Infinity Group Asia

Infinity Group Asia

Share

Infinity Group Asia feels great pleasure to welcome you. We are multiple streams of business with a single initiative.

Photos 13/02/2015
Photos 18/11/2014

मोदी सरकार की "स्मार्ट सिटी" बनेगी देश का आइना
Modi government`s Smart City will be the mirror of the country

मोदी सरकार ने बजट में देश में 100 स्मार्ट सिटी बनाने की घोष्ाणा की थी। शहरी विकास मंत्रालय ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जिन सौ "स्मार्ट सिटी" को विकसित करने का फैसला किया गया है। उनमें 24 घंटे बिजली और पानी आपूर्ति, वाईफाई कनेक्टिविटी और टेलीमेडिसिन जैसे सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। देश में 100 स्मार्ट सिटी तैयार केरने में जुटी अर्बन डिवेलपमेंट मिनिस्ट्री ने अपने कॉन्सेप्ट को आम कर दिया है।
स्मार्ट सिटी में हर घर से अधिकतम 800 मीटर की दूरी पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध हो। साथ ही हर सिटी में हाइटेक हेल्थ सर्विस, स्कूल और हायर स्टडी सेंटर का भी इंतजाम हो। इस कॉन्सेप्ट पर लोगों से भी राय मांगी गई है।
मंत्रालय का कहना है कि स्मार्ट सिटी में क्वालिटी ऑफ लाइफ बेहतर होनी चाहिए। वहां पावर, वॉटर, सॉलिड मैनेजमेंट, सीवरेज, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट, साइबर कनेक्शन, कनेक्टिविटी (रेल, हवाई और रोड), हाउसिंग, एजुकेशन, हेल्थकेयर, एंटरटेनमेंट, स्पीडी सर्विस डिलिवरी, एन्फोर्समेंट, सिक्यॉरिटी, पारदर्शिता और जवाबदेही जबरदस्त होनी चाहिए।
ऎसे चुने जाएंगे स्मार्ट सिटी : 40 लाख तक की आबादी वाले शहर ही स्मार्ट शहर के रूप में सबसे फिट होंगे। बड़े शहरों से जुड़े सैटलाइट टाउन भी स्मार्ट बनेंगे। महानगरों से जुड़े 40 लाख की आबादी वाले सैटलाइट शहरों में से नौ को स्मार्ट शहर बनाया जा सकता है। 10 से 40 लाख की आबादी वाले 44 शहरों को भी स्मार्ट बनाया जाएगा। 17 ऎसे शहर हैं, जहां की आबादी 10 लाख से कम है। कंसेप्ट पेपर में कहा गया है कि अमृतसर, वाराणसी जैसे 10 धार्मिक शहर भी स्मार्ट लिस्ट में होंगे। बाकी 20 शहर ऎसे चुने जाएंगे जिनकी आबादी 5 से 10 लाख के बीच हो।

Photos 14/11/2014

मोदी सरकार ने अपने बजट में देशभर में 100 स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की थी और इस दिशा में काम भी शुरू हो चुका है। स्मार्ट सिटी के लिए सरकार ने कॉन्सेप्ट नोट जारी कर दिया है और इन स्मार्ट सिटी का खाका भी तैयार किया है। सरकार ने स्मार्ट सिटी को बनाने के लिए काफी कुछ नए ऎलान किए हैं। सरकार की कोशिश है कि जिन क्षेत्रों में विकास नहीं हुआ है उन्हें पूरी तरह बदल दिया जाए। नए शहर बनाने की बजाए मौजूदा शहरों को ही आधुनिक विकसित शहर बनाने की परिल्पना की गई है जो अच्छी सोच है।

स्मार्ट सिटी को बसाना एक जटिल काम है लेकिन इसके लिए अगर पूरी कोशिश की जाए तो ये संभव है। हालांकि इस प्रक्रिया में 20-25 साल का वक्त लगता है और इसे करने के लिए समुचित प्रक्रिया की जरूरत है। प्रॉपर्टी विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा शहरों को नए तरीके से बनाने में सरकार के सामने कई चुनौतियां आएंगी। सरकार ने सैटेलाइट शहरों की बात की है जिसको लागू करना इतना मुश्किल नहीं होगा। आने वाले समय में शहरी इलाकों की ग्रोथ अच्छी तरह बढ़ाने के लिए सरकार कोशिश करने जा रही है। इन स्मार्ट सिटी को बनाने की लिए जो परिकल्पना की गई है उसे साकार करने के लिए काफी पैसा और श्रम लगेगा। कोई दृढ़ निश्चयी सरकार ही इस काम को करने में सफल हो सकती है।

Photos 10/11/2014

यूनियन बजट-2014 में वित्तमंत्री अरूण जेटली द्वारा 100 स्मार्ट सीटिज बनाने की घोषणा करने के बाद अब भारतीय रियल एस्टेट के कारोबारी नई सरकार के लिए नीतियां तैयार करने में अपने-अपने सुझावों के साथ मदद कर रहे हैं। स्मार्ट सीटिज बनाने की कवायद कुछ समय बाद शुरू हो जाएगी। लेकिन फिर भी रियल एस्टेट क्षेत्र में सकारात्मक भावनाओं की बाढ़ सी आ गई है। पृथ्वी भवन पुणे के अध्यक्ष एवं प्रबंधक निदेशक अभय काले ने बताया कि इस समय, हम प्रधानमंत्री कार्यालय अपने-अपने सुझाव भेजकर नीति तैयार करने में सरकार का योगदान करने की कोशिश कर रहे हैं।
आर्किटेक्ट और डिजाइनरों ने देश में वर्ल्ड क्लास सीटिज और सुविधाओं के निर्माण में नए परिवर्तन के महत्व पर जोर दिया है। लिविंग वाल्स बंगलौर के उपाध्यक्ष श्रीनिवास ने कहा, रियल एस्टेट बाजार पारंपरिक रूप से एक अनियोजित अंश है। लेकिन फिर बंगलौर, दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में निर्माण उद्योग में अपना प्रवाह जारी रखा है।
श्रीनिवास ने कहा, हमें मॉड्यूलर फार्म काम के लिए ऑस्ट्रिया प्रौद्योगिकी की ईंटों और जिप्सम प्लास्टर का उपयोग करना चाहिए क्योंकि पांच साल पहले की तुलना में इन दिनों इनका अधिक उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि हाल ही कुछ वर्षो में भारतीय रियल एस्टेट ने परियोजनाओं, बिल्डिंग डिजाइन और वास्तु में काफी सुधार किया है।
उन्होंने बताया कि आम तौर पर बाजार में मंदी हैं, लेकिन इस स्थिति से उभरने के लिए रिलय एस्टेट सेक्टर इस क्षेत्र नए परिर्वतन करने की सोच रहा है। डेवलपर्स और आर्किटेक्ट डिजाइनर अंतरराष्ट्रीय स्तर की नई चीजों पर काम करने की योजना बना रहे हैं।
यह इंडस्ट्री स्मार्ट शहरों की योजना के बारे में अधिक जानकारी का इंतजार कर रही है। वहीं अधिकारियों ने विकास प्रौद्योगिकी की सुविधाओं के महत्व पर बल दिया है। -

Want your organization to be the top-listed Government Service in Indore?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Address


Indore
452010