Naresh rajput
Naresh Rajput nst
टूटा दिल तो गम कैसा, 🙃
वो चल दिये तो सितम कैसा, 🙃
मन भरा यार बदले, 🌥
बेवफा हुए साफ, 🙃
तो फिर इश्क का भ्रम कैसा । 🌼🙌😎😊
27/11/2022
इश्क़ को भी इश्क़ हो तो
फिर देखूं मैं इश्क़ को भी,
कैसे तड़पे, कैसे रोये,
इश्क़ अपने इश्क़ में।
27/11/2022
ना मिलता ग़म तो बर्बादी के अफसाने कहाँ जाते,
चमन होती अगर दुनिया तो वीराने कहाँ जाते,
चलो अच्छा हुआ अपनों में कोई गैर तो निकला,
सभी होते अगर अपने तो बेगाने कहाँ जाते।
देख कर उसको अक्सर हमें ये एहसास होता है,
कभी-कभी ग़म देने वाला भी बहुत खास होता है,
ये और बात है वो हर पल नहीं होता पास हमारे,
मगर उसका दिया ग़म अक्सर हमारे पास होता है
23/09/2022
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Mathura