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23/05/2026
“ख़ुद बुढ़ापे में जवान दिखने के लिए विदेशी महिला के साथ रील बनाते हैं, युवाओं की आवाज़ दबाने के लिए उनका सोशल मीडिया अकाउंट बैन करवाते हैं।” — कन्हैया कुमार
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सोशल मीडिया सेंसरशिप और युवाओं की आवाज़ दबाए जाने के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनका आरोप है कि सरकार आलोचनात्मक आवाज़ों और युवाओं के सवालों को दबाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दबाव बनाती है, जबकि दूसरी ओर छवि निर्माण और प्रचार पर अधिक ध्यान देती है।
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड होने, कंटेंट मॉडरेशन और डिजिटल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर कई राजनीतिक विवाद सामने आए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर देखता है, जबकि सरकार और प्लेटफॉर्म्स नियमों और सुरक्षा मानकों का हवाला देते हैं। कन्हैया का यह बयान भी उसी राजनीतिक बहस के बीच चर्चा में है।
23/05/2026
सपा सांसद इकरा हसन का सड़क पर नमाज पर बयान- “सड़कें समाज की संपत्ति हैं... जैसे दूसरे त्योहारों पर कोई आपत्ति नहीं, वैसे ही 2 मिनट की नमाज पर भी नहीं होनी चाहिए!”
22/05/2026
“‘ट्रंप की डांट के डर से रूस से सस्ता तेल खरीदना बंद’ — संजय सिंह का सरकार पर बड़ा हमला”
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भारत की विदेश नीति और बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी दबाव और डोनाल्ड ट्रंप के रुख के कारण भारत ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने में नरमी दिखाई, जिसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और आम जनता की जेब पर पड़ सकता है। विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है कि अगर सस्ता तेल उपलब्ध था तो उसका फायदा जनता तक क्यों नहीं पहुंचा। वहीं सरकार का दावा है कि भारत अपनी ऊर्जा नीति राष्ट्रीय हितों के हिसाब से तय करता है। इस बयान ने एक बार फिर भारत-रूस तेल समझौता, महंगाई, और केंद्र सरकार की आर्थिक नीति को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया।
#महंगाई
22/05/2026
“जिसको सब कुछ महंगा लग रहा, वो जय श्री राम बोले सब सस्ता हो जाएगा” — संजय राउत
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत का यह बयान महंगाई और केंद्र सरकार की नीतियों पर तंज के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने बढ़ती कीमतों, रोजमर्रा की जरूरतों और आम जनता की आर्थिक परेशानियों को लेकर सरकार पर सवाल उठाने की कोशिश की।
देश में महंगाई, पेट्रोल-डीजल, गैस सिलेंडर और खाद्य पदार्थों की कीमतें लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही हैं। विपक्ष लगातार सरकार को महंगाई के मुद्दे पर घेरता रहा है, जबकि सरकार आर्थिक सुधार और राहत योजनाओं का हवाला देती है। संजय राउत का बयान भी इसी राजनीतिक बयानबाजी और आर्थिक मुद्दों के संदर्भ में चर्चा में है।
22/05/2026
“‘देश आर्थिक तूफ़ान में, PM टॉफ़ी बाँट रहे हैं?’ राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला”
Rahul Gandhi ने एक बार फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने बयान देते हुए कहा कि “आर्थिक तूफ़ान सर पर है, और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफ़ी बाँट रहे हैं… किसान, युवा, महिलाएँ, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं, PM हंसकर रील बना रहे हैं।” उनके इस बयान को देश की आर्थिक स्थिति, बेरोज़गारी, महंगाई और आम लोगों की परेशानियों को लेकर सरकार पर सीधा राजनीतिक प्रहार माना जा रहा है।
राहुल गांधी लंबे समय से सरकार की आर्थिक नीतियों और जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाते रहे हैं। वहीं बीजेपी ऐसे आरोपों को राजनीतिक बयानबाज़ी बताकर खारिज करती रही है। अब इस टिप्पणी के बाद सियासी बहस और तेज होने के आसार हैं।
काकरोच टिप्पणी से उपजा व्यंग्य, मीम से बनी काकरोच पार्टी पर युवाओ ने क्या कहा सुनिए
देश के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर काकरोच पार्टी नाम से मीम और व्यंग्य की बाढ़ आ गई है। छात्र और युवा जो अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए सड़कों पर उतरते हैं, अब इस टिप्पणी को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हमने रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में युवाओं से बात की। कुछ युवाओं ने हंसते हुए कहा अगर सवाल पूछना और अधिकारों के लिए आवाज़ उठाना काकरोच होना है, तो हम काकरोच ही सही। उनका कहना है कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध को सम्मान मिलना चाहिए
21/05/2026
“मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा… मोदी-शाह गद्दार हैं” — राहुल गांधी
राहुल गांधी के इस बयान ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बयानबाजी पहले भी होती रही है, लेकिन इस बार शब्दों की तीव्रता को लेकर राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों, राजनीतिक फैसलों और विपक्ष पर कार्रवाई को लेकर अपना विरोध दर्ज करते हुए यह टिप्पणी की।
भाजपा ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। वहीं कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि यह बयान राजनीतिक आक्रोश और लोकतांत्रिक विरोध के संदर्भ में दिया गया है। आने वाले समय में यह मुद्दा संसद से लेकर सोशल मीडिया तक राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।
21/05/2026
“देश का करोड़ों रुपया खर्च करके विदेश जाते हैं, डील के नाम पर दोस्तहित में देश का हित सरेंडर कर आते हैं” — कन्हैया कुमार
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय समझौतों को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश दौरों और डील्स के नाम पर देशहित से समझौता किया जा रहा है, जबकि सरकार इन दौरों को भारत की वैश्विक छवि मजबूत करने का माध्यम बताती है।
बीते वर्षों में विदेश नीति, निवेश समझौते और अंतरराष्ट्रीय रिश्तों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिला है। जहां भाजपा इसे भारत की कूटनीतिक सफलता बताती है, वहीं विपक्ष पारदर्शिता और नीतिगत फैसलों पर सवाल उठाता है। कन्हैया कुमार का बयान इसी राजनीतिक बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है।
21/05/2026
“‘भाजपा बनाम कॉकरोच जनता पार्टी?’ अखिलेश यादव का तंज सोशल मीडिया पर वायरल”
Akhilesh Yadav ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी पर तंज कसते हुए राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। कथित तौर पर बेरोज़गारी और युवाओं को लेकर हुई टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से चर्चा शुरू हुई, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने बीजेपी को निशाने पर लिया।
समाजवादी पार्टी प्रमुख का यह तंज ऐसे समय आया है जब बेरोज़गारी, भर्ती प्रक्रियाओं और युवाओं के मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर मीम्स, पोस्ट और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की बाढ़ भी देखने को मिली। वहीं बीजेपी समर्थक इसे विपक्ष की राजनीतिक बयानबाज़ी बता रहे हैं। अब अखिलेश यादव की इस टिप्पणी के बाद ऑनलाइन सियासी जंग और तेज होती दिख रही है।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, केंद्र सरकार का पुतला दहन
20/05/2026
मोदी को जहाँ भी जाएँ, वहाँ अपमानित होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद 12 वर्षों में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं दी है। वे एक नेता के रूप में बुनियादी पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहे हैं।
मैं अन्य यूरोपीय देशों के विदेशी पत्रकारों को प्रोत्साहित करना चाहूँगा कि वे जहाँ भी उन्हें देखें, वहाँ उनसे सवाल पूछें, ठीक वैसे ही जैसे Lyng Svends ने किया। उन्हें इतना शर्मिंदा करें कि वे लोगों के सामने कुछ जवाबदेही दिखाने के लिए मजबूर हो जाएँ। आप भारत की प्रगति के लिए महान सेवा कर रहे होंगे।
~ ध्रुव राठी ( X Twit)
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