Deep Rajwar Photography
I am a wildlife photographer based in Jim Corbett National Park, born with a passion for wildlife.
काफ़ी समय बाद लाल कान हाथी 🐘 को खीचने का मौक़ा मिला इसके बड़े लंबे दाँत और लाल काम इसे और नर हाथियों से अलग बनाता है ..
कम पिगमेंट होने की वजह से कान लाल दिखायी देते हैं वह प्राकृतिक रंगद्रव्य होता है जो त्वचा, बाल, आंखों या शरीर के किसी हिस्से को रंग देता है..
हाथियों में मुख्य पिगमेंट मेलानिन होता है। जहाँ मेलानिन ज्यादा होता है, त्वचा गहरी (स्लेटी/काली) दिखती है। जहाँ मेलानिन कम होता है, त्वचा हल्की गुलाबी, लाल या सफेद-सी दिखती है..
कानों के कुछ हिस्सों में पिगमेंट कम हो सकता है इसलिए वहाँ की पतली त्वचा के नीचे की रक्त वाहिकाएँ ज्यादा दिखाई देती हैं इसी वजह से कान लाल या गुलाबी नज़र आते हैं..
शाम का समय और कोसी नदी को पार करते सांबर 🦌
एक अनोखा अनुभव
सीताबनी जंगल का ये मेरा पहला मौक़ा है जब मुझे ऐसा दुर्लभ नज़ारा देखने को मिला है या यूँ कहा जाए कि आज प्रकृति ने एक ऐसा दृश्य दिखाया जिसे देखना बहुत कम लोगों के भाग्य में आता है।
जंगल या खुले प्राकृतिक क्षेत्र में नेवले (mongoose) की मेटिंग का दृश्य सामने आना अपने आप में एक अत्यंत दुर्लभ घटना है, यह क्षण न केवल रोमांचक था बल्कि वन्यजीवन की जटिल और संतुलित दुनिया को करीब से समझने का एक अवसर भी था..
नेवला आमतौर पर बहुत तेज़, सतर्क और अकेले रहने वाला जीव होता है। दिन के समय यह अधिक सक्रिय रहता है और खतरे को भांपने में माहिर होता है। ऐसे में इसका प्राकृतिक व्यवहार, विशेषकर प्रजनन से जुड़ा दृश्य, खुले वातावरण में बहुत कम ही देखा जाता है..
इस घटना ने यह भी दिखाया कि प्रकृति अपने नियमों के अनुसार बिना किसी हस्तक्षेप के आगे बढ़ती रहती है। हर जीव का जीवनचक्र एक संतुलित व्यवस्था का हिस्सा है, जिसमें प्रजनन एक महत्वपूर्ण चरण है। ऐसे क्षण हमें यह समझने में मदद करते हैं कि वन्यजीवन कितना संवेदनशील और अद्भुत है।
इस प्रकार के दृश्य केवल रोमांच ही नहीं देते, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना को भी मजबूत करते हैं। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे और भी दुर्लभ पल देखने को मिलते रहेंगे..
आवारा कुत्तों को अक्सर केवल शहरी समस्या माना जाता है, लेकिन उनका प्रभाव वन्यजीवन पर भी गंभीर हो सकता है।
कई क्षेत्रों में कुत्तों के झुंड हिरणों और अन्य वन्यजीवों का पीछा करते हैं, उन्हें घायल करते हैं और कभी-कभी उनका शिकार भी कर लेते हैं..
इसके अलावा, रेबीज़ और कैनाइन डिस्टेंपर जैसी बीमारियाँ भी वन्यजीवों तक पहुँच सकती हैं।
यह केवल एक पशु प्रबंधन का मुद्दा नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन से जुड़ा विषय है..
जंगल और उसके आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर ध्यान देना समय की आवश्यकता है।
जंगल किसी को दूसरा मौका नहीं देता। वाइल्डलाइफ में हर समय सतर्क रहना और कैमरा तैयार रखना ज़रूरी है, क्योंकि अगला नज़ारा कब सामने आ जाए, कोई नहीं जानता..
और यही में भूल गया सामने तेंदुआ और कैमरा 🎥 ज़मीन पर…
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विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का असली मतलब सिर्फ संदेश साझा करना नहीं, बल्कि अपनी आदतों में बदलाव लाना है। अपने घर की तरह अपने आसपास की जगहों को भी साफ़ रखें और प्रकृति के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी निभाएँ…
मैजिकल लैंडस्केप ❤️
कोसी नदी और मखना हाथी 🐘
कोसी नदी और सांबर हिरण 🦌
जंगल की ज़िंदगी बड़ी मुश्किल है…
इस बंदर के बच्चे का एक पैर अब काम नहीं करता,
लेकिन फिर भी ये हर दिन जीना सीख रहा है…
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