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क्या पांडव फिर करेंगे युद्ध, उत्तराखंड से होगी शुरूआत?
Did you know: Feldheim village बना Germany का पहला Self Sufficient Village
रत्नागिरी का हापुस आम औऱ बालासाहेब ठाकरे का नाम.. दोनों मुद्दों पर महाराष्ट्र के कोंकण इलाके में छिड़ा है चुनावी संग्राम.. रत्नागिरी के लांजा राजापुर में शिवसेना UBT ने अजित यशवंतराव को चुनाव मैदान में उतारा है। THE ZERO MILE SHOW में अजित यशवंतराव से खास बातचीत की श्रेष्ठ महाराष्ट्र के कंसल्टिंग एडिटर पराग पाटिल ने...
वो 14-15 नवंबर 2000 की दरमियानी रात थी. राजभवन के गुलाब गार्डन में हलचल थी. 14 नवंबर की आधी रात को घड़ी की तीनों सुइयां मिलीं और कैलेंडर में तारीख बदलकर 15 नवंबर हो चुकी थी. राजभवन में राज्यपाल प्रभात कुमार के सामने झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस, आरजेडी गठबंधन वाले नेताओं ने दावा किया है कि बहुमत उनके साथ है. इसलिए सीएम के तौर पर शिबू सोरेन को शपथ दिलाई जाए. दूसरी तरफ बीजेपी के बाबूलाल मरांडी की ओर से दिए गए समर्थक पत्र में 44 विधायकों के नाम थे. राज्यपाल ने मरांडी का दावा सही पाया और रात एक बजकर पांच मिनट पर उन्हे झारखंड के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिला दी. अब क्योंकि राज्यपाल ने NDA को सरकार बनाने का मौका दिया था तो राजभवन के अंदर शपथ ग्रहण हो रहा था बाहर UPA का हंगामा... लेकिन इन सब के बीच उसी रात देश के राज्यों की गिनती में एक नए राज्य झारखंड का जन्म हो चुका था और बाबूलाल मरांडी झारखंड राज्य के पहले सीएम बन चुके थे....
अक्टूबर 2019... महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके थे. 288 में से बीजेपी को 106 सीटें, शिवसेना को 56 और NCP को 54 सीटें मिलीं थीं... उस वक्त बीजेपी और शिवसेना मिलकर बड़ी आसानी से सरकार बना सकते थे. कयास लगाए जा रहे थे कि उद्धव ठाकरे सीएम की कुर्सी को लेकर अड़ सकते हैं. इसी बीच उद्धव ने एक बड़ा ऐलान किया और लंबे समय से शिवसेना से जुड़े एकनाथ शिंदे को विधायक दल का नेता घोषित कर दिया. शिंदे को चुने जाने के बाद लोग ये मान बैठे थे कि अब महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे होंगे हैं और उद्धव ठाकरे अपने पिता की तरह रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाएंगे. जाने माने पत्रकारों की मानें तो उस वक्त भी देवेंद्र फडणवीस ने एकनाथ शिंदे को फोन करके अपने साथ आकर सरकार बनाने का ऑफर दिया था, लेकिन शिंदे तब नहीं माने. क्योंकि उन्हे लगता था शिवसेना उन्हें खुद ये मौका देगी मगर ऐसा हो न सका...
फिल्म अभिनेत्री भाग्यश्री जिनके सितारे कभी बुलंदियों पर थे,उन्होंने अचानक क्यों फिल्म जगत को अलविदा कह दिया था, श्रेष्ठ यूपी से खास बातचीत में उन्होंने उस राज '
महाराष्ट्र के कोंकण इलाके के रत्नागिरी का हापुस आम दुनिया भर में एक्सपोर्ट होता है.. यहां आम और काजू उत्पादन से लेकर फिशिंग में अपार रोजगार की संभावनाएं हैं.. कोंकण का पूरा इलाका पर्यटन के लिहाज से भी बेहद अहम है.. लेकिन राजनेता इसके लिए कितना क्या कर पाए हैं.. क्या हैं यहां की समस्याएं.. और इन पर महायुति सरकार ने कितना काम किया है.. इन सभी मुद्दों पर रत्नागिरी जिले की लांजा राजापुर सीट से शिवसेना शिंदे गुट के उम्मीदवार किरण सामंत से बात की श्रेष्ठ महाराष्ट्र के कंसल्टिंग एडिटर पराग पाटिल ने...
महाराष्ट्र का कोंकण इलाका अपनी खूबसूरती के अलावा खास तरह के चावल उत्पादन के लिए भी मशहूर है। यहां का बासमती राइस और उसका पोहा देश-विदेश में भेजा जाता है। कोंकण के रायगड़ जिले में कई पोहा मिल्स हैं। पेण, रायगड की एक पोहा मिल में पहुंची श्रेष्ठ भारत की कोंकण ब्यूरो चीफ तृप्ति पारसनीस और पोहा मिल मालिकों से जानी उनकी परेशानी.. और चुनाव में उनकी समस्याएं कौन सुन रहा है। देखिए THE ZEZRO MILE SHOW रायगड के पेण से...
महाराष्ट्र का कोंकण इलाका कभी शिवसेना का गढ़ माना जाता रहा है। बालासाहेब की शिवसेना ने इस इलाके से कई कद्दावर नेता दिए हैं, लेकिन अब शिवसेना टूट चुकी है। कोंकण के चिपलूण से शिवसेना गुट के उम्मीदवार शेखर निकम चुनाव मैदान में हैं। कोंकण का ये खूबसूरत इलाका आज भी विकास की बाट जोह रहा है, क्या हैं चिपलूण की समस्याएं और कौन रखेगा कोंकण की खूबसूरती बरकरार.. देखिए THE ZEZRO MILE SHOW चिपलूण से श्रेष्ठ महाराष्ट्र के कंसल्टिंग एडिटर पराग पाटिल के साथ...
महाराष्ट्र के कोंकण इलाके के पेण में बनने वाली गणपति मूर्तियां देश के कोने-कोने में भेजी जाती हैं तो इनका विदेशों में export किया जाता है। पेण के मूर्तिकार गणपति बनाने से लेकर इनको सजाने-संवारने का काम करते हैं। गणपति उत्सव ही नहीं साल भर इनका काम चलता रहता है। इस काम में माहिर मूर्तिकारों को क्या उनकी मेहनत के मुताबिक मेहनताना मिलता है, क्या हैं इनकी परेशानियां जानने की कोशिश की श्रेष्ठ भारत की कोंकण ब्यूरो चीफ तृप्ति पारसनीस ने..देखिए पेण से THE ZEZRO MILE SHOW...
15/11/2024
On this pious occasion of Guru Nanak Jayanti, let’s reflect on the teachings of Guru Nanak Dev Ji and strive to be better human beings. Happy Gurupurab.
(GuruNanakDevJi, gurunanakjayanti2024,Teachings, shreshthbharatdigital)
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