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26/05/2026

। श्रुति-स्मृति-पुराणानाम् आलयं करुणालयम्।
नमामि भगवत्पादं शंकरं लोक-शङ्करम्॥
अर्थात
जो वेद, स्मृति और पुराणों के भंडार हैं, करुणा के सागर हैं, और संसार का कल्याण करने वाले हैं, उन पूज्यपाद 'श्री शंकराचार्य' को मैं प्रणाम करता हूँ।

चित्रकूट आने पर हम सभी पुज्य जगद्गुरू स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी का स्वागत अभिनन्दन करते हुए उनके श्रीचरणों में नमस्कार करते हैं और उम्मीद करते हैं कि चित्रकूट के समस्त जन उनके धार्मिक कार्यों के अनुगामी बनेंगे। गौरक्षा और राष्ट्र रक्षा के उनके संकल्प को पूरा करने में सहभागी बनेंगे। पुनः एक बार महाराज श्री के चरणों में नमन। हर हर महादेव।

17/05/2026

अनाथों के नाथ, कामतानाथ स्वामी मुझ पर अपनी दृष्टि बनाए रखना। कहीं भटक जाऊं तो रास्ता दिखाना, मेरा एक मात्र सहारा तू ही है, ऐसा भाव रख कर दर्शन करिए श्री कामतानाथ जी महाराज का ।

11/05/2026

आज सोमवार के दिन करिए चित्रकूट के राज राजेश्वर महाराजाधिराज मत्स्यगजेंद्र नाथ स्वामी के दर्शन। चित्रकूट आने के पश्चात भगवान श्री राम ने चित्रकूट में निवास करने के लिए ली थी आज्ञा। बोलिए चित्रकूट महाराज की जय ।

08/05/2026

वैसे तो चित्रकूट ज्ञान की भूमि है, बङे बङे विद्वान ऋषि मुनि और संत चित्रकूट की धरती पर वास करते रहे हैं। परन्तु आजादी के बाद से शिक्षा के क्षेत्र में जब कोई उत्तरोत्तर प्रगति नहीं हुई तब नाना जी देशमुख ने इस भूमि पर ज्ञान का दीप जलाया। वो दीप महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के रूप में आज हमारे सामने है । नाना जी चाहते थे भारत के ग्रामीण युवा खेती की पारम्परिक और आधुनिक तकनीकियों को जाने, गांवो में उद्योगो को बढ़ावा मिले, गांव सशक्त हों और किसान समृद्ध हो, यहां पढ़ने वाले युवक आत्मनिर्भर बनें, यह विश्वविद्यालय उद्यमिता और नवाचार की पाठशाला बने। उनके इस ईमानदारी भरें प्रयास को हर तरह से विफल करने की कोशिश आज विश्वविद्यालय प्रशासन करने में लगा हुआ है। विश्वविद्यालय में चलने वाले कई सारे प्रोग्राम में आज कुशल और पर्याप्त संख्या में अध्यापक नहीं है, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी विभागों में न पर्याप्त उपकरण है, प्रयोगों से सिद्ध होने वाला विज्ञान आज बगैर प्रयोगशालाओ के कैसे चल रहा है यह एक चिंताजनक बात है। उन्नत कृषक बनाने का सपना आज अधूरा है, विश्वविद्यालय के पास ढंग की एक कम्प्यूटर लाइब्रेरी भी नहीं है जहां विद्यार्थी अध्ययन कर सके। देश के प्रथम ग्रामोदय विश्वविद्यालय में हर विभाग में शिक्षकों की भारी कमी है जो है वो पढ़ाना नहीं चाहते कुछ ईमानदार शिक्षकों को छोङ दिया जाये तो पता चलेगा कि ये भी भगवान भरोसे चल रहा है। ऊपर से तुर्रम यह कि हमारी NAAC रैंकिंग देखिए A++ है,तो भाईसाहब लगे हाथ NIRF रैंकिंग बता दीजिए किस तरीके से आप इस लिस्ट से गायब हैं वो भी बता दीजिए , सिफारिश और फर्जी तरीकों से NAAC की उच्च श्रेणी कई निजी विश्वविद्यालयो ने खरीदी है आप भी उनमें से एक है। मैं इस विश्वविद्यालय के लिए उतना ही दुखित हूं जितना मंदाकिनी और कटते जंगलों के लिए हूं। यह एक धरोहर थी जिसे संभाला जाना चाहिए था परन्तु वो भी सरकारी अफसरशाही की भेंट चढ़ गया।

05/05/2026

चित्रकूट में विभिन्न स्वरूपों और स्थानों में मौजूद श्री हनुमान जी के दर्शन करिए दक्षिणमुखी नांदी के हनुमान, बरहा हनुमान, रामघाट के तोता मुखी हनुमान, हनुमान धारा में स्थित हनुमान जी, लैना के हनुमान जी, राम दर्शन और रामघाट में विशाल हनुमान जी, और परिक्रमा मार्ग में लेटे हुए हनुमान जी।

05/05/2026

आज बङे मंगलवार के दिन पहाड़ी क्षेत्र में स्थित नांदी गांव में मौजूद दक्षिणमुखी नांदी के हनुमान जी के दर्शन । जहां लगता है सिर्फ देशी घी से बने हुए लड्डूओ का भोग। ऐसी मान्यता है कि नांदी के हनुमान जी शुद्ध देसी घी के बने लड्डू बहुत पसंद करते हैं, मंदिर समिति और भक्त इस बात का विशेष ध्यान रखते हैं कि मंदिर में शुद्ध लड्डूओ का ही भोग लगें ।इस शुद्धता को बनाये रखने के लिए मंदिर समिति खुद अपनी रसोई चलाती है और वही से प्रसाद वितरण होता है। इस छोटे से गांव में स्थित हनुमान जी के दर्शन करने बहुत दूर दूर से लोग आते हैं। तो बोलिए
संकट कटै मिटे सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

02/05/2026

मैं गुरूदेव के बारे में क्या कहूं, वो संत शिरोमणि त्याग और तप के साक्षात मूर्ति थे। जानकी सम्प्रदाय के और श्री राम और जानकी जू के साक्षात उपासक । ऐसे संतों का शिष्य होना एक उपाधि और वरदान की तरह ही है । भौतिक युग में माया महाठगिनी है, फिर भी क्या गृहस्थ, क्या संन्यासी साधू सब उसकी चाकरी में ही व्यस्त हैं, भगवान की माया अच्छे अच्छे को नचाती हैं, पर राम नाम की खेवन और प्रभु को ही आसरा मानने वाले लोग इस भवबंधन से निकल आते हैं। श्री गुरुदेव महाराज श्री श्री सिया वल्लभ दास भी महाराज ऐसे ही संत हैं, अपने जीवन में महाराज श्री ने न एक कमरा बनाया, न एक पैसा रखा, दक्षिणा का सारा पैसा मुक्त भाव से साधु संतों में फटाफट बांट दिया। तन पर जो कपङा आप देख रहे हैं यही उनकी कुल संपत्ति थी, दो धोती। एक को ओढ़ लिया दूसरे को पहन लिया। अपने शिष्यों को राम नाम का मंत्र जपने का ही उपदेश देते थे, उनके गये हुए पूरे दस साल बीत गए हैं, पर उनके उपदेश उतने ही सार्थक है । आइये हम सब मिलकर जपते हैं..... राम, राम, राम

Photos from Chitrakoot's post 28/04/2026

देख रहे हो विनोद, कैसा ड्रामा चल रहा है, आरोग्य धाम में मंदाकिनी को कैसे बचाया जाए इस पर संगोष्ठी चल रही है, जबकि आरोग्य धाम की पूरी बिल्डिंग नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल बोर्ड के नियमों के विपरीत बनी हुई है, पर्ण कुटी नाम का होटल जो दीनदयाल शोध संस्थान का ही एक व्यावसायिक उपक्रम है मंदाकिनी नदी के किनारे बना हुआ है, मंदाकिनी में इस होटल समेत पूरे दीनदयाल शोध संस्थान का अपशिष्ट जाता है, सिया राम कुटीर जहां आरोग्य धाम के समस्त अधिकारी रहते हैं वहां भी गंगा के तट पर अनाधिकृत रूप से मंच बना हुआ है, मंदाकिनी में आंशिक रूप से २००५ में डैम बना कर पानी को रोक कर ऊंचा उठाया गया ताकि वहां स्वीमिंगपूल जैसा बन सके जिससे नदी की अविरलता को नुक़सान पहुंचा। अब मंदाकिनी को स्वच्छ निर्मल और अविरल बनाने की बातें चल रही है, जिनके पास न कोई विजन है न नीति वो बस सरकारी पैसे को पचाने के लिए जुगाली कर रहे हैं और कुछ नहीं।

24/04/2026

जब भगवान राम चित्रकूट आये, तो यहाँ विराद राक्षस का आतंक था. राम ने एक तीर से उसे पाताल भेज दिया. उसी की याद में सड़क के ठेकेदार द्वारा जानकी कुंड में सड़क के बीचों बीच एक धनुष बाण रूपी पोल लगाया गया है । मध्य प्रदेश वास्तव में गजब है क्योंकि ठेकेदार, पटवारी, तहसीलदार पूरा प्रदेश ऐसे ही चला रहे हैं। डबल ट्रिपल इंजन की सरकार का ये हाल है कि रेल की पटरियों में धकापेल दौड़े जा रहे हैं उन्हें पता ही नहीं कि जनता रुपी डिब्बे कब के पीछे छूट चुके हैं। यदि वास्तव में भारत के समस्त भ्रष्टाचार, सरकारी निरंकुशता को एक ही जगह देखना हो तो चित्रकूट उसका आदर्श उदाहरण है जहां पीपल, बरगद, जामुन, शीशम, नीम के सैकड़ों वृक्ष काटकर तीर्थ का विनाश रूपी विकास किया जा रहा है।

21/04/2026

मंगलवार के दिन दर्शन करिए परिक्रमा में लेटे हुए हनुमान जी के

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