Dhawanlearning
Here we discuss Physics and Mathematics Till Grade 12 of any board and JEE/NEET exams. Also IBDP/Cambridge etc Physics and Mathematics
10/08/2022
आप देख सकते हैं, रानी का झण्डा आपके राष्ट्रीय ध्वज से ऊपर है
04/08/2022
अभी कुछ समय से आप पाएंगे, एक नया अभियान हर घर तिरंगा के नाम से शुरू किया गया है । आपको यहां पर याद करा दूं, कि भाजपा के उस समय के सांसद, नवीन जिंदल ने सन 1992 से लेकर 2004 तक यह लड़ाई लड़ी हर भारतीयों को पूरे वर्ष तक झंडा फहराने का अधिकार मिले । कल्पना करें, 1947 से पहले यह नियम इसके लिए था, किताब अंग्रेजों की हुकूमत थी । और यह भारतीय तिरंगा फहराया जाना, देशद्रोह के रूप में जाना जाता था । सन 47 से लेकर 1992 तक, लगभग 45 साल तक झंडे का वही नियम चलता रहा, जिसको के आजाद भारत के पहले ही दिन बदल दिया जाना था ।
इसके साथ ही, भारतीय झंडे का एक प्रोटोकॉल, अर्थात नवाचार था, क्या भारत के झंडे को कब और कैसे फहराएंगे । पुराने नवाचार में, यह स्पष्ट था कि आप केवल ऊनी सूती या खादी कपड़े से ही झंडे को बना सकते थे । और झंडे की लंबाई चौड़ाई का अनुपात भी 3:2 था । हालांकि समय-समय पर आपने देखा होगा, के देश में प्लास्टिक के झंडे भी लोग लगाते थे । हालांकि यह झंडे के नवाचार के अनुरूप एक दंडनीय अपराध था । परंतु लोग लगाते थे और कानून व्यवस्था इस पर चुप्पी साधे थी । समय बदलने के साथ अब, झंडे का नवाचार बदल दिया गया है और प्लास्टिक के झंडों को आधिकारिक रूप से फहराने की अनुमति दी गई है ।
अब आप इस विरोधाभास को समझे, प्लास्टिक की थैली हमने नहीं प्रयोग में लानी, क्योंकि इससे प्रदूषण होता है, लेकिन प्लास्टिक का झंडा हम हर जगह फैला सकते हैं, शायद झंडे के रंगों के कारण प्रदूषण ना होता हो । आपकी जानकारी के लिए, जो बड़ी-बड़ी इमारतों पर झंडे लगाए जाते हैं, जिनकी ऊंचाई लगभग 200 फीट से अधिक होती है । कुछ झंडे की कीमत 40 से 45 लाख रुपए होती है, और प्रतिवर्ष इसके ऊपर 45000 से 70000 रुपए इसको संभालने का खर्चा आता है । पुरानी नवाचार के अनुसार, झंडा कैसे फहराया है, कैसे उतारना है , कैसे उसे तह करना है और कैसे उसे सहेज कर रखना है की एक प्रक्रिया थी ।
अब इस नए अभियान में, लोगों ने झंडा लगाना शुरू कर दिया है । देश के झंडे पर गर्व करना, हमारे लिए स्वाभाविक है । और हर भारतीय झंडे पर अभिमान करता है । हमारी झंडी से बहुत ही भावनाएं जुड़ी है, इस झंडे को साथ लेकर हम आशा जी के बलिदानों को याद करते हैं । और हमारा नतमस्तक उनके प्रति झुक जाता है । जहां तक इस प्रकार से झंडे को चार्ज करके घर घर में लगाने की बात होती है, व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है इससे हमारे झंडे को और अधिक स्वीकृति और सन्मान मिलेगा ।
परंतु साथ में प्रश्न एक दूसरा है, इन प्लास्टिक के झंडू के आने से कौन-कौन से उद्योगों को फायदा होगा, प्लास्टिक के स्थान पर जो खादी के झंडे हट जाएंगे, तूच खादी से झंडा बनाने वालों की रोजी-रोटी पर कितना असर पड़ेगा । यह भी एक विचारणीय प्रश्न है, और आप सब जानते हैं प्लास्टिक के झंडू का व्यापार भारत में यदि आता है, तो सबसे ज्यादा मुद्रा आपके देश से चीन लेकर जाएगा । हम चीन का झंडा लगाएंगे, उस पैसे से चीन अपने सैनिकों से भारतीय सैनिकों पर हमला करवाएगा । दुर्भाग्य है इसे हम अपनी देशभक्ति मान लेंगे ।
झंडे पर गर्व करना, झंडे का अभिमान होना बहुत अच्छी बात है, परंतु दुर्भाग्य यहां पर आता है, कि जब झंडे का सम्मान करते करते हम अपने देश का अपमान करते हैं ।
कल ही आपको पता होगा, एक राजनीतिक रैली हुई, एक नेता ने कानून को तोड़ा, जिन जिन धाराओं में उस नेता पर दंड लगाया गया, उसे जरा छोड़ दीजिए, परंतु यह विचार कीजिए के झंडे का सम्मान करते हुए आप अपने देश के कानून का अपमान कर रहे हैं । हलक में बहुत ज्यादा भारतीय कानून का पक्षधर नहीं हूं, इसमें बहुत सी अभी चीजें बदलनी है । इसके अतिरिक्त, हर भारतीय झंडा लगाने के साथ-साथ मन में यह दृढ़ संकल्प करें, कि मैंने भारत की आन बान शान को नहीं झुकने देना । और उसके लिए अपने व्यक्तिगत जीवन में, देश से कोई गद्दारी नहीं करनी, देशवासियों को नहीं लूटना और देश के प्रति अपने संपूर्ण नियमों का पालन करना । यदि हम अपनी आत्मा से पूछे, अपनी बड़ी गाड़ी को खड़ी करते हुए, किसी दूसरे की गाड़ी में अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं साथी अपनी गाड़ी पर झंडा लगा रहे हैं, मुझे लगता है झंडा लगने से अधिक अपने भारतवासियों का सम्मान करने की आवश्यकता है । आप भारतीयों का सम्मान करें, भारतीयता का सम्मान करें और घर से अपनी फैक्ट्री पर गाड़ियों पर झंडे लगाएं ।
शिक्षा का उद्देश्य बच्चे को सुखी बनाने का है न कि उसे धन कमाने की भावनाहीन मशीन जिससे इसे कुंठा हो
01/08/2022
Question from Magnetic Effects
QUESTIONS for JEE MAIN/ADVANCE Consider a metallic ring of radius 1 m mass 1kg and carrying a Consider a metallic ring of radius 1 m mass 1kg and carrying a current of 1 ampere in a gravity free space in the x ̶ y plane with its centre at the origi...
29/07/2022
https://www.youtube.com/watch?v=K0JJ7FCikkc
2023 ELECTROSTATICS 08 GAUSS THEOREM BASICS and FLUX AREA VECTORS Here we discuss the Gauss law or Theorem and relation to flux vector direction of Area etc
22/07/2022
आज फिर कक्षा 10 के परिणाम आ चुके हैं, सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं ! इस समय के बाद भारतीय विद्यार्थियों को विषय चुनने में आगे आना पड़ता है । सभी अभिभावक और अध्यापक, मूलतः बच्चे की इन अंको के ऊपर उनके लिए विज्ञान, वाणिज्य अथवा मानविकी के विषयों को चुनते हैं । बहुत वर्षों से पढ़ाने के बाद, और अपने पढ़ाई के बच्चों को, विभिन्न क्षेत्रों में शीर्ष में पहुंचते हुए देखने के बाद मैं अभिभावकों और अध्यापकों से एक निवेदन करना चाहता हूं । भारतीय मूल में अभिभावकों और अध्यापकों को पूर्ण रूप से स्वायत्तता प्रदान है कि वह अपने बच्चों के लिए विषय को चुने । परंतु इस विषय को चुनने के लिए, बहुदा हम यह जानने की कोशिश करते हैं, कि मेरा बच्चा किस विषय में पारंगत हो सकता है । आपके बच्चे में बहुत सी खूबियां होंगी, और यदि थोड़ा सा ध्यान से समझा जाए तो आपके बच्चों में इतनी प्रतिभा होगी किस विषय को आप कहें उसमें शीर्षस्थ स्तर पर पहुंचे ।
परंतु इसके साथ एक बात का निर्णय और लें क्या आपका बच्चा किस प्रकार के विषयों को लेकर के, किस प्रकार के क्षेत्र में काम को करके, अपने जीवन में सुख का अनुभव करेगा । दरअसल भारतीय अभिभावकों की सोच पिछले काफी समय से, इस पर केंद्रित रहती है कि मेरा बच्चा शिक्षा ग्रहण करें और एक अच्छी नौकरी अथवा काम करके अपना भरण पोषण कर सके । भारतीय अभिभावक और अध्यापक, जो समझती हैं के बच्चा जितना सफल माना जाएगा, उसका पैमाना उसके द्वारा धन पर निर्भर करेगा । और इसीलिए हम बच्चे को ऐसी जगह भेजते हैं जहां वह बेहतर धन कमा सकें ।
मैंने भी अपने समय पर, आईआईटी से शिक्षा प्राप्त की, अपने बहुत से मित्रों को और सहपाठियों को मैं जानता हूं, जो अपने जीवन में अभियांत्रिकी की शिक्षा का उपयोग लगभग नगण्य करते हैं । परंतु फिर भी उन्होंने धन कमाया, समाज में नाम कमाया । इस प्रकार से अभियांत्रिकी की पढ़ाई करने के बाद, कुछ और कर लेना मेरे सहपाठियों के लिए इतना कठिन नहीं रहा । शायद उस समय की स्थिति ऐसी थी, के कुछ गिनी चुने क्षेत्र हमारे दिमाग में आते थे । अब प्समाज में तब्दीली आई है। बदलाव आया है, और बहुत से क्षेत्र लड़कों और लड़कियों के लिए खुल गए, पहले शायद हम कुछ क्षेत्रों को बहुत अच्छा नहीं मानते थे, उनको अब बेहतर मानने लगे हैं। इसके अतिरिक्त बहुत से नए आयाम उभर कर आए । आज आपको यह सोचना है, कि मेरे लिए धन बच्चे की प्राथमिकता तो है, इसके साथ ही मुझे यह भी कि मेरा बच्चा किस काम में प्रसन्नता का अनुभव करेगा ।
आप ध्यान दें, बहुत से बच्चे आईआईटी इत्यादि की तैयारी करते हुए, यहां तक की आईआईटी में जाने के बाद भी आत्महत्या तक कर लेती है । वह कम से कम किसी ना किसी कुंठा से ग्रसित होते हैं, अथवा उन पर कुछ तनाव होता है । यहां पर यह ध्यान दें, जो युवा आत्महत्या करते हैं, उससे सैकड़ों गुना अधिक युवा तनाव और कुंठा से ग्रसित होते हैं । इससे आप कल्पना कर सकते हैं । हम बच्चे को शिक्षा दे करके, शायद धन भी प्राप्त करा दे परंतु उसकी प्रसन्नता के लिए यह अवश्य जान ले । कि उसकी रूचि किस प्रकार से हैं ।
मैं अपनी बात को एक उदाहरण से समझाता हूं, दुर्भाग्य से हमारे यहां चिकित्सा के क्षेत्र में जाने के लिए आपको एक परीक्षा देनी पड़ती है, जिसमें भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान में अच्छे अंक प्राप्त करने होते हैं । आप स्वयं अनुभव करें, क्या कोरोना काल में या उसके आगे पीछे, हम लोगों ने यह अनुभव नहीं किया के चिकित्सक अपने धर्म का पूर्ण रूप से निर्वाह नहीं कर रहे हैं । आज भी हम किसी चिकित्सक के पास जाते हैं, तो डरते है कि वह अनावश्यक रूप से मेरे परीक्षण न करवाएं, और अनावश्यक दवाई ना दे दी । यह किस लिए हुआ ?
जिस बच्चे ने अच्छे अंक प्राप्त करके चिकित्सकीय शिक्षा प्राप्त की, उसके मन में मानवता के प्रति सद्भाव नहीं था, उस ने चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश किया धन कमाने के लिए । क्या हमें चिकित्सा क्षेत्र में केवल उन्हीं व्यक्तियों को नहीं भेजना चाहिए, जो मानवता की सेवा करना चाहते हैं ? हो सकता किसी विद्यार्थी के अंक थोड़े कम हो, लेकिन मन में में मानवता के प्रति सद्भावना बहुत अधिक हो, मेरे व्यक्तिगत विचार से उसे चिकित्सा क्षेत्र में जाना चाहिए । कमोबेश यही स्थिति, हर क्षेत्र में हो गई है । अध्यापक बन रहे हैं, जिन्हें बच्चे से प्रेम नहीं है । नौकरी करने वाला एक व्यक्ति बन के रह गया । हमें अपने बच्चे की रुचि का ध्यान देते हुए उसके लिए उपयुक्त कार्यक्षेत्र चुनना चाहिए । केवल अंको पर मत जाइए, अरे कोई डॉक्टर, इंजिनीयर मत बनाइए, शायद वह किसी और काम में बहुत ऊंचा निकल चुका होगा । और आज की स्थिति में यदि आप किसी भी क्षेत्र में माने हुए लोगों को देखेंगे किस क्षेत्र में काम किया, उसमें शिक्षा प्राप्त नहीं । धन्यवाद
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18/07/2022
2023 ELECTROSTATICS 07 Torque on Dipole placed in Uniform Electric Field and Energy of Dipole Here we discuss and derive the derivation of torque due to dipole
18/07/2022
JEE JUNE 2022 QUESTIONS BASED on COULOMB's LAW and Electric Field We have discussed the questions of JEE of 2022 of electrostatics specially till Electric Field
18/07/2022
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Physics & Mathematics
07/03/2021
60 महीने का समय अब परीक्षा के लिए रह गया ! कैसे तनावमुक्त योजनाबद्ध तरीके से परीक्षा के लिए तैयार प्रिय विद्यार्थियों और अभिभावकों तथा अध्यापकों मैं आज आपके बीच में एक विशेष पर चर्चा करने आया हूं, और उस चर्चा का .....
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