Akhil Rajasthan Rawna Rajput Mahasabha
Registration No. 726/JAIPUR/1998-99
राष्ट्रीय जनगणना 2027 के लिए 'स्व - जनगणना' का प्रावधान एक अभिनव पहल है जो 1 मई 2026 से 15 मई 2026 तक है।
अधिक से अधिक अपने सामाजिक (वर्ग / जाति) और आर्थिक (अति पिछड़ेपन के लिए आय के स्त्रोत) स्थिति के वास्तविक डेटा बतावे।
08/04/2026
जाति समाजों के इतिहास के गर्त में जायेंगे तो, इतिहासकारों ने अपनी जाति को छोड़कर किसी भी जाति को नहीं बक्षा है - वीरेन्द्र रावणा, प्रदेश अध्यक्ष, अखिल राजस्थान रावणा राजपूत महासभा
रावणा राजपूत इतिहास | वीरेन्द्र रावणा जाति समाजों के इतिहास के गर्त में जायेंगे तो, इतिहासकारों ने अपनी जाति को छोड़कर किसी भी जाति को नहीं बक्सा है - वीर.....
जाति समाजों के इतिहास के गर्त में जायेंगे तो, इतिहासकारों ने अपनी जाति को छोड़कर किसी भी जाति को नहीं बक्षा है - वीरेन्द्र रावणा, प्रदेश अध्यक्ष, अखिल राजस्थान रावणा राजपूत महासभा
07/04/2026
अखिल राजस्थान रावणा राजपूत महासभा द्वारा इतिहास संशोधन को लेकर स्वाभिमान के लिए महारेली का आयोजन 12 सितम्बर 2016 को विद्याधर नगर स्टेडियम में किया था, दूसरे दिन ही 6 बड़े प्रकाशन ने लिखित में माफ़ी मांगी अभी तक 20 से ज्यादा पुस्तकों में संशोधन हो चुके है... 10 से ज्यादा प्रकाशन लिखित में माफ़ी दे चुके है।
यह सब महासभा के अथक प्रयासों से और रावणा राजपूत इतिहास पर शोध से संभव हुवा है...
शिक्षित बनो, संघर्ष करो और आगे बढ़ो।
2016 से 2026 इतिहास संशोधन और आपसी समझ से पिछले 10 वर्षों से रावणा राजपूत समाज सौहार्द पूर्ण पथ पर आगे बढ़ रहा है।
मेरी व्यक्तिगत राय है कि, इतनी सामाजिक जागरूकता के बाद कोई भी राजनैतिक पार्टी या विधायक या हारा हुवा विधायक या अन्य समाज का प्रतिष्ठित व्यक्ति सार्वजनिक रूप से किसी समाज के लिए अभद्र टिप्पणी करने की हिम्मत नहीं रखता !
छोटी-मोटी ढाणीयों में बैठकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों की कोई कमी नहीं है और उन पर पोलिटिकल पार्टियों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से हवा देना - यह मात्र राजनैतिक वर्चस्व के लिए दो समाजो के बीच विवाद उत्पन्न करवा कर वोटों की राजनीती है जो सभी के समझ में आयी हुई है, बुद्धिजीवी वर्ग को आगे आकर समाजो को जागरूक करना चाहिए वर्ना टूल तो छोड़िये टूल-बॉक्स तैयार बैठे है।
सोशल मिडिया का जमाना है अनर्गल बातों के लिए एक-दूसरे को घर बैठे अपमानित करते रहे, इतिहास में घुसेंगे तो विवादों का टोकरा भरा पड़ा है इतिहासकारों ने तो किसी भी समाज को नहीं छोड़ा है स्वयं के समाज को छोड़कर... यह इतिहास गवाह है।
पुस्तकों के सन्दर्भ चाहिए तो मुझसे व्यक्तिगत 9829181562 पर कॉल कर पूछ सकते है।
🙏
- वीरेन्द्र रावणा, प्रदेश अध्यक्ष, अखिल राजस्थान रावणा राजपूत महासभा
Virendra Singh Rawna speech on 12 september 16 at Vidhyadhar Stadium , Jaipur Virendra Singh Rawna speech on 12 september 16 at Vidhyadhar Stadium , Jaipur for history of Rawna Rajput
07/04/2026
अखिल राजस्थान रावणा राजपूत महासभा ने अपनी 4 प्रमुख बड़ी मांगों को लेकर 16 अप्रैल 2023 में बिरला ऑडिटोरियम, जयपुर में राष्ट्रीय स्तर का अधिवेशन किया था, जाति आधारित जनगणना को लेकर 2008 से हमारी मांग रही जो वर्तमान में राज्य सरकार और ओबीसी आयोग (राजनैतिक प्रतिनधित्व) के बीच झूल ⏳ रही है, राजस्व रिकॉर्ड में रावणा राजपूत दर्ज हो इसके लिए राज्य सरकार का आदेश प्रत्येक जिला कलक्टर को मात्र 7 दिन में जारी करवाया।
सामाजिक कार्यक्रम हो तो समाज का भी लाभ होना चाहिए.... बाकी तो समाज के मेले आये दिन न्याय मांगने के लिए लगते रहते है, यह बात अलग है कि काई बार न्याय की लड़ाई में कई लोग न्यायालय ⚖️ के चक़्कर में भी फंस ⛓️💥 जाते है। काई बार न्यायिक मुठभेड़ में किसी दूसरे के लिए न्याय मांगने की नौबत आ जाती है और उसे प्रथम वादी से पहले ही तत्काल 😃 न्याय 🏹 मिल जाता है।
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05/04/2026
JAIPUR ||ओबीसी आरक्षण के उपवर्गीकरण की उठी मांग,ओबीसी महापंचायत और डीएनटी संघर्ष समिति ने मिलाया हा
राजस्थान में पंचायत चुनाव से पूर्व जातिय जनगणना हो, यह माननीय उच्चतम न्यायालय का निर्देश है.... राजस्थान सरकार ने इसके लिए ओबीसी आयोग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) का गठन कर आयोग को जिम्मेदारी सोंपी..... आयोग जनगणना करवाने के बजाय "जनसुनवाई" में व्यस्त है।
राजस्थान सरकार आयोग को एक्सटेंसन पर एक्सटेंशन दे रही है।
😇😇😇😇😇😇
अब कब तो जनगणना होगी... कब आरक्षण बढेगा... कब वर्गीकरण होगा... कब डी एन टी वर्ग के लिए उप विभाजन होगा?
तब तक ओबीसी मूलभूत सुविधाओं की मांग के लिए तैयार हो जाएगी।
😊😊😊😊😊😊
04/04/2026
जयपुर 4 अप्रैल 2026
राष्ट्रीय जनगणना सहित आगामी पंचयातराज चुनाव से पूर्व माननीय उच्चतम न्यायालय के जातिय जनगणना के फैसले को लेकर मूल ओबीसी की सभी प्रमुख जातियों ने एकजुट होकर पिंकसिटी प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता की।
ओबीसी वर्ग से जुडी जातियाँ आगामी जनगणना में जातिनाम दर्ज करवाते वक्त वही जाति लिखवाये जो राजस्थान व केंद्र की ओबीसी सूची में है। जातिय जनगणना में कोई भी ओबीसी वर्ग अपनी उप जाति या गौत्र का उपयोग नहीं करें।बगैर जातिय जनगणना के आरक्षण के कोई मायने नहीं है। 70 फिसदी ओबीसी के लिए 21 प्रतिशत आरक्षण कम है।
राजस्थान में आरक्षण व्यवस्था को लेकर सम्पूर्ण आरक्षित वर्ग इस बात से आहत है कि, जिन वर्गों को 10 प्रतिशत ई डब्लू एस आरक्षण दिया जा रहा है उनके आरक्षण प्रतिशत का आधार क्या है? ओबीसी को तो इंदिरा साहनी बनाम भारत संघ के फैसले और मण्डल कमीशन की ओबीसी की 52 प्रतिशत जनसंख्या की रिपोर्ट के बावजूद भी 21 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है जबकि इसके विपरीत बगैर किसी आधार के 3 प्रतिशत आबादी को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है, यह कौनसा सामाजिक न्याय है?
- वीरेन्द्र रावणा, प्रदेश अध्यक्ष
02/04/2026
जय श्री रावणा।
सभी समाज बन्धुओं सहित समस्त ओबीसी वर्ग से अपील है कि, आगामी राष्ट्रीय जनगणना में 'परिवार के मुखिया की जानकारी' में विशेष समुदाय में अपना गौत्र नहीं बताकर अपनी जाति / वर्ग दर्ज करावें ताकि अपनी वास्तविक संख्या का पता चल सके। ऐसे ही अन्य ओबीसी वर्ग को भी जागरूक करें।
- वीरेन्द्र रावणा, प्रदेश अध्यक्ष
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