Mohd Rameem Ramma
Mohd Rameem Ramma, (Zakir Hussain)(जब तक जीवन है प्रेम से रहिए ! उसके बाद तो कब्र में ही रहना है ...!
16/01/2024
अजीब खेल है उस अल्लाह का लिखता भी वही है मिटाता भी वही है भटकाता है राह तो दिखाता भी वही है उलझाता भी वही है सुलझाता भी वही है जिंदगी की मुस्किल घड़ी में दिखता भी नहीं मगर साथ देता भी वही है हर दुःख सुख का साथी अल्लाह है जब चाए सुख देगा उसी पल दुःख भी दे सकता है....!
उम्मीदों का फटा पैरहन सिले कौन दर्जी ....!
हम उसी में खुश हैं जो है अल्लाह की मर्जी .....!
Mohd Rameem Ramma...!
16/01/2024
यादों के स्पर्श बड़े अजीब होते है कोई भी ना हो पास फिर भी ये बहुत करीब होते है हर नजर में मुमकिन नही है बेगुनाह रहना, चलिए कोशिश करते हैं खुद की नजर में बेदाग रहे लोगो की जमावट आज कुछ इस तरह हो रही है अपनी कमी दिखती नही दूसरे मे कमी निकालने की मिलावट हो रही है....!
एक पल में इंसान को गम में डूबा देती है...!
याद क्या चीज है आती है रुला देती है...!
Mohd Rameem Ramma...!
21/09/2023
कभी जो फतवा देने का मुझे शर्फ हासिल हो...!
मैं इंसान के सामने इंसान का रोना हराम लिखुंगा...!
Mohd Rameem Ramma ...!
19/09/2023
मसला तो हकीकत का हैं....!
ख़्वाब तो हर रोज बदलते है...!
Mohd Rameem Ramma ...!
Robin Khan Mewati ...!
Irfan Khan...!
16/09/2023
मुश्किलें तो हमेशा ही रहेंगी....!
मायने हैं कि आप जीते कैसे हैं...!
Mohd Rameem Ramma ...!
29/08/2023
उस मर्द और औरत से ज्यादा कोई हसीन नही...!
जिसको आता हो मोहब्बत में वफ़ादार रहना.....!
Mohd Rameem Ramma...!
14/08/2023
ख़ुशी तो इन्सान किसी के साथ भी बग़ैर सोचे समझे बड़े फ़ख़्र से बांट सकता है लेकिन दर्द को बड़े ध्यान से सोच समझ कर शेयर करना होता है किसे बताएं और किस से छुपाएं क्योंकि दर्द को समझने के लिए एक ख़ास ज़हनी पुख़्तगी दरकार होती है जो दर्द को समझती है जो हर किसी के पास नही होती दर्द वही होता है जो छुपा लिया जाए जो बताया जाए वो तमाशा बन जाता है Mohd Rameem Ramma....!
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