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01/06/2026
इस भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि उनका फैसला केवल मां का रोल निभाने का नहीं था, बल्कि एक ऐसी कहानी का हिस्सा बनने का था जिसमें किरदार की अपनी अहमियत और गहराई हो। उनके अनुसार, किसी भी कलाकार के लिए अच्छी कहानी और दमदार भूमिका सबसे ज्यादा मायने रखती है।
फिल्म में माधुरी ‘रेखा’ का किरदार निभा रही हैं, जिसे उन्होंने पारंपरिक मां की छवि से बिल्कुल अलग बताया। कहानी एक मां और उसकी बेटियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी जिंदगी एक अप्रत्याशित घटना के बाद पूरी तरह बदल जाती है। इसके बाद उनके सामने कई ऐसी परिस्थितियां आती हैं जो कहानी को दिलचस्प मोड़ देती हैं।
माधुरी का मानना है कि आज के दौर में कलाकारों को केवल तयशुदा छवियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब किसी किरदार में कुछ नया और चुनौतीपूर्ण हो, तो उसे निभाने का उत्साह अपने आप बढ़ जाता है। यही वजह रही कि उन्होंने इस भूमिका को स्वीकार किया।
फिल्म ‘मां-बहन’ एक डार्क कॉमेडी है, जिसमें माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी, धरना दुर्गा और रवि किशन अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह कहानी रिश्तों, संघर्षों और अप्रत्याशित घटनाओं के बीच महिलाओं की दुनिया को एक नए अंदाज में पेश करती है।
01/06/2026
इस मुद्दे ने महंगाई, बिजली व्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ने वाले असर को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब जनता पहले से ही महंगाई और बढ़ते खर्चों से जूझ रही है, तब बिजली बिलों में अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के बीच उपभोक्ताओं पर नया भार क्यों डाला जा रहा है।
यह विवाद जून माह के बिजली बिलों में फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) लागू किए जाने के फैसले के बाद सामने आया है। बिजली विभाग का कहना है कि यह स्थायी टैरिफ वृद्धि नहीं है, बल्कि ईंधन और बिजली खरीद लागत में उतार-चढ़ाव के आधार पर किया गया अस्थायी समायोजन है। अधिकारियों के अनुसार, यह शुल्क परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है।
बिजली शुल्क को लेकर जारी बहस अब प्रदेश में एक महत्वपूर्ण जनहित मुद्दा बनती जा रही है। एक ओर ऊर्जा क्षेत्र की बढ़ती लागत का सवाल है, तो दूसरी ओर उपभोक्ताओं की आर्थिक क्षमता और राहत की चिंता भी जुड़ी हुई है। ऐसे में बिजली व्यवस्था और आम जनता के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती चर्चा के केंद्र में बनी हुई है।
01/06/2026
Congratulating the team on its achievement, Prime Minister Narendra Modi said, “Congratulations to the Indian contingent at the 22nd Asian U20 Athletics Championships for winning 19 medals, including 10 Golds. This outstanding performance reflects the determination and excellence of India’s young athletes.” His message recognized the hard work and dedication displayed by the athletes throughout the competition.
India concluded the championship with a total of 19 medals, comprising 10 gold, 5 silver, and 4 bronze medals, finishing second in the overall standings. The strong showing across multiple track and field events underlined the depth of emerging talent and the steady progress being made in Indian athletics.
The success at the championship is being viewed as an encouraging sign for the future of Indian sports. With young athletes continuing to make their mark at the international level, the achievement reinforces confidence in the country’s next generation of sporting talent and their potential to excel on bigger global platforms.
01/06/2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका सुदृढ़ करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में चमोली जनपद के नीति, मलारी, कोशा, फरकिया, बाम्पा, गुरगुटी, कैलाशपुर और महरगांव में सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके तहत सामुदायिक होम स्टे निर्माण और ग्रामीण पर्यटन के लिए आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि नीति घाटी के विभिन्न गांवों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए साइनज और व्यू प्वाइंट विकसित किए जाएंगे, जिससे पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चमोली के रिमखिम और बाड़ाहोती क्षेत्र में बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘सीमा दर्शन केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे। इससे सीमांत क्षेत्रों को नई पहचान मिलने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा ग्राम गमशाली स्थित दुप्फूधार मैदान में आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र में साहसिक पर्यटन और बड़े आयोजनों के आयोजन को प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से नीति घाटी सहित सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों, रोजगार के अवसरों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
01/06/2026
बैठक में मंत्री ने आगामी भर्ती सत्र को ध्यान में रखते हुए आईटीआई में छात्र संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कौशल विकास विभाग की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगारोन्मुखी दक्षता हासिल कर सकें।
मंत्री ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों के अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उन्हें कौशल विकास योजनाओं की जानकारी दी जाए, जिससे वे अपने बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए प्रेरित कर सकें। साथ ही स्कूल एवं कॉलेजों के आसपास विभागीय योजनाओं से संबंधित होर्डिंग लगाए जाने के भी निर्देश दिए गए, ताकि छात्रों तक जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
सौरभ बहुगुणा ने बताया कि देहरादून के निरंजनपुर, श्रीनगर और अल्मोड़ा स्थित आईटीआई में टीवीएस कंपनी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन आगामी 16 तारीख को किया जाएगा। इसके अलावा टाटा टेक्नोलॉजी को दिए गए 13 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जुलाई से शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिनके लिए आवश्यक मशीनरी और प्रशिक्षकों की व्यवस्था की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) मॉडल पर संचालित 32 आईटीआई, जहां छात्र छह माह संस्थान और छह माह कंपनियों में प्रशिक्षण लेते हैं, उनकी संख्या बढ़ाकर 45 की जाएगी। साथ ही विभाग 168 नए आईटीआई प्रशिक्षकों की तैनाती भी करने जा रहा है।
बैठक में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के निदेशक संजय कुमार, संयुक्त निदेशक मनमोहन कुड़ियाल, उपनिदेशक शैलेन्द्र शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
01/06/2026
बुंदेलखंड क्षेत्र के आर्थिक एवं औद्योगिक कायाकल्प की दिशा में योगी सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की दिशा में आज एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित हुआ है। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण झांसी की 'ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल सिटी (बीडा मास्टर प्लान-2045)' परियोजना को आधिकारिक रूप से पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।
परियोजना की मुख्य रूपरेखा एवं भूमि उपयोग-
यह महापरियोजना 253.33 वर्ग किलोमीटर (62,599.20 एकड़) क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी, जिसके अंतर्गत झांसी तहसील के 33 ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। इस परियोजना को पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना, 2006 की अनुसूची के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया था। इस स्तर की बड़ी परियोजनाओं के लिए निर्धारित कठोर मानकों के अनुरूप बीडा ने संपूर्ण प्रक्रिया को समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किया।
मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने 30 जून, 2025 में इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा को परखा, और 20 जुलाई 2025 को मंत्रालय ने इसे अपनी पहली मंजूरी दे दी। स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 22 दिसंबर, 2025 को झांसी में अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में जनसुनवाई आयोजित की गई। इसके लिए 20 नवंबर, 2025 को प्रमुख समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई थी। जन सुनवाई में स्थानीय जनता ने परियोजना का व्यापक समर्थन किया।
परियोजना से संबंधित सभी पर्यावरणीय पहलुओं, तकनीकी विवरणों और आवश्यक सुधारों की विशेषज्ञ समिति द्वारा दिनांक 5 मार्च और 9-10 अप्रैल 2026 विस्तार से समीक्षा की गई। सभी मानकों को संतोषजनक पाए जाने के बाद समिति ने परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति देने की सिफारिश की। पर्यावरण मंत्रालय एवं विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति के सुझावों के आधार पर संशोधित मास्टर प्लान के अंतर्गत भूमि का प्रस्तावित भू-उपयोग आवंटन निम्नानुसार किया गया है:
औद्योगिक क्षेत्र (33.02%): 83.66 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र औद्योगिक विकास हेतु आरक्षित है, जहाँ मुख्य रूप से कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर तथा इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग स्थापित किए जाएंगे।
आवासीय एवं आबादी क्षेत्र (16.90%): नए आवासीय क्षेत्रों हेतु 37.40 वर्ग किलोमीटर तथा मौजूदा ग्रामीण आबादी हेतु 5.40 वर्ग किलोमीटर भूमि निर्धारित की गई है।
हरित एवं मनोरंजक क्षेत्र (24.92%): कुल 63.13 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन) के रूप में संरक्षित रखा गया है।
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01/06/2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने जेईई मेंस, जेईई एडवांस्ड और बोर्ड परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। योगी सरकार की निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी की व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है।
इस साल 11 विद्यार्थी जेईई मेंस में सफल रहे-
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मिर्जापुर (मड़िहान) स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय को डॉ. अरुण कुमार तिवारी ट्रस्टी एक्स नवोदयन फाउंडेशन और टाटा एआईजी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सीएसआर सहयोग से जेईई/नीट की निःशुल्क तैयारी हेतु 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया गया है। इस वर्ष कुल 11 विद्यार्थी जेईई मेंस में सफल रहे। इनमें मड़िहान की छात्राओं दामिनी पटेल, अंवाला वर्मा, सृष्टि, शिवानी और रागिनी ने जेईई मेंस में सफलता प्राप्त की, जबकि प्रीति ने जेईई एडवांस्ड के लिए भी क्वॉलीफाई किया। साथ ही प्रीति और दामिनी आईआईटी मंडी के बीबीए व एमबीए कार्यक्रम के लिए भी शॉर्टलिस्ट हुईं। वहीं मेहरौना (देवरिया) के विकास यादव और अंकित सिंह, तीरगांव (बाराबंकी) के अभिषेक मिश्रा, जोगियाटप्पा भानपुर (बस्ती) के अमित कुमार व परसिया (मिर्जापुर) के ऋषिकेश भारती ने भी जेईई मेंस में बाजी मारी।
बोर्ड परीक्षाओं में रहा दबदबा, हुआ सम्मान-
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बोर्ड परीक्षाओं में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के छात्रों का दबदबा देखने को मिला है। यूपी बोर्ड से संबद्ध जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय निडौरी (गाजियाबाद) की छात्राओं अंजलि पुंडीर और अंशिका ने जनपद स्तर पर क्रमशः चौथा और छठा स्थान प्राप्त किया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 31 हजार और 21 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा और सीडीओ कुमार सौरभ द्वारा सम्मानित किया गया।
सफल विद्यार्थियों को मंत्री असीम अरुण ने दी बधाई-
समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक प्रतिभाशाली छात्र को आगे बढ़ने का अवसर देना है। सर्वोदय विद्यालयों की यह सफलता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शिक्षा सुधार और सामाजिक समावेशन की नीति की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देगी।
103 आवासीय विद्यालय गढ़ रहे नए भारत के निर्माता-
प्रदेश में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 103 आवासीय सर्वोदय विद्यालय आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शिक्षा-केंद्रित नीतियों के कारण इन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को वह अवसर मिल रहे हैं जो कभी केवल बड़े शहरों और महंगी कोचिंग संस्थानों तक सीमित थे। यही कारण है कि आज सर्वोदय विद्यालयों से निकलने वाले छात्र आईआईटी, मेडिकल और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
01/06/2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आवंटन पत्र, चेक, मकान की चाबी व सम्मान पत्र प्रदान किया। सीएम योगी ने कॉमन सर्विस सेंटर एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे का भी उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री के हाथों से पांच विस्थापित व पांच भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों को मिला भूमिधरी अधिकार पत्र-
सीएम योगी के हाथों पांच विस्थापित व पांच भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र मिला। सीएम के हाथों पाकिस्तान से विस्थापित मोहन सिंह, मुख्तियार सिंह, अमरीक सिंह, मिल्खा सिंह, लखविंदर कौर को अधिकार पत्र मिला। भूतपूर्व सैनिक अनुपम कुमार, चांदी देवी के पुत्र जयदीप, जगमोहन सिंह, जयकृत सिंह, सुरेश कुमार को भूमि पर मालिकाना हक प्रदान किया।
इन्हें भी मिला केंद्र व प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ-
???? सिद्धांत त्यागी- एकीकृत बागवानी योजना- 24 लाख अनुदान राशि का चेक
???? निर्मला देवी- स्वयं सहायता समूह बैंक लिंकेज- 184 करोड़ का चेक
???? ज्योति- पीएम जनमन योजना- 2 लाख रुपये अनुदान राशि व चाबी
???? पुष्पा प्रजापति- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 5 लाख
???? हरीश कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 5 लाख
???? शहाना - मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)-चाबी
???? संदीप कुमार- 4 लाख रुपये का अनुदान
???? शबनम- प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि- 50 हजार का चेक
???? सृष्टि चौहान- हाईस्कूल में जनपद में सर्वाधिक अंक पाने वाली 21 हजार, टैबलेट व मेडल
???? प्रवेश कुमार- नंद बाबा दुग्ध मिशन- 21.87 लाख का ऋण के स्वीकृति पत्र का चेक।
01/06/2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में समग्र शिक्षा एवं पीएम श्री योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त स्वीकृति के क्रम में चयनित परिषदीय विद्यालयों के पुस्तकालयों हेतु क्रय की गई पुस्तकों की आपूर्ति एवं भुगतान संबंधी विवरणों का जनपदवार सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया है। योगी सरकार द्वारा सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए निर्धारित प्रारूप पर प्रमाणित विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है।
विद्यालय पुस्तकालयों को सशक्त बनाने पर जोर-
प्रदेश सरकार विद्यालयों में पुस्तकालयों और पठन-पाठन संसाधनों को मजबूत बनाने पर विशेष बल दे रही है। विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने, ज्ञान के दायरे का विस्तार करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण तैयार करने के लिए विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसी उद्देश्य से क्रय की गई पुस्तकों की आपूर्ति और भुगतान संबंधी अभिलेखों की समीक्षा कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा, ताकि संसाधनों का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप सुनिश्चित हो सके।
तथ्य आधारित समीक्षा पर है सरकार का फोकस-
जारी निर्देशों के अनुसार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को चयनित प्रकाशकों एवं आपूर्तिकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरणों का जनपद स्तर पर उपलब्ध अभिलेखों से मिलान करना होगा। सत्यापन के उपरांत प्रमाणित विवरण शासन को उपलब्ध कराया जाएगा। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर शासन स्तर पर समीक्षा की जाएगी, जिससे पुस्तकों की आपूर्ति और भुगतान संबंधी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का स्पष्ट आकलन हो सकेगा। साथ ही भविष्य में संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और प्रभावी उपयोग के लिए भी ठोस आधार तैयार होगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती-
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते वर्षों में शिक्षा विभाग में तकनीक आधारित मॉनिटरिंग, ऑनलाइन ट्रैकिंग, डेटा आधारित अनुश्रवण और जवाबदेही पर आधारित कार्यसंस्कृति को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया गया है। पुस्तकों की आपूर्ति एवं भुगतान संबंधी विवरणों के सत्यापन की यह पहल उसी श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसका उद्देश्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ उनके वास्तविक परिणामों की निगरानी को भी मजबूत बनाना है। योगी सरकार की स्पष्ट नीति है कि शिक्षा से जुड़े प्रत्येक संसाधन का लाभ विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की विसंगति की गुंजाइश न रहे। सत्यापन की इस प्रक्रिया से प्रशासनिक जवाबदेही को और मजबूती मिलेगी, साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि विद्यालयों के लिए उपलब्ध कराए गए शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप हो रहा है।
01/06/2026
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सीतापुर के बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज, शेखपुर बिलौली बाजार की छात्रा कशिश वर्मा को सम्मानित किया, जिन्होंने 97.83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उनके साथ उनके अभिभावक और प्रधानाचार्य को भी सम्मानित किया गया। इसके बाद बाराबंकी की द मॉडर्न एकेडमी इंटर कॉलेज, जैदपुर की अंशिका वर्मा को सम्मानित किया गया। समारोह में सीतापुर की शिक्षा वर्मा, कन्नौज के राधा देवी आदर्श संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की सृष्टि, प्रतापगढ़ के श्री राम टहल संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के रजनीश यादव को सम्मान मिला।
लखनऊ पब्लिक कॉलेज, राजाजीपुरम के शिवम अवस्थी ने 99.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए उनके अभिभावकों और विद्यालय परिवार को बधाई दी। कानपुर के डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर, किदवई नगर की अनन्या गर्ग तथा शीलिंग हाउस स्कूल की श्रेष्ठी सिंह को भी सम्मानित किया गया। अनन्य और श्रेष्ठी सिंह ने 99.80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर के वैवस्वत नारायण दुबे (99.80 प्रतिशत) को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह का सबसे विशेष क्षण तब आया जब शीलिंग हाउस स्कूल, कानपुर नगर के ओजस्वित पसरीचा को 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि को असाधारण बताते हुए उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी बधाई दी। सभागार में उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया।
गाजियाबाद के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के दक्ष वासुदेवा और प्रिसीडियम इंदिरापुरम के अश्विक जैन को भी सम्मानित किया गया। दोनों विद्यार्थियों ने 99.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया। वहीं बरेली के चिकर इंटरनेशनल स्कूल की मानवी पटेल को 99.66 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर सम्मान मिला।
समारोह में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, संस्कृत शिक्षा परिषद, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। प्रदेश स्तर पर शीर्ष 10 स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को एक लाख रुपये, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किए गए। वहीं जनपद स्तर पर टॉप-10 में स्थान बनाने वाले 1459 मेधावी विद्यार्थियों को 21 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया जा रहा है।
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