Chandrika devi mandir
How to Reach : Taxi, Three Wheeler auto and Buses are available. In fact, thousand of people throng at this place to get blessings of Ma Chandrika Devi
When to visit : Anytime but in Amawasya because of a Mela (fair), it becomes more spritual to visit. Chandrika Devi Temple in Lucknow is an age old temple, situated around 28 Kms. away from the city at the Sitapur Road near Buxi Ka Talab [near bank of Gomti River]. This temple is of Ramayan Era. It is said that elder son of Shri Lakshmana - the founder of Lucknow, Rajkumar Chandraketu, was once go
06/04/2025
देवी के नौवें स्वरूप में मां #सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है जो कि देवी का पूर्ण स्वरुप है. केवल इस दिन मां की उपासना करने से सम्पूर्ण नवरात्रि की उपासना का फल मिलता है. यह पूजा नवमी तिथि पर की जाती है. महानवमी पर शक्ति पूजा भी की जाती है जिसको करने से निश्चित रूप से विजय की प्राप्ति होती है. आज के दिन #महासरस्वती की उपासना भी होती है जिससे अद्भुत विद्या और बुद्धि की प्राप्ति हो सकती है.
05/04/2025
#नवरात्रि के आठवें दिन दुर्गा के आठवें स्वरूप #महागौरी देवी की उपासना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन महागौरी की #उपासना करने से व्यक्ति के धन-सम्पत्ति में वृद्धि होती है । महाअष्ठमी के दिन #दुर्गासप्तशती के मध्यम चरित्र का पाठ करने से व्यक्ति को विशेष फल की प्राप्ति होती है।
05/04/2025
मां कालरात्रि दुष्टों का नाश करके अपने भक्तों को सारी परेशानियों व समस्याओं से मुक्ति दिलाती है। मां #कालरात्रि के गले में नरमुंडों की माला होती है। #नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करने से भक्त को जीवन के सारे कष्टों से मुक्ति मिल जाती है और वह सुख-शांति से #जीवन यापन कर सकता है।
04/04/2025
#नवरात्र के छठे दिन #कात्यायनी देवी की पूरे श्रद्धा भाव से पूजा की जाती है. कात्यायनी देवी दुर्गा जी का छठा अवतार हैं. शास्त्रों के अनुसार देवी ने कात्यायन ऋषि के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया, इस कारण इनका नाम कात्यायनी पड़ गया. मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी मानी गई हैं. शिक्षा प्राप्ति के क्षेत्र में प्रयासरत भक्तों को #माता की अवश्य उपासना करनी चाहिए.
03/04/2025
सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी मां #स्कंदमाता की पूजा संतान सुख के लिए की जाती है। मां स्कंदमाता को प्रथम प्रसूता महिला भी कहा जाता है। मान्यता है कि मां अपने भक्तों की रक्षा पुत्र के समान करती हैं। #नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा अर्चना की जाती है। भगवान स्कंद कुमार #कार्तिकेय की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है।
02/04/2025
नवरात्र का आज चौथा दिन है। देवीभागवत पुराण के अनुसार इस दिन देवी के चौथे स्वरूप माता कूष्मांडा की पूजा करनी चाहिए। माता का यह स्वरूप देवी पार्वती के विवाह के बाद से लेकर संतान कुमार कार्तिकेय की प्राप्ति के बीच का है। इस रूप में देवी संपूर्ण सृष्टि को धारण करने वाली और उनका पालन करने वाली हैं। संतान की इच्छा रखने वाले लोगों को देवी के इस स्वरूप की पूजा आराधना करनी चाहिए। सांसारिक लोगों यानी घर परिवार चलाने वालों के लिए इस देवी की पूजा बेहद कल्याणकारी है।
01/04/2025
यदि आपके मन में किसी तरह का कोई भय बना रहता है तो आप मां के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा का पूजन करें। #नवरात्रि का तीसरा दिन भय से मुक्ति और अपार साहस प्राप्त करने का होता है। मां के चंद्रघंटा स्वरुप की मुद्रा युद्ध मुद्रा है। ज्योतिष शास्त्र में मां #चंद्रघंटा का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है।
31/03/2025
मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। यहां ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। मां दुर्गा का यह स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनंत फल देने वाला है। इनकी उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है।
30/03/2025
दुनिया में सारी शक्ति, नारी या स्त्री स्वरुप के पास ही है. इसलिए इसमें देवी की उपासना ही की जाती है. नवरात्रि के प्रथम दिन देवी के शैलपुत्री स्वरुप की उपासना की जाती है. इस दिन मूलाधार चक्र से जुड़ी हुई समस्याओं को दूर किया जा सकता है
03/10/2024
प्रथम शैलपुत्री हैं, द्वितीय ब्रह्मचारिणी हैं तृतीय देवी का स्वरूप चन्द्रघण्टा है, कूष्माण्डा चौथास्वरूप है, पाँचवीं स्कन्दमाता हैं, छठवीं कात्यायनी हैं, सातवीं कालरात्री हैं और महागौरी आठवीं हैं, नवमीं सिद्धिदात्री हैं – इस प्रकार देवी के नव स्वरूप कहे गये हैं (प्रसिद्ध हैं)
शारदीय नवरात्र की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🏻♥️
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Bakshi Ka Talab
Lucknow