Navin Kumar Purbey

Navin Kumar Purbey

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सूरज सा तेज नहीं मुझमें दीपक सा जलता देखोगे, मेरी हद रोशन करने जी तुम कब मुझको रोकोगे����

Photos from Navin Kumar Purbey's post 26/03/2024

होली, भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध त्योहार है जो हर साल उत्सव और खुशियों का पर्व बनकर आता है। यह त्योहार रंगों के खेल, प्यार और भाईचारे का प्रतीक है। होली को जीवन के नए रंग, नए उत्साह और नई खुशियों के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार हिन्दू पंचांग के अनुसार फागुन मास के पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।
होली का खेल भी लोग दो प्रकार से मनाता है एक सूखा होली, जो लोग ऑफिस ,स्कूल, कॉलेज ,अपने कार्य स्थलों इत्यादि जगहों पर अपने मित्रों के साथ जो होली मनाते हैं वे लोग सामान्यतः अबीर / गुलाल से ही होली मनाते हैं वही सुखा होली का प्रतीक है।
दूसरा प्रकार भींगा होली है ,जब लोग अपने गांव ,समाज ,अपने परिवारजनों इत्यादि के साथ होली मनाते हैं तो पिचकारी में रंग भरकर , कीचड़ , पानी , एक दूसरे पर कचड़ा फेंकना , गोबर इत्यादि से होली का जश्न मनाते हैं यही है भींगा होली का प्रतीक मुझे भी भींगा होली ही पसंद है।
होली का खेल और रंगों का उत्सव हर किसी को अपनी बांहों में लेने के लिए उत्साहित करता है। यह एक विशेष अवसर है जब लोग अपने प्रियजनों और दोस्तों के साथ आनंद मनाते हैं, रंगों के साथ खेलते हैं और मिठाईयाँ खाते हैं। होली का माहौल खुशी, प्रेम और एकता का होता है।
इस पर्व के महत्व को समझने के लिए, होली का मूल अर्थ समर्पण और एकता में व्यक्त होता है। यह एक अवसर है जब लोग अपने दुख-सुख, खुशियों और दुखों को साझा करते हैं और एक-दूसरे के साथ खुशियों का साथ देते हैं। होली के दिन, लोग अपने गलतियों को माफ करते हैं, नई शुरुआतें करते हैं और प्यार और समर्पण के भाव से आगे बढ़ते हैं।
होली के अलावा, यह एक अवसर है जब सामाजिक बंधनों को मजबूत किया जाता है। लोग एक-दूसरे के साथ खुशियों को साझा करते हैं और समृद्धि के लिए एक-दूसरे की शुभकामनाएं देते हैं। यह एक समय होता है जब लोग विविधता का सम्मान करते हैं और एक-दूसरे के साथ भाईचारे का महत्व समझते हैं।
इस अद्भुत त्योहार के माध्यम से, होली की शुभकामनाएं और संदेश भेजकर लोग अपने प्यार और आदर का इजहार करते हैं। यह एक समय होता है जब लोग अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं और विशेष संदेश भेजते हैं ताकि वे अपने दिल की बातें व्यक्त कर सकें। होली का यह पारंपरिक उत्सव हमें आपसी सम्बन्धों का महत्व और प्यार के मूल्य को समझाता है।
इस विशेष पोस्ट में, हम आपको होली 2024 की अनंत शुभकामनाएं देते हैं।
🇮🇳🇮🇳🇮🇳 जय हिन्द 🇮🇳🇮🇳🇮🇳

18/02/2024

IPS Manoj Kumar सर के द्वारा दिया गया पुलिसिंग के बारे में स्पीच एक बार आप सभी को जरूर सुनना चाहिए

Photos from Navin Kumar Purbey's post 26/01/2024

Happy Republic Day 🇮🇳🇮🇳🇮🇳

Photos from Navin Kumar Purbey's post 20/11/2023

हम सभी बिहार वासियों को छठ पूजा को लेकर एक अलग ही चकाचौंध करने वाला उत्साह रहता है. न जाने हमलोग इस पूजा के लिए एक महीना पहले से ही अजीबोगरीब प्लान बनाते है. इस पूजा में घर आने के लिए हमलोग बहुत बेचैन रहते है और जब घर आ जाते है तो लगता है की हम स्वर्ग में आ गए हैं.

गौरतलब है की "छठ पूजा" हम बिहारवासियों के लिए महाभारत पर्व है. छठ पूजा मुख्य तौर से बिहार में मनाया जाती है. लेकिन अब छठ का पर्व देश के अलग-अलग कोनों में भी मनाया जाता है.

छठ पूजा की शुरुआत सूर्य पुत्र कर्ण ने की थी. कर्ण भगवान सूर्य के परम भक्त थे. छठ पूजा की शुरुआत बिहार के मुंगेर से हुई थी. कुछ प्रचलित कथाओं से इस बारे में पता चलता है. इतिहास बिहार से जुड़ा है. द्रौपदी ने अपने पति के अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर जीवन के लिए छठ का व्रत रखा था.

जब पांडव सारा राजपाठ जुए में हार गए, तब द्रौपदी ने छठ व्रत रखा था. इस व्रत से उनकी मनोकामना पूरी हुई थी और पांडवों को सब कुछ वापस मिल गया. इस व्रत में द्रौपदी ने सूर्य पूजा और छठी मैईया की आराधना की.

इसे के साथ भगवान श्रीराम और माता सीता ने रामराज्य की स्थापना के लिए कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को उपवास रखा था और सूर्य देव की पूजा की थी. इसीलिए छठ के इस पर्व को माताएं और सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबही उम्र और अपने बच्चों को अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखती है.
🇮🇳🇮🇳 जय हिन्द 🇮🇳🇮🇳

Photos from Navin Kumar Purbey's post 18/08/2023

Superintendent of Police ( SP साहब) के साथ एक खास मुलाकात🇮🇳🚨🇮🇳

Photos from Navin Kumar Purbey's post 16/08/2023

Dy.SP. सुशांत कुमार चंचल सर के साथ!!!

20/07/2022
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