Mathura Voice
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इत्र से कपड़ों को महकाना कोई बड़ी बात नहीं!
_ मजा तो तब है जब किरदार से खुशबू आये!! _ ✍️✍️ @Mr.
लखनऊ में 250 से ज्यादा झोपड़ियां जलीं, 30 सिलेंडर फटे:युवक बोला- मेरे 4 बच्चे जिंदा जल गए; 10 km दूर तक दिखीं लपटें
लखनऊ में बुधवार शाम साढ़े 5 बजे भीषण आग लग गई। विकासनगर इलाके में लगी इस आग से 30 से ज्यादा सिलेंडर फट गए। 250 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। करीब 10 किलोमीटर दूर तक आग की लपटें देखी गईं। आग लगने के बाद आसपास के करीब 20 मकानों को खाली करा लिया गया।
फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने करीब 3 घंटे बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान इलाके की लाइट काट दी गई। अंधेरा होने पर जनरेटर से लाइट लगाकर बचाव कार्य किया गया।
16/04/2026
गो, ब्राह्मण और सज्जनों के उद्धार को अवतरित हुए थे राम
गो ग्राम परखम में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने सुनाई दशरथ मरण और भरत मिलन की कथा
रिपोर्ट: हरिपाल सिंह
फरह
भगवान राम गो, ब्राह्मण और सज्जनों के उद्धार के लिए ही धरा पर अवतरित हुए थे। राम आदर्शवादी थे, बनवासियों के कल्याण के लिए ही वनवास को गए थे। संपूर्ण लीला को जानने वाले राम ने राक्षसों से धारा को मुक्ति दिलाने को वनवास का निर्णय लिया था ।
यह प्रसंग बुधवार को गो ग्राम परखम में आयोजित श्री राम कथा के दौरान आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने श्रद्धालुओं को सुनाया। उन्होंने कहा कि राम के वनवास को जाते ही अयोध्या वासी रो रहे हैं, अयोध्या अनाथ है, सुमंत व्याकुल है। सोते हुए क्यों छोड़ गए भगवान, यह कहकर सुमंत की आंखों की आंखों से आंसू निकल रहे हैं ।
श्री राम - लक्ष्मण और सीता के नदी पार जाने से सुमंत परेशान हैं। राम के वनवास पर जाने की बात को दशरथ को बताने के लिए राज भवन में पहुंचते हैं तो दशरथ राम - राम कर कर प्राण छोड़ देते हैं।इसके बाद राजा का शरीर आयुर्वेदिक तेल में रखा जाता है। भरत को बुलाया जा रहा है, दूत ननिहाल से भरत को लेने जाता है। भरत अयोध्या चलते हैं तो पशगुन होने लगते हैं, भरत तभी सोचते हैं, कुछ ना कुछ अयोध्या में जरूर गलत हुआ है।
आचार्य ने कहा कि भगवान श्री राम ने वनवास का निर्णय करके अयोध्या को अनाथ जरूर किया, लेकिन हजारों वनवासियों का उद्धार किया । राम आज भी रामचरित में रहते हैं, रामचरितमानस ग्रंथ नहीं, राम का चरित्र है। राम पोथी में रहते हैं, राम हृदय में रहते हैं । राम जीवन-मरण के संग रहते हैं ।
महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि अयोध्या आने के बाद भरत को राम की चिंता हुई तो वह राजगद्दी का मोह छोड़कर श्री राम से मिलने चल दिए। राम को आता देख लक्ष्मण भड़के तो श्री राम ने लक्ष्मण से कहा, लक्ष्मण तुम भरत और भरत के प्रभाव को नहीं जानते हो। यह सुनकर लक्ष्मण को लज्जित होना पड़ा। आचार्य ने कहा कि राम भरत में समाए हैं तो भरत में राम समाए हुए हैं। भाई के प्रति प्रेम तो भरत में दिखता है, जो चटाई पर सोकर भाई की चरण पादुका सिंहासन पर रखकर राज चलाते हैं। इसलिए भाई से भाई से मिलकर रहना चाहिए, इससे प्रेम और सद्भाव बढ़ता है
व्यास गद्दी का पूजन यजमान सुरेश कौशिक, साधना कौशिक, अशोक नागर, तरुण नागर, अतुल कुमार, संजय जैन, विनय, विष्णु, अरविंद कुमार, राज्यसभा सदस्य डा. के लक्ष्मण, दुष्यंत कुमार, हेमंत राजपूत, संजय सिंघल, सचिन बंसल, हरी सोलंकी आदि ने किया।
कथा में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, चौ. लक्ष्मीनारायण, संजय राठी, सुरेश तरकर, अभिषेक राठी, एमसी गुप्ता, वेद प्रकाश मंगला, सुनील सोलंकी, राजकुमार, गोविंद, अवनीश सिसोदिया, मंत्री यशवंत सिंह सैनी, रंजीता वोकन, कल्याण दास आदि श्रद्धालु, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कथा के दौरान श्री राम स्तुति भजन की प्रस्तुति से श्रोता झूमते रहे। वेद मंत्रों के साथ व्यास गद्दी का पूजन और संचालन पवन दत्त मिश्र और प्रमोद पांडे ने किया।
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नोएडा, यानी गौतमबुद्ध नगर में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारी मंगलवार को भी सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो झड़प हो गई। भीड़ ने 2–3 जगहों पर पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। पुलिस ने थोड़ी देर में ही हालात पर काबू पा लिया। प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया।
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14/04/2026
पीएम श्री विद्यालय महरौली में वार्षिकोत्सव एवं स्कूल चलो अभियान का भव्य कार्यक्रम आयोजन
पीएम श्री विद्यालय महरौली में आज वार्षिकोत्सव एवं स्कूल चलो कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम से आयोजित हुआ जिसमें मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी श्री नरेश कुमार जी रहे एवं विशिष्ट अतिथि श्री इंद्रपाल सिंह जिला महामंत्री राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ मथुरा एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सूबेदार जी रहे ।
स्कूल के प्रधानाध्यापक श्री राजकुमार सारस्वत ने मुख्य अतिथि एवं सभी अतिथियों का पटका पहनाकर एवं तस्वीर भैंटकर स्वागत किया। बच्चों द्वारा स्वागत गान तथा बड़े ही शिक्षाप्रद एवं मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन श्री ऊधम सिंह ने किया।
खंड विकास अधिकारी श्री नरेश कुमार जी ने बताया की सरकारी विद्यालय में भी इतने अच्छे कार्यक्रम होते हैं यह मुझे महरौली में आकर ज्ञात हुआ । विद्यालय प्रबंधन एवं कार्यक्रम बहुत ही अच्छा है । प्रधानाध्यापक की मांग पर उन्होंने स्कूल को इनवर्टर देने की घोषणा भी की।
श्री इंद्रपाल सिंह जी जिला महामंत्री ने बताया कि विद्यालय का कार्यक्रम बहुत ही सराहनीय एवं समाज को प्रेरणा दायक है । सभी गांव वालों को जागरूक किया कि वह सभी अपने बच्चों का सरकारी स्कूल में नाम लिखाएं। सरकारी स्कूल के अध्यापक बहुत ही विद्वान एवं प्रशिक्षित हैं । ग्राम प्रधान जी भी बहुत जागरूक हैं। यदि सभी जगह इतने जागरूक प्रधान बन जाये तो सरकारी स्कूलों की दशा ही बदल जायेगी।नोडल संकुल शिक्षक श्री यशविद्र सिंह ने भी कहा कि सरकारी स्कूलों में बहुत अच्छी पढ़ाई कराई जाती है। ग्राम प्रधान जी ने सभी का आदर सत्कार करते हुए कहा की सभी ने समय निकालकर कार्यक्रम को सफल बनाया है तथा गांव वालों से मेरा निवेदन है कि वह अपने बच्चों को ड्रेस में ही विद्यालय भेजें । प्रधानाध्यापक श्री राजकुमार सारस्वत जी ने सभी गांव वासियों से आग्रह किया कि नवीन दाखिला चल रहे हैं । आप सभी अपने बच्चों के दाखिला शीघ्र कराएं।
कार्यक्रम में श्री नंदकिशोर प्रधानाध्यापक , विवेक कुमार जैन , मंजू रानी, सतेन्द्र कुमार, सतबीर सिंह , हेमन्त शर्मा, कृष्ण कुमार, महमूद जी एवं समस्त गांव वासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी के लिए भोजन व्यवस्था भी रही। सभी अतिथि ने शानदार भोजन प्राप्त कर सभी स्टाफ को धन्यवाद दिया।
13/04/2026
राम एक के नहीं, वे सनातन धर्म की प्रतिमूर्ति हैं।
गो ग्राम परखम में आयोजित श्री राम कथा में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने सुनाई बालक राम की कथा ।
फरह।राम किसी एक के नहीं है, राम तो सनातन धर्म की प्रतिमूर्ति है। बालक राम के अयोध्या में जन्म लेने से समूचा वातावरण पुलकित हो रहा है। अयोध्या में उत्सव हो रहा है, घर-घर उत्सव चल रहे हैं, राम के जन्म से सर्व आनंद हो रहा है
ऐसी कथा से सोमवार को गो ग्राम परखम में आयोजित श्री राम कथा में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने भगवान राम और उनके भाइयों की बाल लीलाओं से श्रद्धालुओं को जोड़ा तो वातावरण पुलकित हो उठा। संगीत और भजन के साथ बाल कांड की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि राम कथा के तो रसिक भगवान महादेव, संत और सनातनी है।
आचार्य ने कहा कि संवत 1631 में रामचरितमानस का प्रकटीकरण हुआ, इसी तिथि को राम का भी जन्म हुआ। ऐसे में रामचरितमानस भौतिकवादी युग में अमृत के समान है।
बालक राम की सुबह की नींद और माता कौशल्या की लोरी की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा वातावरण देवताओं को मोहित कर रहा है, अयोध्या में चारों तरफ हर्ष छाया हुआ है।
श्री राम और चारों भाइयों के नामकरण की कथा सुनाते हुए आचार्य ने कहा कि राजा दशरथ गुरु आश्रम में गए, पूजन करने के बाद गुरु वशिष्ठ से चारों बालकों के नामकरण का आग्रह किया। गुरु वशिष्ठ ने गुण और ज्योतिषीय गणना के बाद चारों भाइयों का नामकरण किया।लक्ष्मण क्रोधित हैं, लेकिन वह भाई राम के लिए संत हैं।आचार्य ने कहा कि भगवान ने छह माह तक अयोध्या में सूर्योस्त नहीं होने दिया है, समूची अयोध्या श्री राम के जन्म में डूबी हुई है, घर-घर खुशियां और आनंद छाया हुआ है। ऐसे में चंद्रमा ने भगवान से कहा कि उनका भी नंबर आने दीजिए, इस पर भगवान ने कहा कि धैर्य रखिए, आपको गोकुल में आनंद लेना है।
आचार्य ने कहा कि राम एक के नहीं है, वह तो सनातन धर्म की प्रतिमूर्ति हैं, इसलिए कभी भगवान की आराधना करें तो भाव से करें। अशुद्ध नहीं बोलिए, शुद्ध बोलिए, अशुद्ध बोलने से काम खराब होते हैं।व्यास गद्दी का पूजन यजमान सुरेश कौशिक, सतीश अवाना, वीना लवानिया, रविंद्र नागर, गीतांबर आनंद, महेंद्र खाली, राहुल शर्मा, संतोष मिश्रा, राकेश बजरंगी, हरिपाल सिंह, मुरारी अग्रवाल, श्याम सिंघल, राकेश लोधी, किशोर गुप्ता, उमेश बाबू, उमेश बहादुर, राम खिलाड़ी, संतोष मिश्रा आदि ने किया। कथा में हाई कोर्ट के जज चितरंजन दास, मंत्री केपी मलिक, आगरा मेयर हेमलता दिवाकर, राज्य सभा सदस्य तेजवीर सिंह, सांसद अनुज प्रधान, विधायक अमित अग्रवाल, मेघश्याम सिंह, किशन चौधरी, भगत सिंह बघेल, छोटेलाल बंसल, सुनील गर्ग, डा. हरी भदौरिया, सोहनलाल दीक्षित, सुनील पाठक आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
वेद मंत्रों के साथ व्यास गद्दी का पूजन और संचालन पवन दत्त मिश्रा और प्रमोद पांडे ने किया। महामंडलेश्वर ने गोपूजन किया।श्री राम कथा शुभारंभ से पहले आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने गो पूजन किया। राम कथा के दौरान भी श्रद्धालुओं को गौ की महत्ता बताई और गो पालन, गोरक्षा पर जोर दिया।
फरह।राम किसी एक के नहीं है, राम तो सनातन धर्म की प्रतिमूर्ति है। बालक राम के अयोध्या में जन्म लेने से समूचा वातावरण पुलकित हो रहा है। अयोध्या में उत्सव हो रहा है, घर-घर उत्सव चल रहे हैं, राम के जन्म से सर्व आनंद हो रहा है
ऐसी कथा से सोमवार को गो ग्राम परखम में आयोजित श्री राम कथा में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने भगवान राम और उनके भाइयों की बाल लीलाओं से श्रद्धालुओं को जोड़ा तो वातावरण पुलकित हो उठा। संगीत और भजन के साथ बाल कांड की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि राम कथा के तो रसिक भगवान महादेव, संत और सनातनी है।
आचार्य ने कहा कि संवत 1631 में रामचरितमानस का प्रकटीकरण हुआ, इसी तिथि को राम का भी जन्म हुआ। ऐसे में रामचरितमानस भौतिकवादी युग में अमृत के समान है।
बालक राम की सुबह की नींद और माता कौशल्या की लोरी की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा वातावरण देवताओं को मोहित कर रहा है, अयोध्या में चारों तरफ हर्ष छाया हुआ है।
श्री राम और चारों भाइयों के नामकरण की कथा सुनाते हुए आचार्य ने कहा कि राजा दशरथ गुरु आश्रम में गए, पूजन करने के बाद गुरु वशिष्ठ से चारों बालकों के नामकरण का आग्रह किया। गुरु वशिष्ठ ने गुण और ज्योतिषीय गणना के बाद चारों भाइयों का नामकरण किया।लक्ष्मण क्रोधित हैं, लेकिन वह भाई राम के लिए संत हैं।आचार्य ने कहा कि भगवान ने छह माह तक अयोध्या में सूर्योस्त नहीं होने दिया है, समूची अयोध्या श्री राम के जन्म में डूबी हुई है, घर-घर खुशियां और आनंद छाया हुआ है। ऐसे में चंद्रमा ने भगवान से कहा कि उनका भी नंबर आने दीजिए, इस पर भगवान ने कहा कि धैर्य रखिए, आपको गोकुल में आनंद लेना है।
आचार्य ने कहा कि राम एक के नहीं है, वह तो सनातन धर्म की प्रतिमूर्ति हैं, इसलिए कभी भगवान की आराधना करें तो भाव से करें। अशुद्ध नहीं बोलिए, शुद्ध बोलिए, अशुद्ध बोलने से काम खराब होते हैं।व्यास गद्दी का पूजन यजमान सुरेश कौशिक, सतीश अवाना, वीना लवानिया, रविंद्र नागर, गीतांबर आनंद, महेंद्र खाली, राहुल शर्मा, संतोष मिश्रा, राकेश बजरंगी, हरिपाल सिंह, मुरारी अग्रवाल, श्याम सिंघल, राकेश लोधी, किशोर गुप्ता, उमेश बाबू, उमेश बहादुर, राम खिलाड़ी, संतोष मिश्रा आदि ने किया। कथा में हाई कोर्ट के जज चितरंजन दास, मंत्री केपी मलिक, आगरा मेयर हेमलता दिवाकर, राज्य सभा सदस्य तेजवीर सिंह, सांसद अनुज प्रधान, विधायक अमित अग्रवाल, मेघश्याम सिंह, किशन चौधरी, भगत सिंह बघेल, छोटेलाल बंसल, सुनील गर्ग, डा. हरी भदौरिया, सोहनलाल दीक्षित, सुनील पाठक आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
वेद मंत्रों के साथ व्यास गद्दी का पूजन और संचालन पवन दत्त मिश्रा और प्रमोद पांडे ने किया। महामंडलेश्वर ने गोपूजन किया।श्री राम कथा शुभारंभ से पहले आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने गो पूजन किया। राम कथा के दौरान भी श्रद्धालुओं को गौ की महत्ता बताई और गो पालन, गोरक्षा पर जोर दिया।
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