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Movie Review: Son of Sardaar 2 - Filmi Files 02/08/2025

Review of ‘Son of Sardar 2’:
Featuring: &

Movie Review: Son of Sardaar 2 - Filmi Files Son of Sardaar 2 is a riot of comedy, with punches, hilarious twists and incredible comic timing of Ajay Devgan…

Movie Review: ‘Ground Zero’ - Filmi Files 27/04/2025

Movie Review:
Featuring: &
Directed by: Tejas Vijay Deoskar
FF Ratings: ⭐️⭐️⭐️

Movie Review: ‘Ground Zero’ - Filmi Files When Jammu and Kashmir is grabbing the headlines in the wake of Pahalgam terror attacks, actor Emraan Hashmi delivers one…

Review of ‘Kesari: Chapter 2’ #akshaykumar #randeephooda #ananyapanday #filmreview #moviereview #ff 20/04/2025

Reveiw of
Featuring:
Directed by: Karan Singh Tyagi
Ratings: ⭐️⭐️⭐️⭐️

Review of ‘Kesari: Chapter 2’ #akshaykumar #randeephooda #ananyapanday #filmreview #moviereview #ff A powerful review of Kesari 2 — breaking down its high-octane action, emotional depth, and the legacy of valor it continues. Is it a worthy sequel or just ri...

Review of Emergency: #filmreview #moviereview #kanganaranaut #indiragandhi #bollywood #movie #film 22/01/2025

इमरजेंसी की समीक्षा: देखे या न देखें?

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Review of Pushpa2 : #pushpa2 #alluarjun #pushpamovie #filmreview #moviereview #rashmikamandanna #FF 09/12/2024

Film Review:
Starring: &

Directed by:
PCGA Ratings: ⭐️⭐️⭐️⭐️
Our Verdict: Mass Entertainer

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06/09/2024

अब पूर्व सैनिकों के जिम्मे बदहाल गोमती का कायाकल्प करने की जिम्मेदारी, सीएम ने स्वीकार किया प्रस्ताव

लखनऊ आकर प्रदूषित हो जाने वाली गोमती नदी के रखरखाव का जिम्मा अब पूर्व सैनिक संभालेंगे। सांसद राजनाथ सिंह ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रादेशिक सेना (टीए) की एक अतिरिक्त कंपनी तैनात करने का निर्देश दिया है।

रक्षामंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने लखनऊ में चल रही नमामि गंगे परियोजना के तहत गोमती नदी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रादेशिक सेना (टीए) की एक अतिरिक्त कंपनी तैनात करने का निर्देश दिया है। इसमें पूर्व सैनिकों को तैनात किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह प्रस्ताव रक्षामंत्री के सामने रखा था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
इस परियोजना का संचालन राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत जल शक्ति मंत्रालय की ओर से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य गंगा और उसकी सहायक नदियों का कायाकल्प करना है। दरअसल, 2016 में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए पूर्व सैनिकों को नियुक्त करके बेहतर परिणाम देने का निर्णय लिया था।
इसके बाद मई 2019 में पूर्व सैनिकों के मॉडल पर आधारित पहला समग्र पारिस्थितिकी कार्य बल 137 सीईटीएफ का गठन किया गया। इसका मुख्यालय प्रयागराज में है। हालांकि कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में एक-एक कंपनी तैनात है। बटालियन ने बहुत कम समय में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से सुधारात्मक कार्रवाई के लिए नालों की मैपिंग के साथ-साथ प्रदूषण निगरानी और आंकलन में योगदान दिया है। भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने बताया कि कंपनी एक जनवरी 2025 से या फिर उससे पहले काम शुरू कर देगी।
राष्ट्र निर्माण में यह कंपनी अपना योगदान देगी। कंपनी की स्थापना का उद्देश्य गोमती नदी के कायाकल्प के अलावा जैव विविधता का संरक्षण और स्थानीय जल निकायों का पुनरुत्थान है। इससे क्षेत्र में भूतपूर्व सैनिक समुदाय की पुनर्वास आकांक्षाओं को भी पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा राज्य के भीतर स्थानीय रोजगार के अवसरों का लाभ मिलेगा।

समय के साथ बढ़ती गई गोमती की बदहाली
गोमती के सुंदरीकरण के लिए खूब पहल हुईं। नई-नई कार्ययोजना तैयार की गई, लेकिन समय के साथ इसकी बदहाली बढ़ती गई। सिंचाई विभाग ने वर्ष 2022 में पीलीभीत से वाराणसी तक गोमती के दोनों किनारों से 100 मीटर तक अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। हालांकि, इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होने से गोमती में गंदगी की भरमार है। सिंचाई विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया था कि नदी अपने उद्गम स्थल माधो टांडा के समीप स्थित फुलहार झील, पीलीभीत से निकलकर शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी, जौनपुर से होकर गाजीपुर, वाराणसी सीमा के निकट सैदपुर कैथी में गंगा में मिलती है। गोमती के दोनों किनारों से 100 मीटर तक किसी भी प्रकार के निर्माण, अतिक्रमण, व्यवसायिक गतिविधि, पट्टे नीलामी, प्रदूषण करने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए इस क्षेत्र को फ्लड प्लेन जोन तय किया था।

नदी में गिर रहा नाले का पानी
गोमती बैराज के पास नाले का गंदा पानी नदी में गिर रहा है। यही नहीं, डालीगंज पुल के पास झुग्गी-झोपड़ी वालों ने कब्जा कर रखा है। पक्का पुल के पास नदी के किनारे मछली मंडी सजाई जाती है। इस ओर अधिकारियों के ध्यान न देने से अवैध कब्जा बढ़ता जा रहा है, जो भविष्य में स्थायी अतिक्रमण का रूप ले सकता है। गोमती की सफाई के लिए कई बार अभियान चलाया गया, पर हालात जस के तस हैं।

Review of Stree 2: #moviereview #filmreview #stree2 #shraddhakapoor #pankajtripathi #bollywood #film 17/08/2024

Review of
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Director:

FF Ratings: ⭐️⭐️⭐️⭐️
Our Verdict: Superb 👌

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07/08/2024

यूपी के हर जिले में एक विश्वविद्यालय, सीएम योगी ने दिए निर्देश- नई नीति तैयार करें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिया है कि उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति तैयार करें। उच्च शिक्षा में निजी निवेश वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता, उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के सरकारी प्रयासों में सहायक निजी क्षेत्र की बड़ी भूमिका है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए नई नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को इस संबंध में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए गए दिशा-निर्देश में कहा कि विगत सात वर्षों में सतत प्रयासों से प्रदेश में एक मंडल-एक विश्वविद्यालय की परिकल्पना पूरी हो चुकी है। सभी 18 मंडलों में विश्वविद्यालयों की स्थापना हो चुकी है। कई मंडलों में निर्माण कार्य जारी है। मंडलों के बाद अब हमारा लक्ष्य एक जिला-एक विश्वविद्यालय का होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में 35 जनपदों में विश्वविद्यालय की उपलब्धता है शेष असेवित जिलों में विश्वविद्यालयों के लिए निजी क्षेत्र बड़ा सहयोगी बन सकता है। उच्च शिक्षा में निजी क्षेत्र के वित्तपोषण को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। यह हमारे उद्देश्यों की पूर्ति में पूरक भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की बढ़ती मांग को देखते हुए, निजी निवेश उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के सरकारी प्रयासों में सहायक हो सकता है। इससे छात्रों के लिए उपलब्ध संस्थानों, पाठ्यक्रमों और सीटों की संख्या में वृद्धि होगी, साथ ही यह शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता को बढ़ाने के प्रयासों में भी सहायता मिलेगी।
भारत के सबसे युवा राज्य के रूप में उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा में एक विशेष स्थान रखता है। उत्तर प्रदेश, जिसकी औसत आयु 21 वर्ष है, जो 2030 तक बढ़कर 26 वर्ष हो जाएगी और भारत की युवा आबादी में इसका योगदान 16.5 प्रतिशत होगा। वर्तमान में उत्तर प्रदेश की ग्रास एनरोलमेंट रेट (जीईआर) 25.6 प्रतिशत है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुसार 2035 तक 50 प्रतिशत तक बढ़ाना आवशयक है। निजी निवेश प्रोत्साहन नीति इस अंतर की पूरा सकती है।
उच्च शिक्षा में निजी निवेश वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता है। अन्य राज्यों की सम्बंधित नीति का अध्ययन करें। स्टेकहोल्डर्स से संवाद करें और यथाशीघ्र उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति तैयार कर प्रस्तुत करें। नई नीति में निवेशकों को स्टाम्प ड्यूटी में छूट, कैपिटल सब्सिडी आदि प्रोत्साहन को यथोचित स्थान दें।
नई नीति में आकांक्षात्मक जनपदों में विश्वविद्यालयों की स्थापना पर अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान होना चाहिए। इसे प्राथमिकता दें। इसी प्रकार, विश्व की टॉप रैंकिंग वाले विश्वविद्यालयों के कैम्पस के प्रस्ताव पर भी विशेष प्रोत्साहन प्रावधान रखें।

06/08/2024

यूपी को सौर ऊर्जा से जगमग करेंगे 30 हजार 'सूर्य मित्र', 25 लाख सोलर रूफ टॉप लगाए जाएंगे

यूपी सरकार ने प्रदेश में 25 लाख सोलर रूफ टॉप लगाने का संकल्प लिया है। इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर स्किल्ड मैनपॉवर की जरूरत को देखते हुए युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

हर घर सोलर पैनल लगाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को उत्तर प्रदेश में तेजी के साथ पूरा करने में योगी सरकार मिशन मोड में जुटी हुई है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत युवाओं को सूर्य मित्र के रूप में प्रशिक्षित करने का कार्य हो रहा है। उत्तर प्रदेश में भी 30 हजार युवाओं को सूर्य मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जाना है। अब तक 3 हजार युवाओं को सूर्य मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जा चुका है। बता दें कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में स्किल्ड मैन पॉवर तैयार करने के लिए राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन के तहत सूर्य मित्रों को तैयार करने की योजना है, जिससे सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए कुशल कारीगरों का सृजन हो सके।

योगी सरकार ने लिया है 25 लाख सोलर रूफ टॉप लगाने का संकल्प
दरअसल, फरवरी 2023 में पीएम सूर्य घर योजना की शुरुआत के बाद पूरे देश में 1 करोड़ सोलर रूफ टॉप लगाने का लक्ष्य है। वहीं पीएम मोदी द्वारा संकल्पित इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपनी ओर से प्रदेश में 25 लाख सोलर रूफ टॉप लगाने का संकल्प लिया है।
मौजूद आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 18 लाख से अधिक घरों पर सोलर रूफ टॉप लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है, जबकि लगभग दो लाख घरों के लिए अप्लिकेशन भी सबमिट किया जा चुका है। वहीं 10 हजार से अधिक घरों पर सोलर रूफ टॉप लगाने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने 'नेट बिलिंग और नेट मीटरिंग की व्यवस्था लागू की है। यही नहीं प्रदेश के 10 लाख घरों पर रूफ टॉप लगाने के लिए यूपीनेडा को टाटा ग्रुप का भी साथ मिला है। फिलहाल वाराणसी से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है।

सौर ऊर्जा सेक्टर में स्किल्ड मैन पॉवर की डिमांड
इतने बड़े पैमाने पर सोलर रूफ टॉप लगने के बाद इस क्षेत्र में दक्ष युवा मैनपॉवर की आवश्यकता होगी, जिसे देखते हुए यूपीनेडा की ओर से ट्रेनिंग सेंटरों और जिलों के आईटीआई संस्थानों के माध्यम से 30 हजार सूर्य मित्रों के प्रशिक्षण का लक्ष्य रखा गया है।
विभाग के अनुसार अबतक 3 हजार सूर्य मित्रों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। सरकार की मंशा है कि सौर ऊर्जा से जुड़े उद्योगों की आवश्यकता को पूरा करने वाले कुशल और रोजगार योग्य मैन पॉवर (सूर्य मित्र) को विकसित किया जाए। सूर्य मित्रों की ट्रेनिंग की अवधि तीन माह की है, जिसमें कक्षा प्रशिक्षण, व्यवहारिक प्रयोगशाला, एसपीवी प्लांट एक्सपोजर, सेवाकालीन प्रशिक्षण (ओजेटी), सॉफ्ट स्किल्स (आसान कौशल) और उद्यमिता कौशल सहित 600 घंटे की ट्रेनिंग शामिल हैं। इसके लिए न्यूनतम योग्यता दसवीं पास के साथ ही इलेक्ट्रिशियन, वायरमेन, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, फिटर, शीट मेटल में आईटीआई होना आवश्यक है। सूर्य मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद प्रशिक्षुओं को रोजगार दिलाने में भी मदद की जाती है।

04/08/2024

अयोध्या, मथुरा व वाराणसी के विकास को मिलेगी रफ्तार, जानिए इस बजट से आपको क्या मिला

यूपी का अनुपूरक बजट मंगलवार को पेश हो गया। सरकार ने धार्मिक शहरों के विकास को खास तवज्जो दी है। जानिए इस अनुपूरक बजट में कौन-कौन से बड़े फैसले हुए हैं।

अनुपूरक बजट में शहरी विकास पर खास फोकस किया गया है। शहरी विकास के लिए भी सरकार ने बजट में 650 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 50 करोड़ रुपये अयोध्या, काशी और मथुरा के धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं से जुड़ी सुविधाओं को और बेहतर करने पर खर्च किया जाएगा। जबकि शेष 600 करोड़ रुपये अमृत योजना के तहत कराए जा रहे सीवरेज और पेयजल की परियोजनाओं पर खर्च होंगे।
दरअसल अयोध्या में श्रीराम मंदिर और काशी में श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। यही स्थिति मथुरा में भी है। इसके देखते हुए इन तीनों धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं से जुड़ी सुविधाओं का विकास हो रहा है। इसलिए अनुपूरक बजट में इन तीनों स्थानों के लिए अलग से धनराशि की व्यवस्था की गई है। अटल मिशन रिजुविनेशन एवं ट्रांसफारमेशन (अमृत) योजना के अंतर्गत नगर निगमों के लिए 250 करोड़ और नगर पालिका परिषद 350 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

माध्यमिक के छात्रों को रोबोटिक्स, सेंसर तकनीकी, चिप की देंगे जानकारी

प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों को आधुनिक तरीके व आधुनिक तकनीकी से पठन-पाठन को बढ़ावा देने के लिए अनुपूरक बजट में 95 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे जहां 1044 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में इंफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) लैब व 284 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब बनेगी। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना से छात्रों को तकनीकी आधारित जानकारी दी जाएगी। इसके माध्यम से छात्रों को रोबोटिक्स, सेंसर आधारित तकनीकी, चिप कैसे बनाई जाती है, थ्रीडी प्रिंटिग आदि आधुनिक तकनीकी के बारे में जानकारी और प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। इन क्षेत्रों की जानकारी होने पर युवा तकनीकी रूप से दक्ष होंगे और रोजगार के लिए तैयार होंगे। वहीं विद्यालयों में आईसीटी लैब बनने से विद्यार्थियों को डिजिटल व हाईब्रिड मोड पर पढ़ाई कराई जा सकेगी। इसके साथ ही कंप्यूटर विषय के रूप में पढ़ाई व प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे जब विद्यार्थी इंटर की पढ़ाई करने के बाद निकलेंगे तो वह स्वरोजगार के लिए तैयार होंगे। पहले चरण में 1200 राजकीय विद्यालयों में समग्र शिक्षा के तहत इसकी स्थापना की जा रही है।

युवाओं के कौशल विकास के लिए मिले 300 करोड़

प्रदेश में युवाओं कौशल विकास के लिए चल रहे कार्यक्रमों को गति देने के लिए अनुपूरक बजट में 300 करोड़ की और व्यवस्था की गई है। कौशल विकास मिशन के तहत 200 करोड़ और माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए चल रही प्रवीण योजना में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

कौशल विकास मिशन से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में वर्तमान में तीन लाख से ज्यादा बच्चों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। इसमें से दो लाख से ज्यादा को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। एक लाख का प्रशिक्षण चल रहा है। 200 करोड़ रुपये मिलने से इसे और गति मिलेगी। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि अतिरिक्त बजट से युवाओं को आधुनिक, रोजगारपरक व उद्यमितापरक प्रशिक्षण देकर उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाया जाएगा।
प्रवीण योजना के तहत माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 व 11वीं के बच्चों को उनकी पढ़ाई के साथ दो घंटे उनकी रुचि के विषय में प्रशिक्षण दिया जाता है। सत्र 2022-23 में 315 स्कूलों के 60 हजार बच्चों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य था। इसमें 36 हजार से ज्यादा बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कौशल विकास मिशन निदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि 100 करोड़ और बजट मिलने से लगभग दोगुने यानी 650 स्कूलों में अब 1.20 लाख बच्चों को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार किया जा सकेगा।

विशिष्ट महानुभावों की सुरक्षा के लिए खरीदेंगे 75 स्कार्पियो वाहन

अनुपूरक बजट में गृह विभाग को वाहनों की खरीद, उनके अनुरक्षण और पेट्रोल व्यय के लिए 20.66 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता 2023 के क्रियान्वयन के लिए 75 जिलों में फॉरेंसिक वाहनों की खरीद के लिए 18.75 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। इसी तरह अतिविशिष्ट महानुभावों की सुरक्षा के लिए 76 स्कार्पियो वाहन, एटीएस के लिए 52 वाहन, पीएसी की तीन महिला वाहिनियों के लिए 189 वाहनों और भ्रष्टाचार निवारण संगठन के 93 वाहन खरीदने के लिए प्रतीकात्मक रूप से एक-एक लाख रुपये दिए गये हैं। वहीं वाहनों के अनुरक्षण एवं पेट्रोल के लिए 1.87 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है।

ऊर्जा विभाग को मिला 2000 करोड़
विधानसभा में मंगलवार को पेश किए गए अनुपूरक बजट में ऊर्जा विभाग के लिए 2000 करोड रुपये का प्रावधान किया गया है। इसे किसानों और कमजोर वर्गो को दी जाने वाली राहत में खर्च किया जाएगा। इसी तरह रिहंद और ओबरा बांध सुधार परियोजना के लिए 4.2 करोड़. आरडीएसएस योजना के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों के लिए 500 करोड़, राजस्व अनुदान के तहत 983.92 करोड़ का प्रावधान किया गया है। टैरिफ सब्सिडी के तहत 511.88 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बजट प्रावधान किए जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है।

अनुपूरक बजट क्या होता है और क्यों लाया जाता है

अनुपूरक बजट ऐसा वित्तीय दस्तावेज है, जिसे सरकार किसी वित्तीय वर्ष के दौरान उस स्थिति में पेश करती है, जब उसे पहले से स्वीकृत बजट में अतिरिक्त खर्च की आवश्यकता होती है। यह बजट उन खर्चों को कवर करने के लिए पेश किया जाता है, जिनको अनुमानित बजट में शामिल नहीं किया गया था, या जो नई परिस्थितियों के कारण जरूरी हो गए हों। यह बजट वित्त वर्ष के बीच में किसी विभाग या मंत्रालय की किसी योजना में अतिरिक्त राशि खर्च करने के लिए लाया जाता है।

24/07/2024

लखनऊ से कानपुर के लिए जल्द दौड़ेगी वंदे मेट्रो, गोमती नगर से भोपाल के लिए चलेगी वंदे भारत

रेल बजट में 240 करोड़ रुपये मिलने की अफसरों को उम्मीद है। वहीं, कटरा और पुरी के लिए नई ट्रेन की सौगात भी मिल सकती है।

कानपुर के लिए लखनऊ से सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे मेट्रो जल्द पटरी पर उतर सकती है। अफसरों को इसके लिए रेल बजट में 240 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। ऐसे ही गोमतीनगर से भोपाल के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस, कटरा व पुरी के लिए नई ट्रेन की सौगात यात्रियों को मिल सकती है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से मंगलवार को पेश किए गए आम बजट में रेलवे के लिए कुल 2.62 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें सेफ्टी व मेंटेनेंस के मद में 1.08 लाख करोड़ दिए गए हैं। लखनऊ मंडल में रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए आवंटित की गई रकम की जानकारी अगले सप्ताह पिंक बुक जारी होने पर मिलेगी।
आला अफसरों को उम्मीद है कि लखनऊ से कानपुर के बीच वंदे मेट्रो चलाने का खाका तैयार कर लिया गया है। इसके लिए रूट के स्टेशनों की इंटरलॉकिंग, ट्रैक मेंटेनेंस आदि पहले ही हो चुका है। रूट पर ट्रैक स्पीड भी बढ़ाई जा रही है। कानपुर के लिए चलने वाली वंदे मेट्रो की स्पीड 130 से 160 किमी प्रति घंटे के बीच रहेगी। इससे कानपुर की दूरी महज 45 मिनट में पूरी कर ली जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, गोमतीनगर से भोपाल के लिए वंदे भारत शुरू करने की भी तैयारी है। पुरी व कटरा के लिए ट्रेन शुरू करने का प्लान पहले से है।

चारबाग स्टेशन के अपग्रेडेशन को मिलेगी गति
उत्तर रेलवे के चारबाग स्टेशन के अपग्रेडेशन का काम कराया जा रहा है। सेकेंड एंट्री बन रही है। जल्द एयर कॉन्कोर्स का निर्माण शुरू किया जाएगा। अपग्रेडेशन के लिए 450 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। बजट में इसके लिए रकम मिलने से काम से तेजी आएगी। अमृत भारत स्टेशनों के विकास को भी गति मिलेगी।

फोरलेन आउटर बनेगा, घटेगी ट्रेनों की लेटलतीफी
चारबाग से दिलकुशा व आलमनगर की ओर फोरलेन आउटर बनाया जाना है। दिलकुशा आउटर के लिए काम शुरू हो चुका है। फोरलेन आउटर बन जाने से ट्रेनों को आउटर पर नहीं रोकना पड़ेगा। इससे इनकी लेटलतीफी घटेगी।

ट्रेनों की सेफ्टी व यात्रियों की सुरक्षा पर भी होगा खर्च
लखनऊ मंडल में ट्रेन हादसे रोकने के लिए सेफ्टी व यात्रियों की ट्रेनों में सुरक्षा पर खासा खर्च होगा। इसके लिए सौ करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं। इससे सीसीटीवी कैमरों से लेकर हैंड हेल्ड मशीनें, लगेज स्कैनर, इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम बनाया जाएगा।

Devshayani Ekadashi का महत्व: #devshayani #vitthal #culture #religion #vrat #bharat #dharma #shorts 17/07/2024

देवशयनी एकादशी का महत्व

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