Bharat First
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14/05/2025
रावलपिंडी के समीप हिन्दुओं का एक छोटा सा गांव था। 500 के लगभग व्यसक होंगे। बाकि बच्चे, बुड्ढे। गांव के सरपंच रामलाल एक विशाल बरगद के नीचे बैठे थे।
तभी मोहन भागता हुआ आया। बोला सरपंच जी, सरपंच जो। सरपंच जी कहा ,"क्या हुआ मोहन ? " सरपंच जी मुझे पता लगा है यहाँ से 8 कोस दूर हिन्दुओं ने अपना गांव खाली करना शुरू कर दिया है। सिख भाई भी उनके साथ अमृतसर जाने की तैयारी कर रहे है। सरपंच जी ने एक लम्बी साँस ली और कहा," मैंने कल ही रेडियो पर सुना था। महात्मा गाँधी जी ने कहा है कि भारत-पाकिस्तान का विभाजन मेरी लाश पर होगा। क्या तुम्हें उनकी बात पर भरोसा नहीं है?"
मोहन बोला," सुना तो मैंने भी है कि जवाहर लाला नेहरू जी ने कहा है कि हिन्दुओं आश्वस्त रहो। भारत के कभी टुकड़े नहीं होंगे। तुम लोग लाहौर और रावलपिंडी में आराम से रहो। पर जिस गांव की मैं बात कर रहा हूँ। उस गांव पर पिछली रात को चारों और के मुसलमान दंगाइयों ने इकट्ठे होकर हमला कर दिया। उनकी संपत्ति लूट ली। दुकानों में आग लगा दी।
मैंने तो यह भी सुना की किसी गरीब हिन्दू की लड़की को भी उठा कर ले गए। भय के कारण उन्होंने आज ही पलायन करना शुरू कर दिया हैं।" सरपंच जी बोले,"देखो मोहन। हम यहाँ पर सदियों से रहते आये हैं। एक साथ ईद और दिवाली बनाते आये है। नवरात्र के व्रत और रोज़े रखते आये है। हमें डरने की कोई जरुरत नहीं है। तुम आश्वस्त रहो। " मोहन सरपंच जी की बात सुनकर चुप हो गया मगर उसके मन में रह रहकर यह मलाल आता रहा कि सरपंच जी को कम से कम गांव के हिन्दुओं को इकट्ठा कर सावधान अवश्य करना चाहिए था। अभी दो दिन ही बीते थे।
चारों ओर के गांवों के मुसलमान चौधरी इकट्ठे होकर सरपंच से मिलने आये और बोले। हमें मुस्लिम अमन कमेटी के लिए चंदा भेजना है। आप लोग चंदा दो। न नुकर करते हुए भी सरपंच ने गांव से पचास हज़ार रुपया इकठ्ठा करवा दिया। दो दिन बाद फिर आ गए। बोले की ओर दो।
सरपंच ने कहा कि अभी तो दिया था। बोले की, "कम पड़ गया और दो। तुमने सुना नहीं 8 कोस दूर हिन्दुओं के गांव का क्या हश्र हुआ है। तुम्हें अपनी सुरक्षा चाहिए या नहीं?" सरपंच ने इस बार भय से सत्तर हज़ार इकट्ठे कर के दिए। दो दिन बाद बलूच रेजिमेंट की लोरी आई और हिन्दुओं को इकठ्ठा कर सभी हथियार यहाँ तक की लाठी, तलवार सब जमा कर ले गई। बोली की यह दंगों से बचाने के लिए किया है।
क़ुराने पाक की कसम खाकर रक्षा का वायदा भी कर गई। नवें दिन गांव को मुसलमान दंगाइयों ने घेर लिया।
सरपंच को अचरज हुआ जब उसने देखा कि जो हथियार बलूच रेजिमेंट उनके गांव से जब्त कर ले गई थी। वही हथियार उन दंगाइयों के हाथ में हैं। दंगाइयों ने घरों में आग लगा दी।संपत्ति लूट ली। अनेकों को मौत के घाट उतार दिया गया। हिन्दुओं की माताओं और बहनों की उन्हीं की आँखों के सामने बेइज्जती की गई। सैकड़ों हिन्दू औरतों को नंगा कर उनका जुलुस निकाला। हिन्दू पुरुष मन मन में यही विनती कर रहे थे कि ऐसा देखने से पहले उन्हें मौत क्यों न आ गई। पर बेचारे क्या करते।
गाँधी और नेहरू ने जूठे आश्वासन जो दिए थे। गांव के कुछ बचे लोग अँधेरे का लाभ उठाकर खेतों में भाग कर छुप गए। न जाने कैसे वह रात बिताई। अगले दिन अपने ही घर वालों की लाशे कुएं में डाल कर अटारी के लिए रेल पकड़नी थी। इसलिए किसी को सुध न थी। आगे क्या होगा। कैसे जियेंगे। कहाँ रहेंगे। यह कहानी कोई एक घर की नहीं थी। यह तो लाहौर, डेरा गाजी खां, झेलम, सियालकोट, कोहाट, मुलतान हर जगह एक ही कहानी थी। कहानी क्या साक्षात् नर पिशाचों का नंगा नाच था।
तत्कालीन कांग्रेस के अध्यक्ष आचार्य कृपलानी के शब्दों में इस कहानी को पढ़िए
"आठ मास हुए आपने मुझे कांग्रेस का अध्यक्ष चुना था। महात्मा गाँधी ने एक प्रार्थना सभा के भाषण में कहा था कि मुझे फूलों का मुकुट नहीं पहनाया जा रहा है। बल्कि काँटों की सेज पर सुलाया जा रहा है। उनका कहना बिलकुल ठीक है। उनकी घोषणा होने के दो दिन बाद मुझे नोआखली जाना पड़ा। वहां से बिहार और अभी मैं पंजाब होकर आया हूँ।
नोआखली में जो देखा वह मेरे लिए नया अनुभव था। लेकिन बिहार में जो मैंने देखा वह और भी नया और पंजाब में जो देखा वह और भी अधिक था। मनुष्य मनुष्य नहीं रहा। स्त्रियां बच्चों को साथ लेकर इज्जत बचाने के लिए कुओं में कूद पड़ीं। उनको बाद में उससे बचाया गया। पूजा के एक स्थान में पचास स्त्रियों को इकठ्ठा करके उनके घर के लोगों ने उनको मार दिया। एक स्थान में 370 स्त्रियों और बच्चों ने अपने को आग को भेंट कर दिया है।-आचार्य कृपलानी"
(सन्दर्भ- श्यामजी पराशर, पाकिस्तान का विष वृक्ष, नवंबर,1947 संस्करण, राष्ट्रनिर्माण ग्रन्थ माला, दिल्ली, पृष्ठ 42)
महात्मा गाँधी और नेहरू जो पहले कहते थे कि पाकिस्तान हमारी लाश पर बनेगा अब कहने लगे कि हमने देश का विभाजन डरकर नहीं किया। जो खून खराबा हर तरफ हो रहा है, उसी को रोकने के लिए किया। जब हमने देखा कि हम किसी तरह भी मुसलमानों को मना नहीं सकते तब ऐसा किया गया। देश को तो 1942 में ही आज़ाद हो जाना था। अंग्रेजों ने देश छोड़ने से पहले मुस्लिम लीग को आगे कर दिया।
जिन्नाह ने मांगे रखनी शुरू कर दी। मैं न मानूं की रट लगाए जिन्नाह तानाशाह की स्थिति अर्जित कर कायदे आज़म बन गया। बात बात पर वाक आउट की धमकी देता था। कभी कहता विभाजन कमेटी में सिखों को मत लो। अगर लिया तो मैं बहिष्कार कर दूंगा। कभी कहता सभी सब-कमेटियों का प्रधान किसी मुसलमान को बनाओ। नहीं तो मैं उठ कर चला जाऊंगा। कांग्रेस के लिए जिन्नाह के साथ जीना मुश्किल, जिन्नाह के बिना जीना मुश्किल। फिर जिन्नाह ने दबाव बनाने के लिए अपने गुर्गे सोहरवर्दी के माध्यम से नोआखली और कोलकाता के दंगे करवाए। सीमांत प्रान्त में दंगे करवाए। मेरठ, पानीपत, सहारनपुर, दिल्ली सारा देश जल उठा।
आखिर कांग्रेस को विभाजन स्वीकार करना पड़ा। मुसलमानों को उनका देश मिल गया। हिन्दुओं को क्या मिला? एक हिन्दू राष्ट्र के स्थान पर एक सेक्युलर राष्ट्र। जिसमें बहुसंख्यक हिन्दुओं के अधिकारों से ज्यादा अल्पसंख्यक मुसलमानों के अधिकार हैं। पाकिस्तान में बचे हिन्दुओं के अधिकारों की कोई चर्चा नहीं छेड़ता।
उसी कांग्रेस का 1947 में विस्थापित एक प्रधानमंत्री आज कहता है कि देश के संसाधनों पर उन्हीं अल्संख्यक मुसलमानों का अधिकार है। हिन्दू धर्मरक्षा के लिए अपने पूर्वजों की धरती छोड़ आये। अमानुषिक यातनायें सही। चित्तोड़ के जौहर के समान ललनाओं की जिन्दा चिताएं जली। राजसी ठाठ ठुकराकर दर दर के भिखारी बने। अपने बेगाने हो गए। यह सब जिन्नाह की जिद्द के चलते हुआ।
और आज मेरे देश के कुछ राजनेता यह कहते है कि जिन्नाह महान था। वह अंग्रेजों से लड़ा था।
अरे धिक्कार है तुमको जो तुम अपना इतिहास भूल गए। उन अकथनीय अत्याचारों को भूल गए। उन बलिदानों को भूल गए। अपने ही हाथों से अपनी बेटियों के काटे गए सरों को भूल गए। जिन्नाह को महान बताते हो। कुछ तो शर्म करो।
(यह लेख उन अज्ञात लाखों हिन्दु पूर्वजों को समर्पित है जिन्होंने धर्मरक्षा हेतु अपने पूर्वजों की भूमि को पंजाब और बंगाल में त्याग दिया। मगर अपने पूर्वजों के धर्म को नहीं छोड़ा। )
आज तक पर आज डिबेट देख रहा था
उसमें एक रिटायर्ड स्क्वाड्रन लीडर भी थे साथ में कांग्रेस का प्रवक्ता भी था
कांग्रेस का प्रवक्ता कह रहा था कि यह क्यों नहीं हुआ यह क्यों नहीं हुआ ब्ला ब्ला ब्ला
उस स्क्वाड्रन लीडर ने कांग्रेस के प्रवक्ता से सवाल किया 26 /11 के बाद हमारे वायु सेना चीफ के ने हम सबको आदेश दिया कि तुम सब तैयार हो जाओ इतना बड़ा आतंकी हमला हुआ है हमें पाकिस्तान को बहुत करारा जवाब देना है
हमारी पूरी वायु सेना ने सभी तैयारी कर ली यहां तक कि हम आठ घंटे तक फाइटर जेट से अभ्यास करते थे हर रोज अभ्यास चल रहा था हमारी नेवी भी हमारी आर्मी भी पूरी तैयार थी
फिर एक दिन अचानक हमारे वायु सेना के चीफ का कॉल आता है कि जहाज हैंगर में खड़ा कर दो वह बहुत परेशान थे हैरान थे उदास थे और कहे हम तो तैयार हैं लेकिन हमारी राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं है हमें ऊपर से पाकिस्तान को कोई भी जवाब देने से मना कर दिया गया है
ठीक यही बात एक बार अहमदाबाद में भारतीय विचार मंच के कार्यक्रम में एक वाइस एयर मार्शल आए थे उन्होंने भी बताई थी कि हम सब ने पूरी तैयारी कर लिया था लेकिन मनमोहन सिंह ने हमारी मीटिंग में यह कहा कि पाकिस्तान के पास परमाणु बम है उसके पास खतरनाक मिसाइल है और हमने कोई एयर डिफेंस सिस्टम नहीं खरीदा है हमारे साजो सामान सोवियत संघ के जमाने की है पाकिस्तान के पास f16 है J10 है हमारे पास मिग और मिराज है तो हमें खामोश रहना चाहिए पाकिस्तान को कोई जवाब नहीं देना चाहिए
यह मोदी का दौर है आज जो कांग्रेसी कुत्ते बार-बार पूछते हैं कि मोदी राज में क्या हुआ या क्रूड सस्ता होने पर सब छाती कूट-कूट कर कहते हैं मोदी जी तेल कब सस्ता करोगे उन दोगलो को पता होना चाहिए कि आज भारत की मिलिट्री के पास जितना आधुनिक साजो समान है उसमें से 80% सिर्फ मोदी सरकार के दौरान खरीदा गया है
मोदी सरकार के आने के बाद डिफेंस बजट को बहुत ज्यादा बढ़ाया गया और इतनी खरीदारी हुई एक भी डील में किसी ने एक दलाली का आरोप तक नही लगाया
हालांकि कांग्रेस राफेल का सौदा S 400 का सौदा न होने पाए उसके लिए पूरी ताकत लगा दिया था यह लोग सुप्रीम कोर्ट में भी गए थे फिर जब सुप्रीम कोर्ट में काम नहीं बना था फिर चौकीदार चोर है का नारा लगा दिया
और आज भारत मिलिट्री साजो सामान पर विदेश से निर्भर नहीं है बल्कि अपनी जरूरत का 70% खुद भारत में बन रहा है इतना ही नहीं आज भारत काफी साजो सामान विदेशों को एक्सपोर्ट कर रहा है
s400 मोदी सरकार के समय में खरीदा गया ब्रह्मोस मिसाइल पहले सोवियत संघ से आई थी आज भारत में बन रही है राफेल फाइटर जेट मोदी सरकार के दौर में खरीदा गया दो नए परमाणु टरबाइन चलित युद्ध पोत एयरक्राफ्ट कैरियर मोदी सरकार में खरीदे गए
अपाचे हेलीकॉप्टर जो लड़ाकू हेलीकॉप्टर होता है मोदी सरकार के दौर में खरीदा गया सीनूक हेलीकॉप्टर मोदी सरकार के दौर में खरीदा गया मरीन राफेल का ऑर्डर मोदी सरकार ने दिया है कुल 26 मरीन राफेल आ रहे हैं इनकी साइज थोड़ी छोटी होती है और उनके जो विंग्स होते हैं वह फोल्डिंग होते हैं ताकि एयरक्राफ्ट कैरियर पर पार्क किया जा सके और इसके अलावा इसमें एक अरेस्टर हुक लगा होता है ताकि युद्ध पोत पर लैंडिंग के समय रोका जा सके
इसके अलावा और भी ढेर सारे साजो सामान जिसमें अत्यधिक ड्रोन सब कुछ मोदी सरकार के दौर में खरीदा गया
13/05/2025
इसी बीच आपको खबर बताऊं कि गुजरात पुलिस ने इंडिगो कंपनी के दो जहाज भाड़े पर लेकर कुल 212 बांग्लादेशी घुसपैठियों को डीपोर्ट करने के लिए अगरतला भेजी और अगरतला से उनको बॉर्डर पर ले जाकर बांग्लादेश के हवाले कर दिया गया
उसके बाद 78 और लोगों को लेकर जब गुजरात पुलिस अगरतला पहुंची तो बांग्लादेश ने उनको लेने से मना कर दिया जबकि वह बांग्लादेश के ही नागरिक थे
उसके बाद बीएसएफ और गुजरात पुलिस ने सुंदरबन बांग्लादेश के एरिया में धकेल दिया और कहा भागो बे बांग्लादेशीयो जाओ बांग्लादेश में रहो
फिर बांग्लादेश की बॉर्डर पुलिस ने उनकी छानबीन की तो बांग्लादेश का कहना है कि उसमें से तीन भारतीय नागरिक मिले हैं जिनको भारत ने गलती से डीपोर्ट किया है
हालांकि बांग्लादेश पुलिस का झूठ है गुजरात पुलिस ने पूरी तरह से छानबीन करके उनको डीपोर्ट किया है
सवाल यह है कि कांग्रेस शासित राज्य घुसपैठियों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे
11/05/2025
Arfa Sherwani से मिलिए ।
24 अप्रैल: पाकिस्तान पर हमला क्यों नही कर रहे मोदी
8 मई: युद्ध बन्द होना चाहिए
11 मई: मोदी को इस्तीफा देना चाहिए
09/05/2025
अहिंसा परमॊ धर्मः।
धर्म हिंसा तथैव च:। ⚔️
13/08/2024
-विनेश फोगट ने अपने 3 ओलंपिक में एक भी पदक नहीं जीता है: पूरा देश उनका नाम जानता है, उन्हें महान ओलंपियन के रूप में पेश किया जा रहा है।
-अमन सेहरावत ने अपने पहले ही ओलंपिक में पदक जीता: शायद ही कोई उनका नाम जानता हो, कुछ ही दिनों में सुर्खियों से गायब हो गया
दुखद लेकिन सच..!!!
07/12/2023
भारतीय सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर मातृभूमि की सुरक्षा में सदैव समर्पित रहने वाले बहादुर सैनिकों को नमन।
'राष्ट्र प्रथम' भाव के साथ कर्तव्य-पथ पर भारतीय सशस्त्र बलों ने साहस, शौर्य और पराक्रम का स्वर्णिम इतिहास रचा है।
जय हिंद!
06/12/2023
01/12/2023
विदेशी टनल एक्सपर्ट अर्नाल्ड डिक्स जितने बार भी टनल के अंदर गए और बाहर निकले, उतनी बार पास वापस स्थापित पूजा स्थल के आगे घुटनों पर बैठकर हाथ जोड़े और आंख बंद करके अरदास किया।
इन्हीं अमेरिकी एक्सपर्ट ने आते ही टनल के मुहाने से हटाए गए पूजा स्थल को वापस रखवाया था। कहा था कि हिमालय ने गुस्सा दिखाया है। उन्होंने मजदूरों को बंधक बनाया है। अब हिमालय ही जब चाहेगा, तब उनको छोड़ेगा।
हुआ भी ऐसा ही। अमेरिकी मशीन आगर भी पहली बार किसी मिशन पर टूट गया और दरवाजे तक पहुंचकर भी सारे एक्सपर्ट लाचार हो गए थे।
अमेरिकी टनल विशेषज्ञ ने कहा था कि उन्होंने मां काली से एक डील की है। शायद अब वे उस आध्यात्म अनुभव को साझा करेंगे।
आज भी अर्नाल्ड उस छोटे से चबूतरे वाले मंदिर के में देवी, भोलेनाथ और बाबा बौखनाथ की पूजा की और बहुत देर तक वहीं बैठे रहे।
सबसे अजूबा तब हुआ, जब इसी पूजा स्थल के पीछे चट्टान पर पानी की धारा निकल गई। और उससे बाबा भोलेनाथ की आकृति सी बन गई। मौसम अचानक साफ हो गया। जबकि बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने बता रखा था। उसे देखकर अर्नाल्ड ने कहा कि आज हिमालय और यहां के बाबा भोलेनाथ खुशखबरी देने वाले हैं।
एक दूसरे धर्म के प्रख्यात इंजीनियर द्वारा हिंदू धर्म की मान्यताओं को इस स्तर तक समझना और इज्जत देना काफी कुछ कह जाता है।
जहाँ विज्ञान डगमगाता है। वहीं से आस्था की शुरूआत होती है। विज्ञान और धर्म विपरीत नहीं बल्कि पूरक है।
ये बात बड़े बड़े वैज्ञानिक ओर अर्नाल्ड डिक्स जैसे लोग तो समझते है लेकिन भारत मे ही कुछ अधकचरे नही समझते।
26/03/2023
https://youtu.be/Gt6RNuWcf8I
मन को मोह देने वाला छठ पूजा का शानदार गीत।एक बार जरूर सुनिए।
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