Anitasinghaparajita
Writer and Poetess
अपराजित गीत हूॅं मैं ..❤️
03/06/2026
किसी ने आप पर विश्वास किया है तो उसके साथ विश्वासघात कभी मत कीजिए ...
विश्वास की भी इक महीन सीमा रेखा होती है ...
आख़िर कब तक किसी पर विश्वास किया जाए।
विश्वास के बंधन में तब गॉंठ पड़ने लगती है ...
जब दूसरा उस विश्वास की क़ीमत न ऑंक पाए।
- अपराजिता 🌺
02/06/2026
सहेज लीजिए ना .....❤️
सच ही कहते हैं सच्चा मित्र हमारा आईना होता हैं। हमेशा ऐसा देखा गया है कि जब हमारे विचार मिलते हैं तो हम दोस्त बन जाते हैं क्योंकि एक जैसे विचारों वाले लोग ज़्यादातर दोस्त बन ही जाते हैं या यह कहें कि ईश्वर उन्हें एक दूसरे से मिलवाते हैं। जो सच्चे दोस्त होते हैं ना वह सिर्फ सुख में साथ नहीं होते बल्कि हमेशा अपने मित्र का ख़्याल रखते है। एक दूसरे की ग़लतियों को भी रेखांकित करते हैं। सही और ग़लत का फ़र्क भी समझाते हैं और अपने दोस्त का सही मार्गदर्शन करते हैं क्योंकि वो अपने मित्र को ग़लत राह पर चलते हुए नहीं देख पाते। लेकिन जहॉं दोस्ती का आधार सिर्फ़ और सिर्फ़ स्वार्थ होता है वैसी दोस्ती अधिक दिनों तक नहीं चल पाती क्योंकि जैसे ही स्वार्थ ख़त्म हो जाता है दोस्ती भी ख़त्म हो जाती है।
लेकिन जो दोस्ती सच्ची होती है, निश्छल होती है वह हर विषम से विषम परिस्थिति में अपने मित्र के साथ होती है और आजीवन साथ चलती है। इसलिए आपका सच्चा मित्र चाहे जितनी बार आपसे रूठ जाए उसे मना लीजिए क्योंकि सच्ची दोस्ती बड़ी क़िस्मत से मिलती है। अपने रिश्ते की बीच में शक़ को कभी मत आने दीजिए। रहीमदास जी ने अपने दोहे के माध्यम से कितनी सार्थक एवं सच बात कही है -
टूटे सुजन मनाइए, जो टूटे सौ बार।
रहिमन फिर फिर पोइए टूटे मुक्हातार।
अर्थात जिस प्रकार हमारी बहुमूल्य मोतियों की माला कभी टूटकर बिखर जाती है तब हम एक-एक मोती इकट्ठा कर फिर से अपनी माला को गूंथकर सुंदर बना लेते हैं ठीक उसी प्रकार अगर आपका कोई सच्चा मित्र किसी कारणवश आपसे रूठ जाता है तो आप आगे बढ़कर उसे मना लीजिए क्योंकि उसकी दोस्ती भी आपके लिए अत्यधिक बहुमूल्य है। आज कलयुग में अगर कोई भी सच्चा मित्र आपके पास है तो सच में आप बहुत भाग्यशाली है।
- अपराजिता 🌺
ᩣシ
02/06/2026
काश! ये दुआ पूरी हो जाती .....
दुआ मॉंगती हूॅं एकमात्र यही प्रभु से
अब दिलों में द्वेष-द्वंद का अंबार न हो .!!
हर अंतःकरण ओत-प्रोत हो प्रेम से
अब अंतर्मन में शत्रुता का गुबार न हो .!!
- अपराजिता 🌺
31/05/2026
तुम कभी ना बदलना ❤️
चंदन-सा सुरक्षित अपना व्यक्तित्व रखना।
जो जहॉं के विषधरों से कभी प्रभावित न हो !!
चंदन-सा सुबासित अपना अस्तित्व रखना।
जिसमें विषाक्त भावनाएं कभी प्रवाहित न हो !!
- अपराजिता 🌺
30/05/2026
प्रेम और विश्वास के धागे को बहुत जोर से मत झटकिए नहीं तो वो टूट जाएगा ...
29/05/2026
ये कैसा फ़लसफ़ा है ज़िंदगी का ...❣️
काश! की ज़िंदगी रहते अहमियत समझ लेते ....
ताजुब्ब होता है जब जिस्म में जान होती हैं तो दुनिया बेपरवाह होती हैं ....
जब जिस्म से जान निकल जाती है तो दुनिया को बहुत परवाह होती हैं ....
- अपराजिता 🌺
फ़लसफ़ा - दर्शन (philosophy)
बेपरवाह - बेफ़िक्र
परवाह - फ़िक्र, चिंता
29/05/2026
सबके ऑंसू बेशक़ीमती होते हैं साहब! फ़र्क बस इतना ही है कि कोई अपना दर्द दिखा देता है और कोई अपने दर्द को अंतर्मन में ही छुपा लेता .......
क्या ऑंसुओं की वही धार बहुमूल्य होती हैं जो अक्सर बिना वज़ह शोर मचाती हैं .....
उस अश्रुधारा की क़ीमत कुछ भी नहीं जो अंधेरी रातों में तकिए के ग़िलाफ़ों को भिगोती हैं .....
- अपराजिता🌺
28/05/2026
अलविदा बशीर बद्र साहब आपकी नज़्में .. आपकी ग़ज़लें सदा दिलों में ज़िंदा रहेंगी .... 🙏🏻
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो।
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए।
- डा. बशीर बद्र साहब
28/05/2026
दुआएं सिर्फ़ अपने लिए ही नहीं, अपनों के लिए भी कीजिए ...
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