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अपने लिए तो सभी जीते हैं कभी दूसरे के लिए भी तो जी लेना सीखो

आम जनता के सुख दुख में शामिल है।
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16/05/2026
27/03/2026

aas24news.in

Photos from AAS Foundation's post 19/03/2026

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने किया ईवीएम भंडारण कक्ष का निरीक्षण

उपायुक्त की उपस्थिति में ईवीएम मशीनों की प्रथम स्तर जांच सम्पन्न

मंडी, 19 मार्च।

हिमाचल प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने आज यहां ईवीएम की प्रथम स्तर की जांच प्रक्रिया का निरीक्षण किया। जिला निर्वाचन कार्यालय मंडी द्वारा जिले के ईवीएम भंडारण कक्ष (वेयरहाउस) भ्यूली में रखी इन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की प्रथम स्तर जांच उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अपूर्व देवगन की उपस्थिति में सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों के तहत संपन्न किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईवीएम जांच प्रक्रिया को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मशीनों की जांच प्रक्रिया, सुरक्षा प्रोटोकॉल तथा रिकॉर्ड संधारण का अवलोकन भी किया और संतोष व्यक्त किया।
इस अवसर पर उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ईवीएम मशीनों की नियमित एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एफएलसी प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी मशीनें तकनीकी रूप से पूर्णत: सही एवं सुरक्षित हैं और आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, तहसीलदार (निर्वाचन) राजेश शर्मा सहित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संजय शर्मा, भारतीय जनता पार्टी से एडवोकेट करणवीर सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित रहे और उन्होंने पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया।

Photos from AAS Foundation's post 19/03/2026

साहित्य उत्सव में मुख्य वक्ता नीलोत्पल मृणाल को सुनने उमड़ी भीड़

राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 में साहित्य और संवेदना का हुआ भव्य संगम

बिलासपुर, 19 मार्च: राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 के अंतर्गत आज बहुउद्देशीय सांस्कृतिक भवन में आयोजित साहित्य उत्सव 2026 ने साहित्य, संस्कृति और विचारों का एक जीवंत मंच प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता नीलोत्पल मृणाल को सुनने के लिए अभूतपूर्व भीड़ उमड़ी और पूरा सभागार साहित्य प्रेमियों से खचाखच भरा नजर आया।

साहित्य उत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में प्रख्यात युवा साहित्यकार, कवि एवं साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित नीलोत्पल मृणाल ने “मेरे लिए साहित्य के मायने” विषय पर अपने विचार साझा किए। अपने ओजस्वी और भावपूर्ण संबोधन में उन्होंने कहा कि साहित्य समाज की आत्मा है, जो समय-समय पर समाज को दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दी साहित्य केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की सोच को आकार देने वाला सशक्त माध्यम है।

उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा का उल्लेख करते हुए अपनी चर्चित कृतियों और लेखन अनुभवों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उनकी रचनाएं आम जनजीवन, संघर्ष, सामाजिक असमानताओं और बदलते परिवेश की संवेदनाओं से प्रेरित हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी कविताओं का सजीव पाठ किया, जिसने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी काव्य प्रस्तुति के दौरान श्रोताओं की तालियों की गूंज ने वातावरण को और अधिक भावपूर्ण बना दिया। विशेषकर युवा वर्ग ने उनके विचारों और कविताओं से गहरी प्रेरणा प्राप्त की और हिन्दी साहित्य की विशेषताओं को समझने की दिशा में नई रुचि दिखाई।

विशेष साहित्यिक सत्र के अंतर्गत आयोजित संवाद कार्यक्रम में जिला के प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने भी सहभागिता की। इस अवसर पर सेवानिवृत्त हिन्दी प्रवक्ता एवं कवयित्री शीला सिंह, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एवं हिन्दी-पहाड़ी कवि लेखक जीत राम सुमन, प्रोफेसर (एमेरिटस) डॉ. लेखराम शर्मा, सेवानिवृत्त अंग्रेजी प्रवक्ता एवं हिन्दी कवि रवीन्द्र नाथ भट्टा तथा पूर्व एच.पी.एस. अधिकारी एवं कवि डॉ. रवीन्द्र ठाकुर ने साहित्य के विविध आयामों पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के अंतर्गत एक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्कर्स ने भाग लेकर स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की। इसके साथ ही बहुभाषी कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया, जिसमें जिला बिलासपुर के विभिन्न बोलियों के कवियों और स्थानीय रचनाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों दी।

इस अवसर पर उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि कला की सभी विधाओं से जुड़े प्रतिभाओं को नलवाड़ी मेले से जोड़ा जाए। इसी उद्देश्य से इस वर्ष नाट्य और साहित्य उत्सव का आयोजन किया गया है, ताकि स्थानीय कलाकारों और साहित्यकारों को सशक्त मंच प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि मेले को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है, जिससे यह आयोजन जनसहभागिता का उत्सव बन सके।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर, सहायक आयुक्त राजकुमार सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

19/03/2026

बड़ू क्षेत्र में जल शक्ति विभाग की योजनाओं के पानी के सैंपल पाए गए हैं सही
पेयजल योजनाओं के पानी की लगातार हो रही है सैंपलिंग एवं टैस्टिंग : अधीक्षण अभियंता
जलस्रोतों के अलावा लोगों को घरों की टंकियां साफ रखने के लिए भी किया जा रहा जागरुक
बड़ू और इसके आस-पास के गांवों में तीन दिनों से सामने नहीं आया पीलिया का कोई नया मामला

हमीरपुर 19 मार्च। बीते दिनों हमीरपुर के निकटवर्ती क्षेत्र बड़ू के कुछ गांवों में पीलिया के कई मामले सामने आने पर जल शक्ति विभाग ने त्वरित कदम उठाते हुए इस क्षेत्र में अपनी चारों पेयजल योजनाओं के स्रोतों और टैंकों से पानी के सैंपल लिए हैं और ये सभी सैंपल सही पाए गए हैं।
जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता नीरज भोगल ने बताया कि विभाग के एसडीओ, जेई और अन्य कर्मचारी लगातार फील्ड में हैं। इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने चारों पेयजल योजनाओं के स्रोतों और सभी टैंकों की सफाई और पानी की सैंपलिंग एवं टैस्टिंग सुनिश्चित की है।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला स्वाहल की टंकी के पानी का सैंपल ठीक पाया गया है, लेकिन राजकीय उच्च पाठशाला स्वाहल के हैंडपंप का सैंपल सही नहीं है और इसी स्कूल में पीलिया के लगभग 13 मामले सामने आए हैं।
उन्होंने बताया कि बहुतकनीकी कालेज में भी पीलिया के लगभग 13 मामले पाए गए हैं। इस संस्थान के हैंडपंप का सैंपल तो ठीक पाया गया है, लेकिन संस्थान के कई छात्र बड़ू और इसके आस-पास के गांवों में पीजी में रहते हैं। इसलिए, पीलिया फैलने का कारण अन्य जलस्रोत, भवनों की टंकियों में गंदगी या फिर कोई अन्य कारण हो सकता है।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि इस क्षेत्र में 17, 18 और 19 मार्च को पीलिया का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। लेकिन, विभाग के एसडीओ, जेई और अन्य कर्मचारी इसके कारणों का पता लगाने के लिए लगातार सक्रिय हैं। इसके अलावा वे सभी लोगों को घरों में अपनी टंकियों को साफ रखने और पेयजल की स्वच्छता के प्रति भी जागरुक कर रहे हैं।

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लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह घुमारवीं में आज दिनांक 16 मार्च, 2026 को जन समस्याएं सुनते नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक तथा औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री श्री राजेश धर्माणी जी ...........👇👇👇👇
Er Rajesh Dharmani राजेश धर्मानी

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*उतराला में राष्ट्रीय आयुष मिशन के सौजन्य से “स्वस्थ ग्राम–समृद्ध ग्राम” कार्यक्रम तथा आयुष मेले का आयोजन*
*विधायक किशोरी लाल ने बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत*
बैजनाथ, 16 मार्च
आयुष विभाग हिमाचल प्रदेश उपमंडल बैजनाथ राष्ट्रीय आयुष मिशन के सौजन्य से सोमवार को ग्राम पंचायत माधोनगर के उतराला में आयुष ग्राम परियोजना के अंतर्गत “स्वस्थ ग्राम–समृद्ध ग्राम” कार्यक्रम एवं आयुष मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर आयुष विभाग द्वारा आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि विधायक किशोरी लाल ने अपने संबोधन में कहा कि आयुष पद्धति भारत की प्राचीन एवं समृद्ध चिकित्सा प्रणाली है जो न केवल रोगों के उपचार में सहायक है बल्कि स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए भी प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनी दिनचर्या में शामिल कर अनेक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष सेवाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है ताकि लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने आयुष विभाग द्वारा आयोजित इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इससे लोगों में आयुर्वेद और योग के प्रति जागरूकता बढ़ती है तथा लोग इन्हें अपनी दैनिक जीवनशैली में अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं।
विधायक ने कहा कि आयुर्वेद प्राचीन चिकित्सा पद्धति होने के साथ-साथ प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की सीख भी देती है। उन्होंने लोगों से जैविक एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अपनी दिनचर्या में अपनाने का आह्वान किया ताकि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान आयुष विभाग द्वारा विभिन्न विषयों पर जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। इसमें एंटी-नेटल एवं पोस्ट-नेटल देखभाल, गर्भ संस्कार एवं स्वर्ण प्राशन, आयुर्वेद परिचर्चा, योग जागरूकता गतिविधियां, संक्रामक रोगों से बचाव, आयुर्वेदिक आहार, घरेलू उपचार तथा औषधीय पेय पदार्थों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर, योग जागरूकता शिविर तथा आयुष मेले का भी आयोजन किया गया। आयुष मेले में जड़ी-बूटियों की प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें विभिन्न औषधीय पौधों के महत्व, उपयोग एवं संरक्षण के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान विधायक किशोरी लाल ने आयुष विभाग बैजनाथ द्वारा प्रकाशित "आयुर्वेद संक्षिप्त परिचय" पत्रिका का विमोचन किया व लोगों को औषधीय पौधे वितरित कर अपने घरों में औषधीय पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया जिसमें लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। शिविर में रक्तचाप,शुगर, आंख, कान, नाक, हीमोग्लोबिन तथा बाल रोग सहित अन्य जांचें की गई तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।
इस अवसर पर एस डी ए एम ओ बैजनाथ डॉ. सुनील कुमार, डॉ. मनमीत, डॉ. सुभीता जग्गी, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. महेश गुलेरिया, डॉ. संजय कुमार, डॉ. हरीश, मिलाप भट्ट एवं महिंद्र डोहरी सहित आयुष विभाग के कर्मचारी तथा क्षेत्र के ग्रामीण भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

Photos from AAS Foundation's post 16/03/2026

दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए प्रदेश सरकार की सराहनीय पहल

सामाजिक सरोकारः प्रारंभिक से उच्च शिक्षा तक दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का प्रावधान

राज्य सरकार द्वारा दिव्यांग छात्र-छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए शुरू की गई छात्रवृत्ति योजना एक दूरदर्शी और संवेदनशील कदम सिद्ध हो रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सशक्त बनाना है।

योजना के अंतर्गत ऐसे दिव्यांग छात्र-छात्राएं जो सरकार द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत हैं और जिनकी दिव्यांगता चिकित्सा बोर्ड द्वारा 40 प्रतिशत या उससे अधिक प्रमाणित की गई है, उन्हें बिना किसी आय सीमा के छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। पहली से पाँचवीं कक्षा तक के दिव्यांग छात्र-छात्राओं को 625 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। वहीं छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 750 रुपये प्रतिमाह, नौवीं और दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को 950 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। पहली से दसवीं कक्षा तक के जो दिव्यांग विद्यार्थी छात्रावास में रह रहे हैं, उन्हें 1,875 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी दी जाती है।

इसी तरह जमा एक, जमा दो तथा पोस्ट मैट्रिक कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को 1,250 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जबकि छात्रावास में रहने के लिए 2,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। कक्षा जमा दो के बाद डिप्लोमा कोर्स, स्नातक, जेबीटी या आईटीआई करने वाले लाभार्थियों को 1,875 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाती है। वहीं छात्रावास में रहने वालों के लिए यह राशि 3,750 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है।

इसके अतिरिक्त एलएलबी, बीएड, एमए, एमएससी, एमएड आदि कोर्स करने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों को 2,250 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जबकि छात्रावास में रहने वालों को 3,750 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। अन्य व्यावसायिक कोर्स जैसे बीई, बीटेक, एमबीबीएस आदि के लिए 3,750 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है तथा छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों के लिए यह राशि 5,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है।

योजना का लाभ लेने के लिए पात्र दिव्यांग छात्र/छात्रा का निर्धारित प्रार्थना पत्र शिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य/मुख्याध्यापक द्वारा, संबंधित कक्षा में प्रवेश की तिथि सहित, सत्यापित होना अनिवार्य है। योजना का लाभ लेने के लिए चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र, जिसमें दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक दर्शाई गई हो, संलग्न करना आवश्यक है। साथ ही हिमाचली प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा बैंक पासबुक की छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य है।

मनोज कुमार निवासी गांव योह तहसील सरकाघाट का कहना है कि उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी रितिका दसवीं कक्षा में पढ़ती है और 60 प्रतिशत दिव्यांग है और छात्रवृत्ति का लाभ मिला है। उन्होंने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का धन्यवाद व्यक्त किया जिन्होंने दिव्यांग बच्चों के लिए ऐसी योजनाएं चलाई हैं।

गांव खरोह तहसील सरकाघाट की रहने वाली ममता बन्याल ने बताया कि उनकी बेटी रिवांशु राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पपलोग में बारहवीं कक्षा में पढ़ती है और 80 प्रतिशत श्रवण बाधित है। योजना के तहत रिवांशु को छात्रवृत्ति मिल रही है। उन्होंने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों के लिए सरकार ने यह बहुत अच्छा कदम उठाया है।

गांव खरोह तहसील सरकाघाट की रजनी कुमारी ने बताया कि उनकी बेटी कनिका शर्मा श्रवण बाधित और 70 प्रतिशत दिव्यांग है। उन्हें प्रदेश सरकार की इस दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना के बारे में पता चला तो उन्होंने इसके लिए आवेदन किया। अब उनकी बेटी को छात्रवृत्ति अब मिल रही है। मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह प्रदेश सरकार की एक बहुत अच्छी योजना है।

राज्य सरकार की यह पहल समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाती है। यह योजना दिव्यांग विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ने, उन्हें समान अवसर देने और एक समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है। निश्चित ही, ऐसे प्रयास आने वाले समय में राज्य को शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Photos from AAS Foundation's post 14/03/2026

बिलासपुर में मादक द्रव्य एवं मनोप्रभावी पदार्थ अधिनियम के प्रावधानों पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

बिलासपुर, 14 मार्च: बचत भवन बिलासपुर में आज अभियोजन निदेशालय हिमाचल प्रदेश द्वारा मादक द्रव्यों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मादक पदार्थों की जब्ती के बाद अपनाई जाने वाली सीलिंग, नमूना संग्रहण तथा विधिसम्मत नष्ट करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। यह कार्यशाला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित छठी राज्य स्तरीय एनकॉर्ड समिति के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की।

कार्यशाला में अभियोजन निदेशक हिमाचल प्रदेश संजीव कटोच, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संदीप धवल, संयुक्त संयुक्त निदेशक अभियोजन रणधीर परमार, जिला न्यायवादी बिलासपुर सी. एस. भाटिया, जिला न्यायवादी मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, हमीरपुर, ऊना, सोलन व शिमला तथा इन जिलों के जिला न्यायवादी व सहायक जिला न्यायवादी और सैमिनार के विशेषज्ञ राकेश सोनी तथा भीष्म चंद जिला न्यायवादी हायर एजुकेशन शिमला उपस्थित रहे।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि जिले में एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत वर्तमान में 570 मामले लंबित हैं, जबकि अब तक 51 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इन मामलों के प्रभावी निपटान के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

अभियोजन निदेशक हिमाचल प्रदेश संजीव कटोच ने अधिनियम के क्रियान्वयन में आने वाली कमियों को दूर करते हुए यदि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तो एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामलों के निपटान में और अधिक प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है।

कार्यशाला में विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को बताया कि मादक द्रव्य एवं मनोप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के अंतर्गत इन प्रक्रियाओं का सही ढंग से पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कि जब्त किए गए मादक पदार्थों के सुरक्षित संरक्षण, नमूनों के सही तरीके से संग्रहण तथा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार उनके निस्तारण की व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। यदि इन प्रक्रियाओं का विधिसम्मत तरीके से पालन किया जाए तो अदालत में मामलों की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों की विश्वसनीयता बनी रहती है और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में जांच के दौरान साक्ष्य संरक्षण, दस्तावेजीकरण और निर्धारित कानूनी औपचारिकताओं का पालन अत्यंत आवश्यक है। इससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनती है तथा न्यायालय में मामलों के निपटारे में भी सुविधा होती है।

कार्यशाला के माध्यम से अधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों और उनसे संबंधित प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों के प्रभावी निपटान में सहायता मिल सके।

बैठक में सभी जिलों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Photos from AAS Foundation's post 14/03/2026

*प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कर रही कार्य: किशोरी लाल*
*भयोट में एम्बुलेंस योग्य सड़क का भूमिपूजन, ग्रामीणों को मिलेगी बेहतर सुविधा*
बैजनाथ, 14 मार्च
विधानसभा क्षेत्र बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल ने आज ग्राम पंचायत चौबीन के भयोट गांव में लगभग 5 लाख रुपये की लागत से बनने वाली एम्बुलेंस योग्य सड़क का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा गांव-गांव तक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य निरंतर गति से किए जा रहे हैं और क्षेत्र के प्रत्येक गांव तक सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुदृढ़ रूप से उपलब्ध करवाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भयोट गांव में एम्बुलेंस योग्य सड़क का निर्माण होने से विशेष रूप से बीमार व्यक्तियों, बुजुर्गों तथा गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने में काफी सुविधा होगी तथा आपातकालीन परिस्थितियों में एम्बुलेंस सीधे गांव तक पहुंच सकेगी।
विधायक किशोरी लाल ने कहा कि भयोट गांव के महिला मंडल भवन की ऊपरी मंजिल के निर्माण कार्य के लिए भी बजट का प्रावधान कर दिया गया है और इसका कार्य शीघ्र ही आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य को निर्धारित समयावधि के भीतर तथा गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए ताकि ग्रामीणों को लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने ग्रामीणों की विभिन्न समस्याएं भी सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
इस अवसर पर अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण अजय सूद, सहायक अभियंता राहुल ठाकुर,महिला मंडल प्रधान सुनीता राणा, मिलाप राणा, कृष्ण राणा, सुमन, कुलदीप, संसार, रणजीत, जोगिंद्र, जगन्नाथ, विधि चंद, रोशन, मंजुला, सरिता, दया एवं ममता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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जयसिंहपुर महाविद्यालय बेहतर शिक्षण संस्थान, सरकार हर संभव सहयोग करेगी : यादविंद्र गोमा
मंत्री महाविद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हुए उपस्थित
कहा- सरकार महाविद्यालय में नए कोर्स शुरु करने सहित विभिन्न विकास कार्यों को पूर्ण करेगी

जयसिंहपुर, 14 मार्च।
प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा को दूर-दराज के क्षेत्रों तक सुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और इसी दिशा में जयसिंहपुर महाविद्यालय भी लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर है। महाविद्यालय बेहतर शिक्षण संस्थान बनकर उभरा है और इसके विकास के लिए सरकार हर संभव सहयोग करेगी। यह बात आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल तथा कानून मंत्री यादविंद्र गोमा ने शनिवार को कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही।

मंत्री ने कहा कि जयसिंहपुर कॉलेज पिछले कई वर्षों से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता की सबसे मजबूत नींव है।

उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बीसीए और पीजीडीसीए की कक्षाएं शुरू करने के लिए गंभीर प्रयास किए गए, जिसके परिणामस्वरूप अब छात्र-छात्राएं इन विषयों का अध्ययन कर पा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि कॉलेज में बेटियों ने शिक्षा, खेल और अन्य गतिविधियों में शानदार प्रदर्शन कर अपना परचम लहराया है।

मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में कॉलेज के समग्र विकास के लिए प्रदेश सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। कॉलेज को खड्ड के कटाव से बचाने के लिए लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिससे संस्थान की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि अगले वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह से पहले कॉलेज परिसर में कला मंच तथा बास्केटबॉल मैदान का निर्माण करवाया जाएगा।

गोमा ने कहा कि महाविद्यालय भवन के रेनोवेशन और रंग-रोगन के लिए लोक निर्माण विभाग को इस संबंध में प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अगले वर्ष के समारोह से पहले भवन को व्यवस्थित और आकर्षक बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त कॉलेज में टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी से संबंधित कोर्स शुरू करने के लिए भी प्रदेश सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को नए रोजगार अवसर प्राप्त हो सकें।

इस अवसर पर कॉलेज स्टाफ और विद्यार्थियों ने मुख्य अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया। कॉलेज प्रशासन की ओर से सम्मानित भी किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरुण चंद्र ने इस दौरान कॉलेज की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया तथा उन्हें जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस मौके पर बीसीसी के पूर्व अध्यक्ष जसवंत डडवाल, बीडीओ सिकंदर कुमार, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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