Bihar Institute
An institute runs by the team of IITian I.AS aspirant & Research scholars . Where you find a complete solution of Mathematics, Reasoning,English ,Gk& Gs.
28/01/2022
12th k students ka farewell party ke kuchh drishya.....sabhi vidyarthiyon ke ujjwal bhawishya hetu tattpar Bihar institute.
05/09/2021
Auspicious occasion on teacher's Day 2021
30/01/2020
Happy Vasant Panchami.....
26/01/2020
age
Sheep : 10-12yrs
Cat : 13-17yrs
Owl : 24yrs
Lion : 25yrs
Horse : 30yrs
Giraffe : 36yrs
Pelican : 45yrs
Ostrich : 50yrs
May fly : 24hours
House fly : 17days
Mouse : 2-3yrs
Dog : 10yrs
Tiger : 10-12yrs
Squirrel : 11yrs
Rabbit : 12yrs
Special occasion on the CHILDREN'S DAY wish all the students of all branches of BIC for their brightest future.All the powers in the universe are already ours. It is we who have put our hands before our eyes and cry that it is dark. All this may be possible by the best teacher.
It has been announced to all the students of Bihar region that new batch for BIHAR POLICE 2019 will be started since 11th November 2019.join your batch soon for better performance.ALL THE BEST.....for query cont. 9097955953
खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप हैं।
English: The greatest sin is to think yourself weak.
– स्वामी विवेकानंद
विश्व का सबसे बड़ा भारतीय और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र (ऋषि मुनियो का अनुसंधान )
■ क्रति = सैकन्ड का 34000 वाँ भाग
■ 1 त्रुति = सैकन्ड का 300 वाँ भाग
■ 2 त्रुति = 1 लव ,
■ 1 लव = 1 क्षण
■ 30 क्षण = 1 विपल ,
■ 60 विपल = 1 पल
■ 60 पल = 1 घड़ी (24 मिनट ) ,
■ 2.5 घड़ी = 1 होरा (घन्टा )
■ 24 होरा = 1 दिवस (दिन या वार) ,
■ 7 दिवस = 1 सप्ताह
■ 4 सप्ताह = 1 माह ,
■ 2 माह = 1 ऋतू
■ 6 ऋतू = 1 वर्ष ,
■ 100 वर्ष = 1 शताब्दी
■ 10 शताब्दी = 1 सहस्राब्दी ,
■ 432 सहस्राब्दी = 1 युग
■ 2 युग = 1 द्वापर युग ,
■ 3 युग = 1 त्रैता युग ,
■ 4 युग = सतयुग
■ सतयुग + त्रेतायुग + द्वापरयुग + कलियुग = 1 महायुग
■ 76 महायुग = मनवन्तर ,
■ 1000 महायुग = 1 कल्प
■ 1 नित्य प्रलय = 1 महायुग (धरती पर जीवन अन्त और फिर आरम्भ )
■ 1 नैमितिका प्रलय = 1 कल्प ।(देवों का अन्त और जन्म )
■ महाकाल = 730 कल्प ।(ब्राह्मा का अन्त और जन्म )
सम्पूर्ण विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र यही है। जो हमारे देश भारत में बना। ये हमारा भारत जिस पर हमको गर्व है l
दो लिंग : नर और नारी ।
दो पक्ष : शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष।
दो पूजा : वैदिकी और तांत्रिकी (पुराणोक्त)।
दो अयन : उत्तरायन और दक्षिणायन।
तीन देव : ब्रह्मा, विष्णु, शंकर।
तीन देवियाँ : महा सरस्वती, महा लक्ष्मी, महा गौरी।
तीन लोक : पृथ्वी, आकाश, पाताल।
तीन गुण : सत्वगुण, रजोगुण, तमोगुण।
तीन स्थिति : ठोस, द्रव, वायु।
तीन स्तर : प्रारंभ, मध्य, अंत।
तीन पड़ाव : बचपन, जवानी, बुढ़ापा।
तीन रचनाएँ : देव, दानव, मानव।
तीन अवस्था : जागृत, मृत, बेहोशी।
तीन काल : भूत, भविष्य, वर्तमान।
तीन नाड़ी : इडा, पिंगला, सुषुम्ना।
तीन संध्या : प्रात:, मध्याह्न, सायं।
तीन शक्ति : इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति, क्रियाशक्ति।
चार धाम : बद्रीनाथ, जगन्नाथ पुरी, रामेश्वरम्, द्वारका।
चार मुनि : सनत, सनातन, सनंद, सनत कुमार।
चार वर्ण : ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र।
चार निति : साम, दाम, दंड, भेद।
चार वेद : सामवेद, ॠग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद।
चार स्त्री : माता, पत्नी, बहन, पुत्री।
चार युग : सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग, कलयुग।
चार समय : सुबह, शाम, दिन, रात।
चार अप्सरा : उर्वशी, रंभा, मेनका, तिलोत्तमा।
चार गुरु : माता, पिता, शिक्षक, आध्यात्मिक गुरु।
चार प्राणी : जलचर, थलचर, नभचर, उभयचर।
चार जीव : अण्डज, पिंडज, स्वेदज, उद्भिज।
चार वाणी : ओम्कार्, अकार्, उकार, मकार्।
चार आश्रम : ब्रह्मचर्य, ग्राहस्थ, वानप्रस्थ, सन्यास।
चार भोज्य : खाद्य, पेय, लेह्य, चोष्य।
चार पुरुषार्थ : धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष।
चार वाद्य : तत्, सुषिर, अवनद्व, घन।
पाँच तत्व : पृथ्वी, आकाश, अग्नि, जल, वायु।
पाँच देवता : गणेश, दुर्गा, विष्णु, शंकर, सुर्य।
पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ : आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा।
पाँच कर्म : रस, रुप, गंध, स्पर्श, ध्वनि।
पाँच उंगलियां : अँगूठा, तर्जनी, मध्यमा, अनामिका, कनिष्ठा।
पाँच पूजा उपचार : गंध, पुष्प, धुप, दीप, नैवेद्य।
पाँच अमृत : दूध, दही, घी, शहद, शक्कर।
पाँच प्रेत : भूत, पिशाच, वैताल, कुष्मांड, ब्रह्मराक्षस।
पाँच स्वाद : मीठा, चर्खा, खट्टा, खारा, कड़वा।
पाँच वायु : प्राण, अपान, व्यान, उदान, समान।
पाँच इन्द्रियाँ : आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा, मन।
पाँच वटवृक्ष : सिद्धवट (उज्जैन), अक्षयवट (Prayagraj), बोधिवट (बोधगया), वंशीवट (वृंदावन), साक्षीवट (गया)।
पाँच पत्ते : आम, पीपल, बरगद, गुलर, अशोक।
पाँच कन्या : अहिल्या, तारा, मंदोदरी, कुंती, द्रौपदी।
छ: ॠतु : शीत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, बसंत, शिशिर।
छ: ज्ञान के अंग : शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द, ज्योतिष।
छ: कर्म : देवपूजा, गुरु उपासना, स्वाध्याय, संयम, तप, दान।
छ: दोष : काम, क्रोध, मद (घमंड), लोभ (लालच), मोह, आलस्य।
सात छंद : गायत्री, उष्णिक, अनुष्टुप, वृहती, पंक्ति, त्रिष्टुप, जगती।
सात स्वर : सा, रे, ग, म, प, ध, नि।
सात सुर : षडज्, ॠषभ्, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत, निषाद।
सात चक्र : सहस्त्रार, आज्ञा, विशुद्ध, अनाहत, मणिपुर, स्वाधिष्ठान, मुलाधार।
सात वार : रवि, सोम, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि।
सात मिट्टी : गौशाला, घुड़साल, हाथीसाल, राजद्वार, बाम्बी की मिट्टी, नदी संगम, तालाब।
सात महाद्वीप : जम्बुद्वीप (एशिया), प्लक्षद्वीप, शाल्मलीद्वीप, कुशद्वीप, क्रौंचद्वीप, शाकद्वीप, पुष्करद्वीप।
सात ॠषि : वशिष्ठ, विश्वामित्र, कण्व, भारद्वाज, अत्रि, वामदेव, शौनक।
सात ॠषि : वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र, भारद्वाज।
सात धातु (शारीरिक) : रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा, वीर्य।
सात रंग : बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल।
सात पाताल : अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल, पाताल।
सात पुरी : मथुरा, हरिद्वार, काशी, अयोध्या, उज्जैन, द्वारका, काञ्ची।
सात धान्य : उड़द, गेहूँ, चना, चांवल, जौ, मूँग, बाजरा।
आठ मातृका : ब्राह्मी, वैष्णवी, माहेश्वरी, कौमारी, ऐन्द्री, वाराही, नारसिंही, चामुंडा।
आठ लक्ष्मी : आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, संतानलक्ष्मी, वीरलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, विद्यालक्ष्मी।
आठ वसु : अप (अह:/अयज), ध्रुव, सोम, धर, अनिल, अनल, प्रत्युष, प्रभास।
आठ सिद्धि : अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व, वशित्व।
आठ धातु : सोना, चांदी, ताम्बा, सीसा जस्ता, टिन, लोहा, पारा।
नवदुर्गा : शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कुष्मांडा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री।
नवग्रह : सुर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु।
नवरत्न : हीरा, पन्ना, मोती, माणिक, मूंगा, पुखराज, नीलम, गोमेद, लहसुनिया।
नवनिधि : पद्मनिधि, महापद्मनिधि, नीलनिधि, मुकुंदनिधि, नंदनिधि, मकरनिधि, कच्छपनिधि, शंखनिधि, खर्व/मिश्र निधि।
दस महाविद्या : काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्तिका, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला।
दस दिशाएँ : पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, आग्नेय, नैॠत्य, वायव्य, ईशान, ऊपर, नीचे।
दस दिक्पाल : इन्द्र, अग्नि, यमराज, नैॠिति, वरुण, वायुदेव, कुबेर, ईशान, ब्रह्मा, अनंत।
दस अवतार (विष्णुजी) : मत्स्य, कच्छप, वाराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध, कल्कि।
दस सति : सावित्री, अनुसुइया, मंदोदरी, तुलसी, द्रौपदी, गांधारी, सीता, दमयन्ती, सुलक्षणा, अरुंधती।
उक्त जानकारी शास्त्रोक्त 📚 आधार पर... हैं ।
के लिए #टाइम_टेबल कैसे बनाएं...
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अब मैं सभी के schedule को एक साथ explain करना चाहूँगा…ये सभी पर apply होगा जो new, old या seasoned प्लेयर्स हैं…
#पहला_है... 6 से 8 घंटे की पढ़ाई पर्याप्त होगी . मगर पहले आप 3 से 4 घंटे से शुरुआत करें…धीरे धीरे इस time को बढायें….अचानक आज से ही 8 घंटे आप पढ़ने लगोगे तो आपके लिए ये ठीक नहीं होगा, आप थकावट महसूस करोगे और सब कुछ छोड़-छाड़ कर बैठ जाओगे...
Prelims के ठीक एक साल पहले तैयारी करना ठीक रहता है. जैसे इस बार prelims यदि June में है…तो आप तैयारी पिछले June से प्रारम्भ करो...Is year 31 may me prelims exam hai
NCERT textbooks आपके basics को मजबूत करते हैं.. भले इनसे सवाल आये या न आये पर आपको एक क्लियर आईडिया मिलता है कि आप जिस नदी में डूबे हो उसका पानी खारा है या मीठा…
बाद में आपका कल्याण high quality बुक्स ही करने वाली है ….polity के Laxmikant या ऐसे ही हर सब्जेक्ट की high standard books जो अक्सर toppers भी recommend करते आये हैं …
अपने time-table में previous year questions को शामिल करना न भूलें तो अच्छा होगा…previous year questions analysis भी बहुत जरुरी होती है जिससे आपको आईडिया मिलता है….खासकर जब कोई बुक पढ़ रहे होते हो..तो आपको लगता है अरे यार इसी टाइप का question तो आता है….और ये सोच कर आप झट से पेंसिल से उस sentence को underline कर देते हो…
prelims exam के date तक में आपको ज्यादा से ज्यादा mock test देना चाहिए...
जो आपने पिछले 6 महीने में पढ़ा है….उसकी जाँच भी तो जरुरी है….mock test से आप कितने पानी में हो , का पता चलता है…mock test के साथ-साथ ऑप्शनल पेपर के टच में रहें…और GS के भी...
यह पूरा महीना prelims तक आपका mock test देने में रहना चाहिए…GS भी पढ़ सकते हो आप…और ऑप्शनल सब्जेक्ट के संपर्क में भी रहें…
students confused रहते हैं…कि कितना पढूं..एक दिन में कितने subjects पढूं….एक सब्जेक्ट को complete कर के दूसरे पर jump कब करूँ…
तो यहाँ पर मैंने mention किया है कि आप दो सब्जेक्ट को लेकर चलो …जैसे morning में आपने history पढ़ लिया और रात को time geography को दे दिया….कोशिश करें कि एक चैप्टर complete हो जाए..
पर यहाँ पर जानना जरुरी है कि complete का definition है क्या…आपको रीडिंग नहीं मारनी…मेरे लिए complete की परिभाषा है कि आप चैप्टर को पूरी तरह से पढ़ो और फिर खुद से नोट्स बनाओ …अपने शब्द में लिखो कि आपने क्या-क्या पढ़ा उस चैप्टर में…इससे आपको लिखने की प्रैक्टिस भी होगी.
दिन रात एक ही सब्जेक्ट पढ़ने से आप bore भी हो सकते हो. इसलिए मैंने कहा कि आप दो सब्जेक्ट ले कर चलो.
अपने नोट्स पर ही विश्वास रखो…क्योंकि हर लोगों का नोट्स बनाने का ढंग अलग –अलग होता है…जब मैं कॉलेज का नोट्स बनाता था तो बहुत सारे दोस्त मुझसे मांगते थे कि यार अपना नोट्स दो…जब मैं उन्हें देता था नोट्स और वो जब उसे पढ़ते थे तो सर पकड़ कर बैठ जाते थे…क्योंकि मेरे नोट्स में सिर्फ points होते थे…और कभी कभी आढी तिरछी लाइन होती थी जब मैं तैयारी करता था तो GOOGLE image से ग्राफ download कर लेता था !
इसलिए सब के नोट्स अलग-अलग तरीके के होते हैं…आप अपने नोट्स पर ही full trust करो…और ऐसा notes बनाओ जो बाद में revision के समय आसानी से grasp किये जा सके.
पढ़ाई करते समय ब्रेक भी लेते चलो…ब्रेक का बहुत इम्पोर्टेन्ट रोल है…आप शायद जानते नहीं होगे कि ब्रेक ले ले कर पढ़ने से आपका grasping power दोगुना हो जाता है…दूसरी तरफ आप घंटों पेज को लगातार पलटते रहोगे…कोई फायदा नहीं होने वाला.
आप जो चीज फेस करने वाले हो उसी के according एक्शन लो….जैसे आप 3-4 महीने बाद prelims देने वाले हो…..और आप पढ़ाई कर रहे हो…मगर लिख लिख कर…आप pages रंगने में लगे हो…लिखे जा रहे हो…लिखे जा रहे हो…कापियां भर रही हैं…पेन की स्याही ख़त्म हो रही है तो ये गलत एप्रोच है….there will be a high probability की आपको success नहीं मिलेगी prelims में…..
आप prelims देने वाले हो तो आप mock दो…आप ज्यादा से ज्यादा ऑब्जेक्टिव questions सोल्व करो…आप मेंस देने वाले हो…तो ज्यादा से ज्यादा लिखने की practice करो…आप इंटरव्यू देने वाले हो…तो Delhi जा कर mock interviews ज्वाइन करो….
एक साल तक आपको सब भूल जाना है…क्योंकि आपका future disturbances से भरा पड़ा है..आपको नहीं पता आगे क्या disturbance आने वाला है…और आप किस कदर उसमें involve होने वाले हो….आप हो सकता है किसी शादी में नागिन डांस करते नज़र आओ…आप हो सकता है किसी family trip पर चले जाओ….खैर….आप इन्टरनेट use करो…मगर सिर्फ break time में….जब आप पढ़ कर बोर हो गए हो…तो friends से बात कर लेना….कोई बेवकूफी नहीं है…इससे आपको freshness मिलेगी….
Pre और Mains में एक ही चीज कॉमन है…और वह है General Studies ...
यूपीएससी शुरु से ही General Studies पर based exam माना गया है…हाँ भले कांग्रेस के शासन में सिब्बल ने इसमें Maths and aptitude डाल दिया…..पर UPSC की आत्मा General Studies अभी भी है..
इसलिए आपके preparation के first stage से ही General Studies पर आपका 80% focus होना चाहिए.
सुबह का समय पढ़ने के लिए सबसे अच्छा समय होता है. आप यदि 5 बजे उठकर पढ़ने की आदत डाल लो तो आपने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है. सुबह उठने से आपको एक ताजगी का अनुभव होगा, आपको शांति मिलेगी, सब घर पर सोये रहेंगे, आपको पढ़ने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा. ऐसा कहा जाता है कि सुबह में पढ़ने से आपको चीजें लम्बे समय तक याद रहती है…
वैसे कई लोगों की हैबिट होती है — देर रात तक पढ़ने की…पर personally यह habit मुझे कभी भी suit नहीं किया क्योंकि देर रात तक पढ़ने से सर भारी-भारी भी लगता है और देर सुबह उठने से आत्मग्लानि यानी पछतावा का भी अनुभव होता है.
#नौकरी_करने_वालों के लिए....
Last but not the least, जो लोग job करते हैं…उनको मैं यह suggestion दूंगा की आपके पास कोई option नहीं है. आप 9 से 6 ऑफिस में रहोगे तो आपके पास केवल सुबह का time है और रात का….और weekend आपके लिए किसी bonanza से कम नहीं है….अच्छा होगा आप एकदम सुबह उठकर 2-3 घंटे का time मैनेज कर लो…और रात को dinner के बाद आप time निकाल लो. आपके life में entertainment के लिए कोई जगह नहीं है….आप नौकरी छोड़ने का यदि सोचते हो….यदि ऐसा कुछ दिमाग में है
आपके तो मेरा suggestion यही रहेगा कि आप Prelims clear करने के बाद ही नौकरी छोड़ना क्योंकि अक्सर लोग ऐसी गलती कर बैठते हैं…बाद में पता चलता है यार prelims तो सबसे tough है… नौकरी वाले लोग यदि दिन में 5-6 घंटे भी पढ़ाई के लिए निकाल देते हो तो आपने सच में बहुत चीज achieve कर ली है… ”
..!!!
Auspicious occasion on DURGA PUJA all the branches of BIHAR INSTITUTE OF COMPETITION has been closed and it will reschedule since 10/10/2019......Happy Durga puja to all the faculties and students.
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