Hadis e pak
Mushtaq ashrafi
नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया मुझे दोजख दिखलाई गई उसमें ज़्यादा तर औरतें थी जो कुफ्र करती हैं
एक आदमी ने रसूलल्लाह सल्लल्लाहो तालाअलेही वसल्लम से पूछा कौनसा इस्लाम बेहतर है
रसूलल्लाह सल्लल्लाहो तालाअलेही वसल्लम ने चंद लोगों को कुछ अतिया दियाऔर साद वहां मौजूद थे
रसूलल्लाह सल्लल्लाहो तालाअलेही वसल्लम से दरयाफ्त किया गया के कौनसा अमल सबसे अफज़ल है
रसूलल्लाह सल्लल्लाहो तालाअलेही वसल्लम ने फ़रमाया मुझे अल्लाह की तरफ़ से हुकुम दिया गया है के लोगों से जंग करो
हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहो तालाअलेही वसल्लम ने फ़रमाया में एक वक्त सो रहा था मैने ख्वाब देखा
हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहो तालाअलेही वसल्लम ने फ़रमाया जिस शख्स में ये तीन बातें होंगी वो ईमान का मज़ा पा लेंगे
रसूलल्लाह सल्लल्लाहो तालाअलेही वसल्लम लोगों को किसी काम का हुक्म दे ते तो वैसा ही काम होता जिसके करने की लोगों में ताकत होती
रसूलल्लाह सल्लल्लाहो तालाअलेही वसल्लम ने फ़रमाया वो वक्त क़रीब है जब मुस्लमान का सबसे उम्दा माल उसकी बकरियां होंगी
रसूलल्लाह सल्लल्लाहो तालाअलेही वसल्लम ने उस वक्त जब आपके गिर्द साहाबा की एक जमात बैठी हुई थी फ़रमाया
1हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहो तालाअलेही वसल्लम ने फ़रमाया अनसार से मुहब्बत रखना ईमान की निशानी है और अनसार से कीना रखना निफ़ाक कि निशानी है
नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया ईमान की ख़सलतें हैं
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