Shero Shayari
we share Sher , Shayari, Ghazal, couplets for intertening peoples...
न रुकी वक़्त की गर्दिश, न ज़माना बदला
पेड़ सूखा तो परिंदो ने ठिकाना बदला।
चेहरे पे ख़ुशी छा जाती है आँखों में सुरूर आ जाता है
जब तुम मुझे अपना कहते हो अपने पे ग़ुरूर आ जाता है
तंग आ चुके हैं कशमकश-ए-ज़िंदगी से हम
ठुकरा न दें जहाँ को कहीं बे-दिली से हम
hath aa kar laga gaya koi.... A Ghazal By Kaifi Azmi
20/05/2022
लाई फिर इक लग़्ज़िश-ए-मस्ताना तेरे शहर में || lai phir ek laghzish-e-mastana tere shahr mein लाई फिर इक लग़्ज़िश-ए-मस्ताना तेरे शहर में फिर बनेंगी मस्जिदें मय-ख़ाना तेरे शहर में आज फिर टूटेंगी तेरे घर की नाज़....
19/05/2022
लीडरों की धूम है और फॉलोवर कोई नहीं | leaderon ki dhum hai aur follower koi nahin | AKBAR ALLAHABADI लीडरों की धूम है और फॉलोवर कोई नहीं सब तो जेनरेल हैं यहाँ आख़िर सिपाही कौन है leaderon ki dhum hai aur follower koi nahin sab to general hain yahan aaKHir si...
17/05/2022
https://anchor.fm/sheroshayari/episodes/ep-e1ihrq3
नया क़ानून by Alfaazon ki baat कहानी लखनऊ के उस समय की दास्तान बयान करती है, जब अंग्रेज़ सरकार ने एक नया क़ानून बना कर उसे अपने साम्राज्य में शामिल .....
घाटे का सौदा (लघु कथा)
[ लेखक-सआदत हसन मंटो ]
दो दोस्तों ने मिल कर दस-बीस लड़कियों में से एक लड़की चुनी और बयालिस रुपये दे कर उसे ख़रीद लिया।
रात गुज़ार कर एक दोस्त ने उस लड़की से पूछा, “तुम्हारा नाम क्या है?”
लड़की ने अपना नाम बताया तो वो भिन्ना गया। “हम से तो कहा गया था कि तुम दूसरे मज़हब की हो।”
लड़की ने जवाब दिया, उस ने झूट बोला था।”
ये सुन कर वह दौड़ा दौड़ा अपने दोस्त के पास गया और कहने लगा,
“इस हरामज़ादे ने हमारे साथ धोका किया है… हमारे ही मज़हब की लड़की थमा दी... चलो वापस कर आएँ।”
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