Child Rights Foundation
EACH CHILD HAS RIGHTS,
WE HAVE TO ENSURE IT !!
28/08/2026
सुरक्षा का धागा, अब डिजिटल दुनिया में भी! 🛡️✨
इस रक्षाबंधन, अपनी बहनों को सिर्फ तोहफे ही नहीं, बल्कि सुरक्षित डिजिटल स्पेस का वादा भी दें। ऑनलाइन उत्पीड़न, साइबर बुलिंग और डिजिटल हिंसा के खिलाफ खड़े हों और अपनी बहनों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करें।
जागरूक बनें, सहायता करें और साइबर अपराध के खिलाफ आवाज उठाएं।
📞 मदद के लिए तुरंत संपर्क करें:
चाइल्डलाइन: 1098
राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन: 1930
— चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन, रांची (झारखंड)
25/08/2026
डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है। चाइल्ड राइट फाउंडेशन (रांची, झारखंड) द्वारा जारी यह महत्वपूर्ण निर्देश आपके बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने में मदद करेंगे:
सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के 4 मुख्य नियम:
* निजी जानकारी साझा न करें: अपना नाम, पता, फोन नंबर या स्कूल का नाम कभी भी सार्वजनिक न करें।
* केवल दोस्तों से ही बात करें: अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और सिर्फ परिचितों से ही जुड़ें।
* अनुचित सामग्री की रिपोर्ट करें: ऑनलाइन कुछ भी गलत या असहज करने वाला दिखे, तो तुरंत उसकी रिपोर्ट करें या माता-पिता को बताएं।
* गोपनीयता सेटिंग्स का उपयोग करें: अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग्स को हमेशा 'Private' रखें।
आइए, मिलकर अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाएं!
24/08/2026
खाकी दागदार! कानून के रखवाले ही बने भक्षक!
13 साल की मासूम पर अमानवीय अत्याचार बंद करो!
चतरा महिला थाना प्रभारी द्वारा 13 वर्षीय मासूम बच्ची को बंधक बनाकर अवैध रूप से घरेलू नौकरानी के रूप में रखना और देर रात उसके साथ बेरहमी से मारपीट करना बेहद शर्मनाक और आपराधिक है।
बाल श्रम करवाना कानूनन अपराध है—फिर एक पुलिस अधिकारी पर कानून लागू क्यों नहीं?
* तत्काल बर्खास्तगी: माननीय मुख्यमंत्री एवं DGP महोदय से पुरजोर मांग—दोषी महिला थाना प्रभारी को तुरंत सेवा से बखास्त किया जाए।
* FIR और गिरफ्तारी: गैर-जमानती धाराओं (बाल श्रम कानून और POCSO/IPC की गंभीर धाराओं) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अविलंब जेल भेजा जाए।
* सुरक्षा और न्याय: पीड़ित बच्ची को तुरंत बाल कल्याण समिति (CWC) के संरक्षण में लेकर सर्वोत्तम इलाज व न्याय दिया जाए।
> "मासूम बच्चों का शोषण करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कब?"
> "कानून सबके लिए बराबर है, फिर दोषी थाना प्रभारी को संरक्षण क्यों?"
* "मासूम से बाल श्रम और अत्याचार—नहीं सहेगा झारखंड!"
* "दोषी थाना प्रभारी को अविलंब बर्खास्त करो, जेल भेजो!"
* "बच्ची को न्याय दो, बाल अधिकारों की रक्षा करो!"
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24/08/2026
आज के डिजिटल युग में, बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा देना बहुत महत्वपूर्ण है। इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब, और एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डिजिटल हिंसा, जैसे चाइल्ड पोर्नोग्राफी और मॉर्फ फोटो, बढ़ रही है। बच्चों की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। डिजिटल हिंसा में किसी बच्चे की फोटो या वीडियो को उनकी अनुमति के बिना साझा करना, मॉर्फ करना, अश्लील बनाना, या ऑनलाइन अपलोड करना शामिल है। यह एक गंभीर अपराध है और इसकी कड़ी सजा है। हमें अपने बच्चों को शिक्षित करना चाहिए कि वे इंटरनेट पर सुरक्षित कैसे रहें।
सुरक्षा के लिए कुछ उपाय:
* बच्चों से बात करें: इंटरनेट के सही उपयोग और खतरों के बारे में समझाएं।
* प्राइवेसी सेटिंग्स: सोशल मीडिया खातों की प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत रखें।
* ऑनलाइन गतिविधि पर नज़र रखें: बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नज़र रखें।
* अजनबियों से सावधान रहें: बच्चों को बताएं कि वे अजनबियों से सावधान रहें।
* डिवाइस का सुरक्षित उपयोग: पैरेंटल कंट्रोल ऐप्स का उपयोग करें।
अगर आप कोई हानिकारक कंटेंट देखते हैं, तो तुरंत रिपोर्ट करें। चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। हम सबकी जिम्मेदारी है कि बच्चों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण दें। अधिक जानकारी के लिए 'चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन, रांची' की वेबसाइट पर जाएं।
23/08/2026
🚨 सावधान रहें! ऑनलाइन दुनिया में अपने बच्चों और अपनों को सुरक्षित रखें 🚨
आज सोशल मीडिया (Facebook, Instagram) पर हर दिन सैकड़ों फर्जी अकाउंट्स, मार्फ्ड फोटो-वीडियो और डिजिटल हिंसा के मामले सामने आ रहे हैं। साइबर थानों में ऐसे हजारों मामले दर्ज हो रहे हैं।
चुप रहना समाधान नहीं है! किसी भी तरह के ऑनलाइन शोषण, फर्जी प्रोफाइल या डिजिटल उत्पीड़न का शिकार होने पर तुरंत आवाज उठाएं।
क्या करें?
* 🔒 अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत रखें।
* 🚫 अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट या मैसेज स्वीकार न करें।
* 📸 अपनी निजी तस्वीरें किसी अनजान के साथ शेयर न करें।
* 📞 किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर टिप-लाइन / हेल्प-लाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
सुरक्षित रहें, सतर्क रहें और बच्चों को साइबर खतरों से बचाएं।
चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन (Child Rights Foundation, Ranchi, Jharkhand)
🌐 www.childrightsfoundation.com | 📞 टिप-लाइन: 9812567003
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22/08/2026
🛡️ बाल हिंसा और डिजिटल हिंसा के खिलाफ एकजुट हों!
"हर बच्चा सुरक्षित है – तो भविष्य सुरक्षित है।"
बच्चों को शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक या ऑनलाइन नुकसान पहुंचाना उनके अधिकारों का हनन है। चाइल्ड राइट फाउंडेशन (राँची, झारखंड) की इस पहल से जुड़ें और बच्चों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करें।
⚠️ बाल हिंसा के रूप:
* मारना-पीटना और शारीरिक नुकसान पहुंचाना
* गलत शब्दों से अपमानित करना
* डराना-धमकाना
* यौन शोषण
* उपेक्षा और अनदेखी
🌐 डिजिटल हिंसा के रूप:
* ऑनलाइन बुलिंग और ट्रोलिंग
* अपमानजनक संदेश या टिप्पणियां
* फर्जी प्रोफाइल बनाना
* आपत्तिजनक फोटो या वीडियो साझा करना
* गोपनीय जानकारी साझा करना
* लालच देकर संपर्क करना
🤝 बच्चों की सुरक्षा – हम सबकी जिम्मेदारी:
* बच्चों से प्यार और सम्मान से बात करें।
* किसी भी हिंसा की जानकारी मिलते ही तुरंत आवाज उठाएं।
* बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर सकारात्मक नजर रखें।
* घर और समाज में सुरक्षित व सहयोगी वातावरण बनाएं।
📢 आपकी एक आवाज, बच्चे का सुरक्षा कवच बन सकती है!
📞 सहायता के लिए तुरंत संपर्क करें:
* चाइल्ड हेल्पलाइन (24x7): 1098
आइए, बाल हिंसा और डिजिटल हिंसा के खिलाफ जागरूकता फैलाएं!
सुरक्षित बचपन, उज्ज्वल भविष्य! ✨
16/08/2026
Chandan Kumar का पहला #रेस्क्यु #ऑपरेशन #बंगाल में सफल रहा
पाकुड़ के 4 गोड्डा2 साहेबगंज 3 बच्चों एवं 2 मालदा को उत्तर दिनाजपुर की एग्रो फूड कंपनी से बंधुआ मजदूरी से कराया गया मुक्त
उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल): जिला प्रशासन पाकुड़, लेबर हेल्पलाइन झारखंड और स्थानीय निकायों के संयुक्त प्रयास व समन्वय से उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) में स्थित 'Chapduar Agro & Food Private Ltd.' कंपनी में #बंधुआ मजदूरी कर रहे पाकुड़ जिला (झारखंड) के 10 नाबालिग #बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कराया गया है। FIR दर्ज किया गया,
यह त्वरित कार्रवाई जिला लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DALSA) सचिव, उत्तर दिनाजपुर द्वारा गठित रेस्क्यू टीम, श्रम विभाग, इंटरनेशनल जस्टिस मिशन (IJM) और पुलिस प्रशासन के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुई।
कार्रवाई का विवरण:
* अंतरराज्यीय समन्वय: उपायुक्त - सह - जिला दण्डाधिकारी, पाकुड़ द्वारा जिला मजिस्ट्रेट, उत्तर दिनाजपुर को पूर्व में पत्र (पत्रांक: 370/श्रम) प्रेषित कर ठेकेदारों द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाए गए पाकुड़ जिले के नाबालिग एवं किशोर मजदूरों के रेस्क्यू का अनुरोध किया गया था।
* रेस्क्यू अभियान: पाकुड़ जिला प्रशासन, झारखंड लेबर हेल्पलाइन (State Migrant Control Room) और चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन (CRF) की सूचना व निरंतर सहयोग से रेस्क्यू टीम ने कार्रवाई करते हुए 'Chapduar Agro & Food Private Ltd.' में बंधक बनाकर रखे गए 10 नाबालिगों को सकुशल छुड़ाया।
* पुनर्वास एवं अग्रिम कानूनी प्रक्रिया: मुक्त कराए गए सभी नाबालिग बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत कर उनके पुनर्वास, परामर्श एवं सुरक्षित गृह वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही दोषियों व संबंधित ठेकेदारों पर बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम एवं बंधुआ श्रम पद्धति (उन्मूलन) अधिनियम के तहत विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
संपर्क अधिकारी:
श्रम विभाग / जिला जनसंपर्क कार्यालय (DPRO), पाकुड़ (झारखंड)
14/08/2026
सुरक्षित बचपन, खुशहाल भविष्य: बाल संरक्षण और पुनर्वास की ओर एक अटूट पहल! 🌸👦👧
केरल की रहने वाली डॉली पाकुड़ (झारखंड) जिले के मासूम बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए एक मिसाल पेश कर रही हैं। चाहे विदेशी परिवारों द्वारा बच्चों को गोद लेने (Adoption) की कानूनी प्रक्रिया में सहायता करना हो, या फिर तमिलनाडु में रेस्क्यू किए गए झारखंड के बच्चों की काउंसलिंग कर उन्हें सुरक्षित उनके घर-आंगन वापस लाना हो—डॉली हर मोड़ पर बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस पावन और संवेदनशील अभियान में चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष चंदन कुमार जी, सचिव बैद्यनाथ कुमार जी तथा जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (DCPO) पाकुड़, श्री व्यास ठाकुर जी का निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग मिल रहा है।
सभी के इस सामूहिक प्रयास, समन्वय और समर्पण की बदौलत ही आज अनगिनत मासूमों को एक नया जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य मिल पा रहा है।
"हर बच्चा सुरक्षा, प्यार और सम्मान का हकदार है।"
बच्चों के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के लिए समर्पित डॉली, चंदन कुमार जी, बैद्यनाथ कुमार जी और DCPO व्यास ठाकुर जी की पूरी टीम को हार्दिक साधुवाद! 🙏✨
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