Pahadi Roots
जय देवभूमि उत्तराखंड❤️
12/08/2026
उत्तराखंड लोक महोत्सव 2026
उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध कलाकार और दिल्ली पुलिस बैंड — एक साथ, एक मंच पर!
देवभूमि की लोक संस्कृति, संगीत और परंपराओं का भव्य संगम देखने के लिए तैयार हो जाइए।
जहाँ उत्तराखंड की लोक धुनें मिलेंगी दिल्ली पुलिस बैंड की शानदार प्रस्तुति से।
25 अगस्त – 14 सितंबर 2026
📍 रामलीला मैदान, रोहिणी सेक्टर-16, दिल्ली
एक मंच • अनेक सुर • एक गौरव — उत्तराखंड लोक महोत्सव
02/08/2026
उत्तराखंड लोक महोत्सव 2026
29 अगस्त 2026 | शनिवार
गढ़ रत्न आदरणीय श्री नरेन्द्र सिंह नेगी जी की गरिमामयी उपस्थिति एवं सुरमयी प्रस्तुतियों के साथ आइए बनें इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक संध्या के साक्षी।
उत्तराखंड की लोक संस्कृति, लोक संगीत और लोक परंपराओं का भव्य उत्सव
📍 स्थान: रामलीला मैदान, रोहिणी सेक्टर-16, दिल्ली
🚇 निकटतम मेट्रो स्टेशन: रोहिणी सेक्टर-18
महोत्सव अवधि: 25 अगस्त से 14 सितंबर 2026 (लगातार 21 दिवसीय आयोजन)
अपने परिवार और मित्रों के साथ आइए और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का आनंद उठाइए।
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उत्तराखंड लोक महोत्सव-2026
23/07/2026
उत्तराखंड लोक महोत्सव 2026 | BSF बैंड के साथ
देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, लोक संगीत, लोक नृत्य और परंपराओं का भव्य संगम आपका इंतज़ार कर रहा है।
25 अगस्त 2026 से शुरू हो रहा है 21 दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव, जहाँ हर दिन होगा नई ऊर्जा, नई प्रस्तुतियाँ और यादगार अनुभव।
शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम
प्रसिद्ध कलाकारों की लाइव प्रस्तुतियाँ
स्वादिष्ट फूड स्टॉल
शॉपिंग, मनोरंजन और पारिवारिक उत्सव का अनोखा संगम
📍 स्थान: रामलीला मैदान, सेक्टर-16, रोहिणी, दिल्ली
🚇 निकटतम मेट्रो स्टेशन: रोहिणी सेक्टर-18
आइए, अपनी संस्कृति से जुड़ें, अपनी विरासत का सम्मान करें और उत्तराखंड की लोक संस्कृति का भव्य उत्सव मिलकर मनाएँ।
25 अगस्त से 14 सितंबर 2026
उत्तराखंड लोक महोत्सव 2026 — जहाँ संस्कृति बनेगी उत्सव और हर दिन होगा यादगार!
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15/07/2026
एक बेटी का विवाह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि एक परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद होती है।
हर माता-पिता का सपना होता है कि उनकी बेटी सम्मान, स्नेह और खुशियों के साथ अपने नए जीवन की शुरुआत करे। लेकिन आर्थिक कठिनाइयाँ कई परिवारों के इस सपने को अधूरा छोड़ देती हैं।
भारत का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला सांस्कृतिक महोत्सव — उत्तराखंड लोक महोत्सव 2026
अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता के अंतर्गत 5 आर्थिक रूप से कमजोर कन्याओं का सामूहिक विवाह आयोजित कर रहा है।
प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को गृहस्थ जीवन हेतु आवश्यक घरेलू सामग्री, उपयोगी समान भेंट किए जाएंगे।
आइए, मिलकर पाँच बेटियों के जीवन में खुशियों की नई शुरुआत का आधार बनें।
क्योंकि किसी बेटी का सम्मानपूर्वक घर बसाना केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानवता, संस्कार और संवेदनशीलता का सबसे सुंदर उत्सव है।
📍 स्थान: रामलीला मैदान, रोहिणी सेक्टर–16, दिल्ली
दिनांक: 25 अगस्त 2026 से 14 सितम्बर 2026
पंजीकरण की अंतिम तिथि: 10 अगस्त 2026
10/07/2026
🏔️🙏 मध्यमहेश्वर — जहाँ शिव की दिव्य नाभि की होती है पूजा
पंच केदारों में द्वितीय केदार मध्यमहेश्वर भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत पवित्र धाम है। मान्यता है कि महाभारत के बाद जब पांडव भगवान शिव के दर्शन के लिए आए, तो शिव ने बैल (नंदी) का रूप धारण किया। इसी दौरान उनकी नाभि (मध्य भाग) मध्यमहेश्वर में प्रकट हुई, इसलिए इस धाम का नाम मध्यमहेश्वर पड़ा।
घने जंगलों, हरी-भरी बुग्यालों और हिमालय की भव्य चोटियों के बीच स्थित यह मंदिर श्रद्धा, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम है। यहाँ से चौखंबा पर्वत का मनमोहक दृश्य भक्तों के मन को मंत्रमुग्ध कर देता है।
हर हर महादेव! 🔱
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10/07/2026
🏔️ धारी देवी मंदिर: डैम बनने से पहले और बनने के बाद
उत्तराखंड की अलकनंदा नदी के तट पर स्थित माँ धारी देवी मंदिर आस्था और चमत्कार का अद्भुत संगम माना जाता है। पहले यह मंदिर एक प्राकृतिक चट्टान पर नदी के बीचों-बीच स्थित था, जहाँ श्रद्धालु सीढ़ियों और संकरे मार्ग से पहुँचकर माता के दर्शन करते थे। चारों ओर प्राकृतिक घाटियाँ और नदी का मनमोहक दृश्य इस स्थान की दिव्यता को और बढ़ा देता था।
बाद में जलविद्युत परियोजना और डैम बनने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा। मंदिर को सुरक्षित रखने के लिए इसे ऊँचे प्लेटफ़ॉर्म पर स्थापित किया गया और आधुनिक पुल व पहुँच मार्ग बनाए गए। आज माँ धारी देवी का मंदिर जलराशि के बीच भव्य रूप में विराजमान है, जहाँ हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
पहली तस्वीर प्रकृति की गोद में बसे पुराने धारी देवी मंदिर की झलक दिखाती है, जबकि दूसरी तस्वीर विकास के बाद बदले स्वरूप को दर्शाती है। समय बदला, दृश्य बदला, लेकिन माँ धारी देवी के प्रति श्रद्धा और विश्वास आज भी उतना ही अटूट है।
🙏 जय माँ धारी देवी!
"आस्था का स्वरूप बदल सकता है, लेकिन आस्था कभी नहीं बदलती।"
जहाँ न्याय देर से नहीं, श्रद्धा से मिलता है…
जय गोलू देवता महाराज! 🙏🤍
सच्चे मन से जो भी अपनी बात रखते हैं, गोलू देवता उनके न्याय का मार्ग अवश्य प्रशस्त करते हैं। आस्था, विश्वास और न्याय के प्रतीक—हमारे आराध्य गोलू देवता को कोटि-कोटि प्रणाम। ❤️🏔️
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