Bano julekha..02,

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hello.i am Bano julekha

28/02/2024

सरकारी स्कूल के इस बच्चे का डांस आपको कैसा लगा कॉमेंट बॉक्स में लिखें...।

25/02/2024

Screw manufacturing factory,,

22/02/2024

किशनगढ़ बास, बृसंगपुर फसलों को तबाह करती हुईं पुलिस।

22/02/2024

एक गर्भवती स्त्री ने अपने पति से कहा - आप क्या आशा करते हैं लडका होगा या लडकी।
पति -अगर हमारा लड़का होता है, तो मैं उसे गणित पढाऊगा, हम खेलने जाएंगे, मैं उसे मछली पकडना सिखाऊगा।

पत्नी - अगर लड़की हुई तो ?
पति- अगर हमारी लड़की होगी तो, मुझे उसे कुछ सिखाने की जरूरत ही नही होगी। क्योंकि, उन सभी में से एक होगी जो सब कुछ मुझे दोबारा सिखाएगी, कैसे पहनना, कैसे खाना, क्या कहना या नही कहना।

एक तरह से वो, मेरी दूसरी मां होगी। वो मुझे अपना हीरो समझेगी, चाहे मैं उसके लिए कुछ खास करू या ना करू। जब भी मै उसे किसी चीज़ के लिए मना करूंगा तो मुझे समझेगी। वो हमेशा अपने पति की मुझ से तुलना करेगी।

यह मायने नही रखता कि वह कितने भी साल की हो पर वो हमेशा चाहेगी की मै उसे अपनी Baby Doll की तरह प्यार करूं। वो मेरे लिए संसार से लडेगी, जब कोई मुझे दुःख देगा वो उसे कभी माफ नहीं करेगी।

पत्नी - कहने का मतलब है कि, आपकी बेटी जो सब करेगी वो आपका बेटा नहीं कर पाएगा।
पति- नहीं, नहीं क्या पता मेरा बेटा भी ऐसा ही करेगा, पर वो सिखेगा। परंतु बेटी, इन गुणों के साथ पैदा होगी। किसी बेटी का पिता होना हर व्यक्ति के लिए गर्व की बात है।"

पत्नी - पर वो हमेशा हमारे साथ नही रहेगी ?
पति - हां, पर हम हमेशा उसके दिल में रहेंगे। इससे कोई फर्क नही पडेगा चाहे वो कही भी जाए, बेटियाँ परी होती हैं। जो सदा बिना शर्त के प्यार और देखभाल के लिए जन्म लेती है।

वैसे भी "बेटीयां" सब के मुकद्दर में, कहाँ होती हैं ! जो घर ईश्वर को पसंद हो, बेटियां तो वहां होती हैं...!!

21/02/2024

धर्मेंद्र जी ने बीबीसी हिंदी के साथ बातचीत में बताया है, "जब मुंबई अभिनेता बनने आया तब मेरी एक ही इच्छा थी कि दिलीप साहब से एक मुलाक़ात हो जाए. तब एलपी राव एक संपादक थे. एक दिन किसी जगह पर उन्होंने मुझे कहा कि तुम्हें पता है ये जो महिला यहाँ खड़ी हैं वो कौन है? मैंने पूछा कौन हैं? तब उन्होंने बताया कि ये दिलीप साहब की बहन हैं. इनका नाम फ़रीदा है."

"ये सुनने के बाद मुझे लगा कि मैं कब इनसे कहूँ कि मुझे दिलीप साहब से एक बार मिला दें. मैं अपनी हिचक मिटाते हुए उनके पास गया और कहा कि मैं दिलीप साहब का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ. मुझे बस एक बार उनसे मिला दीजिए. तब उन्होंने मुझसे कहा कि कल शाम 8.30 बजे आ जाइए."

"अगले दिन मुझसे इंतज़ार ही नहीं हो रहा था. मुझे लग रहा था कि ये शाम कब होगी? कब मैं उनसे मुलाक़ात करूँगा. ये 1960 की बात है. शाम को उनके घर गया. उन दिनों शाम को मुंबई के पाली हिल इलाके में ठंड हो जाया करती थी. जल्दबाज़ी और मिलने की ख़ुशी में मैं स्वेटर पहनना भूल गया था. मिलने के बाद उन्होंने मुझे अपना एक स्वेटर लाकर दिया और कहा ये पहन लो."

"मैंने पहना और कहा मैं आपको ये स्वेटर कभी वापस नहीं दूंगा. उन्होंने ये सुनने के बाद कहा ज़रूर रख लो इसे. इसके बाद तो फिर वो ईद हो या उनका जन्मदिन हो मैं उनके घर अक्सर जाया करता था."

20/02/2024

The art of quality comb making animal horn,,

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