DevotionalSolution
All information about hindu rituals and festivals. company is incorporated As devoteeclture Services pvt ltd.
Devotionalsolution is the only web where you can find more than 100 trusted Pandit ji and astrologer for Hindu puja service, Vedic Rituals, Religious Ceremonies and Astrology Services.and almost all types of pujan smagri at your dore step with a variet.
14/04/2023
21/02/2023
Follow DevotionalSolution for more such beautiful post..
22/12/2022
Buy organic products from our website
19/12/2022
11/12/2022
-ज्योतिषीय ग्रंथों में वर्णित नक्षत्रों के अनुसार 27 नक्षत्र बताएं गए हैं, उन सभी में से 6 नक्षत्र अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल एवं रेवती नक्षत्र को सताईस (गंडमूल) नक्षत्र कहा जाता है।
इन नक्षत्रों में जन्मे जातक /जातिका सताईस होना कहा जाता है। इन नक्षत्रों के समय जन्म लेने वाले जातक स्वयं तथा अपने माता-पिता, मामा आदि के लिए कष्टदायक बताएं गए हैं। इसी कारण घर के लोगों को जैसे ही यह पता चलता है कि बालक सताईस में है, वैसे ही वे चिंतिंत हो जाते हैं और नकारात्मक विचारों में चले जाते हैं, परिणाम यह भी होता है कि इसका प्रभाव बच्चे के ऊपर पड़ना आरम्भ हो जाता है, बच्चा अपने जन्म के समय से बारह वर्ष तक अपने माता-पिता के कर्मो के प्रभाव से प्रभावित होता है, एवं परिवार कष्टमय जीवन व्यतीत करने लगता है। इसलिए आपके परिवार में कोई बच्चा गंडमूल सताईसा नक्षत्रों में जन्म ले तो घबराने की आवश्यकता नहीं है और न ही नकारात्मक विचार भी लायें। ऐसा बात नहीं है की गण्डमूल नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक / जातिका का नकारात्मक प्रभाव रहता है, कुछ लोगों को अपनी एक अलग पहचान भी बनाते हुवे भी देखा गया, ऐसे बालक तेजस्वी, यशस्वी, और कला अन्वेषी भी हो सकते हैं।
::::: सतईसा गण्डमूल नक्षत्र का चरण के अनुसार फल :::::
मूल, मघा और अश्विनी के प्रथम चरण :::::::: जातक पिता पर प्रभाव
रेवती के चौथे चरण और रात्रि में जन्मा जातक ::::::::: माता के लिए,
ज्येष्ठ के चतुर्थ चरण और दिन का जन्म जातक :::::::::: पिता
अश्लेषा के चौथे चरण संधिकाल (दिन से रात, व रात से दिन की संधि) में जन्म हो जातक ::::::::::: स्वयं के लिए जातक का अरिष्ट कारक हो जाता है।
अश्विनी नक्षत्र का प्रभाव —- प्रथम चरण - पिता को शारीरिक कष्ट एवं हानि। दूसरा चरण — परिवार में सुख शांति। तीसरा चरण — सरकार से लाभ तथा मंत्री पद का लाभ। चतुर्थ चरण — परिवार एवं जातक को राज सम्मान तथा ख्याति।
आश्लेषा नक्षत्र का प्रभाव —- प्रथम चरण — शांति और सुख मिलेगा। दूसरा चरण - धन नाश, बहन-भाईयों को कष्ट। तृतीय चरण — माता को कष्ट। चतुर्थ चरण — पिता को कष्ट, आर्थिक हानि।
मघा नक्षत्र का प्रभाव —— प्रथम चरण — माता को कष्ट होता है। दूसरा चरण - पिता को कोई कष्ट या हानि होता है। तीसरा चरण - जातक सुखी जीवन व्यतीत करता है। चौथा चरण - जातक को धन विद्या का लाभ, कार्य क्षेत्र में स्थायित्व प्राप्त होता है।
ज्येष्ठा न
27/11/2022
Wedding season is going on.
Make your vivah,grih pravesh ,and others pooja Grand by booking poojan samagri and pandit ji service from our website.
We are highest rated service provider in Bihar.
Find us on google:
https://maps.app.goo.gl/Sb4LN3vTUgfWq7a66
DevotionalSolution DevotionalSolution
If you know anyone who is looking for pandit ji ,please refer them to us.
19/11/2022
19/11/2022
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the place of worship
Telephone
Website
Address
Kurji Mor, Durga Chowk, Road No 4
Patna
800020
Opening Hours
| Monday | 9am - 5pm |
| Tuesday | 9am - 5pm |
| Wednesday | 9am - 5pm |
| Thursday | 9am - 5pm |
| Friday | 9am - 5pm |
| Saturday | 9am - 5pm |
| Sunday | 9am - 5pm |