Index
Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Index, Education, Jaipur.
12/06/2020
श्रीशुकदेवजी कहते हैं-परीक्षित् ! नन्दबाबा जब मथुरासे चले, तब रास्तेमें विचार करने लगे कि वसुदेवजीका कथन झूठा नहीं हो सकता । इससे उनके मनमें उत्पात होनेकी आशङ्का हो गयी। तब उन्होंने मन-ही-मन ‘भगवान् ही शरण हैं, वे ही रक्षा करेंगे' ऐसा निश्चय किया ॥१॥ पूतना नामकी एक बड़ी क्रूर राक्षसी थी। उसका एक ही काम था-बच्चोंको मारना । कंसकी आज्ञासे वह नगर, ग्राम और अहीरोंकी बस्तियोंमें बच्चोंको मारनेके लिये घूमा करती थी॥२॥ [ 762 more words ]
भागवत महापुराण इन हिंदी (छठा अध्याय) (पूतना का उद्धार) (Part-1 of 3) श्रीशुकदेवजी कहते हैं-परीक्षित् ! नन्दबाबा जब मथुरासे चले, तब रास्तेमें विचार करने लगे कि वसुदेवजीका कथन झूठा नही....
12/06/2020
राजा बलि की कन्या थी, रत्नमाला । यज्ञशाला मे वामन भगवान को देख कर उसके हृदय मे पुत्र स्नेह का भाव उदय हो आया । वह मन-ही-मन अभिलाषा करने लगी कि यदि मुझे ऐसा बालक हो और मै उसे स्तन पिलाऊ तो मुझे बड़ी प्रसन्नता होगी । जब भगवान ने छल से राजा बलि से दान मे सब कुछ मांग लिया तब रतनमाला ने मन-ही-मन सोचा कि यदि ऐसा पुत्र हो तो मे उसे दूध में जहर मिलाकर पिला दू । वामन भगवान ने अपने भक्त बलि की पुत्री के इस मनोरथ का मन-ही-मन अनुमोदन किया । वही द्वापर मे पूतना हुई और श्री कृष्ण के स्पर्श से उसकी लालसा पूर्ण हुई । [ 102 more words ]
पूतना कौन थी ? Who was Pootna? राजा बलि की कन्या थी, रत्नमाला । यज्ञशाला मे वामन भगवान को देख कर उसके हृदय मे पुत्र स्नेह का भाव उदय हो आया । वह मन-ह.....
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Telephone
Website
Address
Jaipur
302001