Ashish
मन की पीड़ा को शब्दों के माध्यम से अभिव?
21/07/2024
एक मुद्दत हो गया सूरज देखे...
© आशीष अव्यक्त✍️
वेदना का सिन्धु यह मेरे हृदय में ही रहेगा
जग हमें फिर से उदासी का महानायक कहेगा
© आशीष अव्यक्त✍️
25/05/2024
इक नदी के दो किनारे, मन से जीते तन से हारे।
भावनाओं में तड़प कर, इक दूजे को निहारें।।
©आशीष मौर्या✍
09/12/2023
जिस घाट की तुम कहानी
मैं उसी घाट का उपन्यास हूं
© आशीष अव्यक्त✍️
04/01/2023
*🎭Theatron प्रस्तुति🎭*
*"A VARDHAN MUSIC" के सहयोग द्वारा*
*आधे-अधूरे*
*"स्त्री-पुरुष के बीच तनाव एवं लगाव का एक ऐसा दस्तावेज़ जो समकालीन जीवन के समस्त पहलुओं को बहुत निपुणता से दर्शाता है।"*
*👉मोहन राकेश द्वारा लिखित एवं शुभम गौतम (MPSD) द्वारा निर्देशित इस नाटक का मंचन दिनांक 05 जनवरी 2023 को संत गाडगे जी महाराज ऑडिटोरियम, संगीत नाटक अकादमी, गोमती नगर, लखनऊ में सायं 06 बजे होगा । आप सभी सादर आमंत्रित हैं ।*
24/11/2022
नाटक #दो_किनारे की सफलता इसी से लगाई जा सकती हैं कि Aman Akshar द्वारा लिखित गीत को Shubham Gautam द्वारा गुनगुनाया गीत दर्शकों को भी अपने साथ गुनगुनाने पर विवश कर दिया ।
नाटक खत्म होने के बाद दर्शक द्वारा दुबारा गीत गुनगुनाने को कहा जिसे आप सभी सुन सकते है ।
#साथ_किसी_के_चलकर_रस्ता_सुंदर_तो_हो_जाता_है
#सपनों_के_सुस्ताने_भर_को_एक_घर_तो_हो_जाता_है
20/09/2022
आइये जीवन के अवसाद को कम करें....
19/08/2022
प्रेम के अवतार हो तुम , प्रेम के ही गीत दे दो,
जिस तरह तुमने किया था ठीक वैसी सीख दे दो,
यह नही द्वापर पुण्य युग प्रेम पूजित जो रहेगा,
यह अभागा एक कलयुग, प्रेम की ही सीख दे दो ,
©आशीष अव्यक्त✍
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the establishment
Telephone
Website
Address
Lucknow
226010