Urooj
कुछ लफ्ज़ जो मेरी क़लम से निकले हैं..! इस आम सी दुनिया की, इक ख़ास सी लड़की हूँ...©Urooj✍️
28/03/2024
إِنَّا لِلّهِ وَإِنَّـا إِلَيْهِ رَاجِعونَ
रास्ते कितने भी लम्बे हों
मंज़िल तक पहुंचाते ही हैं..
©Urooj
बड़ी बेग़ैरत है ज़िंदगी
कितनी ही ख़र्च की जाए,
ख़त्म ही नहीं होती!!
©Urooj
22/11/2023
Post. 21
जब आपकी जिंदगी में कोई नया शामिल हो तो आपको इस चीज के लिए तैयार रहना चाहिए कि सामने वाला आपके निजी क्षेत्रों पर अधिकार जमाने वाला है, पर वह अधिकार कितना होगा यह तय करना आपका धर्म है। और हो भी क्यूं न, जब आप किसी को अपनी जिंदगी में पूरी तरह से शामिल होने देते हैं और उसके लिए कोई दायरा निर्धारित नहीं करते तो एक दिन आपका हाल भी गमले में मौजूद इस मिट्टी के समान ही हो जाता है। हमें याद नहीं इस गमले में कौन सा पौधा था, पर इतना पता है कि पौधे ने मिट्टी की सारी ताक़त ख़त्म करने के बाद और अंततः पौधा ख़ुद भी सूख गया। जब उस गमले को साफ़ किया कि नए पौधे को लगाया जाए, देखा कि गमले में मिट्टी कम और सूख चुके पौधे की जड़ें ज़्यादा हैं। समझ यही आया कि समय पर दायरा निर्धारित करना बहुत ज़रूरी है, ख़ुद के अस्तित्व के लिए भी और अपने प्रिय के साथ के लिए भी।
©Urooj ✍️
Photo - बिखरे हुए गमले की
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