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13/06/2026

संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज

13/06/2026

13/06/2026

ਹਾਂਜੀ ਪੰਜਾਬੀਓ ਕਮੇਂਟ ਕਰਕੇ ਦਿਓ ਅਪਣੀ ਰਾਇ।

12/06/2026

जालंधर में दिनदहाड़े बड़ी वारदात: BMS फैशन शोरूम पर ताबड़तोड़ गोलीबारी, इलाके में दहशत

जालंधर: पंजाब के जालंधर में बेखौफ बदमाशों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज शहर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दिनदहाड़े मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए नकाबपोश बदमाशों ने एक मशहूर कपड़ों के शोरूम को निशाना बनाया। वारदात जालंधर के व्यस्त इलाके में स्थित 'BMS फैशन शोरूम' (BMS Fashion Showroom) पर हुई।

ताबड़तोड़ फायरिंग से कांपा इलाका:

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो अज्ञात बदमाशों ने शोरूम के ठीक सामने अपनी बाइक रोकी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने पिस्तौल निकालकर शोरूम पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

दहशत का माहौल: बाजार के बीचों-बीच हुई इस फायरिंग से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

वारदात के बाद बदमाश फरार, जांच में जुटी पुलिस
वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश हथियार लहराते हुए बड़ी आसानी से मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस का बयान: "मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके की नाकाबंदी कर दी गई है। शोरूम और आसपास के लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"

फिरौती या आपसी रंजिश की आशंका?

शुरुआती जांच में कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मामला फिरौती (Extortion) या आपसी रंजिश से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, पुलिस अभी इस मामले पर कुछ भी खुलकर बोलने से बच रही है। दिनदहाड़े हुई इस गैंगस्टराना अंदाज की वारदात ने शहर की कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।










#दिनदहाड़े_गोलीबारी




#जालंधर_न्यूज़

12/06/2026

चंडीगढ़ में सुखना लेक पर शुरू हुई गोवा जैसी डबल डेकर 'सुखना क्रूज'

चंडीगढ़: शहर के निवासियों और पर्यटकों के लिए एक बेहद रोमांचक खबर है। अब गोवा की तर्ज पर चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना लेक में भी डबल डेकर क्रूज की शुरुआत हो चुकी है, जिसका नाम 'सुखना क्रूज' (Sukhna Cruise) रखा गया है।

इस क्रूज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से सौर ऊर्जा (Solar Energy) से संचालित है। इसमें डीजल का उपयोग नहीं किया जाएगा, जिससे सुखना लेक के पर्यावरण और जलीय जीवों को कोई नुकसान नहीं पहुँचेगा।

12/06/2026

कच्चा तेल (Crude Oil) बनता कैसे है और निकाला कैसे जाता है?

कच्चा तेल जमीन के अंदर अपने-आप “एक-दो साल” में नहीं बनता। इसे बनने में लाखों से करोड़ों साल लगते हैं। यह पुराने समुद्री जीवों, पौधों और सूक्ष्म जीवों के अवशेषों से बनता है।

1. कच्चा तेल बनता कैसे है?

बहुत पुराने समय में समुद्रों, झीलों और दलदली इलाकों में छोटे-छोटे जीव, शैवाल और पौधे रहते थे। जब ये मरते थे, तो इनके अवशेष पानी के नीचे जमा होते जाते थे।

धीरे-धीरे इनके ऊपर मिट्टी, रेत और चट्टानों की परतें जमती गईं। ऊपर से दबाव बढ़ता गया और अंदर तापमान भी बढ़ता गया।

ऑक्सीजन कम होने के कारण ये अवशेष पूरी तरह सड़ नहीं पाए। करोड़ों साल तक दबाव और गर्मी मिलने से इनके अंदर मौजूद कार्बन और हाइड्रोजन वाले पदार्थ बदलकर तेल और गैस में बदल गए।

यही तेल बाद में चट्टानों के छोटे-छोटे छिद्रों में जमा हो गया।

आसान भाषा में समझें:

समुद्री जीवों के अवशेष + मिट्टी की परतें + बहुत समय + दबाव + गर्मी = कच्चा तेल

2. तेल जमीन के नीचे कहाँ जमा होता है?

कच्चा तेल जमीन के अंदर किसी बड़े तालाब की तरह खाली जगह में नहीं भरा होता। यह अक्सर छिद्रदार चट्टानों में फंसा रहता है।

जैसे स्पंज में पानी भर जाता है, वैसे ही कुछ चट्टानों के छोटे-छोटे छिद्रों में तेल और गैस भरे होते हैं।

तेल जमा होने के लिए तीन चीजें जरूरी होती हैं:

Source Rock: जहाँ जैविक पदार्थ तेल में बदलता है।
Reservoir Rock: छिद्रदार चट्टान जहाँ तेल जमा होता है।
Cap Rock: ऊपर की कठोर परत जो तेल को ऊपर भागने नहीं देती।

अगर ऊपर रोकने वाली परत न हो, तो तेल धीरे-धीरे ऊपर आकर निकल सकता है या खत्म हो सकता है।

3. तेल और गैस अलग-अलग कैसे रहते हैं?

जमीन के अंदर तेल, पानी और गैस अक्सर साथ मिलते हैं, लेकिन उनकी density अलग होती है।

गैस सबसे हल्की होती है, इसलिए ऊपर रहती है।
तेल उसके नीचे रहता है।
पानी सबसे भारी होता है, इसलिए नीचे रहता है।

यानी कई तेल भंडारों में क्रम ऐसा होता है:

ऊपर गैस → बीच में तेल → नीचे पानी

4. कच्चा तेल खोजा कैसे जाता है?

तेल निकालने से पहले वैज्ञानिक यह पता लगाते हैं कि जमीन के नीचे तेल हो सकता है या नहीं।

इसके लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं:

भूकंपीय सर्वेक्षण

जमीन या समुद्र में हल्के कंपन पैदा किए जाते हैं। ये तरंगें नीचे की चट्टानों से टकराकर वापस आती हैं। मशीनें इन तरंगों को रिकॉर्ड करती हैं।

इनसे वैज्ञानिक अनुमान लगाते हैं कि नीचे कौन-सी चट्टानें हैं और तेल फंसने जैसी संरचना है या नहीं।

भूवैज्ञानिक अध्ययन

वैज्ञानिक चट्टानों की उम्र, बनावट, परतों और इतिहास का अध्ययन करते हैं। इससे पता चलता है कि उस इलाके में तेल बनने और जमा होने की संभावना है या नहीं।

टेस्ट ड्रिलिंग

जब संभावना अच्छी लगती है, तो एक छोटा परीक्षण कुआँ खोदा जाता है। इसे exploration well कहा जाता है। इससे पता चलता है कि सच में तेल है या सिर्फ अनुमान था।

5. कच्चा तेल निकाला कैसे जाता है?

जब तेल भंडार मिल जाता है, तो वहाँ गहरा कुआँ खोदा जाता है। इसे oil well कहते हैं।

ड्रिलिंग मशीन जमीन में बहुत गहराई तक छेद करती है। कई बार यह गहराई हजारों मीटर तक हो सकती है।

ड्रिलिंग के समय एक खास द्रव, जिसे drilling mud कहते हैं, अंदर भेजा जाता है। यह ड्रिल को ठंडा रखता है, टूटे हुए पत्थर ऊपर लाता है और अंदर का दबाव नियंत्रित करता है।

जब कुआँ तेल वाली चट्टान तक पहुँच जाता है, तो पाइप लगाए जाते हैं। फिर तेल को ऊपर लाने की प्रक्रिया शुरू होती है।

6. तेल अपने-आप ऊपर आता है या पंप करना पड़ता है?

शुरुआत में कई बार तेल अपने दबाव से खुद ऊपर आ जाता है। क्योंकि जमीन के अंदर गैस और तेल पर बहुत दबाव होता है।

इसे natural flow कहा जा सकता है।

लेकिन कुछ समय बाद दबाव कम हो जाता है। तब तेल को ऊपर लाने के लिए पंप लगाए जाते हैं।

आपने कई जगह घोड़े जैसी चलने वाली मशीन देखी होगी। उसे आम भाषा में pumpjack कहा जाता है। यह नीचे से तेल खींचकर ऊपर लाती है।

7. समुद्र से तेल कैसे निकाला जाता है?

समुद्र में तेल निकालने के लिए बड़े-बड़े प्लेटफॉर्म बनाए जाते हैं। इन्हें offshore oil platforms कहते हैं।

ये प्लेटफॉर्म समुद्र के ऊपर खड़े होते हैं, लेकिन ड्रिलिंग समुद्र तल के नीचे चट्टानों तक की जाती है।

समुद्र में काम ज्यादा कठिन होता है क्योंकि वहाँ पानी की गहराई, लहरें, तूफान और दबाव जैसी चुनौतियाँ होती हैं।

कुछ जगहों पर समुद्र की सतह पर प्लेटफॉर्म होता है और पाइप नीचे तेल भंडार तक जाता है। कहीं-कहीं समुद्र के नीचे ही मशीनें लगाई जाती हैं।

8. ज्यादा तेल निकालने के तरीके

जब सामान्य तरीके से तेल कम निकलने लगता है, तो कंपनियाँ और तरीके अपनाती हैं।

पानी डालना

कुएँ में पानी दबाव से भेजा जाता है। इससे तेल दूसरी तरफ बने उत्पादन कुएँ की ओर धकेला जाता है।

गैस डालना

कई बार गैस अंदर भेजी जाती है ताकि दबाव बढ़े और तेल ऊपर आ सके।

भाप या रसायन

गाढ़े तेल को पतला करने के लिए भाप या कुछ रसायन इस्तेमाल किए जा सकते हैं, ताकि तेल आसानी से बह सके।

9. निकले हुए कच्चे तेल का क्या होता है?

जमीन से निकला तेल सीधे पेट्रोल या डीजल नहीं होता। वह कच्चा तेल होता है, जिसमें कई तरह के हाइड्रोकार्बन मिले होते हैं।

इसे पाइपलाइन, जहाज या टैंकर से refinery भेजा जाता है।

रिफाइनरी में इसे गर्म करके अलग-अलग भागों में बांटा जाता है। इस प्रक्रिया को fractional distillation कहते हैं।

इससे अलग-अलग चीजें मिलती हैं:

पेट्रोल
डीजल
केरोसिन
LPG
एविएशन फ्यूल
बिटुमेन/डामर
लुब्रिकेंट ऑयल
प्लास्टिक बनाने के कच्चे पदार्थ

10. कच्चा तेल काला क्यों होता है?

कच्चे तेल में बहुत सारे जटिल कार्बन वाले पदार्थ होते हैं। इसी वजह से इसका रंग काला, भूरा या गहरा हरा तक हो सकता है।

हर जगह का कच्चा तेल एक जैसा नहीं होता। कहीं तेल हल्का और पतला होता है, कहीं बहुत गाढ़ा होता है।

11. क्या कच्चा तेल आज भी बन रहा है?

हाँ, प्राकृतिक प्रक्रिया आज भी चल रही है, लेकिन बहुत धीमी गति से। जो तेल हम आज निकाल रहे हैं, वह करोड़ों साल पुरानी प्रक्रिया का परिणाम है।

इसीलिए कच्चे तेल को अक्षय ऊर्जा स्रोत नहीं माना जाता। यह सीमित मात्रा में है और खत्म हो सकता है।

आसान उदाहरण से समझिए

तेल बनने को ऐसे समझिए:

समुद्र में छोटे जीव मरे।
वे नीचे जमा हुए।
उनके ऊपर मिट्टी और चट्टानें जमती गईं।
लाखों-करोड़ों साल तक गर्मी और दबाव मिला।
वे तेल और गैस में बदल गए।
तेल छिद्रदार चट्टानों में फंस गया।
फिर इंसान ने मशीनों से कुआँ खोदकर उसे बाहर निकाला।

निष्कर्ष

कच्चा तेल असल में प्राचीन जीवों और पौधों के अवशेषों से बना प्राकृतिक ईंधन है। यह जमीन के अंदर गहराई में चट्टानों के छोटे-छोटे छिद्रों में जमा रहता है। इसे खोजने के लिए वैज्ञानिक सर्वे करते हैं, फिर ड्रिलिंग करके तेल के कुएँ बनाए जाते हैं। शुरुआत में तेल दबाव से ऊपर आ सकता है, लेकिन बाद में पंप, पानी, गैस या भाप की मदद से निकाला जाता है। इसके बाद रिफाइनरी में इसे पेट्रोल, डीजल, LPG और कई उपयोगी पदार्थों में बदला जाता है।

11/06/2026

जालंधर - जे.पी. नगर अपना पार्क के पास एक घर में लगी भीषण आग,
दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू।

11/06/2026

#मौसमअपडेट

11/06/2026

जालंधर में AAP विधायक रमन अरोड़ा से ED ने दूसरी बार की पूछताछ

जालंधर: आम आदमी पार्टी (AAP) के जालंधर सेंट्रल से विधायक रमन अरोड़ा आज जालंधर जोनल ऑफिस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष दूसरी बार पेश हुए।

तस्वीर में विधायक रमन अरोड़ा को जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर के बाहर अपनी गाड़ी से उतरते हुए देखा जा सकता है, जहाँ वे बिना मीडिया से बात किए सीधे अंदर चले गए। इससे पहले भी वे जांच एजेंसी के सामने पेश हो चुके हैं।

11/06/2026

जालंधर में सनसनी: नेशनल आई हॉस्पिटल के मालिक डॉ. पीयूष सूद की पत्नी की संदिग्ध मौत, परिवार ने लगाए 'हत्या' के आरोप

जालंधर में आज उस समय सनसनी फैल गई जब शहर के प्रसिद्ध नेशनल आई हॉस्पिटल (National Eye Hospital) के संचालक, चर्चित डॉक्टर पीयूष सूद की पत्नी डॉ. मीनाक्षी सूद अपने घर में संदिग्ध अवस्था में मृत पाई गईं। यह प्रतिष्ठित डॉक्टर परिवार में एक बड़ा हादसा है, जिसने पूरे चिकित्सा और सामाजिक क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है।

अतिरिक्त-वैवाहिक संबंध (Extra Marital Affair) और घरेलू विवाद:
घटना के तुरंत बाद, डॉ. मीनाक्षी सूद के मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने डॉ. पीयूष सूद पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि डॉ. पीयूष सूद का उनके ही अस्पताल में काम करने वाली एक अन्य महिला के साथ 'अतिरिक्त-वैवाहिक संबंध' (Extra Marital Affair) था।

परिजनों ने पुलिस को दिए बयानों में आरोप लगाया कि इस अवैध संबंध के कारण घर में पिछले काफी समय से 'घरेलू विवाद' चल रहा था। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि डॉ. पीयूष सूद मीनाक्षी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे और हाल ही में मीनाक्षी को पता चला था कि डॉ. सूद ने गुप्त रूप से उसके नाम पर करोड़ों रुपये का कर्ज ले रखा था, जिसमें कथित तौर पर जाली हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया था।

पुलिस जांच: आत्महत्या या हत्या? दोनों कोणों से जांच जारी:
शहर पुलिस की वरिष्ठ टीम ने मौके पर पहुंचकर फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे 'आत्महत्या' (Su***de) और 'हत्या' (Murder) दोनों ही एंगल से जांच कर रही है। हालांकि यह ऊपरी तौर पर आत्महत्या का मामला लग सकता है, लेकिन मृतका के परिवार द्वारा लगाए गए हत्या के गंभीर आरोपों और कथित धोखाधड़ी (financial motive) के बाद, पुलिस डॉ. सूद और उनके स्टाफ से पूछताछ कर रही है।

हम इस खबर पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं।
बने रहें #पंजाब_जर्नल के साथ।

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