत्म हो जाता है।
२ – छह – सात कच्चे आम (अमियां) उबाल लें या
राख में सेंक कर भून लें। फिर इन्हें कुछ देर ठंडे पानी
में रखें। ठंडा हो जाने पर छिलका उतार कर
जितने ग्लास पना बनाना हो उतना पानी लें।
फिर उबले आमों का गूदा पानी में हाथों से
निकालकर पानी में अच्छी तरह घोल लें।
तत्पश्चात थोड़ा सा गुड़, धनियां, नमक व
काली मिर्च डालकर पने को तैयार करें। यह
पना दिन में तीन से चार बार पीने से रोगी को
तुरंत आराम मिल जाता है।
३ – लू लगने पर प्याज के रस से कनपटियों और
छाती पर मालिश करें। जल्दी आराम मिलेगा।
४ – आलू बुखारे को गर्म पानी में डाल कर रखें और
उसी पानी में मसल लें। इसे भी आम के पने की तरह
बना कर पीने से लू लगने से होने वाली जलन और
घबराहट खत्म हो जाती है।
५ – धनियां के पानी में चीनी मिला कर पीने
से लू का असर कम होता है।
६ – लू लगने से रोगी को तेज बुखार चढ़ता है। इसके
लिए इमली को उबाल कर उसे छान लें और शर्बत
की तरह पियें। इमली को उबालकर उस पानी में
तौलिया भिगो कर उसके छींटे मारने से रोगी
को लू में बहुत आराम मिलता है।
७ – भुने हुए प्याज को पीस कर उसमें जीरे का
चूर्ण और मिश्री मिलाकर खाने से लू से राहत
मिलती है।
८ – इमली को भिगो कर उसका पानी पीने से
लू अपना असर नहीं दिखा पाती है।
९ – रोजाना खाने के साथ कच्चा प्याज
खाने से लू नहीं लगती है। इसलिए जमकर प्याज
खाइए और लू को दूर भगाइए।
ये जीवन आपको आराम करने और दूसरे के विचार पर चलने को नहीं मिला है बल्कि सही गलत क विश्लेषण करने और उस पर काम करने को मिला है। ये समय चक्र है भैया इसमें मत फसना बस अपना समय अपने अनुरूप बनाना क्योंकि ये गया तो बस हाथ मलना रह जाता है। काश ऐसा कर लिया होता।
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