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05/06/2026
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों की लाइव ट्रैकिंग से सुरक्षित बनाया जा रहा यात्रियों का सफर
*प्रतिदिन 16 लाख से ज्यादा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही योगी सरकार*
*निगम की 13,500 से अधिक बसों को वीएलटीडी से जोड़ा गया*
*बस के साथ ही ड्राइवरों की हर गतिविधि की हो रही कमांड सेंटर से निगरानी*
*मार्गदर्शी पोर्टल पर यात्री भी बसों की देख पा रहे लाइव लोकेशन*
*लखनऊ, 20 मई:* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास करती आ रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) यात्रियों को सुरक्षित, सुगम यात्रा का अनुभव देने के लिए बड़े पैमाने पर नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। यूपीएसआरटीसी की लगभग सभी बसों की लाइव ट्रैकिंग हो रही है, ताकि प्रतिदिन इन बसों में सफर करने वाले 16 लाख से अधिक यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता की जा सके।
यूपीएसआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए 13,500 से अधिक बसों को व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) से जोड़ा जा चुका है। इसकी ट्रैकिंग लखनऊ स्थित मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से हो रही है।
*बस ड्राइवरों की जवाबदेही भी तय की गई*
उन्होंने बताया कि इन बसों में प्रतिदिन 16 लाख से अधिक लोग यात्रा कर रहे हैं। बसों की ट्रैकिंग के लिए हर रोज 24 घंटे मुख्यालय का कमांड सेंटर और 20 रीजनल मॉनिटरिंग सेंटर एक्टिव रहते हैं। यहां से बस की ओवर स्पीड, तेज ब्रेक लगाने, तेज गति में बस मोड़ने, तय सीमा से अधिक रफ्तार पर बस चलाने, तय रूट समेत अन्य पर नजर रखी जा रही है। इसकी मुख्यालय से रोज रिपोर्ट तैयार होती है और गलती पाए जाने पर बस ड्राइवर को चेतावनी या कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इससे प्रदेश में दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा रही है।
*पैनिक बटन दबाते ही एक्शन शुरू*
लाइव ट्रैकिंग के साथ इन बसों में हादसे या आपात स्थिति के लिए पैनिक बटन भी लगाए गए हैं। इनका इस्तेमाल होते ही अलर्ट यूपीएसआरटीसी कमांड सेंटर के साथ यूपी पुलिस के कंट्रोल रूम को भी जाता है। इसके बाद फौरन कंडक्टर से संबंधित विभागों द्वारा बात कर उचित एक्शन लिया जाता है। यूपीएसआरटीसी के मुताबिक हर रोज 5 हजार से अधिक अलर्ट आते हैं। जरूरत के हिसाब से मदद उपलब्ध कराई जाती है।
*पोर्टल और वेबसाइपट के जरिए यात्रियों को सुविधा*
यूपीएसआरटीसी के मार्गदर्शी पोर्टल और निगम की वेबसाइपट पर ट्रैक माई बस के जरिए यात्रियों को काफी सुविधा मिल रही है। यात्री बस की लोकेशन कहीं से भी लाइव देख सकते हैं।
16/05/2026
*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरा डिजिटल स्वगणना प्रपत्र*
*सीएम ने 21 मई तक चलने वाली डिजिटल स्वगणना प्रक्रिया में सभी नागरिकों से सहभागिता की अपील की*
*गोरखपुर, 16 मई:* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शनिवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित अपने आवास पर प्रदेश में जारी डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत स्वगणना (सेल्फ एनुमेरेशन) का डिजिटल/ऑनलाइन प्रपत्र भरा। इस अवसर पर उन्होंने 21 मई तक चलने वाली डिजिटल स्वगणना की प्रक्रिया में सभी नागरिकों से हिस्सेदारी की अपील की।
मुख्यमंत्री ने स्वगणना पोर्टल पर जाकर अपनी सभी जानकारियों के कॉलम को पूर्ण किया। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस प्रक्रिया में सहभागिता दर्ज कराने की अपील करते हुए कहा कि यह देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना है। इसका मुख्य उद्देश्य ‘हमारी जनगणना-हमारा विकास’ की भावना के साथ सटीक आंकड़े जुटाकर प्रदेश के विकास और कल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करना है।
उल्लेखनीय है कि 7 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से डिजिटल जनगणना के पहले चरण ‘स्वगणना’ का शुभारंभ किया था।
सीएम योगी ने कहा कि जनगणना सिर्फ जनसंख्या की गणना भर नहीं है बल्कि समग्र, समावेशी और सुनियोजित विकास का सशक्त आधार भी है। जनगणना 2027 यह सुनिश्चित करने का भी माध्यम है कि विकास की धारा में समाज का अंतिम व्यक्ति भी समान रूप से सहभागी बन सके। उन्होंने कहा कि रियल टाइम डेटा के लिए डिजिटल तकनीक के उपयोग से जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनाया गया है।
16/05/2026
*मत करिए चिंता, उपचार कराने में भरपूर मदद देगी सरकार : सीएम योगी*
*जनता दर्शन में इलाज में मदद की गुहार लेकर आए लोगों को मुख्यमंत्री ने दिया आत्मीय भरोसा*
*बोले सीएम - आयुष्मान कार्ड बनवाएंगे, विवेकाधीन कोष से भी होगी मदद*
*200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी ने, समाधान के लिए अधिकारियों को दिए दिशानिर्देश*
गोरखपुर, 16 मई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद की गुहार लेकर आए लोगों को उन्होंने आश्वस्त किया कि उपचार कराने में सरकार भरपूर मदद करेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से धनराशि दी जाएगी। जिन लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने होंगे उनके कार्ड बनवाए जाएंगे।
गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगो तक जाकर उनकी समस्याओं को सुना। उनके प्रार्थना पत्र लिए और पास में खड़े अधिकारियों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषप्रद होना चाहिए।
जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद का अनुरोध करने आए थे। एक महिला ने अपने बच्चे के इलाज में आर्थिक दिक्कत और आयुष्मान कार्ड न होने की समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चिंता मत करिए। बच्चे का इलाज जरूर होगा। आयुष्मान कार्ड बनवाएंगे और विवेकाधीन कोष से इलाज में आर्थिक सहायता देंगे। एक अन्य महिला को भी उन्होंने इन्हीं शब्द भावों का आत्मीय संबल दिया। इलाज संबंधी प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस्टीमेट की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर शासन को उपलब्ध करा दें।
अपराध व जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों व भू माफिया के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को खूब दुलारा और चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।
16/05/2026
*16 मई को बनेगा दुर्लभ संयोग: वट सावित्री, शनि जयंती और शनिश्चरी अमावस्या एक साथ*
*शनि पूजा और दान के लिए अत्यंत शुभ, जानें किन राशियों को मिलेगा विशेष लाभ*
*रिपोर्ट: आकाश चतुर्वेदी बैंकर*
*सी.ई.ओ & एडिटर इन चीफ*
*समाचार सुपरफास्ट*
*उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड*
*लखनऊ/देहरादून:* साल 2026 में 16 मई का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन वट सावित्री व्रत, शनि जयंती और शनिश्चरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। शनिवार को पड़ने वाली दर्श अमावस्या तिथि के साथ एक साथ कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिषाचार्य बेहद प्रभावशाली और दुर्लभ बता रहे हैं।
ज्योतिष गणना के अनुसार, इतने बड़े संयोग का बनना कम ही देखने को मिलता है। यही कारण है कि 16 मई का दिन पूजा-पाठ, दान-पुण्य और विशेष रूप से शनि देव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा का प्रभाव चल रहा है, उनके लिए यह दिन कष्टों से मुक्ति और राहत पाने का अवसर हो सकता है।
किन राशियों के लिए रहेगा सबसे शुभ
ज्योतिषियों के अनुसार, इस संयोग का लाभ कुछ राशियों को विशेष रूप से मिलेगा:
*मेष:* धैर्य और समझदारी बढ़ेगी। दांपत्य जीवन की छोटी-मोटी तकरार खत्म हो सकती है। रिश्तों में मिठास बढ़ेगी और जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचने की सीख मिलेगी।
*वृषभ:* आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक सुख मिलेगा। पति-पत्नी के बीच विश्वास मजबूत होगा। लंबे समय से अटके काम पूरे होने के संकेत हैं।
*कर्क:* मानसिक शांति मिलेगी और कंफ्यूजन दूर होगा। रिश्तों में स्पष्टता आएगी और दांपत्य जीवन में समझ बढ़ेगी।
*सिंह:* अहंकार कम होगा और रिश्ते बेहतर बनेंगे। दांपत्य जीवन में संतुलन आएगा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
*वृश्चिक:* नकारात्मक विचार कम होंगे और रिश्ते मजबूत होंगे। जीवन में धीरे-धीरे स्थिरता आएगी।
*धनु:* सकारात्मक सोच बढ़ेगी और भाग्य का साथ मिलेगा। दांपत्य जीवन में खुशियां बढ़ेंगी और भविष्य को लेकर आत्मविश्वास मजबूत होगा।
*कुंभ:* जीवन में स्थिरता और राहत मिलेगी। रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और मानसिक तनाव कम होगा।
क्यों है यह दिन खास
ज्योतिषियों का कहना है कि वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य का प्रतीक है, वहीं शनि जयंती और शनिश्चरी अमावस्या का संयोग शनि दोषों को कम करने का बड़ा अवसर देता है। शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या को शनिश्चरी अमावस्या कहते हैं, जो शनि पूजा, दान और उपायों के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है।
ऐसे में 16 मई को व्रत रखने, शनि मंदिर में सरसों का तेल, काला तिल, लोहे की वस्तुएं दान करने और पीपल के वृक्ष की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी।
15/05/2026
*समाचार सुपरफास्ट*
*एक्सक्लूसिव न्यूज़:-*
*दिल्ली में यूपी के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से की शिष्टाचार भेंट.*
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव, गृह एवं सूचना विभाग के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय प्रसाद ने शुक्रवार को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट की।
भेंट के दौरान दोनों के बीच प्रदेश के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में संजय प्रसाद ने नितिन नवीन को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। सूत्रों के अनुसार यह मुलाकात पूरी तरह शिष्टाचार के तहत हुई है।
उल्लेखनीय है कि संजय प्रसाद उत्तर प्रदेश सरकार के सबसे सक्रिय और भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाने वाले संजय प्रसाद गृह और सूचना विभाग की जिम्मेदारी संभालते हुए प्रदेश की छवि और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
*रिपोर्ट:-आकाश चतुर्वेदी, बैंकर*
*सी.ई.ओ & एडिटर इन चीफ*
*समाचार सुपरफास्ट*
*(उत्तर-प्रदेश/उत्तराखंड)*
हमीरपुर के कुरारा में नाव पलटने की घटना से संबंधित
*मुख्यमंत्री जी ने जनपद हमीरपुर हादसे का लिया संज्ञान*
*मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश*
*मुख्यमंत्री जी ने लोगों को जल्द से जल्द ढूंढने के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश*
*लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं: सीएम*
06/05/2026
बंगाल के मध्यग्राम में सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या.
BJP Leader Suvendu Adhikari's PA Chandra shot dead near Madhyagram, West Bengal, confirms Suvendhu Adhikari.
06/05/2026
*‘नेशन फर्स्ट’ हर नागरिक के लिए भी मार्गदर्शक सिद्धांत, क्योंकि राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं: मुख्यमंत्री*
*प्रयागराज में "रक्षा त्रिवेणी संगम" की थीम पर नॉर्थ टेक सिम्पोजियम-2026 के समापन समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*
*सीएम ने कहा, युद्ध अब साइबर व स्पेस तक विस्तारित, डेटा, सिग्नल्स व नेटवर्क बने नए हथियार, टेक्नोलॉजी की बढ़ी भूमिका*
*यूपी डिफेंस कॉरिडोर में किया जा रहा तोप के गोलों, स्वदेशी ड्रोन, बुलेटप्रूफ जैकेट और उन्नत संचार प्रणालियों का निर्माण*
*प्रयागराज, 6 मई।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब लड़ाई सीमाओं से बढ़कर साइबर, स्पेस, डेटा नेटवर्क और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम तक फैल चुकी है। पारंपरिक युद्ध कौशल के साथ-साथ अब तकनीकी दक्षता, रणनीतिक सोच और मानसिक दृढ़ता भी अनिवार्य हो गई है। आज के युद्ध में कीबोर्ड, सेटेलाइट और डेटा उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितने पारंपरिक हथियार। दुश्मन के संचार नेटवर्क को बाधित करना तथा अपने सिस्टम को सुरक्षित रखना नई युद्ध रणनीति का आधार बन रहा है। ऐसे परिदृश्य में वही राष्ट्र आगे रहेगा, जो साहस और तकनीक के बीच संतुलन स्थापित कर सके। “नेशन फर्स्ट” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हर भारतीय सैनिक के जीवन का संकल्प है। यह हर नागरिक के लिए भी मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए, क्योंकि राष्ट्र सर्वोपरि है और उससे बढ़कर कुछ भी नहीं। सीएम योगी बुधवार को प्रयागराज में "रक्षा त्रिवेणी संगम" की थीम पर नॉर्थ टेक सिम्पोजियम (एनटीएस) 2026 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
*आधुनिक युद्ध में कीबोर्ड भी एक प्रभावी हथियार*
मुख्यमंत्री ने कहा कि सियाचिन की जमाने वाली ठंड हो, रेगिस्तान की तपती रेत, घने जंगलों का अंधकार या समुद्र व आकाश की अनंत चुनौतियां, हमारे सैनिक हर परिस्थिति में तत्पर रहते हैं। उनकी सतर्क निगाहों के कारण ही पूरा देश सुरक्षित और निश्चिंत रह पाता है। आधुनिक युद्ध अब केवल जल, थल और नभ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के युग में प्रवेश कर चुका है। युद्ध में साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम जैसे क्षेत्र भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं। कीबोर्ड भी एक प्रभावी हथियार बन चुका है। दुश्मन के पावर ग्रिड, राडार, जीपीएस, बैंकिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम को बाधित करना या अपने नेटवर्क को सुरक्षित व अभेद्य बनाना, नई सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। सेटेलाइट्स के माध्यम से निगरानी, खुफिया जानकारी और नेविगेशन अब युद्ध की ‘आंख’ और ‘दिमाग’ बन चुके हैं। अब लड़ाई सिग्नल्स और डेटा के माध्यम से भी लड़ी जा रही है।
*डिफेंस सेक्टर में यूपी ने की उल्लेखनीय प्रगति*
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर युद्ध जैसी स्थितियों ने यह स्पष्ट किया है कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता कितनी आवश्यक है। कुछ वर्ष पहले भारत का रक्षा निर्यात लगभग 600 करोड़ रुपये ही था, लेकिन निरंतर प्रयासों से आज हमारी सामर्थ्य 38 हजार से 50 हजार करोड़ रुपये तक के रक्षा उत्पाद निर्यात करने की है। भारत अब मित्र देशों को रक्षा उत्पाद उपलब्ध करा रहा है। उत्तर प्रदेश ने भी इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह प्रमुख नोड्स लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट पर तेजी से कार्य हो रहा है। इन नोड्स में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर रहे हैं। सरकार ने डिफेंस एवं एयरोस्पेस पॉलिसी के तहत बड़े लैंड बैंक का निर्माण किया है और निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अलीगढ़ छोटे हथियारों और रक्षा उपकरणों के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, जबकि कानपुर गोला-बारूद, मिसाइल, डिफेंस टेक्सटाइल और प्रोटेक्टिव गियर के उत्पादन का महत्वपूर्ण हब बन रहा है। लखनऊ और झांसी नोड्स में ब्रह्मोस मिसाइल और हैवी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे देश की सैन्य क्षमता और मजबूत हो रही है। चित्रकूट और आगरा नोड्स में एयरोस्पेस और प्रिसिजन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विकास जारी है, ताकि स्पेस डोमेन सहित रक्षा के सभी आयामों में देश की क्षमता को सुदृढ़ किया जा सके।
*यूपी डिफेंस कॉरिडोर सैनिकों की क्षमता और सुरक्षा में मददगार*
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी डिफेंस कॉरिडोर के तहत तोप के गोले, स्वदेशी ड्रोन, बुलेटप्रूफ जैकेट और उन्नत संचार प्रणालियों का निर्माण किया जा रहा है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उत्तर प्रदेश में उपलब्ध हैं। प्रदेश के पास 56 प्रतिशत युवा एवं स्किल्ड वर्कफोर्स और 96 लाख एमएसएमई इकाइयों का मजबूत आधार है, जो विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। सभी 6 स्ट्रेटेजिक नोड्स पर पर्याप्त लैंड बैंक भी उपलब्ध है। राज्य सरकार स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के माध्यम से मार्केट-रेडी और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में आईआईटी कानपुर के साथ ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया गया है, जबकि स्टेट फॉरेंसिक संस्थान के माध्यम से भी विभिन्न क्षेत्रों में नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। सभी स्ट्रेटेजिक नोड्स में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है।
*ज्ञान जहां से भी आए, उसे स्वीकारना हमारी परंपरा*
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सिम्पोजियम के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में प्रधानमंत्री के विजन को साकार होते देखना गर्व का विषय है। यह सिम्पोजियम ज्ञान, अनुभव और नवाचार के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः” का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान जहां से भी आए, उसे स्वीकार करना हमारी परंपरा रही है और यह सिम्पोजियम उसी भावना को आगे बढ़ा रहा है।
*हाईटेक क्षेत्रों में स्थापित हुए स्टार्टअप*
सीएम योगी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 21,000 से अधिक स्टार्टअप्स स्थापित हुए हैं, जो एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग जैसे हाईटेक क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। सेफ्टी, टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट के समन्वय से प्रदेश ने बीमारू छवि को पीछे छोड़ते हुए देश के ग्रोथ इंजन के रूप में पहचान बनाई है। अपराध और अव्यवस्था के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति हमारा संकल्प रहा है। माफिया से कानून के राज और उपद्रव से उत्सव तक की यात्रा तय करते हुए यूपी इस मुकाम तक पहुंचा है।
*हमारी उदारता को कोई कमजोरी न समझे*
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव “वसुधैव कुटुम्बकम्” के सिद्धांत को आत्मसात किया है। उदारता हमारे संस्कार का हिस्सा है, लेकिन इसकी रक्षा के लिए शक्ति व सामर्थ्य का होना अनिवार्य है। उन्होंने इस संदर्भ में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षमा व शांति की भाषा वही प्रभावी ढंग से बोल सकता है, जिसके पास पर्याप्त शक्ति हो। भारत अपनी सामरिक और आंतरिक शक्ति इसलिए नहीं बढ़ा रहा कि किसी पर आक्रमण करे, बल्कि इसलिए कि उसकी उदारता को कोई कमजोरी न समझे।
*यूपी का कानून-व्यवस्था मॉडल देश-दुनिया में उदाहरण*
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने वर्ष 2017 में सत्ता संभाली, प्रदेश अराजकता, अव्यवस्था और पहचान के संकट से जूझ रहा था। तब हमने ‘रूल ऑफ लॉ’ को स्थापित करने का संकल्प लिया और अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पूरी सख्ती के साथ लागू की। आज उत्तर प्रदेश का कानून-व्यवस्था मॉडल देश-दुनिया में एक उदाहरण है। इसी सुदृढ़ कानून-व्यवस्था ने प्रदेश में विश्वसनीय और निवेश अनुकूल इकोसिस्टम तैयार किया, जिसने उद्योग व रोजगार के नए अवसरों को गति दी। डिफेंस कॉरिडोर भी इसका एक हिस्सा है। आज प्रदेश के पास एक्सप्रेसवे, हाईवे, आधुनिक रेलवे कनेक्टिविटी, मेट्रो नेटवर्क व एयर कनेक्टिविटी के रूप में देश का विशालतम इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क है।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, उत्तर प्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, लेफ्टिनेंट जनरल वी. हरिहरन, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, एसआईडीएम के वाइस प्रेसिडेंट नीरज गुप्ता, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ए.के. घोष के साथ ही सेना के कई वरिष्ठ अधिकारीगण और स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे।
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