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S.R. MOHAMMED
23/06/2017
26/04/2017
बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू हुआ पुराना, आया मंकी फीवर का जमाना
Lallan Top
कितनी तरह के फीवर सुने हो? येलो फीवर, टाइफाइड, कालाजार और न जाने क्या-क्या. लिस्ट अपडेट कर लो, नया फीवर मार्केट में आ गया है. इस फीवर का नाम है, मंकी फीवर. इसकी शुरुआत भारत में भी हो चुकी है.
गोवा के सतारी तालुका में 45 साल की एक औरत की डेथ हो गई. डॉक्टर्स का कहना है उन्हें मंकी फीवर था. अब तक इस बीमारी के निशान नॉर्थ गोवा में मिले हैं. महिला का गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इलाज़ चल रहा था. पांच दिनों तक इलाज़ चला. उन्हें बुखार था. साथ ही सांस लेने में परेशानी और लूज मोशन की भी शिकायत थी. डायरेक्टरेट ऑफ़ हेल्थ सर्विस के सीनियर अफ़सर का कहना है कि महिला की मौत एक्यूट रेस्पायरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम की वजह से हुई है. इस साल हमने 422 सैंपल टेस्ट किए थे. जिनमें 75 सैंपल पॉजिटिव पाए गए. फिलहाल इस बीमारी की जांच के लिए गोवा सरकार ने वल्पोई में एक कैंप लगा दिया है.
कहां से आया मंकी फीवर ?
मंकी फीवर की कहानी यास्नुर फॉरेस्ट से शुरू हुई थी. इसलिए इसे यास्नुर फॉरेस्ट डिजीज़ भी कहते है. ये पहली बार 1957 में लोगों के सामने आया था. अब तक सेंट्रल यूरोप, ईस्टर्न यूरोप और नॉर्थ एशिया में पाया गया है. भारत में ज्यादातर गोवा, कर्नाटक और केरल में देखा गया है. नीलगिरि और बांदीपुर नेशनल पार्क में भी कुछ केस देखे गए हैं. ये वायरस अधिकतर नवम्बर से मार्च के महीने में एक्टिवेट होता है. इस बीमारी की चपेट में सबसे पहले बंदर आए थे. अचानक से कर्नाटक के यास्नुर जंगल में बंदरों की संख्या कम होने लगी. तो खोजबीन शुरू हुई. पता चला कि ये एक तरह का वायरस है जो केवल बंदरों को ही नुकसान पहुंचा रहा है. जैसे ही कोई बंदर इसके संपर्क में आता है उसकी तबियत ख़राब होने लगती है और एक समय के बाद वो निपट जाता है. ये वायरस फ्लाविवायरस के समुदाय का था. नाम था टिक. इससे होने वाली बीमारी को टिक बॉर्न एन्सेफलाइटिस (टीबीई) कहते हैं. डॉक्टरों को उसी वक़्त अंदाजा हो गया था कि इंसान भी इसके चपेट में आने वाले है.
टिक वायरस
मंकी फीवर के लक्षण
हर आम बुखार की तरह इसमें भी हमारे शरीर का तापमान बढ़ जाता है. कमजोरी महसूस होती है. बदन में दर्द रहता है. साथ ही नाक, मुंह और मसूढ़े से खून भी आ सकता है.
मंकी फीवर का इलाज़
अभी तक लाइलाज है. डॉक्टर्स इलाज खोजने में लगे हैं. हम ज़्यादा से ज़्यादा सतर्कता बरत सकते हैं. वैक्सिनेशन और टिक इन्फेक्टेड जानवरों से बचना ही सबसे बेहतर उपाय है. ये कुछ हफ़्तों में भी ठीक हो सकता है और कई महीने भी लग सकते हैं.
अंदाजा लग रहा है कि आने वाले कुछ समय में ये तीन गुना बढ़ सकता है. हाल ही में महाराष्ट्र के कुछ इलाकों से भी इसकी शिकायतें आई हैं. महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में 15 लोग में यास्नुर डिजीज़ के लक्षण पाए गए हैं. इससे पहले 28 लोगों का ब्लड सैंपल भेजा गया था. जिनमें 18 लोग इससे ग्रसित थे. जिले के पास ही एक बंदर भी मृत पाया गया था. प्रिकॉशन लेते हुए जिले के एपिडीमीलॉजिस्ट प्रशांत सावडी ने कीटनाशक स्प्रे करने का आदेश दिया था.
तिल और मस्सों से निजात आसानी से
17 Apr. 2017
S.R. MOHAMMED
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अगर आप तिल और मस्सों से परेशान है तो आपके लिए कुछ उपाय बताने जा रहा हूं जिसे आप करके देखो
पुराने जमाने में लोग तिल और मस्सों से निजात पाने के घोड़े के बाल हो या रेशम का धागा का उपयोग करते थे यह तरीका आज भी बरकरार है आप घोड़े के बाल या रेशम के धागे से तिल या मस्सा को कसकर बांध दें जिससे तिल और मस्सा में खून का प्रभाव होना बंद हो जाता है और वह सूख जाता है फिर उसके बाद आसानी से आप काट कर निकाल सकते हैं पर सावधानी पूर्वक।
आधुनिक चिकित्सक में मस्सों से छुटकारा के लिए क्रायो सर्जरी किया जा रहा है या उसको सिखाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का यूज़ किया जाता है।
इसके अलावा आप पानी में चुना को भूलकर कुछ दिन से मस्सों में लगाने से बहुत सुख जाता है जिसे आप आसानी से दूर कर सकते हैं।
तिल को दूर करने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराया जा रहा है।
गन्ने के सिरका में सीप के पाउडर को घोलकर लेप लगाने से कुछ दिन में मस्सा सुखकर गिर जाता है।
गर्दन का कालापन दूर चुटकी मे| अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा तो आप अपने दोस्तों को शेयर करें और फॉलो करें....
26/04/2017
हर रोज पीएं अजवाइन का पानी, फिर देखे इसके चमत्कारिक लाभ
Business Sandesh Hindi 26 Apr. 2017 09:05
Helth Desk। वैसे तो आप अजवाइन के बारे में जानते ही होंगे। अजवाइन हमारी सेहत के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है। इसकी तासीर गरम होती है जिससे यह भोजन के स्वाद और खूशबू को बढ़ाने असरकारक होती है। इसका उपयोग हमारी रसोई घरों में न केवल मसाले के रुप में होता है, बल्कि कई घरेलु रोगों को दूर करने में भी इसका उपयोग किया जाता है। वैसे तो कम ही लोग ये जानते है कि अजवाइन बेहद काम की चीज है। इसका उपयोग शरीर की अतिरिक्त चर्बी को दूर करने में भी किया जाता है।
अजवाइन का पानी शरीर के लिए बेहद लाभदायक होता है। इसके पानी को हर रोज यूज करने से कई हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है,साथ ही मोटापा कम होता है।
ऐसे तैयार कीजिए अजवाइन का पानी
सबसे पहले पच्चास ग्राम अजवाइन लीजिए। अजवाइन को एक गिलास पानी में रातभर भिगोकर रख दीजिए। फिर सुबह पानी को छान लीजिए। तथा इस पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर खाली पेट सेवन कीजिए। चाहे तो उसी अजवाइन को धूप में सूखाकर फिर से उपयोग में ले सकते है।
लेकिन तीसरे दिन इसका यूज नहीं करना चाहिए। आपको नई अजवाइन को काम ले लेना होगा। इस पानी का यूप आप 45 दिन तक लगातार कीजिए। इससे होने वाला लाभ आपको अपने शरीर में जरुर नजर आएगा। इससे कम वक्त में भी इसका असर नजर आएगा। ध्यान रखे कि आप किसी बीमारी से पीडित न हो।
-अजवायन में थायमॉल नामक पाया जाता है। यह केमिकल गेस्ट्रक द्रव्यो को बाहर बाहर निकालने में पेट की मदद करता है। जिससे की पाचन क्रिया सुचारू रुप से काम करती है। अपच, बच्चो के पेटदर्द जैसी परेशानियों में इससे मदद मिलती है।
-अजवाइयन का पानी उबालने पर या उसका पानी पीते वक्त , जो भाप मिलती है उससे सिरदर्द तथा नाक के कंजेस्शन में काफी हद तक राहत मिलती है। अजवाइन में पाए जाने वाले वाष्पशील पदार्थों की सहायता से सिरदर्द तथा जुकाम में राहत मिलती है।
– अजवायन का पानी दांत दर्द का दूर करने में फायदेमंद होता है। इससे मुंह की दुर्गंध को दूर किया जा सकता है। साथ ही स्वस्थ भी बनाए रखा जा सकता है। दांत दर्द में अजवाइन के पानी का कुल्ला कीजिए। इसमें मौजूद थायमोल दर्द में राहत दिलाता है।
– इसके पानी का सेवन करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। इसी वजह से शरीर से कार्ब तथा फैट को बर्न किया जाता है।
– अजवायन मोटापा कम करने में बहुत ही लाभकारी होती है। ये शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी तेजी से बढ़ाता है। ताकि आपको वजन घटाने में परेशानी न हो।
नोट : इससे लेने से पहले चावल का सेवन बंद कर कीजिए। साथ ही चपातियों की मात्रा भी कम कर दीजिए। आलू,शक्कर,फास्ट फूड और ऑयली फूड को खाने से बचे। भोजन करने के तुंरत बाज पानी न पिएअगर आती है सफर के दौरान उल्टियां तो अपनाएं ये नुस्खे?।
गर्मियों में अगर आप भी फंगल इन्फेक्शन, खुजली से परेशान है तो ये उपाय करे
24 Apr. 2017
srmohammed2010gmail.com
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गर्मियां शुरू हो गयी अगर भी दाद खाज खुजली फंगल इन्फेक्शन से परेशान है तो ये अपनाये
दाद,खुजली होने पर आठ - दस दिनों तक नित्य सुबह चार-पांच नीम की ताजी कोंपलें धोकर, चबाकर खाएं और उसके ऊपर से पानी पी लें।
दाद,खुजली होने पर रात को तांबे के बरतन में थोड़ा-सा दही रख दें,फिर सुबह जब दही का रंग कुछ नीला पड़ जाए तो इस दही को उसी बरतन में कुछ देर तक फेंटकर फिर इसे खुजली वाले स्थान पर लगाएं।
नीम के पत्ती को दही के साथ पीसकर दाद खाज पर लगाने से वह जड़ से चले जाते है।
100 ग्राम तिली के तेल में 100 ग्राम बथुए का रस मिलाकर इसे धीमी आँच पर पकाकर, इसे छानकर शीशी में भर लें। फिर खुजली वाली जगह पर इस तेल को नित्य लगाएं|
खुजली होने पर खुजली वाले स्थान पर शहद को लगाएं इससे भी शीघ्र ही लाभ मिलता है।
26/04/2017
रोज पियें सिर्फ दो गिलास पानी और 4 दिन में मोटापा हो जायेगा गायब
19 Apr. 2017
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आजकल के भागदौड़ भरे जीवन के चलते लोग अपने खानपान का ध्यान नहीं रखते, जिससे हम अनेक बीमारियों के शिकार हो जाते है. जिससे आजकल अधिकतर लोग मोटापे की समस्या से परेशान हैं। इसकी एक बड़ी वजह मैटाबॉलिज्म का धीमा होना भी है। हम आपको एक ऐसे ड्रिंक के बारे में बता रहे हैं जो आश्चर्यजनक रूप से पेट की फैट कम करता है। तो आप भी जरुर पिए ये ड्रिंक.
ड्रिंक बनाने की सामग्री
8 ½ कप पानी
1 टी स्पून अदरक (कद्दूकस)
1 खीरा (कटा हुआ)
1 नींबू (कटा हुआ)
12 पुदीने के पत्तियां
ऐसे करे इस्तेमाल
आपको बता दे कि एक बड़े जग में सारी सामग्री को डालकर रात भर के लिए रख दें। इससे इन सब का जायका इस पानी में आ जाएगा। सुबह आप इस ड्रिंक को गिलास में डालने से पहले इसमें से नींबू, खीरा, अदरक और पुदीने की पत्तियां निकाल दें। फिर आप इसे पीएं। यदि आप इसे एक दिन में खत्म नहीं कर सकते तो आप इस ड्रिंक को फ्रिज में ऱख दें और दूसरे दिन इस्तेमाल कर सकते हैं।
इन सभी चीजों के हमारी सेहत को बहुत ही फायदे हैं। जब इन्हें मिलाकर इकट्ठा कर दिया जाता है तो ये सिर्फ शरीर को अंदर से साफ ही नहीं करते बल्कि बॉडी की जमा फालतू फैट भी खत्म कर देते हैं।
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हैरान कर देंगे प्याज खाने के ये 5 फायदे
INDIA VOICE
नई दिल्ली: प्याज बहुत ही लाभकारी होती है। प्याज में काफी मात्रा में डायटरी फाइबर, कैल्शियम आयरन जैसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के डॉ. ओ.पी. दाधीचका कहना है कि गर्मी के दिनों में रोज कम से कम एक कच्चा प्याज जरूर खाना चाहिए। ये गर्मी में होने वाली कई हेल्थ प्रॉब्लम से बचाव करता है। डॉ. दाधीच बता रहे हैं प्याज के ऐसे ही 5 फायदों के बारे में।दही या छाछ के साथ कच्चा प्याज खाने से शरीर में नमी बनी रहती है। इससे डिहाइड्रेशन भी नहीं होता है।लू लगने पर प्याज का रस शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। खासकर पैरों के तलवे पर इसे मलने से फायदा होता है।गर्मी में चक्कर आने पर प्याज के रस में नींबू और पूदीने का रस मिलाकर पीने से फायदा होता है।ज्यादा गर्मी होने पर किसी-किसी को नक्सरी की प्रॉब्लम हो जाती है। ऐसे में नाक से खून आने पर कच्चा प्याज सूंघने से आराम मिलता है।प्याज का रस पानी में मिलाकर गर्मी में होने वाली यूरीन की जलन में राहत मिलती है।
26/04/2017
भूलकर भी नहीं करें रात को इन चीजों का सेवन !
Business Sandesh Hindi 25 Apr. 2017 21:55
इंटरनेट डेस्क। अच्छा खान-पान सेहत के लिए बहुत जरूरी है। खाने पीने की कई ऐसी चीजेें है जो हमारे सेहत के लिए बहुत लाभदायक होती है लेकिन इनको गलत वक्त पर खाने से शरीर को नुकसान पहुंचाता हैं। हमारे खाने में शामिल कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें रात में खाना सेहत के लिए नुकसानदायी साबित हो सकता है।
चलिए आपको कुछ ऐसी ही चीजों के बारे में बताएंगे, जिन्हें रात में खाना नुकसानदायी साबित हो सकता है।
– वैसे तो खीरा का सेवन करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है लेकिन रात को इसे खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। रात को दही खाने से सर्दी-जुकाम हो जाता है।
-कच्चा चना खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है लेकिन रात को इसका सेवन करना शरीर को कमजोर तथा रोगग्रस्त बनाता है।
-केला सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन रात को केला खाने से जुकाम तथा बुखार हो जाता है।
-दही का सेवन रात को करने से शरीर को नुकसान होता है। रात के समय में दही खाने से पाचन क्रिया ठीक से नहीं हो पाती इसलिए दिन में दही खाएंनहीं करें इन चीजों का सेवन, हो सकती हैं यादाश्त कमजोर!।
यहां पढें: लाइफस्टाइल एंड हेल्थ के खास आर्टिकल्स
अपने पैरो के कालेपन को करे दूर अपनाये ये टिप्स ...
17 Apr. 2017
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सूर्य की किरणों से बचाव- ज्यादातर देखा गया है कि घर से निकलने के पहले हम अपने चेहरे का बचाव खासतौर से करते है। लेकिन आपको अपने चेहरे के साथ पैरों की सुरक्षा करना जरूरी है क्योकि सूर्य की पराबैगनी किरणें शरीर के प्रत्येक अंग पर अपना घातक प्रभाव डालती है।
नींबू और Glycerin का मिश्रण- ग्लिसरीन हमारी त्वचा के लिये काफी फायदेमंद होती है।यह हमारी कोशिकाओं को उत्तेजित कर उसे जीवंत बना देती है।तभी इसका प्रयोग नीबू के साथ मिलाकर त्वचा के लिये करते है।इसको लगाने से यह त्वचा की गदंगी को साफ करती है और एक अच्छे माइस्चराजर का काम करती है।इसे हमेशा सोने से पहले अपने पैरो पर लगाकर सोयें।यह त्वचा के पानी को संतुलित कर पोषण देने में मदद करती है।
नाखून की देखभाल – सबसे पहले य़दि आपके नाखून बड़े है और कोई शेप देकर काटना चाहती है जो अपने नाखूनों को सही से काटने के लिए एक अच्छी क्वालिटी वाले क्लिपर का इस्तेमाल करना चाहिये और पैरों की अच्छी तरह से सफाई हो इसके लिये आपको अपने पैरों को नमक डले गुनगुने पानी में कुछ देर तक रखें। यदि आपके पैर में कहीं चोट है तो आपको लम्बे समय के लिए गर्म पानी में अपने पैर रखने चाहिए जिससे पैर की गदंगी तो छूटेगी ही आपके पैर को भी काफी अराम मिलेगा। अब अपने नाखूनों से पुरानी नेल पॉलिश हटाकर उस पर एल्कोहॉल और एसीटोन रहित नेल पोलिश लगाएं।
26/04/2017
5 मिनट में दूर करे फोड़े-फुंसी,सिर्फ इस घरेलू ओश्दी से... पढ़े
25 Apr. 2017
S.R. MOHAMMED
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फोड़े-फुंसी हो या दाद-खाज और खुजली जैसे चर्म रोग मुख्य रूप से रक्त के खराब होने के कारण होता है जब शरीर में रक्त दूषित हो जाता है तो कुछ समय के बाद उसका प्रभाव बाहर त्वचा पर अपना असर दिखता है गंदगी चाहे बाहर हो या अंदर, दोनों ही हाल में आपकी सेहत के साथ-साथ त्वचा के लिए भी हानिकारक होती है यह हमारी प्राकृतिक खूबसूरती को छीनकर हमे कई रोग प्रदान करता है
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फोड़े-फुंसी के लिए वरदान है काली मिर्च
फोड़े-फुंसी को दूर करने के लिए काली मिर्च बहुत फायदेमंद होती है इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण यह प्राकृतिक औषधि है यह फोड़े-फुंसी के कारण होने वाली सूजन और दर्द को दूर करती है और इससे फुंसी वही बैठ जाती है
बनाने के लिए सामग्री
काली मिर्च - कुछ(2-3) दाने
पानी 3-4 बुन्दे
पेस्ट बनाने और इसके इस्तेमाल का तरीका
काली मिर्च के कुछ दाने लेकर उसे अच्छी तरह से कूट लें
फिर इसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर इसका पेस्ट बना लें
अब इस पेस्ट को फोड़े फुंसी वाली त्वचा पर लगा लें
आपको एक मिनट के बाद इसका असर दिखाई देने लगेगा
11/04/2017
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