Altaf Advocate
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क्या 7 साल से कम उम्र का बच्चा अपराधी हो सकता है?
📜 जवाब: नहीं! — भारतीय न्याय संहिता 2023, धारा 20
⚖️ कानून मानता है कि इतनी कम उम्र में सही-गलत की समझ नहीं होती
❤️ इसलिए बच्चे का कृत्य अपराध नहीं माना जाता
📢 कानून जानिए, समाज को जागरूक बनाइए
#धारा19
सुप्रीम फैसला
संपत्ति बंटवारे में पारिवारिक सेटलमेंट पूरी तरह मान्य।
अदालत ने कहा कि पारिवारिक सेटलमेंट बंटवारा डीड के समान।
सेटलमेंट अमल में आने के बाद हिस्सेदार सवाल नहीं उठा सकते।
सर्वोच्च अदालत ने एक फैसले में कहा कि संपत्ति के बंटवारे के लिए किया गया पारिवारिक सेटलमेंट कानूनी रूप से पूरी तरह से मान्य है और इसका रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं है। एक बार इस सेटलमेंट के अमल में आने के बाद इसके हिस्सेदार उस पर सवाल नहीं उठा सकते।
जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला देते हुए सेटलमेंट के आधार पर हुए संपत्ति के बंटवारे को सही माना। पीठ ने तीन भाइयों के बीच हुए सेटलमेंट को विवादित करने के अन्य भाई के दावे को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक सेटलमेंट, जिसके आधार पर संपत्ति का वितरण किया गया, को रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 की धारा 17.2. वी के तहत पंजीकृत कराने कि जरूरत नहीं है। भले ही इससे लोगों में अधिकारों का सृजन या खात्मा हो रहा हो या भले ही संपत्ति की कीमत 100 रुपये या इससे ऊपर की हो, ये सेटलमेंट पंजीकृत करने से छूट प्राप्त ही रहेगा।
पंजाब हाईकोर्ट ने उस सेटलमेंट को यह कहकर रद्द कर दिया था था यह रजिस्टर्ड नहीं होने के कारण वैध नहीं है। तीन भाइयों ने संपत्ति को लेकर वर्ष 1970 में सेटलमेंट किया था। इसके बाद उनमें विवाद हुए पर 1988 में फिर से सेटलमेंट करके विवाद सुलझा लिया गया। कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक समझौते को महत्व देना चाहिए।
05/07/2025
अगर पुलिस FIR दर्ज नहीं करती है तो क्या करें?
✅ 1. थाना प्रभारी से लिखित रूप में शिकायत करें:
CrPC धारा 154(3) व BNS धारा 173(2) के अनुसार, आप SP या DIG को शिकायत कर सकते हैं।
✅ 2. ईमेल या डाक से शिकायत भेजें:
पुलिस अधिकारी को लिखित में शिकायत भेजें। शिकायत पर जवाब न मिले तो यह रिकॉर्ड भविष्य में काम आता है।
✅ 3. मजिस्ट्रेट के पास शिकायत दर्ज करें:
CrPC धारा 156(3) के तहत आप सीधे न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC) के पास आवेदन देकर FIR दर्ज कराने का आदेश दिलवा सकते हैं।
✅ 4. हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करें (In Writ):
यदि कोई गंभीर लापरवाही है तो अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट में रिट दायर कर सकते हैं।
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📌 याद रखिए: FIR दर्ज कराना आपका कानूनी अधिकार है, और पुलिस को इसे टालने का कोई अधिकार नहीं है।
06/11/2022
आप सभी अधिवक्ता भाइयों और बहनों से निवेदन है की अवध बार एसोसिएशन के आगामी चुनाव में मनोज कुमार द्विवेदी जी को महामंत्री के पद पर अपना आशीर्वाद और समर्थन देकर भारी मतों से विजई बनाएं।
मोहम्मद अल्ताफ
एडवोकेट
हाई कोर्ट लखनऊ
08/08/2021
आप सभी अधिवक्ता भाइयों और बहनों से निवेदन है की अवध बार एसोसिएशन के आगामी चुनाव में क्रम संख्या 5 पर मनोज कुमार द्विवेदी जी को महामंत्री के पद पर अपना आशीर्वाद और समर्थन देकर भारी मतों से विजई बनाएं।
मोहम्मद अल्ताफ
एडवोकेट
हाई कोर्ट लखनऊ
14/05/2021
आप सभी को दिल की गहराइयों से ईद उल फितर की पुरखुलूस मुबारकबाद।
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