Rajeev Ranjan
Orthotist & Prosthetist
Hi-Tech Artificial Limb and Orthotic Manufacturer
13/02/2026
Ranchi
#महामहिम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने करनडीह स्थित दिशोम जाहेरथान में आयोजित ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन के 22वें संताली परसी माहा समारोह को संबोधित किया। उन्होंने संताली में नेहोर गीत गाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने ओलचिकी लिपि के जनक रघुनाथ मुर्मू को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी और संताली समाज के लोग शामिल हुए।
27/10/2025
सत्ता में बैठे हैं — पर ज़मीन से जुड़े हैं! 💥
कर्पूरी ठाकुर की मिट्टी में जब प्रधानमंत्री मोदी के कदम पड़े,
तो पूरा गाँव गर्व से भर गया! 🙏
अमृता कुमारी की आँखों में खुशी थी,
क्योंकि ये सिर्फ मुलाक़ात नहीं —
संविधान से लेकर समाज तक “सम्मान” की पहचान थी।
कर्पूरी ग्राम के लोग बोले —
“पहली बार कोई प्रधानमंत्री हमारे घर आया…
आज लगा कि दिल्ली सच में हमारे गाँव तक पहुँची है!” 🇮🇳
26/10/2025
लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं। 💐
छठी मईया एवं भगवान सूर्यदेव की कृपा से सबके जीवन में सुख,शांति एवं समृद्धि आए।🙏🏻
20/10/2025
On this sacred occasion, may your life be filled with:
✨ Showers of happiness,
💥 Destruction of sorrow,
🪔 Light in every home,
💰 Prosperity that follows your every step.
May Goddess Lakshmi and Lord Shri Ram bless your life with joy, peace, and success.
Wishing you and your family a festival of lights filled with love and celebration.
Wish you Happy Diwali! 🎆🪔🎉
💐 जय श्री राम 💐
ऑर्थोरेमेडी कृत्रिम अंग केंद्र
रांची झारखंड
I gained 1,172 followers, created 3 posts and received 3 reactions in the past 90 days! Thank you all for your continued support. I could not have done it without you. 🙏🤗🎉
26/08/2025
22/07/2025
िंद
28/01/2025
एक जमाना था जब हम इनमें उलझे थे,
इस दौर के बच्चे हाजिर हो 😊😊🤞🙋
जिन्होंने "रेंडी लड़ाई" हो !!!
80 और 90 के दशक में जन्मे लगभग सभी बच्चे.... दोपहर में इसे खेला करते थे दोपहर में जब घर वाले सो जाते थे तो हम उनसे छिप छिपाकर कर हम किसी के खाली जमीन में जहां इसके वृक्ष खूब होते थे वहां जाकर हम इसे बीनते थे और फिर लाकर हम लोग लड़ाते थे हाथ की हथेली के बीचो-बीच रखकर किसी दोस्त के हाथ की हथेली के बीचो-बीच रखकर दोनों को आपस में दबाते थे फिर जिसका फूट जाता था उसको एक रेडी... के बदले कभी कभी 2 तो कभी 5 रेडी देना पड़ता था और हम कभी इस पर चिन्ह लगने के लिए आगे की नोक तोड़ देते थे और जो रेडी अधिक रेडियो को फोड़ चुका होता था उसे टइया नाम देते थे....
टईया बनाने के लिए कभी-कभी 1,2 रेडीयो को फोड़कर उसे तेल पिलाते थे ... जिससे टइया और मजबूत हो जाए 🤗🤗... कुछ याद है वो दिन !!!!
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the practice
Telephone
Website
Address
Ranchi
834002
22/03/2025